जेलों में बंदी भाईयों के माथे पर तिलक कर रिहाई की दुआ

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) शासन के फरमान पर जिला और केंद्रीय कारागार में भैया दूज का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान दोंनो ही कारागारों के बाहर बहनों की लम्बी-लम्बी लाइनें देखने को मिलीं। लंबे इंतजार के बाद जेल में पहुंची बहनें अपने भाइयों से मिलकर भावुक हो गईं। कई बहनों के आंसू छलक पड़े। इस दौरान बहनों ने भाइयों को तिलक कर रक्षा का वचन लिया।जिला जेल में अधीक्षक भीम सेन मुकुंद के निर्देशन में भैया दूज का पर्व मन| जेल में बहिनों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई है । बाहर की मिठाई में मिलावट, बहुत दिनों की बनी मिठाई के प्रति बहनों को जागरूक करके बाहर की मिठाई का प्रयोग कम से कम किया गया है । जेल में ही शुद्ध मिठाई निर्मित करवाई गई है । जिसे बहनें जेल में लेकर पंहुची| जिला जेल में कुल 388 बहनें व उनके साथ कुल 168 बच्चे पंहुचे| जिन्होंने जेल में बंद 251 बंदी भाईयों के माथे पर तिलक किया| एक महिला बंदी की मुलाकात उसके बहर से आये भाई से करायी गयी| जेल में ही बहनों के जलपान की व्यवस्था भी करायी गयी थी| दिव्यांग महिला बहिनों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है । मुलाकात स्थल पर डॉक्टर व फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाई गई है । इस दौरान कारापाल अखिलेश कुमार, उपजेलर अखिलेश मिश्रा,, महिला उपकारापाल कृष्णा कुमारी व सरोजा देवी नें व्यवस्था देखी|
केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ में भी बहनों की भीड़ बंदी भाईयों को भाईदूज खिलानें के लिये लगभग 400 सौ बहनें पंहुची| कारागार प्रशासन द्वारा सभी को मुफ्त में भाईयों को खिलाने के लिए मिठाई उपलब्ध करायी गयी। कारागार प्रशासन द्वारा मुख्यद्वार पर बन्दियों से मिलने आने वाली बहनों एवं परिजनों को प्रतीक्षा हेतु बैठने के लिए टेन्ट, कुर्सी एवं जलपान की व्यवस्था भी करायी गयी। भाई दूज के पर्व के महत्व को देखते हुए सायंकाल तीन बजे तक आने वाले समस्त मुलाकातियों की मुलाकात हेतु विशेष अनुमति प्रदान की गयी। बन्दी भाईयों से मुलाकात कर बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर मिठाई खिलाई और नम आँखों से उनकी कुशलता एवं कारागार से मुक्ति की प्रार्थना की। उपकारापाल सुरजीत सिंह नें बताया कि भाईदूज का कार्यक्रम बेहतर ढंग से सम्पन्न हुआ है| किसी भी बहन को मुलाकात के लिये तकलीफ नही हुई|