फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) राजपूत रेजिमेंटल सेंटर में 33वीं द्विवार्षिक सम्मेलन सम्पन्न में पंहुचे लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही को ‘बैटन’ सौंपकर पद हस्तांतरण किया| इस दौरान मनोज कटियार नें राजपूत रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास कों याद किया| समारोह के अंतर्गत सभी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी करिअप्पा शहीद स्मारक पर पहुंचे, जहां अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया। इस भावपूर्ण क्षण ने कार्यक्रम के वातावरण को अत्यंत आदर, सम्मान और गौरव से भर दिया| फर्रुखाबाद में राजपूत रेजीमेंट सेंटर की बैनियल कॉन्फ्रेंस में वेस्टर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने रेजीमेंट की अभूतपूर्व भूमिका को नमन किया। उन्होंने परिचालन तत्परता पर जोर दिया और भविष्य की लड़ाई के लिए अग्निवीरों को ड्रोन वारफेयर की विस्तृत ट्रेनिंग देने को आवश्यक बताया।उन्होंने रेजीमेंट की अभूतपूर्व सैन्य भूमिका व शौर्य परंपरा को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में राजपूत रेजीमेंट का योगदान इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है। उन्होंने फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ की गौरवशाली सैन्य विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि 1720 में बने फतेहगढ़ किला से लेकर वर्तमान तक राजपूत रेजीमेंट ने युद्धभूमि में साहस और बलिदान की अमिट गाथाएं लिखी हैं। यह रेजीमेंट सदैव राष्ट्र के सम्मान और सुरक्षा के लिए समर्पित रही है।
ऑपरेशनल प्रिपेरेडनेस को सर्वोपरि बताया ले. जनरल कटियार ने कहा कि वर्तमान समय में चीन और पाकिस्तान दोनों दिशाओं से सुरक्षा चुनौतियाँ लगातार बनी हुई हैं। ऐसे वातावरण में सेना की ऑपरेशनल प्रिपेरेडनेस में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का अपॉलिटिकल और सेकुलर चरित्र उसकी सबसे बड़ी ताकत है, और इसे हमेशा बनाए रखना आवश्यक है। ड्रोन वारफेयर पर विशेष जोर आधुनिक युद्ध तकनीक पर बात करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल कतारिया ने कहा कि भविष्य की लड़ाइयाँ ड्रोन तकनीक पर आधारित होंगी, जो युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल देंगी। उन्होंने स्पष्ट कहा ड्रोन वारफेयर भविष्य की लड़ाई का अहम हिस्सा है। अग्निवीरों सहित सभी सैनिकों को ड्रोन ऑपरेशन तथा एंटी-ड्रोन तकनीक की विस्तृत ट्रेनिंग देना बेहद आवश्यक है। रेजीमेंट की वीरता की प्रशंसा जनरल कटियार ने रेजीमेंट के सैनिकों की साहस, अनुशासन, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि राजपूत रेजीमेंट सदैव राष्ट्र की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाती रही है और आगे भी इसी गर्व के साथ आगे बढ़ेगी। लेफ्टिनेट जरनल हरजीत सिंह शाही नव नियुक्त कर्नल ऑफ द रेजिमेंट ने रेजिमेंट के सैनिकों के साहस, अनुशासन, शौर्य, समर्पण और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।



