JNI DESK: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे मंत्रिमंडल शपथ ग्रहण होते ही ट्विटर और फेसबुक पर हंगामा मच गया है| कोई कह रहा है कि मंत्रियो पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे है इसलिए इस्तीफ़ा लिया गया है तो कोई नए दलबदलुओं को समायोजित करने का कारण गढ़ रहा है| दखे ट्विटर पर छिड़ी जंग-

Pankaj Jha @pankajjha_
भ्रष्टाचार के आरेप में बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जयसवाल, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह और माइनिंग मंत्री अर्चना पांडे का इस्तीफ़ा लेकर यूपी के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने अच्छी पहल की है. ये साहसिक फ़ैसला है

Manojdhopchandi
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लोकनिर्माण के हजारो करोड़ के टेंडर की भी जाँच हो रही है साथ ही स्वास्थ्य और स्टाम्प मंत्री के भी ट्रांसफर निरस्त किया था मुख्यमंत्री जी ने फिर ये मंत्री काहे नहीं हटाये गये यानी केवल कमजोर कड़ी को निशाना बनाया गया है और बाकी सब दिखावा है।
RAHUL YADAV @imrahulyadav111Replying to
जब नए दलबदलुओं को मंत्री बनाना है तो किसी से तो इस्तीफा लेना ही पड़ेगा। अगर भ्र्ष्टाचार की वजह से लिया है तो फिर भ्र्ष्टाचार के आरोप में जेल भी होनी चाहिए। क्यों
यह समझ से बाहर है जब तक कोई मंत्रिमंडल में होता है तब तक वह आप लोगों के अनुसार ईमानदार होता है शासन में कोई भ्रष्टाचार आपको दिखाई नहीं देताl जैसे वह इस्तीफा देता है तुरंत आप लोग इसे कार्रवाई बताते हैंl गजब है
ओम् यादव @orbitop
मतलब अब ये पता चल गया है कि कहा से कितना आ सकता है तो अब अपना ठोस आदमी बैठाओ वहां। और जो कमा लिया उसके बाद ठीकरा इनपे तो फोड़ ही चुके है
Aditi Yadav @Aditiyadav52500Replying to
भ्रस्टाचार का मतलब जेल होना चाहिए, इस्तीफा नही।
Prem Prakash Mishra @PremPra34136487Replying to
बहुत ही साहसिक कदम, आक्ष जनता मे खुशी की लहर दौड़ गई है।
Santosh Jaiswal @santoshprit1002Replying to
सर सबसे ज्यादा तो भ्रष्टाचार स्वास्थ्य विभाग में हो रहा है वो भी बड़े पैमाने पर, लेकिन सीएम साहब स्वास्थ्य मंत्री का स्तीफा लेने की हिम्मत नही जुटा पाए ।


Abhinav Pandey @abhi_p_1998
