फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में धरती माता बचाओ अभियान के अंतर्गत जनपद स्तरीय समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक के दौरान उप कृषि निदेशक द्वारा अभियान की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करते हुए नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, विभिन्न कल्चर, फसल अवशेष प्रबंधन तथा जैविक/हरी खाद के प्रयोग को बढ़ावा देना है। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं इफको के प्रतिनिधि द्वारा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के प्रयोग को लेकर अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। जिला उद्यान अधिकारी ने इसके तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं पर्यावरणविद् गुंजा जैन ने उर्वरकों के मृदा स्वास्थ्य एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग एवं संस्थाएं अपनी-अपनी योजनाओं के माध्यम से समन्वित प्रयास करें। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं विभिन्न कल्चर के प्रयोग से होने वाले लाभों तथा इनके उपयोग में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयों के समाधान की जानकारी सोशल मीडिया, गोष्ठियों एवं पम्पलेट के माध्यम से किसानों तक पहुँचाई जाए।
इसके साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभाग अपने क्षेत्रीय कर्मचारियों के माध्यम से किसानों को जागरूक करें तथा जायद मौसम में चयनित गांवों में किसानों के खेतों पर प्रदर्शन आयोजित किए जाएं, ताकि किसान प्रत्यक्ष रूप से इसके लाभ देख सकें और अन्य किसानों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। बैठक में जिला विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र सहायक आयुक्त सहकारिता, जिला आपूर्ति अधिकारी, पर्यावरणविद् गुंजा जैन, इफको के प्रतिनिधि एवं उर्वरक व्यवसायी उपस्थित रहे।
नैनो यूरिया व जैविक खाद को बढ़ावा देने पर जोर



