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एकतरफा प्यार में आसिक ने खुद को चाकू से गोद डालाएकतरफा प्यार में आसिक ने खुद को चाकू से गोद डाला फर्रुखाबाद: एकतरफा प्यार में आसिक ने प्रेमिका को पहले अपने साथ चलने के लिये कहा जब वह नही मानी तो उसने खुद को चाकू से गोद डाला| भीड़ ने आसिक की पिटाई भी कर दी| मामले की सूचना पुलिस को नही दी गयी| शहर कोतवाली क्षेत्र के लाल दरवाजे स्थित रोडबेज बस अड्डे पर एक आसिक अपनी प्रेमिका...

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एक्सप्रेस में आग की सूचना पर हांफी पुलिसएक्सप्रेस में आग की सूचना पर हांफी पुलिस फर्रुखाबाद:(कमालगंज) एक्सप्रेस में आग की सूचना पर पर एक पैर पर पुलिस दौड़ी| लेकिन तब तक ट्रेन जा चुकी थी| लेकिन जिले में सूचना का आदान-प्रदान बहुत तेज हुआ और ट्रेन की की आग की तरह नही बल्कि जंगल की आग की तरह सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हुई| जो फर्जी निकली| थाना पुलिस को सूचना मिली...

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हाई-वे पर तेज रफ्तार ट्रकों की भिंडत, दोनों चालको की मौतहाई-वे पर तेज रफ्तार ट्रकों की भिंडत, दोनों चालको की मौत फर्रुखाबाद:(राजेपुर) इटावा बरेली हाई-वे पर दो ट्रकों के बीच हुई आमने-सामने की भिड़ंत में दोनों ट्रकों के परखच्चे तो उड़ ही गये साथ ही साथ दोनों के चालकों की दर्दनाक मौत भी हो गई| हाईवे पर ट्रकों के खड़े होने से कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया| पुलिस ने कई घंटे की मशक्कत के बाद शवों...

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बारात में दुल्हन के चाचा की गोली मारकर हत्याबारात में दुल्हन के चाचा की गोली मारकर हत्या फर्रुखाबाद:(कायमगंज) बीती देर रात बारात के दौरान बधू के चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी| हत्या होने से खुशियाँ मातम में बदल गयी| पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया| एक तरफ भतीजी की डोली उठी वही उसी घर से अर्थी उठायी गयी| कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौखड़िया...

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कानून में संशोधन की तैयारी:12 साल तक के बच्चों से दुष्कर्म पर मिलेगी मौत की सजाकानून में संशोधन की तैयारी:12 साल तक के बच्चों से दुष्कर्म पर... नई दिल्ली:नाबालिगों से दुष्कर्म के मामले में केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी। इसमें कहा गया है कि 0-12 साल की उम्र के बच्चों से दुष्कर्म करने के मामलों में सरकार मौत की सजा का प्रावधान करने जा रही है। केंद्र ने रिपोर्ट के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट...

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उन्नाव कांड पर योगी के कानून मंत्री ने साधी चुप्पीउन्नाव कांड पर योगी के कानून मंत्री ने साधी चुप्पी फर्रुखाबाद: यूपी सरकार के विधि एवं न्याय, अतिरिक्त ऊर्जा श्रोत, राजनैतिक पेंशन के कैबिनेट मंत्री उन्नाव में हुये रेप कांड के विषय में चुप्पी साध गये| इसके साथ ही साथ उन्होंने कहा की योगी सरकार सूबे की कानून व्यवस्था को लेकर चिंतित है| जिसके लिये न्यायालयों को और अधिक मजबूत...

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विश्व विरासत दिवस: हिन्दू,जैन बौद्ध और मुस्लिम काल की संस्कृति की गाथा पांचाल नगरविश्व विरासत दिवस: हिन्दू,जैन बौद्ध और मुस्लिम काल की संस्कृति... फर्रुखाबाद:पांचाल जनपद (वर्तमान समय फर्रुखाबाद) गंगा यमुना के दुआबे में बसा प्राचीन नगर साहित्य कला संस्कृति को सजाए हुए है| परंपरागत वैदिक काल,रामायण काल,महाभारत काल,जैन,बौद्ध और मुस्लिम काल की मुगल संस्कृति की परंपरागत भी इसमे बास करती है| जिनके चिन्ह जनपद में विभिन्य...

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पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी के पति की ट्रेक्टर पलटने से मौतपूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी के पति की ट्रेक्टर पलटने से मौत फर्रुखाबाद:(शमसाबाद) पूर्व जिला पंचायत सदस्य पद की प्रत्याशी रही अनीता जाटव के पति 45 वर्षीय विक्रम की ट्रेक्टर पलटने से मौत हो गयी| पुलिस ने मौके पर पंहुच शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा| थाना क्षेत्र के ग्राम हादीदादपुर नगला मुकुट निवासी 45 वर्षीय विक्रम पुत्र...

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प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीएसए कार्यालय पर दिया धरनाप्राथमिक शिक्षक संघ ने बीएसए कार्यालय पर दिया धरना फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने फरवरी माह का वेतन ना मिलने से खफा होकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया धरना दिया| शिक्षकों की नारेबाजी देख बीएसए अपने कक्ष से वित्त एवं लेखाधिकारी को साथ लेकर निकल आए और बिना अनुमति के धरना दिए जाने...

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फरियादियों के फोन पर नही हो सकी एडीजी की बातफरियादियों के फोन पर नही हो सकी एडीजी की बात फर्रुखाबाद:(जहानगंज) एडीजी अविनाश चन्द्र ने थाने के निरीक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये| वही उन्होंने आगन्तुक रजिस्टर चेक किया| जिसके बाद उन्होंने उसमे दर्ज फरियादियों को फोन लगाया लेकिन बात नही हो सकी| सुबह एडीजी थाने का निरीक्षण एसपी मृगेंद्र...

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केंद्र और राज्य में अलग अलग सरकारों से उत्तर प्रदेश में इ-गवर्नेंस को लग रहा पलीता

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Posted on : 10-07-2016 | By : पंकज दीक्षित | In : EDITORIALS, FARRUKHABAD NEWS, Lokvani Jan Seva Kendra, Politics

Editorफर्रुखाबाद: केंद्र और राज्य सरकार में अपने अपने कामो को प्रचारित करने के चक्कर में उत्तर प्रदेश में इ-गवर्नेंस की ऐसी तैसी हो रही है| इसका खामियाजा उत्तर प्रदेश के 2 लाख से ज्यादा लोकवाणी/जन सेवा केंद्र संचालकों के साथ साथ जनता भी भुगत रही है| राज्य सरकार द्वारा संचालित इ-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को केंद्रीय CSC से जोड़ने की जगह प्राइवेट 5-6 कम्पनियो को ठेके पर दे दिया गया है| ये कम्पनिया ही लूट का माध्यम बनी हुई है| जहाँ देश के कई प्रदेशों में जनता को 100 से ऊपर सरकारी सेवाएं इन केंद्रों से मिल रही है वहीँ उत्तर प्रदेश में इन केंद्रों पर राज्य सरकार की 4-5 सेवाओं से से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है भले ही 27 सेवाओं की लिस्टिंग कर इ गवर्नेंस का ढिंढोरा पीटा जा रहा हो| सरकारी बाबू तंत्र अभी भी गिद्ध नजर से अपने टुकड़े को नहीं छोड़ रहा| और इन सबके बीच एक और दलाल के बैठा देने से सेवाएं सस्ती नहीं महगी ही पड़ रही है| और केंद्र संचालक को भी कुछ मिल नहीं रहा| कुल मिलाकर चुनाव में राज्य की सबसे बड़ी आबादी ग्रामीण जनता मेट्रो और आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे से गुजर कर वोट देने नहीं जाएगी उसे तो पटवारी, ग्राम सचिव, सरकारी दफ्तरों के बाबुओं की घूस और प्रायमरी स्कूल के मास्टर के स्कूल आने ही याद आएगी|

उठ प्रदेश में इ डिस्ट्रिक्ट दवाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए पहले से चल रहे लोकवाणी केंद्रों के बीच कुल 5-6 कंपनियों को घुसेड़ कर दलाली का रेट बढ़ा दिया गया है| अब लोकवाणी केंद्र सीधे इन आई सी के कंट्रोल में न होकर सजह, वयमतेक, सी एम एस कंप्यूटर लिमिटिड जैसे कंपनियों के हवाले कर दिया गया है| टेंडर देते समय उत्तर प्रदेश की सरकार के अधिकारियो ने देश के प्रगतिशील प्रदेशों के मॉडल को न अपनाकर लगता है कमीशन की संस्कृति ही अपनाई है| वर्ना ऐसा न होता की जो सबसे ज्यादा काम कर रहा है उसे सबसे कम पैसे मिलते| उदहारण के लिए कानपूर मंडल में इ डिस्ट्रिक्ट का काम हथियाने वाली कम्पनी अपने जन सेवा केंद्र संचालक को केवल 1.67 रुपये का भुगतान प्रति फ़ार्म कर रही है| अब जिस जन सेवा केंद्र में लाखो रुपये लगाकर केंद्र खोला हो वो 1.67 रुपये प्रति फार्म में जनता का काम कैसे करे? सवाल बड़ा है मगर जबाबदेही किसी की नहीं|

केंद्र सरकार की होल्डिंग वाली कम्पनी इ गवर्नेंस प्राइवेट लिमिटिड और csc-spv ने उत्तर प्रदेश को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के इ डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए प्रस्ताव भेज था मगर यूपी के अफसरों/मंत्रियो ने इस निशुल्क प्रस्ताव को दरकिनार कर प्राइवेट कंपनियों को इ डिस्ट्रिक्ट सेवा देने के लिए टेंडर स्वीकृत कर दिए| नतीजा ये हुआ कि इन कंपनियों ने जन सेवा केंद्र खोलने के लिए संचालकों से मनमाने शुल्क करोडो में वसूल डाले (ऐसा नहीं माना जा सकता कि ये सब सरकारी अफसरों की सहमति से न हुआ हो)| एक एक संचालक से 9000/- प्रति केंद्र लिखापढ़ी में और 10 से 15हजार तक जो जागरूक नहीं थे उनसे अंडर टेबल भी लिए गए| बात यहीं तक नहीं रही| लोकवाणी केंद्रों पर पहले सरकार ने 20 रुपये का शुल्क प्रति आवेदन रख था| उसमे से 10 रुपये सरकार ले लेती थी| अब नए बिचौलिए के आने से उस 20 रुपये में से 18.37 रुपये संचालक से ले लिए जाते है| यानि की कुल मिलाकर 1.67 में जन सेवा केंद्र संचालक को काम करना है| है न कमाल की बात| भारत के अन्य किसी भी प्रदेश में जन सेवा केंद्र संचालक को इतने कम रुपये में काम के लिए नहीं कहा जाता| आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, बिहार यहाँ तक की पडोसी राज्य उत्तरांचल तक में ये सेवाएं जनता को देने के लिए जन सेवा केंद्रों पर 30 रुपये से 50 रुपये के बीच में शुल्क निर्धारित है| इन प्रदेशों में काम ईमानदारी से करने पर भी संचालक ठीक ठाक कमा लेता है| मगर उत्तर प्रदेश में 1 रुपये में काम करने के लिए कह कर सरकार खुद भ्रष्टाचार करने के लिए एक तरीके से प्रोत्साहित करती है| क्योंकि जो काम 30 रुपये में होता हो उसे 1 रुपये में करने के लिए कहना क्या है?

अब केंद्र सरकार की सीएससी और राज्य सरकार की इ डिस्ट्रिक्ट सेवा अलग अलग प्लेटफॉर्म में होने के कारण संचालक को अलग अलग जगह माथा मारना पड़ता है| दोनों ही अपने अपने कामो का ढोल पीटते है| जहाँ केंद्रीय सीएससी को लेने के लिए जोर शोर से बिना शुल्क का प्रचार किया जाता है वहीँ उत्तर प्रदेश की इ डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को संचालित करने के लिए खूब भ्रष्टाचार हो रहा है| कहीं कोई बंदिश नहीं है| लूटो और हिस्सा दो| मगर इन सबमे पिसता कौन है? छोटा मोटा कारोबार करने वाला केंद्र संचालक और आम जनता|

कुल मिलाकर निष्कर्ष यही निकलता है कि केंद्र और राज्य में अलग अलग पार्टी की सरकार होने मायने विकास में असंतुलन और प्रचार की रस्साकसी है| इनके बीच खड़ा वोटर यानि की आम आदमी केंद्रीय और राज्य के संघीय ढांचे में काम के बटवारे से होने वाले नुकसान का ही भागीदार है| सरकार प्रचार की प्रतिद्वन्धितता में फसी है और जिन्हे इनके बीच रहना और काम करना है उनसे पुछा भी नहीं जाता की तुम्हे क्या ठीक लगता है| ये लोकतंत्र है| एक बार वोट देने के बाद पांच साल तक मनमानी का लाइसेंस देने से ज्यादा कुछ नहीं है वर्तमान का लोकतंत्र| अन्ना आंदोलन में उठी आवाज राइट तो रिकॉल शायद कहीं खो गयी| उत्तर प्रदेश के 2.5 लाख लोकवाणी संचालकों से एक बार भी पुछा नहीं गया कि क्या ठीक रहेगा| केंद्र की सी एस सी से जुड़ना या फिर अलग से प्राइवेट कम्पनियो को बीच में बिठा कर दलाली बढ़ा देना| जिनके कंधो पर जनता तक जन सेवा केंद्रों की सेवा जनता तक पहुंचाने का काम था उनके कंधे और छील दिए गए| कभी पूछा नहीं गया कि दूर गाँव में बिना बिजली के कैसे केंद्र चलाते हो? सोलर प्लेट खरीदने के लिए एक ग्रामीण लोकवाणी संचालक ने गाँव के साहुकार से खेत का एक टुकड़ा गिरवी रखकर ब्याज में पैसे लिए थे| कमाई नहीं आई तो खेत चला गया| अखिलेश सरकार की योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने वाला वो जन सेवा केंद्र संचालक खेत भी गवां बैठा| अब सरकार बदलने का इन्तजार नहीं करे तो क्या करे ?………

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