फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद संवाददाता) राजकीय हवाई पट्टी पर क्रैश हुए प्राइवेट जेट की जांच में गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। शुक्रवार को जेट सर्विस एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर मैनेजर डॉ. राजीव धर अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और विमान की भौतिक स्थिति का निरीक्षण किया। टीम में कंपनी इंजीनियर संजीव, कैप्टन नसीब बामल और कैप्टन प्रदीप फर्नांडीज शामिल रहे।
डॉ. धर ने बताया कि डीजीसीए को विमान के रखरखाव, क्लीनिंग और टेकऑफ के लिए 7000 रुपये की फीस दी गई थी, लेकिन मौके पर न तो रनवे की सफाई की गई थी, न ही झाड़ियों की कटाई हुई। निरीक्षण में पाया गया कि रनवे के आसपास ऊँची-ऊँची झाड़ियाँ थीं, जो विमान के विंग से टकरा गईं। रनवे ट्रैक पर गिट्टी, घास-फूस और कचरा पड़ा था, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि
अगर डीजीसीए टीम मुझे पहले अनकंट्रोल रनवे की स्थिति बताती, तो मैं अपना जेट नहीं भेजता और यह दुर्घटना नहीं होती। डीजीसीए की दो सदस्यीय टीम के मैनेजर ने मीडिया से कोई जानकारी साझा करने से
इंकार कर दिया और कहा कि जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से ही प्राप्त की जा सकती है।हवाई पट्टी पर क्रैश हुए जेट को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं। लोग गेट के बाहर खड़े होकर जेट की तस्वीरें ले रहे हैं। यह हादसा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्लेन क्रेस की जांच, जेट कंपनी ने डीजीसीए पर खड़े किये सबाल



