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रिश्तेदारो की पंचायत: सास, स्वसुर, जीजा, साले, साढ़ू, सढ़ुआइन, सहित सभी आएंगे वोट डालनेरिश्तेदारो की पंचायत: सास, स्वसुर, जीजा, साले, साढ़ू, सढ़ुआइन,... फर्रुखाबाद : आमतौर पर हिन्दू समाज में जीजा साले, मामा, साढ़ू सढ़ुआइन जैसे रिश्तेदार एक ही गाँव में नहीं होते| ननिहाल, मायका और ससुराल में दूरिया होती है| जाहिर है ये सब रिश्तेदार एक ही गाव के वोटर नहीं हो सकते| मगर हैरत में मत पढ़िए| अमृतपुर तहसील के गाव बलीपट्टी रानीगाँव और राजेपुर...

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पॉलिटेक्निक का रिश्वतखोर बाबू बच्चो से वसूलता है रिश्वत- देखे वीडियोपॉलिटेक्निक का रिश्वतखोर बाबू बच्चो से वसूलता है रिश्वत-... फर्रुखाबाद: यूपी में शिक्षा की खटिया खड़ी करने में नेता और नौकरशाह दोनों में मुकाबला होता है| बड़ी ही बेशर्मी से दोनों अपने को ईमानदार और शिक्षा विद बताते है और दोनों की प्रजातिया जमकर शिक्षा की ऐसी तैसी करते है| जनपद में इनदिनों स्कॉलरशिप के फार्म भरे जा रहे है| सरकारी से...

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समाजवादी पत्रकार दाह-संस्कार एवं राहत योजना लागू, पढ़े नियम व् शर्तेसमाजवादी पत्रकार दाह-संस्कार एवं राहत योजना लागू, पढ़े नियम... पत्रकारों पर लगातार हो रहे जानलेवा हमलों से हत-आहत लोगों के लिए एक नायाब राहत योजना शुरू की गई है। सूचना विभाग द्वारा लागू की गई इस योजना का नाम "उप्र समाजवादी पत्रकार दाह संस्कार एवं राहत योजना" दिया गया है। इस योजना को उप्र मान्यता पत्रकार समिति के शीर्ष पदाधिकारियों...

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100 दिनों में खुले 1 लाख डिजीटल लॉकर, फर्रुखाबाद में भी सुविधा उपलब्ध100 दिनों में खुले 1 लाख डिजीटल लॉकर, फर्रुखाबाद में भी सुविधा... डेस्क: देश में 100 दिनों के अंदर करीब एक लाख लोगों ने बैंकों में डिजिटल लॉकर खुलवाए हैं। यह जानकारी संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी। डिजिटल इंडिया विजन के कई पहलों में से एक डिजिटल लॉकर का उद्देश्य कागजी दस्तावेज का इस्तेमाल बंद करना है।...

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अध्यापक राज्य पुरस्कार के लिए कैसे कैसे मास्टर हुए दीवाने फर्रुखाबाद: बच्चो को स्कूल में पढ़ाने से ज्यादा परिषदीय अध्यापको को खुद को चमकाने और वेतन पाने की इच्छा रहती है| बच्चे पढ़े न पढ़े, इनाम मिल जाए, नाम हो जाए तो कुछ काम बन जाए| फर्रुखाबाद से जिन चार अध्यापको में राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए अपना अपना आवेदन किया है उनमे से किसी...

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सोशल मीडिया पर उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष ने दी अश्लील गलियां- जिस माँ. ..चो.. ने निष्कासन .सोशल मीडिया पर उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष ने दी अश्लील... फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश में समाजवादी नेताओ द्वारा गालियां देने का दौर चल रहा है| प्रदेश के शिक्षा मंत्री एक मिनट में 76 माँ बहन की गन्दी गन्दी गालियां देकर रिकॉर्ड बना रहे है तो फर्रुखाबाद के नेता भी कमतर नहीं है| कुछ महीनो पहले समाजवादी पार्टी के सानिध्य और संरक्षण में...

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जब जागे तभी सवेरा- छुट्टियों में मिड डे मील बनाने की बाध्यता खत्मजब जागे तभी सवेरा- छुट्टियों में मिड डे मील बनाने की बाध्यता... फर्रुखाबाद: वातानुकूलित कमरो में बैठ चिलचिलाती गर्मी के लिए सपने बुनना काफी कठिन काम है| आमतौर पर इस प्रकार की योजनाये अपने अंजाम तक नहीं पहुचती है| सरकार को खुश रखने और लेखा जोखा की चूल से चूल मिलाने में कवायद तो करनी ही पड़ती है| जेएनआई ने सोमवार 25 जून 2015 को ही लेख प्रकाशित...

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छुट्टियों में मिड डे मील का सच, सरकार से मास्टर साहब तक की अपनी अपनी मजबूरियांछुट्टियों में मिड डे मील का सच, सरकार से मास्टर साहब तक की अपनी... हर वर्ष उत्तर प्रदेश में गर्मियों की छुट्टियों में सरकारी स्कूलों में बाटने वाले मुफ्त के मिड डे मील के जारी रखने का फरमान होता है| ज्यादातर सूखा पद जाने के कारण| हालाँकि इस बार सूखा नहीं पड़ा बल्कि मौसम की खराबी से रबी की फसल (खासकर गेंहू और दलहन) जरूर ख़राब हो गयी| मक्का का...

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अब सिर्फ 48 घंटों में मिल जाएगा पैन कार्ड  नंबर!अब सिर्फ 48 घंटों में मिल जाएगा पैन कार्ड नंबर! डेस्क: जनधन योजना की सफलता के बाद सरकार लोगों तक पैन कार्डों को फटाफट उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही मेगा प्रोग्राम लांच करने की तैयारी में है। योजना ने अमलीजामा पहना तो महज 48 घंटों के अंदर आवेदक को स्थायी खाता संख्या यानी पैन कार्ड मिल जाया करेगा। सरकार ने बजट में एलान किया...

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भर्ती होंगी 14 हजार आशा 24 सौ एएनएमभर्ती होंगी 14 हजार आशा 24 सौ एएनएम लखनऊ : ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी में जुटी राज्य सरकार ने 30 मई तक 14 हजार आशा बहू और संविदा पर 24 सौ एएनएम भर्ती करने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर केंद्र सरकार ने डायरिया, निमोनिया से बचाव में इस्तेमाल होने वाली दवाओं में कुछ दवा लिखने का अधिकार आशा बहू...

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शिक्षा गुणवत्ता शून्य वाले जिले के DIOS को केंद्रीय मंत्री करेगी सम्मानित!

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Posted on : 10-11-2014 | By : JNI-Reporter | In : EDUCATION NEWS, FARRUKHABAD NEWS, UPTET

MANTRI VIJAY BAHADUR DIOSफर्रुखाबाद: सरकारी सम्मान की यही हालत है| खबर है कि फर्रुखाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक को जल्द ही केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी सम्मानित करने वाली है| उन्हें ये सम्मान शिक्षा जगत में अच्छा कार्य करने के लिए मिलेगा| मगर सोमवार को जिले में आये माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने तो जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल की तो पोल ही खोल करके रख दी| समय काटने के लिए ही सही मुख्यालय पर दो इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण कर मंत्री जी ने जिले की शिक्षा गुणवत्ता को शून्य घोषित कर दिया| ये दोनों कॉलेज जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से सटे हुए है| वे स्वयं कक्षाओ में गए और उपस्थिति के नाम पर मिले दो चार बच्चो से ही सवाल कर बैठे| जबाब नहीं पाये बच्चे| मगर इसी जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक को केंद्रीय मंत्री के हाथो सम्मान मिलने वाला है|

दरअसल सरकारी सम्मान जुगाड़ से मिलता है और खरीदा जाता है| ये बात स्वयं मंत्री विजय बहादुर पाल और पूर्व मंत्री रहे सतीश दीक्षित ने शिक्षक सम्मान समारोह के कार्यक्रम में स्वीकार की| वैसे भगवत पटेल जिले में लम्बे समय तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से लेकर प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक के पदो पर रहे है मगर पिछले दो तीन सालो में जनपद में शिक्षा गुणवत्ता सुधरी हो या अध्यापको की पढ़ाने में रूचि बढ़ गयी हो ऐसा दिखाई तो नहीं पड़ा| न ही बेसिक शिक्षा में वे शिक्षको को समय से स्कूल जाने और बच्चो को पढ़ाने के लिए प्रेरित कर सके थे| हाँ सम्मान के लिए लाबिंग करने वालो से संबंध जरूर मधुर हुए| जिले में नक़ल छाप विद्यालयों का गैंग चलाने वाले शिक्षा माफियाओ ने पैरवी की हो ये भी संभव है| खबर है कि जिले के शिक्षा माफिया ऊपर तक रिश्ते रखने के कारण ऐसे सम्मान दिलाने में माहिर है|

उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री विजय बहादुर पाल कुछ अलग ही अंदाज के है| कमिया उजागर करने और स्वीकार करने में उन्हें संकोच नहीं होता| पेशे से शिक्षक रहे विजय बहादुर पाल ने फर्रुखाबाद से लखनऊ रवाना होने से पूर्व जेएनआई को बताया की लखनऊ पहुंचकर वे जिले की न केवल समीक्षा करेंगे वरन जिले की शिक्षा गुणवत्ता शून्य होने पर आवश्यक कार्यवाही भी करेंगे| इससे पहले श्री पाल ने जनपद के जीआईसी और एमआईसी दो इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण किया और गुणवत्ता शून्य पाये जाने पर सभी के वेतन रोकने के आदेश जिला विद्यालय निरीक्षक को दिए|
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बच्चो को बाटने के लिए रेडीमेड ड्रेसों का जखीरा तैयार, फर्जी नामांकन से लेकर नाप तक का खेल

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Posted on : 07-11-2014 | By : JNI-Reporter | In : Corruption, EDUCATION NEWS, FARRUKHABAD NEWS, UPTET

Redimade-Dressफर्रुखाबाद: जिलाधिकारी भले ही लाख प्रयत्न कर ले मगर बेसिक शिक्षा में बच्चो को बाटने के लिए घटिया रेडीमेड ड्रेस वितरण से शायद ही रोक पाये| इसके लिए बाकायदा योजनावद्ध तरीके से खाने पीने का खाका तैयार हो चुका है| जिस अधिकारी के पास जितने ज्यादा चार्ज है वो उतना बड़ा ही हिस्सा पायेगा और ऊपर अदा करेगा| कुल मिलाकर बच्चो के शरीर पर एक बार फिर से कबाड़ा ड्रेस होगी|

फर्जी नामांकन भी करा लिया गया-
खबर है कि निरीक्षणों के समय स्कूलों में उपस्थिति कम होने का बड़ा प्रमाण फर्जी नामांकन है| फर्जी नामांकन स्कूल में शिक्षको की ज्यादा जरुरत पैदा करने, मिड डे मील में बच्चो का हिस्सा खाने और ड्रेस एवं वजीफा हड़पने के लिए किया जाता है| नामांकित बच्चे प्राथमिक सरकारी स्कूलों में न पढ़कर उसी गाव या आसपास के निजी स्कूलों में पढ़ते है| ऐसे ही एक स्कूल उच्च प्राथमिक (जूनियर) नगला कलार में वर्तमान में नामांकित बच्चे केवल ५२ है जबकि इस स्कूल में ड्रेस के लिए १०५ बच्चो की संख्या भेजी गयी थी जिसके सापेक्ष 105 बच्चो की ड्रेस का पैसा ही भेजा गया है|

एबीआरसी और खंड शिक्षा अधिकारियो के रिश्तेदार और मित्र बने ड्रेस सप्लायर-
ज्यादातर एबीआरसी और खंड शिक्षा अधिकारियो के इशारे पर ही रेडीमेड ड्रेस के सप्लायर स्कूलों में ड्रेस पंहुचा रहे है| कई स्कूलों में इसके स्टॉक पहुंच भी चुके है| नगर क्षेत्र में एक जिला समन्वयक के साले साहब भी इस काम में जोर शोर से लगे है| वही शमसाबाद में एक सप्लायर एक एबीआरसी के नाम का दबाब बनाकर ये खेल कर रहा है| मोहम्दाबाद में एक ड्रेस निर्माता ने अब तक 70000 से ज्यादा ड्रेस तैयार करवा ली है जिसकी सप्लाई ज्यादातर छोटे छोटे सप्लायर कर रहे है|

140 रुपये में मिल रही है एक ड्रेस-
वैसे तो कपडा लेकर नाप से बच्चो की ड्रेस बनबाने में मास्टर साहब सरकार को कोसने लगते है| मगर बच्चो के भविषय निर्माता काला धंधा करते समय ये ड्रेस केवल 150 रुपये खरीदते है| मोहम्दाबाद में किसी गुप्ता के ड्रेस कारखाने से 130 से 140 रुपये की चलती है| 50 रुपये में स्कूल इंचार्ज से लेकर ऊपर के अधिकारी तक का हिस्सा होता है| स्कूल में ये हिस्सा मुह बंद रखने के एवज में सहायक अध्यापक और शिक्षा मित्र के बीच भी बताता है| इसके अलावा फर्जी पंजीकृत बच्चो के नाम पर केवल पैसे निकाले जाते है| इस काम में पूरा शिक्षा विभाग एक राय होकर काम कर रहा है भले ही मीडिया में उनके कड़क बयान छप रहे हो कि “अगर रेडीमेड ड्रेस बाटी तो फैला की खैर नहीं”|

नाप के फोटो का भी खेल-
आदेश था की बच्चो की नाप लेकर ड्रेस सिलवायी जाए| इसके लिए भी रास्ता निकाल लिया गया है| नाप लेने की फोटो मास्टरों ने खूब अपने मोबाइल में फोटो खींचे है जबकि ड्रेस कोई और सप्लाई कर रहा है|

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शिक्षा मित्रों के समायोजन मामले की सुनवाई 26 को

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Posted on : 05-11-2014 | By : JNI REPORTER | In : EDUCATION NEWS, FARRUKHABAD NEWS, UPTET

besik shikshaइलाहाबाद: शिक्षा मित्रों को प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक बनाने की वैधता के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई 26 नवम्बर को होगी। याचिका की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड तथा न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की खण्डपीठ कर रही है। याचिका में कहा गया है कि बिना टीईटी पास किए किसी को सहायक अध्यापक नहीं बनाया जा सकता। ऐसे में शिक्षा मित्रों का समायोजन कानून के विपरीत होने के कारण अवैध है।
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72,825 श‌िक्षक भर्ती: छोटे जिलों में बड़ी संभावनाएं

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Posted on : 30-10-2014 | By : JNI-Reporter | In : FARRUKHABAD NEWS, UPTET

teacherडेस्क: प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती में बड़े जिलों में शिक्षक बनने की राह आसान नहीं है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को मिले जिलेवार ब्यौरे के आधार पर रिक्तियों पर नजर डालें तो लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, मेरठ जैसे शहरों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी में सर्वाधिक अंक होने चाहिए।

लखनऊ में चार, गौतमबुद्धनगर में छह तो मेरठ में आठ पद ही रिक्त बचे हैं। वहीं छोटे जिलों में अभी भी खाली पदों की संख्या अधिक है। जानकारों की मानें तो प्रशिक्षु शिक्षक के लिए जारी होने वाली तीसरी मेरिट अधिकतम पांच अंक तक ही गिर सकती है।

प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए तीसरी काउंसलिंग 3 से 12 नवंबर तक होनी है। एससीईआरटी ने एनआईसी को जिलेवार भरे और खाली पदों का ब्यौरा उपलब्ध करा दिया है। एनआईसी ने वेबसाइट खोल दी है। डायट प्राचार्य और बेसिक शिक्षा अधिकारी अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदन के आधार पर इसमें 31 अक्तूबर को 10 बजे तक गल्तियां ठीक कर सकते हैं।

इसके बाद 1 नवंबर की देर रात या फिर 2 नवंबर को तीसरे चरण की काउंसलिंग की मेरिट जारी कर दी जाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक बड़े जिलों में प्रशिक्षु शिक्षकों के अधिकतर पद भर चुके हैं, जबकि छोटे जिलों में अभी भी पद खाली हैं। सीतापुर और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में भी अभी ठीक-ठाक रिक्तियां हैं।
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यूपी: 72000 शिक्षको की भर्ती, देखे कहा कितने पद खाली है

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Posted on : 30-10-2014 | By : JNI-Desk | In : EDUCATION NEWS, FARRUKHABAD NEWS, JOBS NAUKARY, UPTET

teacher jobफर्रूखाबाद: दो चरणो की कॉउंसलिंग के बाद प्राइमरी शिक्षको की भर्ती में आधे के लगभग पद अभी भी खाली है| हालाँकि अब हुई कॉउंसलिंग में किसी को भी नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है| इस कारण इस भर्ती पर पूरी तरह विश्वास किया जाना संदेह से खाली नहीं है फिर भी आसरा तो है ही| देखिये कहा कितने पद अभी खाली है-

लखनऊ 4, आगरा 38, अलीगढ़ 24, अंबेडकरनगर 163, अमेठी 9, अमरोहा 69, आजमगढ़ 496, औरैया 6, बागपत 30, बलिया 7, बलरामपुर 1518, बांदा 347, बाराबंकी 128, बरेली 787, बस्ती 183, बहराइच 2796, भदोही 221, बिजनौर 43, बदायूं 880, बुलंदशहर 18, चंदौली 436, चित्रकूट 171, देवरिया 362, एटा 121, इटावा 80, फैजाबाद 118, फर्रुखाबाद 110, फतेहपुर 5, फीरोजाबाद 21, गौतमबुद्धनगर 6, गाजियाबाद 8, गाजीपुर 6, गोंडा 1879, गोरखपुर 140, हमीरपुर 128, हापुड़ 7, हरदोई 742, हाथरस 37, जौनपुर 497, झांसी 18, कन्नौज 88, कानपुर देहात 17, कानपुर नगर 5, कौशांबी 478, लखीमपुर खीरी 1591, ललितपुर 272, महोबा 453, महाराजगंज 1913, मैनपुरी 31, मथुरा 4, मऊ 64, मेरठ 8, मिर्जापुर 952, मुरादाबाद 232, मुजफ्फरनगर 81, पीलीभीत 983, प्रतापगढ़ 211, रायबरेली 290, रामपुर 515, सहारनपुर 158, संभल 157, संतकबीर नगर 431, शामली 75, श्रावस्ती 852, सीतापुर 680, सोनभद्र 935, सुल्तानपुर 898, उन्नाव 68, वाराणसी 36 व इलाहाबाद में 373 पद रिक्त हैं। पांच जिलों का ब्यौरा नहीं मिल पाया है।
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