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राजेपुर ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव सहित उनके 26 साथियों पर मुकदमा दर्जराजेपुर ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव सहित उनके 26 साथियों पर मुकदमा... फर्रुखाबाद: ब्लाक प्रमुखी में अविश्वास प्रस्ताव लाने के प्रयास में लगे बीजेपी नेता को धमकाने के मामले में पुलिस ने राजेपुर ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव व उनके 26 साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं बीजेपी नेता को पुलिस सुरक्षा दी गयी है। थाना क्षेत्र के...

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अविश्वास प्रस्ताव- बिना दूल्हे की बारात में दहेज़ पर मसक्कत, सगुना ही रहेगी अध्यक्षा!अविश्वास प्रस्ताव- बिना दूल्हे की बारात में दहेज़ पर मसक्कत,... फर्रुखाबाद: जिला पंचायत में अध्यक्षा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बड़े ही ढोल पीट कर दे दिया गया है| मगर अगर अविश्वास प्रस्ताव आ गया तो अगला अध्यक्ष कौन बनेगा? अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित सीट है और दावेदार केवल पांच| एक वर्तमान में अध्यक्षा है और बाकी के चार के लिए...

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आप संडे की छुट्टी मना रहे हैं, वहां योगी ने ले लिया बेहद सनसनीखेज फैसला, पूरे यूपी में मचा तहलकाआप संडे की छुट्टी मना रहे हैं, वहां योगी ने ले लिया बेहद सनसनीखेज... लखनऊ : उत्तर प्रदेश को अब उत्तम प्रदेश बनने से कोई नहीं रोक सकता, ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ऐसा तो आप खुद कहेंगे इस बेहद सनसनीखेज खबर को पढ़ने के बाद. सीएम योगी प्रदेश में कानूनों का सही तरीके से पालन हो इसके लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं और अब इसी सिलसिले में योगी सरकार...

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बंदियों ने जेल अधीक्षक का सिर फोड़ा, प्रभारी डीएम घायल, डाक्टर पर कार्यवाहीबंदियों ने जेल अधीक्षक का सिर फोड़ा, प्रभारी डीएम घायल, डाक्टर... फर्रुखाबादः जिला जेल फतेहगढ़ में रविवार सुबह से चल रहे बबाल में आक्रोषित बंदियों ने जेल अधीक्षक का सिर पत्थर मारकर फोड़ दिया। बंदियों की मांग पर जेल के चिकित्सक डा0 नीरज को उनके पद से हटा दिया गया। प्रभारी डीएम सीडीओ एनपी पाण्डेय को भी पत्थर मारकर बंदियों ने घायल कर दिया।...

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ब्रेकिंग - जिला जेल में बंदीयों ने की तोड़फोड़ व पथरावब्रेकिंग - जिला जेल में बंदीयों ने की तोड़फोड़ व पथराव फर्रुखाबादः रविवार को सुबह किसी बात को लेकर जिले जेल के बंदी अचानक भड़क गये। जिसके चलते उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। इसके साथ ही बंदियों ने काफी तोड़फोड़ कर दी। आगजनी का मामला भी सामने आया है। सूचना मिलने पर जेल में अलार्म व शायरन भी बजाया गया। लेकिन फिलहाल कोई असर दिखायी...

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योगी मंत्रिमंडल की पूरी अधिकृत सूची- किसको मिला कौन सा विभागयोगी मंत्रिमंडल की पूरी अधिकृत सूची- किसको मिला कौन सा विभाग लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने मुख्यमंत्री श्री आदित्य नाथ योगी के प्रस्ताव दोनों उप मुख्यमंत्रियों सहित सभी 22 मंत्री, 9 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा 13 राज्यमंत्रियों को विभाग आवंटित करने पर अपना अनुमोदन प्रदान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने गृह, आवास...

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रिश्वत वसूली ऊपर वाले के लिए करनी पड़ती है...रिश्वत वसूली ऊपर वाले के लिए करनी पड़ती है... भाई साहब फाइल पर साहब का अप्र्रोवल लेना है खर्चा दो| दफ्तर के बाबू ने बड़ी शालीनता से ठेकेदार से रिश्वत की मांग अपने साहब के लिए कर दी| साथ ही ठेकेदार पर एहसान भी लाद दिया, आप तो घर के आदमी है मुझे कुछ नहीं चाहिए| रिश्वत कोई अपने लिए नहीं वसूलता है यहाँ सब ऊपर वाले के लिए रिश्वत...

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ब्रेकिंग-आरोपी के घर बंद कमरे में मिली डिस संचालक की लाशब्रेकिंग-आरोपी के घर बंद कमरे में मिली डिस संचालक की लाश फर्रुखाबाद: शहर कोतवाली क्षेत्र के पक्कापुल निवासी मुकेश पुत्र ओमप्रकाश के अपहरण का मुकदमा तकरीबन 10 दिन पूर्व परिजनों ने कोतवाली में दर्ज कराया था। गुरुवार की शाम आरोपी के घर के अंदर ही मुकेश की लाश मिलने से पुलिस पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। गुरुवार की शाम परिजनों...

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रेप के आरोपी गायत्री प्रजापति अरेस्ट, 17 दिन से खोज रही थी पुलिसरेप के आरोपी गायत्री प्रजापति अरेस्ट, 17 दिन से खोज रही थी पुलिस लखनऊ: .रेप के आरोपी गायत्री प्रजापति को लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने यहां बुधवार को अरेस्ट कर लिया है। वह करीब 17 दिन से फरार चल रहे थे। ऐसा कहा जा रहा कि लखनऊ के आलमबाग थाने में पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। मंगलवार को उनके दोनों बेटों अनुराग प्रजापति और अनि‍ल प्रजापति को पूछताछ...

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हम गायत्री मंत्र बोलते हैं, सपा वाले गायत्री प्रजापति मंत्र बोलते हैंहम गायत्री मंत्र बोलते हैं, सपा वाले गायत्री प्रजापति मंत्र... जौनपुर. काशी में शनिवार को रोड शो करने के बाद नरेंद्र मोदी ने जौनपुर में रैली की। उन्होंने कहा- "हम सबका साथ-सबका विकास का नारा देते हैं। सपा- कांग्रेस वाले कुछ का साथ-कुछ का विकास की ही बात कहते हैं। मैं आपको गारंटी देता हूं कि बीजेपी सरकार की पहली मीटिंग में किसानों का कर्जा...

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केंद्र और राज्य में अलग अलग सरकारों से उत्तर प्रदेश में इ-गवर्नेंस को लग रहा पलीता

Comments Off on केंद्र और राज्य में अलग अलग सरकारों से उत्तर प्रदेश में इ-गवर्नेंस को लग रहा पलीता

Posted on : 10-07-2016 | By : पंकज दीक्षित | In : EDITORIALS, FARRUKHABAD NEWS, Lokvani Jan Seva Kendra, Politics

Editorफर्रुखाबाद: केंद्र और राज्य सरकार में अपने अपने कामो को प्रचारित करने के चक्कर में उत्तर प्रदेश में इ-गवर्नेंस की ऐसी तैसी हो रही है| इसका खामियाजा उत्तर प्रदेश के 2 लाख से ज्यादा लोकवाणी/जन सेवा केंद्र संचालकों के साथ साथ जनता भी भुगत रही है| राज्य सरकार द्वारा संचालित इ-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को केंद्रीय CSC से जोड़ने की जगह प्राइवेट 5-6 कम्पनियो को ठेके पर दे दिया गया है| ये कम्पनिया ही लूट का माध्यम बनी हुई है| जहाँ देश के कई प्रदेशों में जनता को 100 से ऊपर सरकारी सेवाएं इन केंद्रों से मिल रही है वहीँ उत्तर प्रदेश में इन केंद्रों पर राज्य सरकार की 4-5 सेवाओं से से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है भले ही 27 सेवाओं की लिस्टिंग कर इ गवर्नेंस का ढिंढोरा पीटा जा रहा हो| सरकारी बाबू तंत्र अभी भी गिद्ध नजर से अपने टुकड़े को नहीं छोड़ रहा| और इन सबके बीच एक और दलाल के बैठा देने से सेवाएं सस्ती नहीं महगी ही पड़ रही है| और केंद्र संचालक को भी कुछ मिल नहीं रहा| कुल मिलाकर चुनाव में राज्य की सबसे बड़ी आबादी ग्रामीण जनता मेट्रो और आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे से गुजर कर वोट देने नहीं जाएगी उसे तो पटवारी, ग्राम सचिव, सरकारी दफ्तरों के बाबुओं की घूस और प्रायमरी स्कूल के मास्टर के स्कूल आने ही याद आएगी|

उठ प्रदेश में इ डिस्ट्रिक्ट दवाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए पहले से चल रहे लोकवाणी केंद्रों के बीच कुल 5-6 कंपनियों को घुसेड़ कर दलाली का रेट बढ़ा दिया गया है| अब लोकवाणी केंद्र सीधे इन आई सी के कंट्रोल में न होकर सजह, वयमतेक, सी एम एस कंप्यूटर लिमिटिड जैसे कंपनियों के हवाले कर दिया गया है| टेंडर देते समय उत्तर प्रदेश की सरकार के अधिकारियो ने देश के प्रगतिशील प्रदेशों के मॉडल को न अपनाकर लगता है कमीशन की संस्कृति ही अपनाई है| वर्ना ऐसा न होता की जो सबसे ज्यादा काम कर रहा है उसे सबसे कम पैसे मिलते| उदहारण के लिए कानपूर मंडल में इ डिस्ट्रिक्ट का काम हथियाने वाली कम्पनी अपने जन सेवा केंद्र संचालक को केवल 1.67 रुपये का भुगतान प्रति फ़ार्म कर रही है| अब जिस जन सेवा केंद्र में लाखो रुपये लगाकर केंद्र खोला हो वो 1.67 रुपये प्रति फार्म में जनता का काम कैसे करे? सवाल बड़ा है मगर जबाबदेही किसी की नहीं|

केंद्र सरकार की होल्डिंग वाली कम्पनी इ गवर्नेंस प्राइवेट लिमिटिड और csc-spv ने उत्तर प्रदेश को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के इ डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए प्रस्ताव भेज था मगर यूपी के अफसरों/मंत्रियो ने इस निशुल्क प्रस्ताव को दरकिनार कर प्राइवेट कंपनियों को इ डिस्ट्रिक्ट सेवा देने के लिए टेंडर स्वीकृत कर दिए| नतीजा ये हुआ कि इन कंपनियों ने जन सेवा केंद्र खोलने के लिए संचालकों से मनमाने शुल्क करोडो में वसूल डाले (ऐसा नहीं माना जा सकता कि ये सब सरकारी अफसरों की सहमति से न हुआ हो)| एक एक संचालक से 9000/- प्रति केंद्र लिखापढ़ी में और 10 से 15हजार तक जो जागरूक नहीं थे उनसे अंडर टेबल भी लिए गए| बात यहीं तक नहीं रही| लोकवाणी केंद्रों पर पहले सरकार ने 20 रुपये का शुल्क प्रति आवेदन रख था| उसमे से 10 रुपये सरकार ले लेती थी| अब नए बिचौलिए के आने से उस 20 रुपये में से 18.37 रुपये संचालक से ले लिए जाते है| यानि की कुल मिलाकर 1.67 में जन सेवा केंद्र संचालक को काम करना है| है न कमाल की बात| भारत के अन्य किसी भी प्रदेश में जन सेवा केंद्र संचालक को इतने कम रुपये में काम के लिए नहीं कहा जाता| आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, बिहार यहाँ तक की पडोसी राज्य उत्तरांचल तक में ये सेवाएं जनता को देने के लिए जन सेवा केंद्रों पर 30 रुपये से 50 रुपये के बीच में शुल्क निर्धारित है| इन प्रदेशों में काम ईमानदारी से करने पर भी संचालक ठीक ठाक कमा लेता है| मगर उत्तर प्रदेश में 1 रुपये में काम करने के लिए कह कर सरकार खुद भ्रष्टाचार करने के लिए एक तरीके से प्रोत्साहित करती है| क्योंकि जो काम 30 रुपये में होता हो उसे 1 रुपये में करने के लिए कहना क्या है?

अब केंद्र सरकार की सीएससी और राज्य सरकार की इ डिस्ट्रिक्ट सेवा अलग अलग प्लेटफॉर्म में होने के कारण संचालक को अलग अलग जगह माथा मारना पड़ता है| दोनों ही अपने अपने कामो का ढोल पीटते है| जहाँ केंद्रीय सीएससी को लेने के लिए जोर शोर से बिना शुल्क का प्रचार किया जाता है वहीँ उत्तर प्रदेश की इ डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को संचालित करने के लिए खूब भ्रष्टाचार हो रहा है| कहीं कोई बंदिश नहीं है| लूटो और हिस्सा दो| मगर इन सबमे पिसता कौन है? छोटा मोटा कारोबार करने वाला केंद्र संचालक और आम जनता|

कुल मिलाकर निष्कर्ष यही निकलता है कि केंद्र और राज्य में अलग अलग पार्टी की सरकार होने मायने विकास में असंतुलन और प्रचार की रस्साकसी है| इनके बीच खड़ा वोटर यानि की आम आदमी केंद्रीय और राज्य के संघीय ढांचे में काम के बटवारे से होने वाले नुकसान का ही भागीदार है| सरकार प्रचार की प्रतिद्वन्धितता में फसी है और जिन्हे इनके बीच रहना और काम करना है उनसे पुछा भी नहीं जाता की तुम्हे क्या ठीक लगता है| ये लोकतंत्र है| एक बार वोट देने के बाद पांच साल तक मनमानी का लाइसेंस देने से ज्यादा कुछ नहीं है वर्तमान का लोकतंत्र| अन्ना आंदोलन में उठी आवाज राइट तो रिकॉल शायद कहीं खो गयी| उत्तर प्रदेश के 2.5 लाख लोकवाणी संचालकों से एक बार भी पुछा नहीं गया कि क्या ठीक रहेगा| केंद्र की सी एस सी से जुड़ना या फिर अलग से प्राइवेट कम्पनियो को बीच में बिठा कर दलाली बढ़ा देना| जिनके कंधो पर जनता तक जन सेवा केंद्रों की सेवा जनता तक पहुंचाने का काम था उनके कंधे और छील दिए गए| कभी पूछा नहीं गया कि दूर गाँव में बिना बिजली के कैसे केंद्र चलाते हो? सोलर प्लेट खरीदने के लिए एक ग्रामीण लोकवाणी संचालक ने गाँव के साहुकार से खेत का एक टुकड़ा गिरवी रखकर ब्याज में पैसे लिए थे| कमाई नहीं आई तो खेत चला गया| अखिलेश सरकार की योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने वाला वो जन सेवा केंद्र संचालक खेत भी गवां बैठा| अब सरकार बदलने का इन्तजार नहीं करे तो क्या करे ?………

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