चौकी में युवक को पीटने के मामले में दो सिपाही व लोधी नेता को भेजा जेल

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) पुलिस चौकी के भीतर युवक को पीटने के बाद 40 हजार की रिश्वत लेनें के बाद उसे छोड़नें में आरोप दो सिपाहियों पर लगा था| पुलिस की पिटाई से आहत युवक नें फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी| मामले में दोनों सिपाहियों व तीसरे लोधी समाज के नेता का पुलिस नें न्यायालय के लिए चालान कर दिया| न्यायालय नें तीनों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया|
दरअसल 14 जुलाई को थाना मऊदरवाजा के ग्राम गुतासी निवासी दिलीप पुत्र रामरहिस का उसकी पत्नी नीरज से कुछ विवाद था| लिहाजा नीरज नें थाना मऊदरवाजा में शिकायत की थी| 14 जुलाई को हथियापुर चौकी पुलिस ने दिलीप को बुलाया था| दिलीप अपने पिता रामरहिस के साथ चौकी आया था| जहाँ रामरहिस नें आरोप लगाया था कि उसके पुत्र दिलीप को पुलिस नें उसकी पत्नी नीरज की शिकायत पर हिरासत में लिया था| चौकी ह्थियापुर में दिलीप के साथ पुलिस कर्मियों से मारपीट हुई| जहाँ आरोप है कि 40 हजार रूपये लेकर दिलीप को छोड़ा गया| पुलिस पिटाई से आहत होकर दिलीप नें फांसी लगा ली थी| मृतक के पिता रामरहिस नें दिलीप के ससुर वानवारी लाल, साला राजू , लोधी नेता रजनेश राजपूत के साथ ही हथियापुर पुलिस चौकी के सिपाही यशवंत यादव, सिपाही महेश उपाध्याय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था| गुरुवार को थाना मऊदरवाजा पुलिस नें सिपाही यशवंत यादव, सिपाही महेश उपाध्याय व पुलिस सत्ता का दबाब बनाकर पिटाई करानें वाले लोधी नेता रजनेश राजपूत को न्यायालय के लिए चालान कर दिया| पुलिस तीनों को सीजेएम न्यायालय में लेकर पंहुची| जहाँ आरोपियों की तरफ से दिये गये रिमांड खारिज करनें के प्रार्थना पत्र को निरस्त करते हुए तीनों आरोपियों को न्यायालय नें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया|