फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) महंत का शव रविवार को संदिग्ध हालत में कमरे में पड़ा मिला था| परिजनों नें हत्या किये जानें की आशंका जाहिर की| पुलिस नें शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया | लेकिन पोस्टमार्टम में भी मौत के राज से पर्दा नही उठ सका|
जनपद मैनपुरी के कुकामई कुरावली निवासी 45 वर्षीय राघवेन्द्र चतुर्वेदी पुत्र राजेन्द्र प्रसाद शहर के पांचाल घाट बंधा स्थित स्वामी रामानन्द सरस्वती के आश्रम में साधू बनाकर रह रहे थे | इसी आश्रम में संत राघवेन्द्र के चाचा स्वामी दिव्यानंद भी रहते थे| लेकिन बीते 28 दिसम्बर 2024 को दिव्यानंद की मौत हो गयी थी| रविवार सुबह राघवेन्द्र का शव उनके कमरे में पड़ा मिला| सूचना मिलनें पर सीओ सिटी ऐश्वर्य उपाध्य्याय, प्रभारी निरीक्षक कादरी गेट आमोद कुमार आदि पुलिस बल मौके पर पंहुचे| मौके पर जाँच पड़ताल की| मृतक महंत राघवेन्द्र के परिजनों नें आरोप लगाया कि राघवेन्द्र के पास पैसे भी थे जिसे वह आश्रम में लगाना चाहते थे| घटना के दो दिन पूर्व उनके आश्रम में रहने वाली एक महिला गायब है| फिलहाल पुलिस नें शव का पोस्टमार्टम कराया| सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पोस्टमार्टम डा. विजय अनुरागी नें किया| मृतक का एक दांत टूटा था और नाक पर भी चोट मिली, लेकिन यह दोनों ही मौत के कारण नही पाए गये| जिसके चलते बिसरा सुरक्षित किया गया|
महंत की मौत के राज से नही उठ सका पर्दा



