मतगणना के लिए तैयारी हुई तेज

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फर्रुखाबाद: आगामी 23 मई को जिले को अपना नया सांसद मिलेगा| जिसके लिए जिला व पुलिस प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है|
नगर के सातनपुर गल्ला मंडी में ईबीएम आदि की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस एवं सीआरपीएफ के जबान तैनात किये गये है| अब मतगणना को केबल मात्र 6 दिन ही शेष है| जिला प्रशासन मतगणना सुचारू रूप से कराने की तैयारी में लग गया है|  बेरिकेटिंग लगा दी है| बेरिकेटिंग के साथ ही अलग-अलग व्लाक भी बनाये जा रहे है|
पुलिस अधीक्षक डॉ0 अनिल कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को ईबीएम की सुरक्षा व्यवस्था देखी| इसके साथ ही साथ आवश्यक दिशा निर्देश दिये| उन्होंने कहा किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश होने नही दिया जायेगा| जिससे ईबीएम की सुरक्षा पर कोई सबाल खड़े हों| सुरक्षा के लिहाज से कोई लापरवाही बर्दास्त नही की जायेगी|

यूपी में मुस्लिम वोट बंटना अच्छा संकेत नहीं: सलमान खुर्शीद

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लखनऊ:  लोकसभा चुनाव 2019 में पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद एक बार फिर फर्रुखाबाद से मैदान में हैं। अब उनको 23 मई का इंतजार है। वह इस बार चुनाव में मुस्लिम वोट बंटने से काफी आहत भी हैं। 2014 में सलमान खुर्शीद चौथे स्थान पर थे। कांग्रेस ने फिर उनके ऊपर भरोसा जताकर फर्रुखाबाद से मैदान में उतारा है।
मनमोहन सिंह से पहले राजीव गांधी सरकार में भी मंत्री रहे सलमान खुर्शीद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब तक हुए मतदान में मुस्लिम वोट बंट गए हैं। यह बेहद दुखद मामला है। उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों ने बिहार की तरह वोटिंग नहीं की है। वहां मुसलमानों ने राष्ट्रीय पार्टी को वोट दिया है। सलमान खुर्शीद ने कहा मुस्लिम मतदाता कई जगहों पर असमंजस की स्थिति में थे। यह खराब बात है। यह संसदीय चुनाव है और मुस्लिम का भविष्य पूरी तरह से कांग्रेस या राष्ट्रीय दल के साथ है तो उनका वोट बंटना एक अच्छा विचार नहीं है। उन्होंने कहा, लेकिन आप मतदाताओं पर आरोप नहीं लगा सकते। मतदाता अपने स्थानीय मुद्दे और अन्य चीजों को लेकर चिंतित हैं।
पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरन अब तक की वोटिंग में मुस्लिम वोटों में सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस के बीच बंटवारा हो गया है। खुर्शीद ने कहा कि मुस्लिम समुदाय ने इस फैले हुए राज्य में रणनीति बनाकर वोट नहीं डाला है, जैसा कि इसने 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में किया था और कई जगहों पर वोट बंटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम वोट बिखरे हैं। कई जगहों पर यह कांग्रेस को मिला है।कुछ जगहों पर गठबंधन और कांग्रेस के बीच बंट गया है। कुछ जगहों पर मजबूती के साथ गठबंधन को मिला है, लेकिन मुस्लिमों ने उस तरह से वोट नहीं किया है जैसा उन्होंने पिछली बार बिहार में किया था। बिहार में रणनीति बनाकर वोट दिया गया था, वहां खंडित वोट नहीं दिए गए थे। सलमान खुर्शीद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यकों को वोट बंटना एक दुखद प्रकरण है।
सलमान खुर्शीद ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार के दौरान बहस के मुद्दे को बदल रहे हैं, क्योंकि वह जानते हैं कि हार रहे हैं और हताश हैं। आप उनके पिछले चुनाव प्रचार से इस चुनाव प्रचार की तुलना कर सकते हैं। पिछले चुनाव प्रचार पर उनका नियंत्रण था, लेकिन इस बार उनका नियंत्रण नहीं है। उन्होंने चुनाव के दौरान मुद्दों पर बात करते हुए कहा कि जब तक हम अपना चुनाव लड़ रहे हैं, केवल मुख्य मुद्दे ही हमारे सामने हैं। इसके बाद के चरणों में, मोदी अति पर पहुंच गए थे, एक या दो चीजें होती हैं, लेकिन हम उस पर टिके रहे जो हम कर रहे थे। मुझे लगता है हम अपने रणनीति के हिसाब से आगे बढ़े।
सलमान खुर्शीद ने सैम पित्रोदा और मणिशंकर अय्यर के विवादास्पद बयान पर कहा कि मीडिया ने इसे उछाल दिया और पार्टी के पास सिवाय स्टैंड लेने के कोई उपाय नहीं बचा। सच कहूं तो यह गैर-मुद्दे हैं। ये ऐसे मामले हैं जो पहले हो चुके हैं। इन सब मुद्दों पर कांग्रेस का क्या पक्ष है इसको भी भली-भांति जानते हैं।

फन कब फाइट में बदल जाए ये चुनाव है

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Posted on : 15-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, लोकसभा चुनाव 2019

डेस्क: क्रिकेट का सीजन जैसे ही शुरू होता है देश में एक्सपर्ट राय देने वालों की संख्या में कमी नहीं होती। ये लोग बैटिंग और बॉलिंग पर तो अपनी राय देते ही हैं, साथ ही मैदान और पिच पर भी अपना कमेंट देने से नहीं चुकते। ऐसा लगता है जैसे इन्होंने वानखेड़े और ईडन गार्डन्स जैसे स्टेडिमय में घंटों पसीने बहाए हैं। हालांकि युवा क्रिकेट पर ही अपनी बेशकीमती राय देते हैं, लेकिन जब बात राजनीति की पिच की हो रही हो, तो वहां हर कोई सूरमा बन जाता है। यहां तो वह पति भी जो अपनी बीवी के सामने भीगी बिल्ली बनकर रहता है, हुंकार भरने लगता है। तब पत्नी को भी लगता है कि चुनावी मौसम है आचार संहिता उल्लंघन करने की जरूरत नहीं है।
वैसे चुनावी मैदान में कॉलोनी की वह आंटी भी उतर आती हैं, जिन्हें आटा, दाल, चावल और नून-तेल से हटकर सोचने की फूरसत नहीं है। उनके लिए तो घरेलू चीजें ही राष्ट्रीय मुद्दा है और इसी के आधार पर वो वोट भी देती हैं। ऐसे समय में दादा-दादी और नाना-नानी भी पीछे नहीं रहते। उनके मुंह में भले ही दांत न हो, लेकिन पसंदीदा नेता के बारे में बात करने से नहीं चुकते।
चुनाव की बात हो रही है तो ऐसे समय में दो दोस्तों के बीच हंसी-मजाक की बातें कभी-कभी सीरियस भी हो जाती है। ऐसा लगता है नेता नहीं, दो दोस्त एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में खड़े हैं। पहले तो ये दोस्त एक साथ बैठकर एप पर जाकर चुनाव पर फनी वीडियो का मजा लेते हैं, नेताओं के भाषणों पर हंसते हैं और फिर कब इनका फन, फाइट में बदल जाता है पता ही नहीं चलता। फिर क्या जब तक चुनाव खत्म नहीं हो जाता, दोनों के बीच शीत युद्ध चलता है।
उधर ऑफिस की मीटिंग में भी कुछ इसी तरह का नजारा रहता है। सब लोग सोचते हैं कि कैबिन में बैठकर एक सीनियर बॉस अपने जूनियर के साथ टारगेट और अचीवमेंट की बात कर रहा है, लेकिन बाद में पता चलता है कि अपनी-अपनी राजनीतिक पार्टी को लेकर दोनों के बीच गहमागहमी हो रही है। ऐसी स्थिति में अपने बॉस की बात मान लेनी चाहिए, नहीं तो चुनाव का रिजल्ट भले ही कुछ हो, आपका रिजल्ट जरूर खराब हो जाएगा।
मजा तो तब आता है जब ट्रेन में तीन-चार बेरोजगार सरकार की नीतियों की धज्जियां उड़ा रहे होते हैं और ऐसी चर्चा में अगर कोई सरकारी कर्मचारी धमक पड़े और सरकार की तारीफ करने लगे, तो उसकी खैर नहीं। फिर तो मारपीट को छोड़कर उसके साथ वह सबकुछ किया जाता है, जिसकी उम्मीद उसने नहीं की थी। वह आगे जाकर इस तरह की चर्चाओं में भाग न लेने की कसमें भी खाने लगता है।
वैसे चुनाव के समय उन बच्चों को राहत जरूर मिलती है, जिनके पापा डायनिंग टेबल पर हमेशा मैथ, साइंस और इंग्लिश का रिपोर्ट कार्ड लेकर बैठ जाते हैं और टेबल से ही बच्चे के भविष्य का मुल्यांकन करने लगते हैं। चुनाव के समय टीवी पर चलने वाले गरमा-गरम बहस में वह उलझे रहते हैं, तब वह बच्चे की गणित को छोड़ चुनावी गणित के बारे में बात करते हैं।
यह भारत के लोकतंत्र की खूबसूरती है, जहां हर किसी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। चुनाव एक ऐसा समय होता है, जहां समाज का हर वर्ग अपने अधिकार को लेकर सक्रिय हो जाता है और अपने हिसाब से स्थिति की समीक्षा कर अपना किमती वोट देता है।

मतगणना की घड़ी अब नजदीक, प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ीं

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फर्रुखाबाद: लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचने का सपना संजोये  प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होने की घड़ी नजदीक आती जा रही है। इसी के साथ इनके दिल की धड़कन भी बढ़ने लगी है। कौन जीतेगा और कौन हारेगा, इसको लेकर कयास लगने लगे हैं। प्रत्याशी और उनके समर्थक सुबह से शाम तक यही गुणा-भाग लगाने में जुटे हैं कि किसको कहां से कितना वोट मिलेगा। मजे की बात तो यह है कि सभी अपनी-अपनी जीत पक्की बता रहे हैं। साथ ही इसके लिए पर्याप्त तर्क देते हुए जीत की दावेदारी कर रहे हैं।
सातनपुर गल्ला मंडी में 23 मई को सुबह से मतगणना शुरू होगी यानी मतों की गिनती होने में सिर्फ 9 रोज बचे हैं। मतगणना की तारीख नजदीक आने के साथ चुनावी रणभूमि में हर दांव पेंच अपनाने वाले प्रत्याशियों की बेचैनी भी बढ़ने लगी है। कमोबेश सभी प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ बैठकें कर जीत-हार के समीकरण पर विचार मंथन कर रहे हैं। साथ ही पूरा लेखाजोखा भी निकाल रहे हैं कि किस प्रत्याशी को कहां से कितना वोट मिला है।
जातीय समीकरण के आधार पर भी गुणा-भाग लगाया जा रहा है। तमाम कवायद के बीच हर प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहा है। साथ ही यह रूपरेखा बनाने में भी जुटे हैं कि चुनाव में जीत का सेहरा बांधने के बाद विकास कार्यों की गंगा कैसे बहानी है।

मेरी भी जाति बागी, गरीबी के खिलाफ की बगावत: मोदी

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बलिया:लोकसभा चुनाव 2019 में चक्रव्यूह के आखिरी द्वार को भेदने में सभी दल लग गए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज इस क्रम में बागी के नाम से विख्यात बलिया में भाजपा विजय संकल्प रैली को संबोधित किया। बलिया में 19 मई को मतदान होना है। यहां से भदोही के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त भाजपा के प्रत्याशी हैं। भाजपा ने सांसद भरत सिंह को इस बार प्रत्याशी नहीं बनाया है। पीएम नरेंद्र मोदी आज बलिया में बिल्कुल बागी हो गए। मंच से खुलकर बोले और जनता को मोह लिया। बलिया के माल्देपुर मोड़ पर ग्राम हैबतपुर में विजय संकल्प रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी योजना भारत को सबसे शक्तिशाली देश बनाने की है। हम इस पर काफी हद तक सफल भी रहे हैं। हमको अब तो रोकने का काम तेज हो गया है। अवसरवादी तथा महामिलावटी एक होकर विरोध में लगे हैं, लेकिन मुझे तो जनता का सहयोग है। मैं इनके प्रयास को बेकार कर दूंगा। उन्होंने कहा कि मैं तो मां, बहनों और बेटियों के सम्मान में खड़ा हूं।महामिलावटी लोग जनता के फैसले का कैसे जवाब देंगे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा मैं गरीब के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए खड़ा हूं। मैं समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त करने के लिए जुटा हूं। अब देखना है कि यह सब महामिलावटी लोग जनता के फैसले का कैसे जवाब देंगे। पीएम मोदी ने कहा कि महामिलावट वाले सपा हो, बसपा हो, कांग्रेस हो, यह सब मोदी को गाली देने में जुटे हैं। ऐसा कोई दिन नहीं है, जब मोदी के लिए इनके मुंह से गाली नहीं निकलती है। हम भी इनकी गाली सुनकर काफी मन से तेजी से काम करने लगते हैं। हमको किसी की बुराई नहीं करनी है, हमको तो देश का विकास करना है।
पीएम ने कहा कि बागी बलिया उज्ज्वला योजना से धुएं से मुक्त हुआ है। उसके इसी समर्थन का परिणाम है महामिलावट वाले यह सारे मोदी को गाली देने में जुट गए हैं। ऐसा कोई दिन नहीं जब मोदी के लिए उनके मुंह से गाली न निकले। छह चरणों की बौखलाहट है, हार की हताशा साफ दिख रही है। मैं इनकी गालियों को उपहार मानता हूं। इनकी गालियों का जवाब मोदी नहीं यह जनता जनार्दन देगी। मैं तो मां, बहन-बेटियों के सम्मान में खड़ा हूं। समाज के आखिरी पंक्ति में जो खड़ा है उसके लिए हूं। महामिलावटी पूछ रहे हैं कि मोदी की जाति क्या है। साथियों बुआ-बबुआ दोनों मिलकर जितने साल मुख्यमंत्री नहीं रहे उससे ज्यादा समय मैं गुजरात का सीएम रहा हूं। अनेक चुनाव लड़े- लडाए हैं, लेकिन कभी अपनी जाति का सहारा नहीं लिया।
देश को अगड़ा बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं पैदा भले अति पिछड़ी जाति में हुआ, लेकिन दुनिया में देश को अगड़ा बनाने का लक्ष्य है। मेरे दिमाग में जाति का भेदभाव नहीं है। जनता को लाभ जाति पूछकर नहीं दिया। इसलिए वोट भी जाति के नाम पर नहीं मांग रहा हूं। मुझे देश के लिए जीना है वोट भी देश के लिए मांगता हूं। मेरे दिल की आवाज है आपसे कहना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि जय प्रकाश नारायण की धरती से कहना चाहता हूं कि आपकी संतान आपकी तरह पिछड़ी जिंदगी न जिए। आपकी संतानों को विरासत में पिछड़ापन न मिले।
आपके बच्चों को विरासत में गरीबी न मिले। आपका आशीर्वाद चाहिए। आप सोच रहे होंगे मोदी यह काम कैसे कर पाएगा। इतने प्रधानमंत्री आए नहीं कर पाए, मोदी कैसे करेगा। मैं इसलिए कर पाऊंगा, क्योंकि आपके बीच से निकल कार आया हूं। जो दर्द आज आप सह रहे हैं, वह मैने सहा है। मैं अपना पिछड़ापन अपनी गरीबी नहीं, आपके लिए जीता हूं। आपके लिए जूझता हूं इसलिए विश्वास है परिस्थिति बदल दूंगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विरोधियों ने सत्ता के नाम पर धोखा दिया है, लूटा है, आप जानते हैं। जाति के नाम पर अपने और रिश्तेदारों के लिए बंगले, महल बनाए और बेनामी संपत्ति का अंबार लगाया है। एजेंसियां जांच कर रही हैं। पानी पीकर गालियां देने वाले आज महामिलावट करने पर मजबूर हैं। रात को देखा कि सपा-बसपा के कार्यकर्ता एक-दूसरे का सिर फोड़ रहे थे। अभी तो चुनाव बाकी है हिसाब चुकता करना शुरू कर दिया है।
गरीबी से लड़ते-लड़ते मोदी भी बागी
पीएम मोदी ने कहा कि बलिया जिस प्रकार गुलामी के खिलाफ बागी हुआ यह मोदी भी गरीबी से लड़ते-लड़ते बागी हो गया। मेरी भी जाति बागी है और गरीबी के खिलाफ बगावत की है। पीएम मोदी ने कहा कि बचपन में मैंने मां को धुएं से जूझते देखा है। टपकती छत के कारण लोगों को रात में जागते देखा है, गरीबी के कारण खेत बिकते देखा है, ढिबरी में पढ़ाई कितनी मुश्किल होती है देखा है। इन्हीं वजहों ने मुझे गरीबी के खिलाफ बगावत करना सिखाया है।
इसी गरीबी को दूर करना है। प्रेरणा से गैस, बिजली, शौचालय जैसी योजना मिल रही है। 2022 तक हर गरीब के पास अपना पक्का घर होगा। चौकीदार है तो हर किसी को पक्का घर देकर ही सांस लेने वाला है। इसी प्रेरणा से गरीब से गरीब को पांच लाख तक मुफ्त इलाज मिल रहा है। यही प्रेरणा है कि छोटे किसानों के खाते में सीधे पैसे जमा किए जा रहे हैं। 23 मई के बाद हर किसी को यह लाभ मिलेगा। गरीबों को पेंशन मिले यह योजना चौकीदार बनाएगा। सामान्य वर्ग के गरीबों को दस फीसद का आरक्षण दिया गया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया।
मैं मेरा पिछड़ापन, मेरी गरीबी दूर करने नहीं, आपके लिए जीता हूं, आपके लिए जूझता हूं। इसी कारण मुझे विश्वास है कि इस परिस्थिति को बदलने में हम सफल होंगे। पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही इस दयनीय स्थिति को मुझे बदलना है। मैं नहीं चाहता कि आपकी संतान भी, आपकी तरह पिछड़ी हुई जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो। मैं नहीं चाहता कि आपकी संतानों को विरासत में पिछड़ापन मिले। मैं नहीं चाहता कि आपके बच्चों को विरासत में गरीबी मिले। मैं पैदा भले ही अति पिछड़ी जाति में हुआ हूं, लेकिन मेरा लक्ष्य पूरे देश को दुनिया में अगड़ा बनाने का है।
महामिलावट वालों को खुली चुनौती
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- मैं महामिलावट वालों को खुली चुनौती देता हूं कि गाली-गलौच करने के बजाय मैदान में आओ। मैं खुली चुनौती देता हूं – मैंने कोई बेनामी संपत्ति या फार्म हाउस या शापिंग मॉल न बनवाया, न विदेश में संपत्ति जमा की। मेरे पास गाड़ी भी नहीं है। मैंने बंगले नहीं बनवाए। मैंने न अमीरी के सपने देखे और न ही गरीब के पैसे लूटने का पाप किया। हमारे लिए गरीब का कल्याण और मातृभूमि की रक्षा जिंदगी में सर्वोपरि है। आज तो पाकिस्तान और आतंकियों की सारी हेकड़ी हवा हो गई है। आतंकी पाकिस्तान में घुसकर हथियारों की नुमाइश करते थे वो आज जमीन में घुसकर मोदी को हटाने की दुआ करते हैं। नींद हराम हो गई है, उनको लगता है भारत के सपूत आ धमकेंगे। आपके आशीर्वाद से देश के सपूतों को खुली छूट है। पहले सर्जिकल स्ट्राइक फिर एयर स्ट्राइक की। आज आतंक की लडाई सीमा पार लेकर गए हैं। सपा-बसपा और कांग्रेस को आपने आतंक या राष्ट्र रक्षा पर बोलते सुना है क्या। वो सपूतों के शौर्य पर सवाल उठाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी कहा जो लोग गली के गुंडों पर लगाम नहीं लगा पाए वो आतंकवाद पर क्या लगाम लगाएंगे। पूरी दुनिया जिससे परेशान है उससे निपटने के लिए दिल्ली में हिम्मत के साथ देश के लिए फैसले लेने वाली सरकार चाहिए। सबका साथ सबका विकास हमारा मंत्र है सबको सुरक्षा और सम्मान हमारा प्रण है। इसी पर चलते हुए पूर्वांचल और पूर्वी भारत के विकास पर जोर दिया है। आज यहां ट्रेनों की आवाजाही बढी है, सडक बनी है। कनेक्टिविटी बढी है। हमारी सरकार ने मोबाइल कनेक्टिविटी पर जोर दिया है। फोन आज घर-घर पहुंचा है। भोजपुरी सिनेमा को लाभ मिला है। हमने 4 जी गरीब तक पहुंचाया है। मेक इन इंडिया होने से फोन सस्ता हुआ है। सरकार की नीति से दुनिया में इंटरनेट सबसे सस्ता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा-पीएम ने जाति देखकर विकास नहीं किया
सीएम योगी आदित्यनाथ से इससे पहले बलिया में पीएम मोदी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने जाति देख कर विकास नहीं किया। सभी गरीब पिछड़ों को बिना भेदभाव किए विकास की योजनाओं से जोड़ा लेकिन फिर आज मोदी जी की जाति की बात हो रही है। उन्होंने कहा कि बलिया अब पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से जुडऩे वाला है, अब विश्वविद्यालय भी बनने जा रहा है। यह सब भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है।
भाजपा ने यहां से भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भदोही से सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, जबकि गठबंधन से समाजवादी पार्टी के सनातन पाण्डेय उम्मीदवार हैं। एसपी-बीएसपी गठबंधन ने समाजवाद की जड़ें मजबूत करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के कुनबे से अलग पूर्व विधायक सनातन पांडेय पर दांव चलकर लोगों को चौंकाया है।कांग्रेस ने यह सीट अपने सहयोगी दल जन अधिकार पार्टी को दी थी, लेकिन उसके प्रत्याशी अमरजीत यादव का पर्चा खारिज हो गया। अब यहां महागठबंधन और बीजेपी में सीधा मुकाबला है।
मोदी की जनसभा में उमड़ा जनसैलाब
माल्देपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली में लोगों का हुजूम आने का सिलसिला शुरू हो गया है। नारेबाजी करते हुए समर्थक हाथों में झंडा व कंधे पर भगवा गमछा सर पर ‘मैं भी हूं चौकीदार’ की टोपी पहने  सभास्थल की तरफ जा रहे हैं। सुरक्षा-व्यवस्था में भारी मात्रा में फोर्स तैनात किए गए हैं। 15 मेटल स्कैनर द्वार से चेकिंग के बाद सभास्थल पर लोग पहुंच रहे हैं। कार्यकर्ता मैं भी चौकीदार हूं कि टोपी व मोदी का मुखौटा का वितरण कर रहे हैं।मोदी समर्थक देश के कोने-कोने से पहुंच रहे हैं।
भारत के आठवें प्रधानमंत्री चंद्रशेखर बलिया लोकसभा सीट से सांसद रहे थे। इस क्षेत्र में विधानसभा की पांच सीटें आती हैं, जिनमें जहूराबाद, बैरिया, फेफना, बलिया नगर और मोहम्मदाबाद शामिल हैं। बलिया सीट पर पहली बार 1952 में चुनाव हुआ था। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मुरली मनोहर ने जीत हासिल की थी। वहीं, 1957 में कांग्रेस के राधा मोहन सिंह, 1962 में कांग्रेस के मुरली मनोहर और 1967-1971 में कांग्रेस के चंद्रिका प्रसाद ने दो बार जीत हासिल की थी। आखिरी बार इस सीट से कांग्रेस ने 1984 में चुनाव जीता था।दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने कुल आठ बार (1977-2004) जीत हासिल की। चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर भी इस निर्वाचन क्षेत्र से दो बार 2007-2009 में सांसद रह चुके हैं।