जागरूकता की अलख जगाए व डायरिया को दूर भगाएं

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) मदन मोहन कनोडिया बालिका इंटर कॉलेज में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर, रोल प्ले और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं के माध्यम से समाज में डायरिया के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।
प्रतियोगिता में कुल 52 छात्राओं ने भाग लिया। कक्षा-नौ की ताहिरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि दिव्यांशी मिश्रा द्वितीय और निशु राठौर तृतीय स्थान पर रहीं। कक्षा-आठ की शिवांगी पाण्डेय एवं सृष्टि कुशवाहा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे अपने घर और आसपास के क्षेत्र में डायरिया के प्रति जागरूकता फैलाते हुए एक जिम्मेदार प्रहरी की भूमिका
डायरिया के लक्षण और बचाव की जानकारी
स्वास्थ्य विभाग से प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंजलि ने छात्राओं को डायरिया के लक्षण और प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि बच्चे को दिन में तीन बार से अधिक पतले दस्त हों, अत्यधिक प्यास लगे और आंखें धंसी हुई दिखाई दें, तो यह डायरिया के संकेत हो सकते हैं।
ऐसी स्थिति में तुरंत ओआरएस का घोल देना शुरू करना चाहिए और दस्त बंद होने तक जारी रखना चाहिए। ओआरएस और जिंक की गोलियां स्थानीय एएनएम या आशा कार्यकर्ता से प्राप्त की जा सकती हैं। जिंक की गोली 14 दिनों तक निर्धारित तरीके से अवश्य दें।
उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों का टीकाकरण समय पर कराएं, विशेषकर रोटावायरस और विटामिन-ए की खुराक अवश्य दिलाएं। भोजन को ढककर रखें, पीने का पानी स्वच्छ रखें तथा पानी निकालने के लिए डंडीदार बर्तन का प्रयोग करें। छह माह से छोटे शिशुओं को दस्त के दौरान भी स्तनपान जारी रखना चाहिए।
13 जनपदों में चल रहा अभियान
‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम फर्रुखाबाद सहित प्रदेश के 13 जनपदों में संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को शून्य करना और सही दस्त प्रबंधन को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य सुमन त्रिपाठी, अध्यापिका पूनम शुक्ला, दिव्या सिंह, समीक्षा अग्निहोत्री सहित अन्य शिक्षिकाएं तथा पीएसआई इंडिया से अमरीश कुमार पाण्डेय और अनुपम मिश्रा उपस्थित रहे।