अब टेक्नीकल चोरों का ज़माना

कभी भी कहीं भी किसी बिल का पेमेंट.. कोई खरीददारी या फिर अन्य तरह का लेनदेन में मुठ्ठी में समा जाने वाले डेबिट, क्रेडिट, एटीएम से आप कर तो सकते हैं मगर इसमें बड़े खतरे भी पनप चुके हैं। शातिर और तकनीक के जानकार चोर अब आपके पैसे पर डाका आराम से डाल सकते हैं क्योंकि इन कार्डो के इस्तेमाल और सावधानियों की हमें कोई जानकारी नहीं है।

मोटी रकम का लेन देन करने वाले कार्डधारकों के ईद-गिर्द यह खतरा ज्यादा मंडरा रहा है। एटीएम से राशि उड़ाने वाले चोर इतने शातिर हैं कि खाताधारक को भनक तक नहीं लगती और उसके खाते से भारी रकम उड़ चुकी होती है। पीछे रह जाती है बैंक से लेकर पुलिस थाने तक की भागदौड़ जिसमें नतीजा अक्सर शून्य रहता है।

इधर, बैंक प्रबंधन तो ग्राहक की लापरवाही बताकर जवाबदेही से पल्ला झाड़ लेता है और पुलिस का रटारटाया जवाब होता है..तफ्तीश जारी है। ऐसे में लुटा हुआ कार्डधारक कुछ नहीं कर पाता। बड़ा कारण यह भी है कि पुलिस में साइबर क्राइम जैसे अपराध को पकड़ने का पूरा तंत्र अभी तक विकसित नहीं हो सका है।