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चिट्ठी आई है- मुख्यमंत्री की चिट्ठी साहब ने आगे बढ़ा दी, छोटे साहब ने और आगे बढ़ा दीचिट्ठी आई है- मुख्यमंत्री की चिट्ठी साहब ने आगे बढ़ा दी, छोटे... 1 जुलाई से हर साल शिक्षा का नया सत्र शुरू होता है| इस बार भी हुआ कोई नयी बात नहीं है| पिछले साल की चिट्ठियों को निकाल लखनऊ के साहब नए साल की तारीख डाल मंडलों और मुख्यालयों पर विभिन्न प्रकार की चिट्ठियां चलाना शुरू कर देते है| चिट्ठियों के कई प्रकार होते है| मगर इनका मजमून हर...

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बीत गए 2 सप्ताह- ..न किताब, और न कापी, शुरू हो गई सत्र की पढ़ाईबीत गए 2 सप्ताह- ..न किताब, और न कापी, शुरू हो गई सत्र की पढ़ाई फर्रुखाबाद: डीएम साहब बड़े सख्त है| मास्टर स्कूल में टाइम से आने और जाने लगे है| हवा हवाई दावे और वादो का हाल ये है कि 2 सप्ताह बीत जाने के बाद भी सरकार के कंधो पर चल रहे सरकारी स्कूल के बच्चो का बस्ता अभी तक खाली है| मास्टर नेतागीरी में मशगूल है, शिक्षा मित्र प्राथमिक शिक्षक बनने...

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डीएम की बैठक- 72 आरा मशीन सील, एक लेखपाल सस्पेंड और 337 नलकूप किसानो के खेत भर रहे है डीएम की बैठक- 72 आरा मशीन सील, एक लेखपाल सस्पेंड और 337 नलकूप किसानो... फर्रुखाबाद: लघु सिचाई में पिछले साल हुआ 14 करोड़ का घोटाला दफ़न है| 112 बोरिंग जो हुई दर्शायी गयी थी वे भौतिक सत्यापन में पुरानी पायी गयी थी| मगर फिर भी नलकूप विभाग के आंकड़े दुरुस्त है| जिलाधिकारी की बैठक में जानकारी दी गयी कि जिले में कुल 337 नलकूप कार्यरत है| 12 नलकूप मैकेनिकल रूप...

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प्रधानमंत्री कार्यालय की तर्ज पर चल रहा जिलाधिकारी कार्यालय... फर्रुखाबाद: अधीनस्थों पर विश्वास न करके जिलाधिकारी को मजबूरन हर विभाग के कामो में सीधी दखल देनी पद रही है| अपने अपने विभागों के दायित्वों को निभाने में नाकाम होने से सरकार की खराब हो रही छवि को सुधरने की जिम्मेदारी अब मुख्यमंत्री से सीधे सीधे जिलाधिकारियो को दी है| इसमें...

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विशेष- जिलाधिकारी एनकेएस राठौर का जुलाई माह में भ्रमण कार्यक्रम विशेष- जिलाधिकारी एनकेएस राठौर का जुलाई माह में भ्रमण कार्यक्रम... फर्रुखाबाद: वैसे तो जिलाधिकारी एनकेएस राठौर के जिले में होने का एहसास जनता को होने लगा है| बाजार समय से बंद होना और बंदी वाले दिन न खुलना जैसे कुछ नए काम बहुत सालो बाद दिखाई पड़ रहे है| हर दफ्तर और सरकारी अमले पर क्रॉस चेकिंग का फंडा भी कामयाब दिख रहा है| जरुरत गलती पकडे जाने...

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JOBS: पार्ट टाइम/फुल टाइम डाटा एंट्री के लिए ऑपरेटर चाहिए JOBS: पार्ट टाइम/फुल टाइम डाटा एंट्री के लिए ऑपरेटर चाहिए फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश सरकार की कई योजनाओ में काम करने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा एंट्री ऑपरेटर को काम मिलने वाला है| फर्रुखाबाद में भी तीन दर्जन डेटा एंट्री की आवश्यकता है| अंग्रेजी हिंदी में डेटा एंट्री करने के लिए आवास विकास कॉलोनी में डेटा एंट्री ऑपरेटर सप्लाई कराने...

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सपा विधायक व व्लाक प्रमुख के लोहिया ग्राम में बजबजा रही सड़के सपा विधायक व व्लाक प्रमुख के लोहिया ग्राम में बजबजा रही सड़के... फर्रुखाबाद:(कमालगंज)यह उन गांव वालो के लिए बहुत ही हर्ष की बात होगी की जिस गांव में वह रह रहे है वह गांव जनपद को कई विधायक के अ लावा जिलापंचायत अध्यक्ष जिले के विकास के लिए भेज चुका है| लेकिन गांव का विकास अभी भी नही हो सका| चाहे बसपा की सरकार रही हो या फिर सपा की| बजबजाती नाली,...

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यूपी पीसीएस-2011 में कैसे छाए यादवयूपी पीसीएस-2011 में कैसे छाए यादव डेस्क: उत्तर प्रदेश पीसीएस-2011 की मुख्य परीक्षा के नतीजे पिछले साल जुलाई में जब आए तो वे अपने साथ एक तूफान भी लेकर आए थे. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों में लगातार धांधली का आरोप लगाते आ रहे छात्रों के सब्र का बांध अचानक टूट गया और इलाहाबाद की सड़कों पर जमकर बवाल हुआ....

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तो फिर क्या सपा में केवल बाप बेटा ही रह जायेंगे? तो फिर क्या सपा में केवल बाप बेटा ही रह जायेंगे? फर्रुखाबाद: लोकसभा फर्रुखाबाद की सीट पर समाजवादी पार्टी को जनपद की चारो विधानसभाओ में से एक भी विधानसभा में इतने भी वोट नहीं मिले जितने कि उनके गृह जनपद और विधायकी वाले अलीगंज से भाजपा का प्रत्याशी बटोर लाया| इस पर भी प्रत्याशी के पुत्र सुबोध का ये तुर्रा कि गद्दार पार्टी...

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देखे बूथवार मिले मत- वोटो को देख कर लगता है कि कायमगंज तक पंहुचा थोडा बहुत समाजवाद देखे बूथवार मिले मत- वोटो को देख कर लगता है कि कायमगंज तक पंहुचा... फर्रुखाबाद: वैसे तो चुनावी समीकरण मोदी की लहर में हवा हो गए है| फिर भी कायमगंज में मिले और मतों के बटवारे से एक तस्वीर तो साफ़ है कि अलीगंज से चला समाजवाद कायमगंज के कुछ बूथों तक जरुर पहुच गया| भ्रष्टाचार में लिप्त कुछ कोटेदारो और प्रधानो के दिलो में अपना बस्ता जमा हो जाने...

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विज्ञान-गणित शिक्षक नियुक्ति पर रोक

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Posted on : 19-09-2014 | By : JNI DESK | In : EDUCATION NEWS, FARRUKHABAD NEWS, JOBS NAUKARY, UPTET

high court allahabadडेस्क इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जूनियर हाईस्कूलों में चल रही 29334 विज्ञान-गणित शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने यह आदेश बेसिक शिक्षा परिषद को दिया है। कोर्ट ने कहा है कि काउंसिलिंग पूरी करा ली जाए लेकिन भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दिया जाए। भर्ती प्रक्रिया में रोक लगने का कारण प्रोफेशनल कोर्स वाले अभ्यर्थी हैं। इन अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई थी। उसी मामले में निर्णय सुनाया गया। अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।

सत्येंद्र कुमार सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसमें कहा गया है कि 23 अगस्त 2013 के शासनादेश के तहत प्रोफेशनल डिग्री धारी मसलन बीएससी एजी, बीटेक, बीसीए, बीबीए, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस एवं बी फार्मा जूनियर शिक्षक भर्ती में योग्यता नहीं रखते हैं परंतु हजारों अभ्यर्थियों ने गलत आवेदन किए हैं। कोर्ट को बताया गया कि इस पद पर भर्ती के लिए स्नातक में विज्ञान एवं गणित में से एक विषय अनिवार्य रूप से होना चाहिए लेकिन प्रोफेशनल कोर्स वालों के साथ ऐसा नहीं है। इसलिए इन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर किया जाए। न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार सिंह बघेल ने यह आदेश दिया है। अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
प्रमोशन से भरे जाएं पद

प्रदेश सरकार जूनियर स्कूलों में विज्ञान-गणित के 29334 शिक्षकों की भर्ती करा रही है। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने पर मऊ के शिक्षक अनिल कुमार सिंह ने अगस्त में हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। उसमें अनिल कुमार का तर्क था कि यह पद सीधी भर्ती से नहीं बल्कि प्रमोशन से भरे जाएं। इससे शिक्षकों का हक मारा जा रहा है। न्यायमूर्ति राकेशकुमार ने मामले में नियुक्ति पर रोक लगा रखी है।

अलग-अलग नियम

विज्ञान-गणित शिक्षकों की भर्ती शुरू होने के बाद मेरठ के शिक्षक योगेश कुमार शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी कि कला वर्ग की सीटें शिक्षकों के प्रमोशन से भरी जाती हैं और विज्ञान-गणित में आधी सीटें सीधी भर्ती से और आधी प्रमोशन से भरी जा रही हैं। ऐसे में एक ही भर्ती में अलग-अलग नियम क्यों है। इस पर न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी एवं न्यायमूर्ति अश्विनी मिश्रा की खंडपीठ ने नियुक्ति पर रोक लगा दी है।

यूपी में 72 हजार 825 शिक्षक भर्ती में मंगलवार को घोषित होगी दूसरे काउंसिलिंग की डेट

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Posted on : 08-09-2014 | By : JNI DESK | In : UPTET

लखनऊ. 72 हजार 825 प्राथमिक अध्यापकों की लंबे अरसे से लटकी भर्ती प्रक्रिया मंद गति से ही सही लेकिन ढर्रे पर आ गई है। पहली काउंसिलिंग भी कुछ हो हल्ला के बाद निपट गई। इसमें सात हजार अभ्यर्थियों ने अपने डॉक्यूमेंट जमा करके अपनी सीट लॉक करवा दी है। बाकी बची सीटों के लिए फिर से मेरिट लिस्ट जरी की जाएगी। दूसरी काउंसिलिंग की डेट मंगलवार तक घोषित हो जाने की संभावना है। यह जानकारी एससीईआरटी के निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम सिंह ने दी।

पिछले हफ्ते रविवार को पूरी हुई पहली काउंसिलिंग प्रक्रिया में सिर्फ सात हजार अभ्यर्थियों ने अपने डॉक्यूमेंट जमा किए। बताते चलें कि मायावती सरकार ने साल 2011 में प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखते 72 हजार 825 प्रशिक्षु शिक्षक की भर्ती की घोषणा की थी। इसके लिए जिलावार सीटों की घोषणा करके सभी अभ्यर्थियों से जिलेवार आवेदन मांगे गए थे।

65 हजार सीटों के लिए होगी दूसरी लड़ाई

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के एक अधिकारी ने बताया की इस बार लगभग 65 हज़ार बची सीटों के लिए भर्ती प्रक्रिया होगी। दूसरी काउंसिलिंग के बाद बची सीटों के लिए फिर अगली काउंसिलिंग करवाई जाएगी। यह प्रक्रिया तब तक चलेगी जबतक सभी सीटों की भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।

लग सकता है छह महीने का समय

नाम न छापने की शर्त पर सूबे के एक जिम्मेदार अधिकारी ने बताया की इस भर्ती में जिस तरह की प्रकिया अपनाई गयी है उस तरीके से लगभग छः महीन का समय लग सकता है। क्योंकि प्रत्येक अभ्यर्थी ने कम से कम 40 से 50 जिलों से आवेदन किए हैं। इसके अलावा जिन अभ्यर्थियों के टीईटी में प्राप्तांक कम थे। उन्होंने 60-65 जगह से आवेदन डाले हैं और कुछ ने तो हर शहर से आवेदन डाले है। इस परिस्थिति में सबसे पहले हाई मेरिट वाले अपनी सुविधा के अनुसार अपनी सीट चुनना चाहते है। इसलिए वे अभी अपनी सीटें ड्राप कर रहे हैं।

72925 शिक्षको की भर्ती के लिए प्रथम काउन्‍सलिंग की कट ऑफ जारी, देखे सूची

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Posted on : 28-08-2014 | By : JNI DESK | In : EDUCATION NEWS, JOBS NAUKARY, UPTET

teacher jobडेस्क: और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के डर से ही सही बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने तीन साल से लटकी 72925 बी0एड0 शिक्षको की भर्ती के लिए प्रथम कॉउंसलिंग की कट ऑफ जारी कर दी है| प्रथम कट ऑफ काफी ऊपर है मगर अगर प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बरही तो दूसरी कॉउंसलिंग में काफी नीचे आ सकती है| देखे कट ऑफ-

कट ऑफ इस लिंक पर भी देख सकते है-
TEACHER BHARTI CUTT OFF 1
TEACHER BHARTI CUTT OFF 2
TEACHER BHARTI CUTT OFF 3

72825 शिक्षक भर्ती : पहली मेरिट में टफ है रेस

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Posted on : 27-08-2014 | By : JNI DESK | In : FARRUKHABAD NEWS, UPTET

teacher jobलखनऊ। प्राइमरी स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षकों की पहली मेरिट की रेस बेहद टफ है। एक-एक अभ्यर्थी के कई-कई जिलों से आवेदन के कारण दावेदारों की संख्या बहुत अधिक होने से विभाग को मेरिट बनाने में पसीने छूट रहे हैं। कुल आवेदनों के हिसाब से एक पद के 95 दावेदार हैं। बहरहाल संभावना जताई जा रही है कि पहली मेरिट में टीईटी में 100 से अधिक अंक पाने वालों को ही मौका मिल सकता है।
72,825 पद के लिए 69 लाख आवेदन आए हैं। यह संख्या इतनी अधिक है कि पहली मेरिट में 150 अंकों की टीईटी में 100 से कम अंक वालों को मौका मिलने की कम ही उम्मीद है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए 29 से 31 अगस्त तक पहले चरण की काउंसलिंग की तैयारियां पूरी कर चुका है। बस इसके लिए मेरिट जारी करने की तैयारी है। गौरतलब है कि प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया नवंबर 2011 से शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब यह भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

72,825 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर लग सकता है ब्रेक

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Posted on : 26-08-2014 | By : JNI DESK | In : EDUCATION NEWS, FARRUKHABAD NEWS, UPTET

teacher jobडेस्क: प्रदेश सरकार की ओर से परिषदीय विद्यालयों में चल रही 72825 शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी पर ब्रेक लग सकता है। यूपी बोर्ड की ओर से 2011 में हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की खामियों के कारण अभी तक हजारों अभ्यर्थियों को सही प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सका है।

यूपी बोर्ड के पास इस समय टीईटी प्रमाण पत्रों में नाम, पिता के नाम, जन्मतिथि, कटेगरी सहित गलतियों के संशोधन के लगभग 10 हजार आवेदन लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को 31 अगस्त तक शिक्षक भर्ती पूरा करने को कहा है। बोर्ड की ओर से प्रमाण पत्रों में संशोधन के बिना शिक्षक भर्ती एक बार फिर से फंस सकती है। एनसीटीई के निर्देश पर पहली बार सरकार की ओर से प्रदेश में पहली बार 2011 में टीईटी का आयोजन किया गया था।

सरकार ने पहली बार टीईटी के आयोजन की जिम्मेदारी यूपी बोर्ड को सौंपी थी। पहली बार हुई टीईटी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के कारण 2011-12 में प्रदेश सरकार की ओर से घोषित 72825 शिक्षक पदों की भर्ती पर अड़चन आ गई।

टीईटी प्रमाण पत्रों में हेराफेरी का आरोप
बोर्ड पर टीईटी प्रमाण पत्रों में हेराफेरी का आरोप भी लगा। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई में तत्कालीन निदेशक सहित बोर्ड के कई अधिकारी जांच के दायरे में आए। जांच की इस प्रक्रिया के जारी रहने के कारण अभी तक यूपी बोर्ड से जुड़े टीईटी के सभी रिकार्ड सील हैं। इस कारण से प्रमाण पत्रों में संशोधन के लिए की गई अपील अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।

यूपी बोर्ड की ओर से रिकार्ड सील होने के कारण भर्ती के दौरान भी टीईटी प्रमाण पत्रों का सत्यापन किस प्रकार से पूरा होगा, इसका जवाब शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है। यूपी बोर्ड के पास भर्ती प्रक्रिया जारी होने की स्थिति में प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए कोई रिकार्ड नहीं हैं।

यूपी बोर्ड के अपर सचिव कामता राम पाल का कहना है कि बोर्ड को रिकार्ड मिलने की स्थिति में प्रमाण पत्रों में हुई गड़बड़ी ठीक की जा सकती है। सत्यापन की प्रक्रिया तो चयन और नियुक्ति के बाद में होगी।