फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) स्वतंत्रता संग्राम के दौरान “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” का नारा देकर युवाओं में देशभक्ति की अलख जगाने वाले आज़ाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी 129वीं जयंती पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया। विभिन्न स्वयंसेवी एवं शिक्षण संस्थाओं द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर नेताजी को नमन किया गया।
अंतरराष्ट्रीय न्यायिक मानवाधिकार संरक्षण भारत के तत्वावधान में शहर के बद्री विशाल महाविद्यालय में सर्वप्रथम बसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती का पूजन किया गया। इसके उपरांत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य दीक्षित ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती मनाने का अवसर मिला। नेताजी का देश की आज़ादी में दिया गया योगदान अतुलनीय है, जिसे देश कभी भुला नहीं सकता।
प्रदेश महासचिव नारायण दत्त द्विवेदी ने कहा कि एक ही दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और मां सरस्वती पूजन का संयोग सभी के लिए उत्साहवर्धक है। देश के प्रति नेताजी का समर्पण आज भी प्रेरणास्रोत है। प्रदेश सचिव नरेंद्र राजपूत राणा ने कहा कि नेताजी का दिया गया नारा “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” आज भी बच्चे-बच्चे की जुबान पर है।
जिलाध्यक्ष सुनील तिवारी ने कहा कि नेताजी ने आज़ाद हिंद फौज का गठन कर क्रांतिकारी गतिविधियों के माध्यम से देश की आज़ादी के लिए निर्णायक भूमिका निभाई। ऐसे महान वीर योद्धा के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी हम सभी नमन करते हैं| लज्जाराम वर्मा, मंजू तोमर, सुनीता अग्निहोत्री, रघुवंश मिश्रा, कुलभूषण श्रीवास्तव, रत्नेश मिश्रा, रानू ठाकुर, अर्चना द्विवेदी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।




