राशन कार्ड

खबरे सोशल मीडिया पर शेयर करे-facebooktwittergoogle_pluslinkedintumblrmailby feather

फर्रुखाबाद जनपद में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अंतर्गत आम जनता के विभिन्न वर्गों के राशन कार्ड धारको लिए सरकार द्वारा जारी किया जा रहा राशन यहाँ उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है| चूँकि किस कोटेदार को किस माह में कितना राशन दिया जा रहा है इससे सम्बन्धित आंकड़े खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहयोग से ही मिल सकते है लिहाजा ये जानकारी अगर कभी अपडेट न हो पाए तो इसके लिए जेएनआई कतई जिम्मेदार नहीं होगा| जेएनआई का प्रयास है कि जनता को हर वो सूचना मिल जानी चाहिए जिसे सरकारी कर्मी छुपा कर भ्रष्टाचार को बढावा देते है|

जनपद में किस गाँव/मोहल्ले में कौन कौन कोटेदार है और उसके अंतर्गत कितने कार्ड हैं इस सम्बन्ध में जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

फर्रुखाबाद जनपद में राशन कार्ड धारको की सूची

फर्रुखाबाद नगर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत दुकानदारो की सूची

नोट; ये लिंक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग उत्तर प्रदेश के लिए बना है|

सिटीजन चार्टर

लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए चार्टर

प्रस्तावना

अध्याय-1
समाज के कमजोर वर्गों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कार्यक्रम को सुप्रवाही बनाना।

अध्याय-2
लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा लीकेज/विपथन को रोकने के लिए राज्य सरकार को केन्द्रीय सरकार द्वारा जारी किए अनुदेश।

अध्याय-3
सूचना का अधिकार अधिनियम तथा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली

प्रस्तावना

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार द्वारा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कार्यान्वयन किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत लक्षित जनसंख्या को खाद्यान्नों के मासिक कोटे की आपूर्ति राज सहायता प्राप्त दरों पर की जाती है। केन्द्रीय, राज्य, जिला, ब्लॉक तथा उचित दर दुकानों के स्तर पर लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी प्राधिकारियों के ब्यौरे आगे के पृष्ठों में दिए गए हैं। इस पुस्तिका में नागरिकों को खाद्यान्न की गुणवत्ता तथा मात्रा के सम्बन्ध में वितरण प्रणाली के विभिन्न चैनलों से सूचना प्राप्त करने के बारे में उल्लेख किया गया है। इस पुस्तिका में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सन्दर्भ में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अधीन नागरिकों के अधिकार को भी समाहित किया गया है। आशा है कि पुस्तिका में प्रस्तावित उपायों से राज्य सरकारों तथा संघ राज्य क्षेत्र के प्रशासनों द्वारा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को बेझिझक तथा प्रभावी रूप से क्रियान्वयन किया जाएगा तथा पात्र नागरिक लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन अपनी-अपनी पात्रता प्राप्त कर सकेंगे।

अध्याय-1

समाज के कमजोर वर्गों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कार्यकरण को सुप्रवाही बनाना।

नागरिक अधिकार पत्र

1. राज्य सरकार का नागरिक अधिकार पत्र

उत्तर प्रदेश सरकार लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लक्षित आबादी की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की नीति का एक महत्वपूर्ण घटक मानती है, जिसमे उनकी पात्रता के अनुसार उन्हें खाद्यान्नों के मासिक कोटे की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है। सरकार पूर्ण पारदर्शिता और प्रचालनों की सक्षमता तथा इसे क्रियान्वित करने वाले प्राधिकारियों की जवाबदेही के साथ लाभार्थियों के सर्वोंत्तम लाभ के लिए लक्षित वितरण प्रणाली को क्रियान्वित करने हेतु प्रतिबद्ध है।

2. पात्रता

फिलहाल, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार द्वारा अनुमोदित समूचे मानदण्डों के अन्दर अन्त्योदय अन्न योजना और पहचान की गई गरीबी रेखा से नीचे की अन्य आबादी के अधीन पहचान किए गए निर्धनतम परिवारों को लाभ मिलता है। जहाँ तक गरीबी रेखा से ऊपर का सम्बन्ध है, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन दिया जाने वाला लाभ समय-समय पर जारी अनुदेशों के अनुसार सीमित रखा जाता है।

3. गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की सूची तथा अन्त्योदय परिवारों की पहचान

राज्य सरकार को लक्षित गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की कुल अनुमानित संख्या के सम्बन्ध में, सरकार द्वारा अनुमोदित मानदण्डों के अनुसार, अन्त्योदय अन्न योजना के परिवारों सहित गरीबी रेखा से नीचे रह रहे पात्र परिवारों को राशन कार्ड जारी करने के लिए उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य सरकार, ग्राम-सभाएं तथा अन्य प्राधिकृत स्थानीय प्रतिनिधि निकाय पदनामित पदाधिकारियों द्वारा उनके अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के अधीन क्षेत्र के सम्बन्ध में तैयार की गई गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी, जिसमें अन्त्योदय अन्न योजना के परिवार भी शामिल हैं, की सूची को अंतिम रूप देंगी। यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाएगा कि ऐसे परिवारों के लिए निर्धारित अधिकतम संख्या ऊपर की सीमा से अधिक न हो।

4. राशन कार्ड जारी करना

राशन कार्ड की पात्रता बताने वाला विहित मापदण्ड और इसे जारी करने की प्रक्रिया का प्रचार व्यापक रूप से किया जाएगा और मांगने पर इसे प्रत्येक नागरिक को उपलब्ध कराया जाएगा। राशन कार्ड के लिए प्राप्त आवेदनों की विधिवत रूप से पावती भेजी जाएगी। पावती में तारीख दी जाएगी, जिसके आधार पर राशन कार्ड प्राप्त किया जा सकता है, बशर्ते कि सभी अपेक्षित जानकारी सही रूप से दी गई हों। राशन कार्ड धारकों को उपयुक्त रूप से सलाह दी जाएगी तथा उनको यह भी मार्गदर्शन दिया जाएगा कि वे आपूर्तियाँ प्राप्त करने के लिए किस उचित दर दुकान पर अपना नाम रजिस्टर करा सकते हैं।

उन अधिकारियों के नाम, पदनाम, दूरभाष संख्या तथा पते, जिन्हें राशन कार्डों के विलम्ब अथवा अस्वीकृत किए जाने के बारे में अपनी शिकायतें भेजी जा सकती हैं। सम्बन्धित कार्यालय के परिसरों पर मुख्य रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे।

सभी शिकायतों तथा अन्य पत्राचार को विधिवत रूप से रजिस्टर किया जाएगा तथा यदि व्यक्तिगत रूप से दिया गया है तो उसी समय पावती दी जाएगी अथवा सात दिनों के भीतर डाक द्वारा भेज दी जाएगी। जहाँ सम्भव होगा, कार्यकुशलता तथा प्रभावी अनुवर्ती कार्यवाही और शिकायतों के निपटान को सुनिश्चित करने के लिए कम्प्यूटरीकृत सूचना प्रणाली आरम्भ हो जाएगी।

गरीबी रेखा से नीचे/अन्त्योदय अन्न योजना के कार्ड विहित प्रक्रिया के तहत जारी किए जाएंगे और अन्त्योदय अन्न योजना/गरीबी रेखा से नीचे के कार्डों की कुल संख्या विहित सीमा से अधिक नहीं होगी।

गरीबी रेखा से ऊपर-पीले, गरीबी रेखा से नीचे-सफेद तथा अन्त्योदय अन्न योजना श्रेणी के परिवारों को गुलाबी रंग के कार्ड जारी किए जाएंगे। जारी किए गये प्रत्येक राशन कार्ड पर प्रदेश सरकार के चिन्ह का होलोग्राम चस्पा होना आवश्यक है।

राज्य सरकार, जाली राशन कार्डों को समाप्त करने के लिए राशन कार्डों की आवधिक जाँच सुनिश्चित करेगी तथा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभों का दुरूपयोग करने के दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करेगी।

राशन कार्डों में कोई नाम जोड़ने या काटने या नया कार्ड बनवाने के लिए समय-सीमा राज्य सरकार द्वारा नीचे दिए चार्ट के अनुसार तैयार की जाएगी-

सेवा (कार्यवाही) स्तर-नया ए0पी0एल0 राशन कार्ड (ग्राम्य/नगरीय)

क्र0सं0 कार्यवाही वांछित समय सेवा स्तर (सेवा अनुरोध के दिनांक से)
1 आवेदन का प्रस्तुतीकरण 1 दिन प्रथम दिन
2 एस0आई0/जी0वी0पी0ए0 की जाँच हेतु आदेश जारी किया जाना 1 दिन दूसरा दिन
3 एस0आई0/जी0वी0पी0ए0 द्वारा क्षेत्रीय सत्यापन रिपोर्ट को अपडेट (अद्यावधिक) किया जाना 7 दिन नौंवा दिन
4 ए0आर0ओ0/बी0डी0ओ0 द्वारा क्षेत्रीय सत्यापन रिपोर्ट पर निर्णय लेना 1 दिन दसवां दिन
5 नया राशन कार्ड जारी करना 2 दिन बारहवां दिन

सेवा (कार्यवाही) स्तर-नया ए0पी0एल0 राशन कार्ड (ग्राम्य/नगरीय)

क्र0सं0 कार्यवाही कार्यवाही कर्ता सेवा स्तर एल-1 एल-2 एल-3
नाम समय नाम समय नाम समय
1 जाँच करने हेतु एस0आई0/जी0वी0पी0ए0 को आदेश जारी ए0आर0ओ0/बी0डी0ओ0 1 दिन डी0एस0ओ0 2 दिन डी0एम0 2 दिन
2 एस0आई0/जी0वी0पी0ए0 द्वारा क्षेत्रीय सत्यापन रिपोर्ट को अपडेट (अद्यावधिक) करना एस0आई0/जी0वी0पी0ए0 7 दिन ए0आर0ओ0/ बी0डी0ओ0 2 दिन डी0एस0ओ0 1 दिन डी0एम0 1 दिन
3 एस0आई0/जी0वी0पी0ए0 द्वारा प्रस्तुत क्षेत्रीय सत्यापन रिपोर्ट पर निर्णय करना ए0आर0ओ0/बी0डी0ओ0 1 दिन डी0एस0ओ0 2 दिन डी0एम0 1 दिन
4
नये राशन कार्ड का तैयार किया जाना और जारी करना एस0आई0/जी0वी0पी0ए0 2 दिन ए0आर0ओ0/ बी0डी0ओ0

1 दिन डी0एस0ओ0 1 दिन

बी0पी0एल0 एवं अन्त्योदय राशन कार्डों के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही निर्धारित लक्ष्य के अन्तर्गत उपर्युक्तानुसार सुनिश्चित की जायेगी।

5. निर्गम का मापदण्ड तथा निर्गम मूल्य

केन्द्रीय सरकार राज्य सरकारों को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन खाद्यान्न सरकार द्वारा समय-समय पर तय किए गए मानदण्ड तथा मूल्यों पर उपलब्ध कराएगी। प्रति परिवार आपूर्ति किए जाने वाले खाद्यान्नों की मात्रा तथा पात्र उपभोक्ता परिवारों को वितरण हेतु राज्य सरकार द्वारा तय किए गए निर्गम मूल्यों की जानकारी/सूचना विभिन्न माध्यमों, जिसमें इन्टरनेट वेबसाइट पर प्रदर्शन शामिल है, द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। इन्हें निरपवाद रूप से सभी उचित दर दुकानों पर प्रदर्शित किया जाएगा।

6. वितरण

भारतीय खाद्य निगम और राज्य सरकार अथवा उनके नामिती/मनोनीत एजेन्सियों द्वारा खाद्यान्नों के वितरण की प्रक्रिया का प्रचार आम जनता की जानकारी के लिए व्यापक रूप से किया जाएगा।

भारतीय खाद्य निगम, राज्य सरकार को उचित गुणवत्ता के खाद्यान्नों की भौतिक सुपुर्दगी, राज्य सरकार से भुगतान की पावती के एक सप्ताह के भीतर केन्द्र सरकार द्वारा जारी किए गए आवंटनों के अनुसार लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन वितरण हेतु सुनिश्चित करेगा। केन्द्रीय सरकार से खाद्यान्नों का आवंटन प्राप्त होने पर राज्य सरकार भारतीय खाद्य निगम से खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए अपने अभिकरणों/निगमों को प्राधिकृत करने हुए जिलावार आवंटन आदेश जारी करेंगे और वे उनकी उचित दर दुकानों को सुपुर्दगी सुनिश्चित करेंगे। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के राज्य और जिला कार्यालयों के अतिरिक्त जिलावार आवंटन राज्य सरकार की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया जाए। यदि भारतीय खाद्य निगम एक सप्ताह में खाद्यान्न वितरित नहीं कर पाता है तो उसके कारण तथा खाद्यान्नों की सुपुर्दगी का अनुमानित समय राज्य सरकार को सूचित किया जाएगा।

वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाएगा। राज्य सरकार जनता को उन विभिन्न भण्डारण/गोदामों के बारे में सूचना उपलब्ध कराएगी। इसमें राज्य सरकार तथा राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम के स्वामित्व वाले अथवा किसी अन्य मध्यस्थ/नामितियों/थोक विक्रेताओं के गोदाम भी शामिल होंगे। प्रत्येक सुपुर्दगी स्थान पर लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न के नमूने स्टाक की मात्रा के साथ किसी भी हितधारक (स्थानीय नागरिक तथा उनके प्रतिनिधि) हेतु जाँच के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। हितधारकों को यह अवसर दिया जाना चाहिए कि वे नमूने की जाँच सप्ताह के एक नियत दिवस पर कर सकें। उस दिन इस प्रकार की जाँच के लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया जाना चाहिए।

जिला नागरिक आपूर्ति कार्यालय आवंटन आदेशों की प्रतियां सभी उचित दर दुकानों तथा ग्राम पंचायतों/नगर पालिकाओं/सतर्कता समितियां/ उचित दर दुकानों के कार्यकरण की मानीटरिंग करने के लिए मनोनीत किसी अन्य निकाय को भी प्रेषित करेगा। आवंटन के ब्यौरे इस प्रयोजनार्थ पता लगाई गई वेबसाइटों पर (अधिमानत: जिला स्तर पर) उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

7. खाद्यान्नों की गुणवत्ता

राज्य सरकार के प्रतिनिधियों तथा भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों द्वारा भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से खाद्यान्नों के नमूनों की निर्गम से पूर्व, संयुक्त रूप से जाँच की जाएगी। जहाँ राज्य सरकार संयुक्त नमूने लेने के लिए अपना प्रतिनिधि भेज पाने की स्थिति में नहीं है तो वहाँ भारतीय खाद्य निगम विलम्ब से बचने के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद खाद्यान्नों को जारी कर सकता है।

भारतीय खाद्य निगम राज्य सरकार को प्रेषण के समय लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन वितरण के लिए नए मुहैया कराए गए खाद्यान्नों के स्टाक के सीलबन्द नमूने (एक नमूना भारतीय खाद्य निगम के कार्यालय/गोदाम द्वारा उनके निर्गम की तारीख से दो माह की अवधि के लिए रखा जाएगा) जारी करेगा। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य जाँच करेगी जो उसके द्वारा उठाई गई पूरी मात्रा उसके गोदामों तथा उचित दर दुकानों तक पहुँच रही है। वह यह भी सुनिश्चित करेगी कि भण्डारण, पारगमन के दौरान अथवा वितरण श्रंखला में किसी अन्य स्तर पर इसे घटिया गुणवत्ता स्टाकों द्वारा न बदला जाए।

8. उचित दर दुकानें

लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कार्यकरण उचित दर दुकानों के नेटवर्क के जरिए होता है। लाईसेन्सों/अनुबन्धों को जारी करने की प्रक्रिया अथवा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन अनिवार्य जिन्सों के वितरण के लिए उचित दर दुकानों को प्राधिकृत करना स्पष्ट रूप से राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाएगा। लाईसेन्सों/अनुबन्धों में वैध अवधि स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट की जाएगी। राज्य सरकार उचित दर दुकान मालिकों के उत्तरदायित्व तथा ड्यूटियाँ भी निर्दिष्ट करेगी जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ (1) लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किए गए खुदरा निर्गम मूल्य पर राशन कार्डधारी की पात्रता के अनुसार अनिवार्य जिन्सों की बिक्री और (2) (क) गरीबी रेखा से नीचे तथा अन्त्योदय अन्न योजना लाभभोगियों की संख्या (ख) अनिवार्य जिन्सों के लिए उनकी पात्रता (ग) निर्गम का मानदण्ड (घ) खुदरा निर्गम मूल्य (ङ) उचित दर दुकान खुलने तथा बन्द होने का समय (च) माह के दौरान प्राप्त अनिवार्य जिन्सों का स्टाक (छ) प्रत्येक दिन अनिवार्य जिन्सों का अवशेष तथा इतिशेष (ज) लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन अनिवार्य जिन्सों की गुणवत्ता तथा मात्रा के सम्बन्ध में दर्ज शिकायतों/उन्हें दूर करने के लिए प्राधिकारी, और (झ) सप्ताह का समय/दिन जब नागरिक, बहियों/स्टाकों की जाँच कर सकता हो, के सम्बन्ध में दुकान में प्रमुख स्थान पर सूचना पट्ट (नोटिस बोर्ड) पर सभी सूचना प्रदर्शित करना शामिल है, गरीबी रेखा से ऊपर, गरीबी रेखा से नीचे तथा अन्त्योदय अन्न योजना कार्डधारकों की सूची जाँच के लिए उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

उचित दर दुकान मालिक को राज्य सरकार द्वारा यथानिर्धारित राशन कार्ड धारकों के रिकार्ड, स्टाक रजिस्टर निर्गम अथवा बिक्री रजिस्टर आदि रखने होंगे। उचित दर दुकान मालिक के लिए यह बाध्यता होगी कि वह इस प्रयोजनार्थ अधिसूचित सप्ताह में एक बार, एक दिन/समय (दो घंटे), जैसा भी मामला हो, ग्राम पंचायतों, नगर पालिकाओं, सतर्कता समितियों अथवा स्थानीय नागरिक द्वारा उन दस्तावेजों की जाँच करने की अनुमति दे।

उचित दर दुकान मालिक दुकान द्वारा मुहैया कराए जा रहे खाद्यान्नों के नमूने प्रदर्शित करेगा। उचित दर दुकान मालिक अनिवार्य जिन्सों की आपूर्ति के बाद राशन कार्डों को अपने पास रखेगा और सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अधीन यथा अपेक्षित विहित शुल्क के भुगतान पर उसके द्वारा रखे जा रहे रिकार्डों के संगत उद्धरण उपलब्ध कराएगा। प्रतियां आदि देने में किसी प्रकार की व्यावहारिक कठिनाइयों की स्थिति में रिकार्डों/नमूनों/दस्तावेजों आदि की जाँच के लिए सुविधाएं सप्ताह में कम से कम एक बार नियत दिन/समय पर उपलब्ध करवाई जाएंगी।

9. निरीक्षण और जाँच

राज्य सरकार उचित दर दुकान की मानीटरिंग के लिए उपयुक्त प्रणाली सुनिश्चित करेगी तथा माडल बिक्री रिकार्ड/रजिस्टर, स्टाक रजिस्टर तथा राशन कार्ड रजिस्टर का निर्धारण सुनिश्चित करेगी। राज्य सरकार के नामित प्राधिकारियों द्वारा प्रत्येक माह में कम से कम एक बार उचित दर दुकान का निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा तथा उन मुद्दों को भी निर्दिष्ट किया जाएगा, जिन पर उनके द्वारा सूचना एकत्र की जाएगी। इन निरीक्षणों के दौरान उचित दर दुकानो के‍ जरिए सप्लाई किए जा रहे राशन की गुणवत्ता और मात्रा, उचित दर दुकान को खोलने तथा बन्द करने के समय के सन्दर्भ में उचित दर दुकान के सुचारू रूप से कार्यकरण लाभभोगियों के साथ उचित दर दुकानों के मालिकों/इसके कार्यकर्ताओं के व्यवहार की जाँच की जाएगी।

10. उचित दर दुकानों के लाईसेन्स/अनुबन्ध रद्द करना

राज्य सरकार उन परिस्थितियों को अधिसूचित करेगी जिनके तहत उचित दर दुकान के लाईसेन्स/अनुबन्ध रद्द किए जा सकते हैं तथा उन चूककर्ता उचित दर दुकान मालिकों के विरूद्ध कोई शिकायत दर्ज करने के लिए नामित प्राधिकारियों के सम्बन्ध में सूचना उपलब्ध करवाना जो प्रणाली की नियमावली/प्रक्रिया का उल्लंघन करते हैं।

एक चुस्त तथा प्रभावी निवारण तंत्र भी निर्धारित किया जाएगा ताकि नागरिकों द्वारा बताई गई किसी भी कमी का उचित रूप से समाधान किया जा सके। इस प्रकार के तन्त्र में पंचायती राज संस्थाओं/स्थानीय नगर पालिका निकायों को शामिल किया जाना चाहिए।

11. सतर्कता तथा जनता की भागीदारी

राज्य सरकार उचित दर दुकान/पंचायत/नगर पालिका/निगत स्तर पर जिला/क्षेत्र/तहसील स्तर तथा राज्य स्तर पर लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कार्यकरण की आवधिक समीक्षा करने के लिए सतर्कता समिति गठित करेगी जिसमें सरकारी, सामाजिक संगठन, उपभोक्ता संगठन, स्थानीय निकाय आदि से सदस्य शामिल किए जाएंगे, अर्थात् –

(i) पंचायत/नगर पालिका वार्ड स्तर की सतर्कता समितियाँ

एक सतर्कता समिति जिसमें कार्डधारियों के प्रतिनिधि (जिसमें कुछ महिला, गरीबी रेखा से नीचे/अन्त्योदय अन्न योजना लाभभोगी होंगे), पंचायत के चुने हुए सरपंच/नगर पालिका वार्ड के चुने हुए प्रतिनिधि, उपभोक्ता, कार्यकर्ता और समाज के प्रतिष्ठित कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा तथा यह प्रत्येक पंचायत/नगर पालिका वार्ड (शहरी क्षेत्र में) में गठित की जाएगी। बड़ी पंचायतों में जहाँ एक से अधिक उचित दर दुकान होंगी, एक से अधिक सतर्कता समिति गठित की जा सकती है। पंचायत/नगर पालिका परिषद/निगम स्तर की सतर्कता समिति का अध्यक्ष स्थानीय ग्राम पंचायत/नगर पालिका परिषद अथवा निगम का चुना हुआ प्रमुख, जैसा भी मामला हो, हो सकता है।

(ii) ब्लॉक/तालुका स्तर की सतर्कता समितियाँ

ब्लॉक/तहसील स्तरीय समितियों में उचित दर दुकान से सम्बद्ध 5-6 कार्डधारियों, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों, क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ताओं आदि को शामिल किया जाएगा। ब्लॉक स्तरीय समिति ब्लॉक में उचित दर दुकान को कवर करेगी तथा उचित दर दुकानों के कार्यकरण तथा अन्य संगत समस्याओं के बारे में जिला स्तर की समिति को सूचित करेगी। ब्लॉक स्तर पर सतर्कता समिति के अध्यक्ष ब्लॉक/तहसील स्तर/पंचायती राज संस्था के चुने हुए प्रमुख हो सकते हैं।

(iii) जिला स्तरीय सतर्कता समितियाँ

राज्य सरकार द्वारा गठित की जाने वाली प्रत्येक जिला स्तरीय समिति में लाभभोगी समूहों, सामाजिक/उपभोक्ता संगठनों, जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों जैसे विभिन्न वर्गों से लगभग 10 सदस्य होंगे और इसके अध्यक्ष जिला परिषद के जिला परिषद के जिला प्रमुख होंगे। जिला स्तरीय सतर्कता समिति को अपने स्तर पर अधिकतम सम्भव सीमा तक समस्याओं को हल करने के लिए भी प्राधिकृत किया जाएगा और जहाँ कहीं भी यह सम्भव न हो, वे अपनी सिफारिशों के साथ उसे राज्य स्तरीय समिति को भेजेंगे।

(iv) राज्य स्तरीय समिति

यह समिति राज्य सरकार द्वारा गठित की जाएगी तथा इस समिति में सरकार के वरिष्ठ स्तर के अधिकारी, संसद सदस्य, विधान सभा के कुछेक सदस्य, उपभोक्ता कार्यकर्ता और युवा तथा महिला संगठनों के सदस्य होंगे। यह समिति राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में कार्य करेगी और उपर्युक्त अन्य सदस्यों के अलावा सम्बन्धित मंत्रालयों यथा ग्रामीण विकास, पंचायत राज, शहरी विकास आदि के मंत्रियों को सदस्य के रूप में इसमें शामिल किया जाएगा। यह समिति राज्य में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना के समय कार्यकरण, समग्र राज्य में इस योजना को सुचारू रूप से चलाने में पेश आ रही कठिनाइयों, यदि कोई हो, की तिमाही रूप से समीक्षा करेगी। समिति/इसके सदस्य उचित दर दुकानों और खाद्य और आपूर्ति विभागों के कार्यालयों का भी दौरा कर सकते है तथा वे इस योजना के लाभभोगियों से मिल सकते हैं तथा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की समस्या के लिए राज्य सरकार को उपचारी कार्यवाही के लिए सिफारिश कर सकते हैं। यदि किसी मुद्दे पर कोई निर्णय केन्द्रीय सरकार के क्षेत्राधिकार में आता है तो राज्य स्तरीय समिति उपचारी कार्यवाही के लिए केन्‍द्रीय सरकार को सिफारिश कर सकती है।

अध्याय-2

लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा लीकेज/विपथन को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा जिला प्रशासन को जारी किए अनुदेश

1. जिलाधिकारी/जिलापूर्ति अधिकारी को जाली राशन कार्ड समाप्त करने के लिए गरीबी रेखा से नीचे/अन्त्योदन अन्न योजना सूचियों की समीक्षा करने के लिए सतत् अभियान आरम्भ करने चाहिए।

2. खाद्यान्नों के लीकेज-मुक्त वितरण को सुनिश्चित करने के लिए दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए। इस सम्बन्ध में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2001 के खण्ड-9 के अधीन सूचना जिला प्रशासन द्वारा राज्य सरकार को तथा राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय सरकार को नियमित रूप से भेजी जानी चाहिए।

3. लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कार्यकरण में पाददर्शिता के लिए, अन्त्योदय अन्न योजना परिवारों की पहचान करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं/स्थानीय नगर पालिका निकायों के चुने हुए सदस्यों व सतर्कता समितियों की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। जहाँ तक सम्भव हो उचित दर दुकानों के लाइसेन्स/अनुबन्ध स्वयं सेवी समूहों, ग्राम पंचायतों, सहकारी समितियों आदि को दिए जाएं।

4. गरीबी रेखा से नीचे/अन्त्योदय अन्न योजना और गरीबी रेखा से ऊपर की सूचियां सभी उचित दर दुकानों पर प्रदर्शित की जाएं।

5. खाद्यान्न के जिलावार तथा उचित दर दुकानदार आवंटन, जनता की समीक्षा के लिए वेबसाइटों पर डाले जाने चाहिए तथा अन्य प्रमुख स्थानों पर भी लगाए जाने चाहिए।

6. जहाँ सम्भव हो राज्यों उचित दर दुकानों को खाद्यान्नों की सुपुर्दगी उनके द्वार पर ही सुनिश्चित की जानी चाहिए बजाय इसके कि प्रत्येक प्राइवेट-ट्रांस्पोर्टर/थोक विक्रेता राशन जिन्सों को पहुचाएं।

7. खाद्यान्न की प्रत्येक माह समय पर उचित दर दुकानों पर उनकी उपलब्धता तथा राशन-कार्डधारियों को उनका वितरण सुनिश्चित ‍किया जाना चाहिए।

8. उचित दर दुकान स्तरीय सतर्कता समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण देना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

9. लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रचालनों को कम्प्यूटरीकरण आरम्भ किया जाना चाहिए।

10. भारतीय खाद्य निगम को निधियों का इलेक्ट्रानिक अन्तरण आरम्भ किया जाना चाहिए।

11. सार्वजनिक वितरण प्रणाली की वस्तुओं को ले जाने वाले ट्रको/वाहनों के आगे तथा पीछे बैनर/बोर्डो पर ‘लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली’ के अतिरिक्त राज्य सरकार का नाम गंतव्य स्थान, जिन्स तथा एजेन्ट का नाम निर्दिष्ट किया जाना चाहिए।

12. भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से उचित दर दुकानों तक खाद्यान्नों के संचलन पर नजर रखने के प्रबन्ध किए जाने चाहिए।

अध्याय – 3

सूचना का अधिकार अधिनियम तथा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली

लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सम्बन्ध में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रभावी प्रयोग के लिए विभिन्न स्तरों पर की जाने वाली कार्यवाही इस प्रकार होगी :-

भारत सरकार स्तर

• यह सुनिश्चित करें कि सीपीआईओ, सीएपीआईओ तथा एए के पते तथा सम्पर्क के नम्बर वेबसाइट पर प्रदर्शित किए जाएं।

• लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा अन्य सभी कल्याण योजनाओं के अधीन राज्यवार किए गए आवंटनों के बारे में जानकारी भारतीय खाद्य निगम तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की वेबसाइटों पर डाल (लोड) दी जाएगी। यह उस नागरिक को भी उपलब्ध कराई जाएगी जो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अधीन तथा निर्धारित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए इसके लिए अनुरोध करता है।

• लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन खाद्यान्नों की वसूली के लिए गुणवत्ता सम्बन्धी मानदण्ड तथा उनके निर्गम और ‘उचित’ ‘औसत गुणवत्ता’ की विनिर्दिष्टियां सार्वजनिक की जाएंगी।

• भारतीय खाद्य निगम/राज वसूली एजेन्सियाँ किसानों को स्थानीय मण्डी पर उपलब्ध सेवाओं, वसूली के समय भुगतान की प्रक्रिया, गुणवत्ता सम्बन्धी विनिर्दिष्टियां तथा ब्यौरे प्रदर्शित करेंगी।

• भारतीय खाद्य निगम/अन्य एजेन्सी सभी गोदामों की अद्यतन स्टाक स्थिति वेबसाइट पर तथा गोदामों और कार्यालयों के बाहर सूचना पट्टों पर अधिसूचित करेंगे। इस प्रकार की सूचना किसी नागरिक द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के अधीन निर्धारित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए ली जा सकती है।

• लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्नों के नमूने प्रत्येक भारतीय खाद्य निगम/एजेन्सी गोदाम के परिसर में प्रत्येक सप्ताह एक विशेष दिन पर निर्दिष्ट समय पर जनता संवीक्षा के लिए उपलब्ध होंगे।

• अभिलेखों के निरीक्षण की सुविधा करने के लिए, प्रत्येक भारतीय खाद्य निगम कार्यालय/गोदाम, इस प्रकार के निरीक्षण हेतु सप्ताह में किसी कार्य दिवस के अपरान्ह का समय निर्धारित करेगा।

• सभी लेन-देन सम्बन्धी कार्यवाही पर सूचना-भारतीय खाद्य निगम के गोदामों द्वारा खाद्यान्न की प्राप्ति तथा उन्हें रिलीज करना – सूचना पट्ट पर दैनिक आधार पर प्रदर्शित की जाएगी।

राज्य स्तर

• उचित दर दुकान के लिए नए लाइसेन्स/अनुबन्ध देने तथा लाइसेन्स/अनुबन्ध प्राप्त करने के लिए पात्रता मानदण्ड प्रकाशित किए जाएंगे। उचित दर दुकानों के दुकानदारों की सूची उन्हें जारी किए गए लाइसेन्सों/अनुबन्धों की वैध-अवधि के साथ जिला स्तर वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।

• अन्त्योदय अन्न योजना लाभभोगियों की पहचान करने तथा उन्हें राशन कार्ड जारी करने की प्रणाली वेबसाइट पर डाली जाएगी।

• गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की सूची तैयार करने तथा अन्त्योदय अन्न योजना के परिवारों की पहचान करने तथा उनकी पात्रता के लिए मानदण्ड खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के सभी जिला, तहसील, ब्लाक तथा गाँव स्तर के कार्यालयों के सूचना पट्टों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे। सूचना राज्य की राजभाषा में उपलब्ध कराई जानी चाहिए तथा नागरिकों को सूचना का अधिकार अधिनियम के अधीन यथा निर्धारित शुल्क के साथ उनकी माँग पर निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।

• राज्य सरकार ग्राम पंचायतों/नगर पालिका/परिषदों/निगमों को, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन खाद्यान्नों की उपलब्ध मात्रा, संचालन तथा गुणवत्ता के सम्बन्ध में सूचना उपलब्ध कराएंगी।

• जिलापूर्ति अधिकारी सभी पंचायती राज संस्थाओं तथा जिला/शहर/कस्बा/ब्लाक ओर गाँव स्तर पर शहरी स्थानीय निकायों को खाद्यान्न आवंटन सम्बन्धी आदेशों की प्रतियां पृष्ठांकित करेंगे। गाँव स्तरीय सतर्कता समितियों के सदस्यों को इसकी सूचना सभी पंचायती राज संस्थाओं/उचित दर दुकानों द्वारा दे दी जाएगी।

• सतर्कता समितियों के बारे में विस्तृत सूचना तथा उनके गठन, कार्य तथा शक्यियां नेट पर प्रदर्शित की जाएं।

इण्टरमीडिएट स्तर पर

इण्टरमीडिएट स्तर में राज्य स्तर अथवा क्षेत्रीय स्तर गोदाम शामिल हैं जिनके माध्यम से खाद्यान्न भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से जाने के बाद उचित दर दुकानों को भेजे जाते हैं।

• एक राशनकार्डधारी को यह अधिकार है कि वह नियत दिवस तथा समय पर विभिन्न भण्डारण गोदामों पर उपलब्ध रिकार्डों तथा भौतिक स्टाक की संवीक्षा करे। यह सूचना राज्य भण्डारण निगमों/भारतीय खाद्य निगम के डिपुओं पर प्रदर्शित होनी चाहिए।

• भारतीय खाद्य निगम/राज्य भण्‍डारण निगम डिपुओं से उचित दर दुकानों को खाद्यान्न जारी करने की फ्रीक्वेन्सी जिला/ब्लाक-नागरिक आपूर्ति कार्यालय के सूचना पट्ट पर अंकित होनी चाहिए।

• यह नागरिक अधिकार पत्र उन सभी कार्यालयों पर प्रदर्शित किए जाने चाहिए जहाँ ब्लॉक/तहसील/जिला स्तरों पर राशन कार्ड से सम्बन्धित कार्य किए जाते हैं। इस अधिकार पत्र के पृष्ठ संख्या-3,4 और 5 पर अंकित सभी भाग नोटिस बोर्ड पर लगाए जाने चाहिए।

• नागरिक अधिकार पत्र में नामित प्राधिकारियों के नाम तथा सम्पर्क के ब्यौरे शामिल किए जाने चाहिए ताकि अधिकार पत्र/सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2001 के उल्लंघन सम्बन्धी मामलों की शिकायतें ध्यान में आने पर उन्हें रजिस्टर किया जा सके।

• कोई भी नागरिक, नागरिक आपूर्ति विभाग के कार्यालयों से सार्वजनिक वितरण से सम्बन्धित फाइलों के निरीक्षण के लिए आवेदन कर सकता है। छूट लागू न होने की स्थिति में नागरिकों को अधिकारिता के कारणों की माँकग किए बगैर इनका अवलोकन करने की छूट दी जानी चाहिए।

• कोई भी नागरिक सूचना का अधिकार अधिनियम के अधीन भारतीय खाद्य निगम/राज्य भण्डारण निगम डिपुओं और मध्यथता गोदामों अथवा भण्डारण सुविधाओं में स्टाक किए गए अनाजों के नमूनों की माँग कर सकता है। इस मामले में, नमूने एकत्र करने तथा उन्हें सील करने हेतु नागरिक अधिकार – पत्र में निर्धारित प्रक्रिया का ही अनुसरण किया जाए तथा इसके साथ-साथ अनुरोधकर्ता, यदि वह चाहे तो नमूने एकत्र करने के दौरान स्थल पर मौजूद भी रह सकता/सकती है। नमूनों की लागत का भुगतान आवेदनकर्ता द्वारा किया जाएगा।

उचित दर दुकान स्तर पर

• प्रत्येक उचित दर दुकान सभी संगत सूचना यथा विभिन्न आवश्यक जिन्सों के लाभभोगियों की पात्रता, निर्गम मूल्य, उचित दर दुकानदार का नाम, उचित दर दुकान का खुलने तथा बन्द होने का समय तथा दुकान का साप्ताहिक अवकाश का दिन, स्टाक की स्थिति, नागरिकों द्वारा निरीक्षण करने के लिए समय आदि को एक विशिष्ट स्थान पर प्रदर्शित करेगी।

• उचित दर दुकान, राशन जिन्सों की गुणवत्ता तथा मात्रा तथा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभभोगियों द्वारा अपने-अपने राशन प्राप्त करने के दौरान पेश आ रही अन्य समस्याओं के सन्दर्भ में शिकायतें दर्ज करने के लिए प्रक्रिया भी प्रदर्शित करेगी।

• उचित दर दुकान से सम्बद्ध कोई भी उपभोक्ता अथवा स्थानीय निवासी नियत तारीख/समय पर स्टाक रजिस्टर, राशन कार्ड रजिस्टर, अन्य अभिलेख तथा उपलब्ध स्टाक का उचित दर दुकान पर निरीक्षण करने का पात्र है।

• उचित दर दुकान को गरीबी रेखा से नीचे तथा अन्त्योदय अन्न योजना के अपने क्षेत्राधिकार में परिवारों की विस्तृत सूची प्रदर्शित करनी चाहिए। इन सूचियों की प्रतियां पंचायत/गाँव/नगरपालिका परिषद कार्यालय के सामुदायिक हाल के सूचना पट्ट पर भी प्रदर्शित की जानी चाहिए।

• प्रत्येक उचित दर दुकान पर पृष्ठ संख्या सहित शिकायत पुस्तिका रखी जानी चाहिए तथा शिकायत पुस्तिका की उपलब्धता के बारे में उपभोक्ता और आम जनता की सुविधा के बारे में सूचित किया जाना चाहिए।

• उचित दर दुकान को अपने पास कोई राशन कार्ड नहीं रखना चाहिए। निरीक्षण के दौरान यदि उचित दर दुकान मालिक के पास किसी उपभोक्ता का राशन कार्ड रखा पाया गया तो उस पर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

खबरे सोशल मीडिया पर शेयर करे-facebooktwittergoogle_pluslinkedintumblrmailby feather

इस लेख/समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया लिखें-