FARRUKHABAD : फर्जी मदरसा व शिक्षण संस्थाओं का भन्डाफोड़ करने के लिए राजेपुर सरायमेदा निवासी युवक फर्जी नाम से शिकायत करने गया तो जिलाधिकारी ने कार्यालय में बैठा लिया। काफी देर बैठाये रखने के बाद हालांकि उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
विकासखण्ड कमालगंज क्षेत्र के ग्राम राजेपुर सरायमेदा में चलाये जा रहे फर्जी मदरसा दारुल उलूम सहित अन्य शिक्षण संस्थाओं का भन्डाफोड़ एनुल हसन द्वारा किये गये अनशन व शिकायतों के क्रम में बीते दिनों ही हो चुका है। गुरुवार से एनुल हसन फर्जी मदरसा संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर अनशन पर बैठ गये। जिसको लेकर अन्य संगठन भी फर्जी मदरसों के खिलाफ अभियान छेड़ चुका है.
[bannergarden id=”8″][bannergarden id=”11″]
शुक्रवार को एक युवक जिलाधिकारी पवन कुमार के पास प्रार्थनापत्र सत्येन्द्र कुमार पुत्र हरीश्चन्द्र शर्मा निवासी राजेपुर सरायमेदा के नाम से लेकर पहुंचा। जिसमें कहा गया कि राजेपुर सरायमेदा में मदरसा वीर अब्दुल हमीद की भी जांच कराई जाये. जिलाधिकारी ने जब प्रार्थनापत्र को गंभीरता से पढ़ा तो उन्हें मौजूद शिकायतकर्ता व प्रार्थनापत्र पर अंकित नाम में फर्क मालूम पड़ गया।
जिस पर उन्होंने शिकायत करने आये युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम मुजफ्फर आलम पुत्र कुदुश आलम निवासी राजेपुर सरायमेदा बताया। जिस पर जिलाधिकारी ने उसे अपने कार्यालय में ही बैठा लिया और कहा कि आप किसी दूसरे के नाम से कोई प्रार्थनापत्र नहीं दे सकते। जो भी शिकायत करनी है उसे भविष्य में आप अपने नाम से ही करेंगे। जिलाधिकारी ने युवक को हिदायत दी कि भविष्य में किसी दूसरे के नाम से शिकायत न करें अन्यथा कार्यवाही की जायेगी और उसे छोड़ दिया।


