फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) लगभग 22 साल पूर्व हुए डबल मर्डर में तीन सगे भाईयों सहित पांच को आजीवन कारवास की सजा और 20-20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया है|
बीते 5 अगस्त 2003 को थाना शमसाबाद के ग्राम दुधाआ निवासी रामविलास ने मुकदमा दर्ज कराया था| जिसमे कहा था कि उस दौरान लगभग दो साल पूर्व उनके गाँव के रूपलाल पुत्र सालिकराम की लाश मेरे
गाँव के उत्तर में गंगा कटरी में मिली थी | जिसमे मृतक रूपलाल के पुत्र महावीर नें मेरे भाई रूप राय आदि को नामजद किया था| जिसका मुकदमा न्यायालय में चल रहा है| उस घटना के बाद आज तक कोई बात नही हुई| लेकिन महावीर आदि अंदरुनी रंजिश मानते रहे| 5 अगस्त 2003 को रामविलास का भाई रूपराय व रूपराय का पुत्र रामपाल गाँव के ही नरेश के मक्के के खेत में था| अचानक शाम को 6
बजे सूरज पाल, महावीर, भंवरपाल, अवधेश, राकेश पुत्र रुपलाल, लेखराज पुत्र सालिगराम, बहादुर पुत्र रामचन्द्र ने एक राय होकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी| जिससे रूपराय व उनके पुत्र रामपाल की मौत हो गयी| अभियुक्तों नें ट्रैक्टर से दोनों पिता-पुत्र की लाश खीचकर गंगा में फेंक दिया और फरार हो गये|
मामले में पुलिस नें आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया| सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार नें सगे भाई सूरज पाल,महावीर, राकेश व लेखराज व बहादुर को हत्या का दोष करार दिया| सभी पांचो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा व 20 हजार रूपये अर्थदंड की लगाया है| अर्थदंड अदा ना करनें पर एक साल की अतिरिक्त कारावास भोगना होगा| 

डबल मर्डर में तीन सगे भाईयों सहित पांच को आजीवन कारवास



