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डीएम की बैठक- 72 आरा मशीन सील, एक लेखपाल सस्पेंड और 337 नलकूप किसानो के खेत भर रहे है डीएम की बैठक- 72 आरा मशीन सील, एक लेखपाल सस्पेंड और 337 नलकूप किसानो... फर्रुखाबाद: लघु सिचाई में पिछले साल हुआ 14 करोड़ का घोटाला दफ़न है| 112 बोरिंग जो हुई दर्शायी गयी थी वे भौतिक सत्यापन में पुरानी पायी गयी थी| मगर फिर भी नलकूप विभाग के आंकड़े दुरुस्त है| जिलाधिकारी की बैठक में जानकारी दी गयी कि जिले में कुल 337 नलकूप कार्यरत है| 12 नलकूप मैकेनिकल रूप...

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प्रधानमंत्री कार्यालय की तर्ज पर चल रहा जिलाधिकारी कार्यालय... फर्रुखाबाद: अधीनस्थों पर विश्वास न करके जिलाधिकारी को मजबूरन हर विभाग के कामो में सीधी दखल देनी पद रही है| अपने अपने विभागों के दायित्वों को निभाने में नाकाम होने से सरकार की खराब हो रही छवि को सुधरने की जिम्मेदारी अब मुख्यमंत्री से सीधे सीधे जिलाधिकारियो को दी है| इसमें...

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विशेष- जिलाधिकारी एनकेएस राठौर का जुलाई माह में भ्रमण कार्यक्रम विशेष- जिलाधिकारी एनकेएस राठौर का जुलाई माह में भ्रमण कार्यक्रम... फर्रुखाबाद: वैसे तो जिलाधिकारी एनकेएस राठौर के जिले में होने का एहसास जनता को होने लगा है| बाजार समय से बंद होना और बंदी वाले दिन न खुलना जैसे कुछ नए काम बहुत सालो बाद दिखाई पड़ रहे है| हर दफ्तर और सरकारी अमले पर क्रॉस चेकिंग का फंडा भी कामयाब दिख रहा है| जरुरत गलती पकडे जाने...

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JOBS: पार्ट टाइम/फुल टाइम डाटा एंट्री के लिए ऑपरेटर चाहिए JOBS: पार्ट टाइम/फुल टाइम डाटा एंट्री के लिए ऑपरेटर चाहिए फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश सरकार की कई योजनाओ में काम करने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा एंट्री ऑपरेटर को काम मिलने वाला है| फर्रुखाबाद में भी तीन दर्जन डेटा एंट्री की आवश्यकता है| अंग्रेजी हिंदी में डेटा एंट्री करने के लिए आवास विकास कॉलोनी में डेटा एंट्री ऑपरेटर सप्लाई कराने...

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सपा विधायक व व्लाक प्रमुख के लोहिया ग्राम में बजबजा रही सड़के सपा विधायक व व्लाक प्रमुख के लोहिया ग्राम में बजबजा रही सड़के... फर्रुखाबाद:(कमालगंज)यह उन गांव वालो के लिए बहुत ही हर्ष की बात होगी की जिस गांव में वह रह रहे है वह गांव जनपद को कई विधायक के अ लावा जिलापंचायत अध्यक्ष जिले के विकास के लिए भेज चुका है| लेकिन गांव का विकास अभी भी नही हो सका| चाहे बसपा की सरकार रही हो या फिर सपा की| बजबजाती नाली,...

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यूपी पीसीएस-2011 में कैसे छाए यादवयूपी पीसीएस-2011 में कैसे छाए यादव डेस्क: उत्तर प्रदेश पीसीएस-2011 की मुख्य परीक्षा के नतीजे पिछले साल जुलाई में जब आए तो वे अपने साथ एक तूफान भी लेकर आए थे. उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों में लगातार धांधली का आरोप लगाते आ रहे छात्रों के सब्र का बांध अचानक टूट गया और इलाहाबाद की सड़कों पर जमकर बवाल हुआ....

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तो फिर क्या सपा में केवल बाप बेटा ही रह जायेंगे? तो फिर क्या सपा में केवल बाप बेटा ही रह जायेंगे? फर्रुखाबाद: लोकसभा फर्रुखाबाद की सीट पर समाजवादी पार्टी को जनपद की चारो विधानसभाओ में से एक भी विधानसभा में इतने भी वोट नहीं मिले जितने कि उनके गृह जनपद और विधायकी वाले अलीगंज से भाजपा का प्रत्याशी बटोर लाया| इस पर भी प्रत्याशी के पुत्र सुबोध का ये तुर्रा कि गद्दार पार्टी...

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देखे बूथवार मिले मत- वोटो को देख कर लगता है कि कायमगंज तक पंहुचा थोडा बहुत समाजवाद देखे बूथवार मिले मत- वोटो को देख कर लगता है कि कायमगंज तक पंहुचा... फर्रुखाबाद: वैसे तो चुनावी समीकरण मोदी की लहर में हवा हो गए है| फिर भी कायमगंज में मिले और मतों के बटवारे से एक तस्वीर तो साफ़ है कि अलीगंज से चला समाजवाद कायमगंज के कुछ बूथों तक जरुर पहुच गया| भ्रष्टाचार में लिप्त कुछ कोटेदारो और प्रधानो के दिलो में अपना बस्ता जमा हो जाने...

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आनलाइन छात्रवृत्ति आवेदन कल से, लोकवाणी केन्द्रो के माध्यम से हो सकेंगे आवेदन

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Posted on : 30-07-2014 | By : JNI DESK | In : FARRUKHABAD NEWS

scholorshipफर्रुखाबाद: सत्र 2014-15 के हाईस्कूल से ऊपर के सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों का आनलाइन छात्रवृत्ति आवेदन पहली अगस्त से शुरू होगा जो तीस सितंबर तक चलेगा। पहली अगस्त को आनलाइन आवेदन पत्र का प्रारूप राज्य एनआइसी के माध्यम से छात्रवृत्ति की वेबसाइट उपलब्ध करा दी जाएगी। शासन ने 31 जुलाई तक जिला विद्यालय निरीक्षक एवं समाज कल्याण अधिकारी को विद्यालयों के मास्टर डाटा के सत्यापन पूरा करने का निर्देश दिया है।

सात अक्टूबर तक विद्यार्थी अपने आनलाइन आवेदन का प्रिंट आउट सभी कागजातों के साथ विद्यालय में जमा करेंगे। आवेदन पत्रों के सत्यापन के लिए विद्यालय स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में प्रधानाचार्य अध्यक्ष एवं अनुसूचित जाति या जनजाति और सामान्य वर्ग के एक-एक वरिष्ठ अध्यापक सदस्य होंगे। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि सभी विद्यार्थी उनके विद्यालय के और पात्र हैं। सत्यापन के बाद आवेदन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा किया जाएगा। इसके बाद सारी प्रक्रिया पूरी करते हुए चयनित विद्यार्थियों के बैंक खाते में दिसबंर तक छात्रवृत्ति की राशि भेज दी जाएगी। छात्रों के खातों में राशि स्थानांतरण के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

जिला स्तरीय समिति करेगी समस्याओं का निबटारा

छात्रवृत्ति के संबंध समस्याओं के निपटारे लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। इसके जिलाधिकारी अध्यक्ष एवं सीडीओ उपाध्यक्ष होंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी इसके सचिव और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला विज्ञान एवं सूचना अधिकारी एवं मुख्य कोषाधिकारी इसके सदस्य होंगे।

लोकवाणी केन्द्रो के माध्यम से होगा आवेदन

छात्रवृत्ति का आनलाइन आवेदन लोकवाणी केन्द्रो के अलावा निजी साइबर कैफे या अपने कंप्यूटर से किया जा सकता है।

छात्रवृत्ति की दर

अनुसूचित जाति एवं जनजाति को दस महीने की ही छात्रवृत्ति मिलेगी। छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को साढ़े तीन सौ रुपये प्रति माह एवं एक हजार रुपये वार्षिक तदर्थ अनुदान मिलेगा। वहीं डे स्कालर विद्यार्थियों को डेढ़ सौ रुपये प्रति माह एवं साढ़े सात सौ रुपये वार्षिक तदर्थ अनुदान मिलेगा। वहीं सामान्य, अन्य पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को प्रति माह साठ रुपये के हिसाब से पूरे बारह महीने के छात्रवृत्ति मिलेगी।

आय सीमा

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों के अभिभावकों की आय दो लाख रुपये वार्षिक से अधिक नहीं होना चाहिए। वहीं सामान्य वर्ग के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए लिए यह सीमा 19 हजार 884 रुपये एवं शहरी क्षेत्र के लिए 25 हजार 546 रुपये वार्षिक से अधिक नहीं होनी चाहिए। अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के अभिभावकों की आय तीस हजार रुपये वार्षिक से अधिक न हो। अल्पसंख्यक वर्ग की आय एक लाख रुपये वार्षिक से अधिक नहीं होनी चाहिए। तहसीलदार द्वारा निर्गत आय प्रमाणपत्र ही मान्य होगा।

मास्टर डाटा का सत्यापन पूरा

- जूनियर कक्षा से ऊपर के विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति के लिए आनलाइन आवेदन एक अगस्त से शुरू हो रहा है। सभी विद्यालयों के मास्टर डाटा का सत्यापन 25 जुलाई तक पूरा कर लिया गया है।

समाज कल्याण अधिकारी

‘शिक्षामित्रों के लिए टीईटी जरूरी’? अदालत के आदेशो के सशर्त मिल रहा नियुक्ति पत्र

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Posted on : 30-07-2014 | By : JNI DESK | In : EDUCATION NEWS, FARRUKHABAD NEWS, UPTET

uptetफर्रुखाबाद: प्रदेश सरकार भले ही बड़े पैमाने पर शिक्षामित्रों का समायोजन कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार के अधीन मंत्रालय और शैक्षिक संस्थान प्रदेश सरकार के इस कदम से सहमत नहीं है। एनसीटीई ने जन सूचना के जवाब में कहा है कि शिक्षामित्रों को भी टीईटी की परीक्षा से गुजरना होगा। इन टिप्पणियों से भले ही अभी नियुक्ति प्रक्रिया पर असर नहीं पड़ रहा है, लेकिन कोर्ट में जो याचिकाएं लंबित हैं, इससे संघर्ष समिति को बल मिलना तय है।

प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए बीते 19 जून को शासनादेश जारी किया था। इस प्रक्रिया में शिक्षकों की नियुक्ति की नियमावली भी बदली गई है। उसके आधार पर जुलाई महीने में जनपदवार शिक्षामित्रों की काउंसिलिंग हुई और विकल्प मांगे जा रहे हैं। 58 हजार शिक्षामित्रों को 31 जुलाई तक नियुक्ति पत्र दिया जाना है। उधर, बीटीसी संघर्ष समिति और टेट मोर्चा उत्तर प्रदेश ने समायोजन की इस प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। बताते हैं कि इस प्रकरण में तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। वैसे कोर्ट ने अभी तक समायोजन प्रक्रिया को रोका नहीं है।

इसी बीच मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी एक जनसूचना के जवाब में स्पष्ट किया है कि शिक्षामित्रों की नियुक्ति में टीईटी करवाना जरूरी है, इसमें यूपी सरकार को कोई राहत नहीं दी गई है। मंत्रालय के साथ ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई ने भी इस पर मुहर लगायी है। मथुरा के तालाब शाही कोसीकलां निवासी ब्रजेश कुमार को जनसूचना के जवाब में एनसीटीई ने स्पष्ट किया है कि शिक्षामित्रों को भी टीईटी की परीक्षा से गुजरना होगा। शिक्षामित्रों में शैक्षिक गुणवत्ता लाने के लिए उन्हें प्रशिक्षित कराया जाना जरूरी है। एनसीटीई ने यह जवाब यूपी सरकार के शिक्षामित्रों की समायोजन प्रक्रिया को देखते हुए नहीं दिया है, बल्कि 2011 में ही दो टूक कहा था कि टीईटी सभी के लिए अनिवार्य है। हाल में ही उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी शिक्षामित्रों की नियुक्ति के लिए टीईटी को अनिवार्य बताया है। इस उठापटक से बेपरवाह प्राथमिक शिक्षा विभाग शिक्षामित्रों को नियुक्ति पत्र देने जा रहा है। माना जा रहा है कि यह काम महज दो दिन में ही पूरा हो जाएगा।

जिलो के बेसिक शिक्षा अधिकारी सरकार के आदेश पर शिक्षामित्रों के समायोजन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। केंद्र सरकार के मंत्रालय और शैक्षिक संस्थानों की मंशा की जानकारी नहीं है और न ही सरकार ने कोई ऐसा आदेश दिया है।फिलहाल तो शिक्षामित्र चरणवार सहायक शिक्षक बन जाएंगे’|

दीप चन्द्र बने पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष, नरेंद्र सिंह यादव को फिर मिल सकती है लाल बत्ती!

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Posted on : 30-07-2014 | By : JNI DESK | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics- Sapaa

Red Beacon Swami Prasadफर्रुखाबाद: चुनावी हार के बाद एक बार फिर से प्रदेश में मंत्रियो की अदला-बदली का दौर शुरू हो गया है| एक साथ राज्यमंत्र्यिों की लाल/नीली बत्ती जमा कराने के बाद फिर से पार्टी को मजबूत करने के लिए मुलायम सिंह यादव ने तैयारी शुरू कर दी है| अगले वर्ष ग्राम और जिला पंचायतो के चुनावो की तैयारी के लिए सरकारी और राजनैतिक रूप से काम शुरू हो गया है| दीप चन्द्र को एक बार फिर से पिछड़ा वर्ग आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है| उन्हें राज्य मंत्री का दर्ज दिया गया है| युवजन सभा के पूर्व सचिव सतीश यादव को भी सपा में वापस बुला लिया गया है| चुनाव से पहले उनके विरोधियो ने सपा से निष्कासित करा दिया था| वहीँ जिले में एक मात्र मंत्री रहे अमृतपुर के विधायक नरेंद्र सिंह यादव की भी लाल बत्ती वापस होने की पूरी संभावना बनी हुई है|

प्रदेश में जमीनी स्तर के नेताओ की एक बार फिर से पहचान करायी जा रही है| इसी क्रम में लाख जातां के बाद भी नरेंद्र सिंह यादव के पुत्र मोदी की आंधी के बाबजूद जो लगभग 60000 वोट पाने में कामयाब हुए और रामेश्वर सिंह यादव की हार का बड़ा कारण बने| उसकी भनक लखनऊ तक उनके ही विरोधियो ने ताल थोक कर पहुचाई| प्रदेश स्तर के समाजवादी पार्टी के एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नरेंद्र सिंह यादव का विरोध ही उनकी ताजपोशी का खाका तैयार कर गया है| निकट भविष्य में जब भी मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार होगा नरेंद्र सिंह यादव का नाम सूची में शामिल होगा| वहीँ मंत्रिमंडल से बर्खास्त किये जा चुके मंत्री नरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि उन्हें अभी कोई जानकारी नहीं है| उन्होंने कहा कि उनकी आस्था नेताजी के साथ थी और रहेगी| लोकसभा चुनाव में सचिन का खड़े होना एक अलग मुद्दा था| वे आज भी समाजवादी है और रहेंगे| पार्टी कोई भी जिम्मेदारी देगी तो उसे निभाएंगे|

अब हाईटेक ‘माननीय’ नहीं चलते बस में

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Posted on : 30-07-2014 | By : JNI DESK | In : FARRUKHABAD NEWS

blue light carफर्रुखाबाद: अब माननीय हाईटेक हो गए हैं। वह सार्वजनिक परिवहन वाहनों का प्रयोग यात्रा के लिए नहीं करते। जनपद के सांसद हो या विधायक सभी के पास है लक्जरी वाहन। हम बात कर रहे हैं परिवहन निगम के बसों में माननीय यानि कि सांसद या विधायक के यात्रा करने की।

खुला खेल फ़र्रुखाबादी वाला फर्रुखाबाद अपने आलू के लिए पहचाना जाता है| इस जनपद में जन प्रतिनिधि लक्जरी वाहनों में चलते है। उनके द्वारा पिछले एक दशक से रोडवेज की बसों में यात्रा नहीं किया गया है। यहां तक दो को छोड़कर भूतपूर्व सांसद व विधायक तक ने यात्रा करने की जहमत नहीं उठाई। जनपद की लाइफ-लाइन कहे जाने वाले रोडवेज की बसों से अमूमन सभी वर्ग के लोग यात्रा करते हैं। जन प्रतिनिधि चुनाव से पहले या चुनाव के बाद हर समय महंगे वाहनों में ही यात्रा करते नजर आते हैं।

महंगी गाडि़यों के काफिले में चलना स्टेटस सिंबल
रोडवेज़ में सफर करने वाले माननीयों में केवल पूर्व विधायक सुशील शाक्य ही चलते नजर आते है| यदा कदा पूर्व विधायक महरम सिंह भी बसो से यात्रा करते मिल जायेंगे मगर वर्तमान विधायको में से कोई बसो में सफर करते नहीं मिलता| अब तो चमचमाते वाहनों में चलना जन प्रतिनिधियों का स्टेटस सिंबल बन गया है। अमूमन सभी छोटे से लेकर बड़े नेता अपने पूरे काफिले के साथ चलना पसंद करते हैं।

खस्ताहाल बसें भी कारण

जनपद में संचालित फर्रुखाबाद डिपो से करीब 85 से अधिक बसों का संचालन होता है। अधिकांश में शेषे बजते है और बरसात होने पर भीगा जाने का खतरा बना रहता है| रख-रखाव की कमी के कारण इन बसों में यात्रा करना काफी दूभर है।

पैदल सिपाही का बेटा बनेगा आर्मी चीफ

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Posted on : 29-07-2014 | By : JNI DESK | In : FARRUKHABAD NEWS

ARMY CHIEF DALBEER SINGHडेस्क: जिस पिता ने पूरी जिंदगी पैदल सिपाही की ड्यूटी बजाते हुए काटी, उसका बेटा 31 जुलाई को देश का आर्मी चीफ बनने जा रहा है। हरियाणा में झज्जर जिले के बिशान गांव में 84 साल के राम फल सिंह सुहाग के लिए इससे बड़ा गर्व का पल और क्या हो सकता है? राम फल सिंह का सपना था कि उनका बेटा सेना में ऑफिसर बने। 31 जुलाई को जब लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग देश के 26वें सेना चीफ बनेंगे तो उनके पिता राम फल सिंह अपने सपने को याद करेंगे या इस सच को देखकर आह्लादित होंगे?

18 कैवलरी रेजिमेंट से सूबेदार मेजर से रिटायर हुए राम फल सिंह ने कहा कि दो पीढ़ी से हमारे परिवार के लोगों ने सेना में जूनियर रैंक की सेवा दी। इसी दौरान मैंने फैसला किया मेरे बच्चे इस परंपरा को तोड़ेंगे और वे सेना को लीड करेंगे। मैं चाहता था कि दलबीर न केवल सेना में कमिशन्ड ऑफिसर बने बल्कि आर्मी में टॉप रैंकिंग ऑफिसर की भूमिका अदा करे।

राम फल सिंह ने कहा, ‘दलबीर की क्लास 4 तक गांव के प्राइमरी स्कूल में ही पढ़ाई हुई। इसके बाद उनका ऐडमिशन राजस्थान में चितौड़गढ़ के सैनिक स्कूल में हुआ। स्कूल में दलबीर का शानदार परफॉर्मेंस रहा। 1970 में दलबीर को नैशनल डिफेंस अकैडमी की परीक्षा निकालने में कामयाबी मिली।’ राम फल सिंह के दलबीर सिंह छोटे बेटे हैं। दलबीर सिंह के दोनों जीजा भी आर्मी में सीनियर रैंक के ऑफिसर हैं।

शुरू में बेटे दलबीर पर पूर्व सेना चीफ वीके सिंह की आपत्ति से राम फल सिंह आहत थे, लेकिन अब उन्हें भरोसा है कि उनका बेटा अपने स्टैंड पर ईमानदारी के साथ खड़ा है। दलबीर की मां ईशरी कहती हैं कि उनके बेटे के लिए यह सब इतना आसान नहीं था, लेकिन अब सबकुछ सच होते हुए दिख रहा है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि श्रीलंका में 1987 से 1990 के बीच दलबीर ने ऑपरेशन पवन में शानदार बहादुरी का परिचय दिया था। परिवार वाले ऐसा महसूस कर रहे हैं कि इस बहादुरी का अवॉर्ड दलबीर को अब मिल रहा है।

ईशरी देवी याद करते हुए बताती हैं, ‘दलबीर को चुरमा और घर के देसी घी में बने सामान बेहद प्रिय थे। दलबीर के लिए शुद्ध दूध के लिए घर में भैंस भी पाली गई थी। जब दलबीर सिंह के फिटनेस के बारे में पूछा गया तो उनके पिता ने कहा कि हम लोग उसे दूध पिलाने पर खूब जोर देते थे। चुरमा भी वह खूब खाता था।’

उन्होंने कहा, ‘ऐसे में गांव के लोगों से भला और कौन मजबूत हो सकता है?’ पिता ने कहा कि दलबीर की पोस्टिंग कई राज्यों में होती रही लेकिन हम लोग उसे देसी घी हर जगह भेजते रहे। दलबीर सिंह की फिटनेस की चर्चा आम बात है। वह यंग ऑफिसर की तरह दिखते हैं। सूत्रों के मुताबिक दलबीर के फिटनेस फंडा में हर दिन 10 किलोमीटर पैदल चलना भी शामिल है।