फर्रुखाबाद:(अमृतपुर संवाददाता) कस्बे के मस्जिद के पीछे पड़ी भूमि पर कथित अवैध निर्माण को लेकर रविवार को विवाद खड़ा हो गया। मामला तब गर्माया जब इस भूमि से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो के वायरल होते ही हिंदू संगठनों में रोष फैल गया और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील पहुंच गए। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन दिया|
भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी अमृतपुर संजय सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि खसरा संख्या 1591 और 1592 की भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि इस भूमि पर पहले से ही एक पंचायत घर और पानी की टंकी बनी हुई है, वहीं अब अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण किया गया है, जो कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के अंतर्गत सरकारी भूमि पर
अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदू संगठन लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करेंगे। इस मौके पर सचिन अवस्थी, शेखर अवस्थी, अनु दुबे, अजीत पाठक, सूर्यांश ठाकुर, शिवम पाठक, विपिन अवस्थी, मोहित अवस्थी, आलोक बाजपेई, सचिन पांडेय, मुकुल पांडेय, राहुल अग्निहोत्री, रोहित अवस्थी, सोनू यादव सहित एक सैकड़ा से अधिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उपजिलाधिकारी संजय सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एक टीम गठित की है, जिसमें नायब तहसीलदार अभिषेक, कानूनगो धर्मेंद्र त्रिपाठी और तहसीलदार शशांक सिंह को शामिल किया गया हैं। टीम को मौके पर जाकर भूमि की स्थिति की जांच कर सही रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
थानाध्यक्ष मोनू शाक्य, चौकी इंचार्ज विमल कुमार, एसआई राघवेंद्र भदौरिया व एसआई सुरेश सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। ग्राम प्रधान सचिन देव तिवारी ने बताया कि विवादित भूमि मस्जिद के पीछे स्थित जमीन है। गाँव में किसी प्रकार का तनाव नही है| राजस्व की जाँच में जो निकलकर आयेगा वह सभी को मान्य होगा| उपजिलाधिकारी संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यह भूमि करीब 40 बीघे का यह पूरा नंबर है। जाँच की जा रही है| जाँच रिपोर्ट के आधार पर ही अग्रिम निर्णय लिया जायेगा|
मस्जिद के पीछे भूमि पर निर्माण के खिलाफ बजरंग दल ने सौंपा ज्ञापन



