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बकरीद नजदीक, बाजारों में बढ़ी रौनक

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JNI NEWS : 31-08-2017 | By : न्यूज़ ब्यूरो | In : समाचार, सुल्तानपुर

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सुलतानपुर : ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्यौहार अब केवल दो दिन शेष रह गया है। शनिवार को पर्व मनाया जाएगा। हर कोई इसकी तैयारी में जुटा हुआ है। मेहमानों की खातिरदारी में कोई कमी न रह जाए। जिसे लेकर बुधवार को नगर की प्रमुख बाजार खरीदारों से पटी रहीं। वहीं नगर व ग्रामीणांचलों में स्थित मस्जिदों की साफ-सफाई का काम तेजी से चल रहा है।

बकरीद का त्यौहार शनिवार को मनाया जाएगा। इसके लिए ईदगाह एवं मस्जिदों की साफ-सफाई की जा रही है। त्यौहार की तैयारियां जोरों पर हैं। बाजार में त्यौहार को लेकर कपड़े, जूते-चप्पल, साज-सज्जा व सेवईं की दुकानों में भीड़ देखी जा रही है। कपड़े की दुकानों पर सलवार सूट, जींस, टी शर्ट, शेरवानी, पठानी सूट की खरीदारी लोग कर रहे हैं। नगर के सिविल लाइन, चौक, शाहगंज, मेजरगंज, बाटागली में रेडीमेड परिधान, जूते-चप्पल, सेंडल, शीर व खाद्य पदार्थो की दुकानों पर ज्यादा भीड़ रही। वहीं बाटा गली में महिलाओं ने ज्वैलरी, चूड़ियां, सौंदर्य प्रसाधनों की जमकर खरीदारी की। वहीं बाजारों में सेवईयों की काफी मांग रही। 50 रुपये की सादी सेवंई से लेकर सौ रुपये किलो से शुरू खास किमामी सेवइयों के साथ दूधवाली, कच्ची, सूतफेनी, बनारसी सेवइंया भी खूब बिकी।

 

इस्लाम के मुताबिक, अल्लाह ने हजरत इब्राहिम की परीक्षा लेने के उद्देश्य से अपनी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया। हजरत को लगा कि उन्हें सबसे प्रिय तो उनका बेटा है। इसलिए उन्होंने अपने बेटे की ही बलि देना स्वीकार किया। कुर्बानी देते समय उनकी भावनाएं आड़े आ सकती हैं, इसलिए उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी। जब अपना काम पूरा करने के बाद पट्टी हटाई तो उन्होंने अपने पुत्र को अपने सामने जिन्दा खड़ा हुआ देखा। बेदी पर कटा हुआ जानवर पड़ा हुआ था, तभी से इस मौके पर कुर्बानी देने की प्रथा है।

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