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नगर की गंदगी और विकास की अनदेखी के लिए अध्यक्ष और सभासद दोनों जिम्मेदार

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Posted on : 11-06-2012 | By : पंकज दीक्षित | In : NAGAR PALIKA, PALIKA CHUNAV, नगर परिक्रमा

फर्रुखाबाद: नगर निकाय चुनाव में सभासद और अध्यक्ष दोनों जनता के प्रतिनिधि होते है| नगरपालिका की गतिविधिओ, योजना और कारवाही पर दोनों की निगाह होती है और जिम्मेदारी भी| अगर किसी वार्ड/मोहल्ले में विकास नहीं हुआ या घटिया काम हुआ तो उसके लिए सभासद और अध्यक्ष दोनों जिम्मेदार होते है| जनता इन्हें अपना सबसे कीमती वोट देकर प्रतिनिधि बनाती है| तो इन्हें भी जनता की भावनाओ और उनकी जरूरतों के मुताबिक योजना नगरपालिका पहचानी चाहिए| अगर वार्ड या मोहल्ले में ठेकेदार घटिया निर्माण कार्य करके काम पूरा कर रहा है तो इसका साफ़ मतलब है कि ठेकेदार ने कमीशन अध्यक्ष के साथ सभासद को भी दिया है| ऐसे ठेकेदारों के समर्थित, नगरपालिका के दायित्वों को ईमानदारी से पूरा न कर पाने वाले अध्यक्षों और सभासदों को सबक सिखाने का मौका अब जनता के हाथ है| जनता को चाहिए कि इनसे हिसाब मांगे| जात बिरादरी से ऊपर उठकर सोचे और फिर वोट करे|

शुक्रवार को मनोज अग्रवाल वार्ड संख्या 6 के कछियाना मोहल्ले में वोट मांगने पहुचे| वहां के वाशिंदों ने, खासकर महिलाओं ने जमकर मनोज को लताड़ा| इस वार्ड के सभासद अशोक वर्मा है तो इस सीट को अपनी पुस्तैनी बताते है| अशोक वर्मा कहाँ विकास कराते रहे? अब अशोक वर्मा मनोज अग्रवाल दोनों एक साथ गुट बनाकर चुनाव लड़ रहे हैं| वहां की जनता को चाहिए कि दोनों से हिसाब करे| जैसा बोया वैसा फल उन्हें दे|

नगर के निवर्तमान अध्यक्ष मनोज अग्रवाल को भी यही भ्रम है कि बहन जी वाला दलित वोट जायेगा कहाँ? इसके यहाँ काम कराओ या नहीं कोई फरक नहीं पड़ता| दलित बस्तिओ में जो विकास हुए उसमे मनोज या बसपा सरकार का कोई योगदान नहीं था ये बात कम ही लोग जानते है| केंद्र सरकार की मलिन बस्ती सुधार योजना का पैसा आया और उससे काम हुए| मनोज ने अपनी विधायक निधि से कोई सड़क इन दलित या पिछड़ी जात की बस्तिओ में नहीं बनबाई|
एक नजर इस बस्ती के विकास पर-

नगरपालिका के चीरहरण के लिए संघर्ष करते जनसेवक-3

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Posted on : 28-05-2012 | By : पंकज दीक्षित | In : FEATURED, NAGAR PALIKA, PALIKA CHUNAV, नगर परिक्रमा

अंग्रेजो ने नवाब के किले को ढहाकर उसके ऊपर ही नगर में टाउन हाल बनवा दिया ताकि ये स्थान सबसे ऊँचा रहे और अंग्रेज हर हिन्दुस्तानी पर निगाह रख सके| ये बात सन 1858 की है जब पूरे भारत में स्वतंत्रता आन्दोलन की आग लगी हुई थी| अंग्रेज सेना हर उस स्थान पर कब्ज़ा करना चाहते थे तो हिन्दुस्तानियो की आन बान शान बढाती हो| बात नगर के टाउन हाल की है जहाँ वर्तमान में नगरपालिका का कार्यालय है, उसी अंग्रेजो के ज़माने की बनायीं बिल्डिंग में आज भी पालिका का मजबूरी वश दरबार साल में बजट पास कराने के नाटक में लगता है| बिना बहस और जनता में अजेंडा सार्वजनिक किये 5 मिनट में 72 प्रस्ताव पास करने वाली बैठक को नाटक से ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता| सारे बजट की कारवाही पालिका अध्यक्ष के घर पर तैयार होती है इसमें क्या मनोज अग्रवाल और क्या दयमन्ती सिंह दोनों के दौर में कोई ज्यादा अंतर नहीं दिखा|

बात उस ऊँचे टीले की है जहाँ से पूरे नगर की तस्वीर दिखती है मगर नगरपालिका के प्रशासको और पालिका अध्यक्षों को इस ऊँचे स्थान पर बैठने के बाद भी या तो कुछ दिखता नहीं या फिर ये अंधे होने का नाटक करते रहे| पेश है धारावाहिक नगरपालिका के चीरहरण के लिए संघर्ष करते जनसेवक भाग 3-

सन 1868 में टाउन हाल के भवन का निर्माण शुरू हुआ| तब अंग्रेजो का कब्ज़ा था उसके बाद अंग्रेजी हकूमत में ही 1936 में मुनिसिपल बोर्ड बना| वर्ष 1946 /47 में इसे नगरपालिका का दर्जा मिला और पहले अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने का पहला सौभाग्य असगर अली खान को मिला उसके उनके साहबजादे अमजद अली खान भी गद्दीनशी हुए| फर्रुखाबाद की नगरपालिका में अध्यक्षी कार्यकाल को दो भागो में बाटा जा सकता है| एक कार्यकाल 1946 से 1971 तक तथा दूसरा दौर वर्ष 1989 से आज तक का| पालिका के कार्यकाल को दो दौर में बाटने के पीछे मकसद ये है कि वर्ष 1971 से वर्ष 1988 तक पालिका में कोई चुनाव नहीं हुए और इस दौर में 18 साल तक प्रशासक पालिका की सत्ता सम्भालते रहे| पहले दौर में पालिका अध्यक्षों की कुर्सियों पर मुरारी लाल तिवारी, डॉ रवीश दत्त शर्मा, डॉ राम लाल वर्मा, डॉ वी एन सरीन आदि जनसेवक बैठे| दूसरे दौर में सत्यमोहन पाण्डेय, फुरफुर मियां, दयमन्ती सिंह और मनोज अग्रवाल बैठे| खास बात ये कि दयमन्ती सिंह के कार्यकाल से ही जनता को अध्यक्ष चुनने का अधिकार मिला उससे पहले सभासद ही अध्यक्ष को चुनते थे|

पढ़े लिखे अध्यक्षों ने भी भ्रष्टाचार और घोटालो के आलावा फर्रुखाबाद की नगरपालिका में कोई एतिहासिक बदलाव नहीं किया| जब नए जमाने में सब कुछ कंप्यूटर पर होने जा रहा है नगरपालिका में अभी भी मुंशी मुढ़िया (कहावत) लिख रहे है| पेश है कुछ उदहारण-

*सन1971 के बाद नगरपालिका की गलियों में प्रकाश व्यवस्था विद्युत से हो गयी, उसके पहले गलिओं में प्रकाश लैम्प पोस्ट से होता था| उन लैम्प पोस्ट को जलाने के लिए नगपलिका में लैम्प लाईटर (अंग्रेजी हकुमत के जमाने का नाम) का पद हुआ करता था| ये लैम्प लाईटर गली गली घूम घूम कर लैम्प पोस्ट पर लगी लालटेनो में नियमित तेल डाल कर उन्हें जलाते और सुबह होने पर बुझाते थे| 1971 में लैम्प पोस्ट बंद हो गए और खम्भों पर बिजली के बल्ब टिमटिमाने लगे| मगर 40 साल के बाद भी आज भी नगरपालिका में लैम्प लाईटर का पद जिन्दा है| जमाना कहाँ से कहाँ चला गया है अब जबकि देश की अधिकांश नगपलिकाओं में स्ट्रीट लाइट सोलर स्विच से जलती बुझती है फर्रुखाबाद में आज भी कई दर्जन लैम्प लाईटर के पद पर रुपया खर्च होता है| जो काम मात्र पचास हजार के चार सोलर स्विच लगाकर चल सकता है उसके लिए फर्रुखाबाद की नगरपालिका लाखो रुपये कहाँ और कैसे खर्च करती है इसका कोई जबाब कम से कम आसानी से नहीं मिल सकता| राजाबाबू को शायद ही कोई जागरूक नागरिक नहीं जानता हो| ज्यादातर लोग इनके मशहूर होने के पीछे नगरपालिका के अधिकासी कुर्सी पर बैठने और उतरने से रूबरू होंगे, वास्तव में राजाबाबू ही इस नगर के प्रकाश अधीक्षक है| किसी गली में अँधेरा हो तो इनका मोबाइल नंबर खोज कर बात कर लीजियेगा, हो सकता है आपकी गली में उजाला हो जाए| वैसे उजाला तो पहले नाले पर होता था आजकल चौक पर हो रहा है, निकट भविष्य में ये उजाला कहाँ होगा अगले दो तीन महीने में पता चल जायेगा|

*इसी तरह पूरे प्रदेश में चुंगी समाप्त हुए लगभग 20 साल हो गए है मगर आज भी चुंगी मुहर्रिर पद जिन्दा है, ये और बात है कि इस पद पर कोई नई भरती नहीं हुई है|

*पहले नगरपालिका क्षेत्र में मोहल्लो के नुक्कड़ पर मोहल्ले के नाम वाले पत्थर लगाये जाते थे ताकि कोई बाहरी रिश्तेदार, कोई अजनबी, पोस्टमेन वगैरह को मोहल्ला और घर पता करने में दिक्कत न हो| दयमन्ती सिंह के दो कार्यकाल और मनोज अग्रवाल के कार्यकाल में पत्थर तो लगे वो भी कीमती ग्रेनाईट के मगर उन पर मोहल्लो के नाम खोज लेना बढ़ी बात होगी| अगर मोहल्लो के नाम लिखे भी होंगे तो नेता जी के बड़े अक्षरों में लिखे नाम के आगे मोहल्ले का नाम कद्दू के नीचे छिपे अंगूर सा लगता है| जब कभी अखबारों में माला पहने इन नेताओ की उदघाटन की फोटो छपे साथ में छपी पत्थर की फोटो देख लेना लिखा होगा- “रामसागर के घर से दीनानाथ तक नाली कार्य” उदघाटन करता “फलां माननीय” अधिकाशी अधिकारी- फलां, ठेकेदार- फलां और कभी कभी जिलाधिकारी का भी नाम मिल जायेगा|

अलबत्ता इनमे से माननीयो नाम वाले कई पत्थर तो टूट कर नाली में लटक गए है जिसकी आड़ लेकर विषम परिस्थियो में फसा आदमी अपना प्रेसर जरूर कम कर लेता है क्यूंकि नगर में कहीं भी सार्वजनिक पेशाव घर तो दिखाई नहीं पड़ते हैं||

पाठको से अनुरोध है कि अगर आपके पास भी है कोई पालिका से सम्बन्धित जानकारी तो जेएनआई के माध्यम से उसे प्रकाश में जरुर लाये|
पढ़ते रहिये- नगरपालिका के चीरहरण के लिए संघर्ष करते जनसेवक- क्रमश: जारी

कौन बनेगा चेयरमेन: रजनी सरीन को आज भी है फर्रुखाबाद की जनता पर भरोसा

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Posted on : 21-05-2012 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS, NAGAR PALIKA, PALIKA CHUNAV, नगर परिक्रमा

फर्रुखाबाद: नगर निकाय चुनाव के घोषणा की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है| फर्रुखाबाद नगरपालिका के अध्यक्ष पद की कुर्सी के संभावित दावेदार रात दिन रणनीति बैठाने में लग चुके हैं| हर प्रत्याशी अपने पत्ते बंद कर दूसरे की चाल समझना चाहता है| 15 दिन पहले मैदान में उतरने का ऐलान करने वाले कई सम्भावित प्रत्याशी अब मैदान से बाहर बैठ राजनैतिक अखाड़े की कुश्ती देखने का मन बना चुके है| इसी बीच कुछ नए योद्धा सम्भावनाओ की तलाश में लग चुके है| ऐसे में डॉ रजनी सरीन का पालिका चुनाव में नाम नजर आ जाना कोई चमत्कारिक घटना भले ही न हो, मगर पालिका की अखरोट की कुर्सी पर नजर गडाए नेताओ में खलबली जरुर पैदा करने वाली है| अमेरिका में लम्बे प्रवास और भाजपा में निलंबन वापसी के बाद घर लौटी डॉ रजनी सरीन से जेएनआई ने जब फर्रुखाबाद के नगरपालिका चुनाव बाबत बात की, तो पुराने दो चुनाव की यादे ताजा कर एक नया सन्देश जनता में देते हुए बोली- ” मुझे फर्रुखाबाद की जनता पर आज भी पूरा भरोसा है, जनता चाहेगी तो चुनाव लडूंगी”|

पेश है बातचीत के अंश-
सवाल- नगर निकाय चुनाव में आपकी चुनाव लड़ने के बाबत क्या योजना है?
उत्तर- जनता चाहेगी तो जरुर लडूंगी| मेरा जीवन ही अब इस देश सेवा के लिए है| पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी हो चुकी है| अब तो फर्रुखाबाद की जनता ही मेरा परिवार है| और परिवार के लोग चाहेगे तो सेवा करने के लिए कुछ भी करूंगी| वैसे भी मेरे पास क्या कमी है| मैं तो फर्रुखाबाद की जनता की सेवा के लिए ही यहाँ टिकी हूँ| मुझे यहाँ की अवाम की हर पल चिंता रहती है वर्ना कब की बच्चो के साथ विदेश शिफ्ट गयी होती| इसलिए चुनाव लड़ना मेरे लिए इतना प्रमुख नहीं है, अपने लोगो की सेवा करते हुए बचा हुआ जीवन बीते अब तो बस यही तमन्ना है| और उसके लिए जनता ने इशारा किया तो जरुर चुनाव लडूंगी| अभी तो लम्बे प्रवास के बाद अमेरिका से लौटी हूँ| लोगो से बात करूंगी|

सवाल- क्या भाजपा से टिकेट मांगेगी?
उत्तर- कभी नहीं, पहले भी टिकेट नहीं माँगा था अब भी नहीं मांगूगी| पार्टी को लगेगा की मैं जीत सकती हूँ तो मुझे चुनाव खुद लड़ाएगी| इससे पहले पार्टी अपने फैसलों का परिणाम देख चुकी है| और मुझ पर तो पार्टी और जनता ने हमेशा ही भरोसा किया है| मुझे पहले भी जनता ने चुनाव लड़ाया था फिर लड़ाएगी| अमेरिका में भी मेरे पास फर्रुखाबाद की जनता और पार्टी के नेताओ ने फोन पर नगर निकाय चुनाव से सम्बन्धित बाते हुई है| रही बात पिछले चुनाव की तो कुछ लोग थे जो पार्टी में रहते हुए भी धोखेबाजी करते रहे| मगर मेरा मानना है कि अगर वो धोखेबाजी न की गयी होती तो चुनाव मैं जीत गयी थी|

सवाल- आपके भाजपा से निलंबन का क्या किस्सा है?
उत्तर- (हँसते हुए) कोई किस्सा नहीं भाई, कुछ लोगो की मनघडंत चाल कहे या कुटिलता समझ में नहीं आता| मैं तो 19 तारीख वोट पड़ने तक फर्रुखाबाद में थी| मुझसे कहा भी गया था कि एक महीने के लिए बाहर चली जाओ मगर मैं नहीं गयी| मैं चाहती थी कि मेजर चुनाव जीते और मैंने देर रात तक लोगो को भाजपा के लिए वोट डालने को प्रेरित भी किया| रही बात कालपी में अपने भाई के चुनाव प्रचार करने की तो मैं केवल एक दिन के लिए वहां गयी| भाजपा नेताओ ने दबाब डाला था कि अपने भाई को चुनाव में भाजपा के पक्ष में बैठने के लिए कहो| मै गयी भी, मगर बात न मानने पर मैं कालपी से नागेन्द्र जी के साथ वापस लौट कर लखनऊ चली गयी| बाद में जब मैंने भाजपा के बड़े नेताओ को सारी बात बताई तो उन्हें दुःख हुआ| ये सोची समझी रणनीति थी जिसमे तीन चार लोग शामिल थे|

सवाल- अंत में फिर वही सवाल- क्या नगरपालिका चुनाव लड़ेगी?
उत्तर- अगर जनता को लगता है मुझे चुनाव लड़ना चाहिए तो जरुर लडूगी|

साक्षात्कार- अध्यक्ष बनी तो नगरपालिका में हुए घोटाले की जाँच कराऊंगी- शशिप्रभा मिश्र

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Posted on : 30-04-2012 | By : पंकज दीक्षित | In : NAGAR PALIKA, PALIKA CHUNAV, Politics, नगर परिक्रमा

फर्रुखाबाद: नगरपालिका चुनाव का भले ही शंखनाद अभी नहीं हुआ है मगर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियो ने अपनी तैयारियो को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है| सीट महिला के लिए आरक्षित होते ही महिलाओ ने चौके चूल्हे से टाउन हाल तक का सफ़र तय करने का मन बना लिया है| जेएनआई आपको उन सबसे मिलवायेगा जो कुछ करना चाहती है सार्वजनिक जीवन में जनता के लिए| हम ये भी बताएँगे कि क्या सोचती है आज की नारी बदलती राजनीति पर| ये तय करना जनता के हाथ में है कि किसे नगरपालिका की सत्ता सौपनी है| क्यूंकि पांच साल तक आप अपना सर धुनते नजर आते हो हर समस्या के हल के लिए| अब मौका आपके हाथ है| चुनाव में किन किन मुद्दों को जनता में उठाया जायेगा| किस किस का समर्थन उन्हें मिलेगा| इन सब बातो का गुना भाग लगाना प्रत्याशियो ने शुरू कर दिया है| व्यापार मंडल पिछले दस सालो से सक्रिय व्यापारी संजीव मिश्र “बोबी” की धर्मपत्नी शशि नगरपालिका में अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बैठना चाहती है| पेश है युवा प्रत्याशी शशि प्रभा मिश्र से जेएनआई का साक्षात्कार-

सवाल 1- कुछ अपने बारे में बताइए?
उत्तर- (शशि प्रभा): मेरा बचपन कानपुर में बीता| पिताजी व्यापारी है और मां घरेलू महिला| हम दो बहने है| जिसमे बड़ी मैं हूँ| मेरा जन्म 28 दिसम्बर 1981 को हुआ| मैंने कानपुर के डी बी एस कालेज से समाजशास्त्र, इतिहास और हिंदी से बैचलर डिग्री प्राप्त की है|
सवाल 2- कानपुर से फर्रुखाबाद तक सफ़र के बारे में कुछ?
उत्तर- पिताजी ने मेरा विवाह यहाँ फर्रुखाबाद में संजीव मिश्र के साथ तय किया और मेरी शादी 26 नवम्बर 2002 को हो गयी| इसके बाद बड़े शहर से छोटे शहर का जीवन शुरू हुआ तो लगा कि यहाँ भी बहुत कुछ है मगर अभी भी शहर में पिछड़ापन है| पति व्यापार मंडल में युवा व्यापार मंडल के पदाधिकारी से लेकर जिलास्तर तक का पद सम्भालते रहे| उन्हें देख कर मुझे भी लगा कि मुझे भी जनता के बीच में जाकर उनकी समस्या हल करनी चाहिए| इसीलिए इस बार चूँकि महिला आरक्षण भी हो गया है तो मैं नगरपालिका चुनाव में लड़ने के लिए तैयार हो गयी| मेरी सास (सुधारानी मिश्र) भी ग्राम सभा जसमई की प्रधान है लिहाजा घर का माहौल तो कुछ कुछ राजनैतिक है ही|

सवाल 3- कुछ अपने परिवार और दिनचर्या के बारे में?
उत्तर- मेरी दो बेटिया और एक बेटा है| संयुक्त परिवार है| आज भी एक चूल्हा ही जलता है| बच्चो की परवरिश और देखभाल के बाद जो समय मिलता है उसमे अख़बार पढ़ना टीवी देखना और खासकर जे एन आई के समाचारों को इंटरनेट पर नियमित पढ़ना नहीं भूलती| कभी कभी लगता है कि नगर में कुछ भी सही नहीं है|
सवाल 4- चुनाव किस पार्टी से लड़ेंगी?
उत्तर- अभी तो कांग्रेस पार्टी से ही टिकेट मांगी है| और उम्मीद है मिलेगी भी| मेरे पति कांग्रेस में है और वे एक विधानसभा का चुनाव भी कांग्रेस के टिकेट पर लड़ चुके है|
सवाल 5- अगर कांग्रेस से टिकेट नहीं मिला तो?
उत्तर- तो भी चुनाव लड़ना बिलकुल तय है| टिकेट मिला तो भी और नहीं मिला तो भी| ये फैसला घर में हो चुका है|

सवाल 6- चुनाव में मुद्दे क्या क्या होंगे?
उत्तर- सबसे बड़ा मुद्दा तो भ्रष्टाचार और नगर नियोजन का है| नगर में पानी नहीं आता| अधिकांश घरो में पानी नहीं पहुचता| पाइप लाइन ध्वस्त पड़ी है| घपलो घोटालो के चलते पूर्व के पालिका अध्यक्षों ने नगर के नियोजन पर कोई ध्यान नहीं दिया| केवल नयी खरीद कर अधिक से अधिक पैसे बनाये| जबकि पुराणी चीजो को कबाड़ बना दिया| हर साल अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाना पड़ता है और व्यापारियो का नुकसान होता है| ठिलिया वालों या छोटे दुकानदारो के लिए कोई व्यवस्था आज तक नगरपालिका नहीं कर पाया| जबकि नगरपालिका के पास जमीन की कोई कमी नहीं है|
सवाल 7- अगर आप अध्यक्ष बनी तो क्या प्राथमिकताये होंगी?
उत्तर:- सबसे पहले नगर में छोटे व्यापारियो और ठिलिया वालो को स्थायी जगह उपलब्ध करा कर बाजार उपलब्ध करना| जल कल व्यवस्था को दुरुस्त करना क्यूंकि पानी सबसे आवश्यक चीज है जिसकी जरुरत सुबह उठने से लेकर सोने तक रहती है| जनता को क्लोरीन युक्त शुद्ध जल उपलब्ध कराऊंगी| नगर में अतिक्रमण हमेशा के लिए दूर हो ऐसी व्यवस्था लाने का प्रयास करूंगी| हर गली पक्की हो और साफ़ सफाई नियमित हो इसके लिए पूरा प्रयास करूंगी|

अंतिम सवाल 8- आपने कहा भ्रष्टाचार भी मुद्दा होगा इसका क्या मतलब है?
उत्तर- विकास अगर रुकता है और ख़राब होता है तो उसके पीछे भ्रष्टाचार होता है| नगरपालिका में गैर जरुरत की चीजे खरीद कर कबाड़ बनाना भ्रष्टाचार ही तो है| पिछले पंद्रह सालो में नगरपालिका फर्रुखाबाद में बहुत भ्रष्टाचार हुआ है| मै अगर कुर्सी पर बैठी तो एक एक फ़ाइल खुलवाकर जाँच कराऊंगी और जनता को उसका पैसा वापस दिलवाकर उन्हें जरुरी सुविधाए उपलब्ध कराऊंगी|

चर्चा का बाजार2- कौन बनेगा चेयरमेन

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Posted on : 27-04-2012 | By : पंकज दीक्षित | In : NAGAR PALIKA, PALIKA CHUNAV, Politics, नगर परिक्रमा

फर्रुखाबाद: शाम होते होते शादी बारात की रौनक बढ़ रही है| फर्रुखाबाद नगर पालिका के अध्यक्ष के लिए बनी अखरोट की कुर्सी पर बैठने के लिए ४ और नाम चर्चा में रहे| जे एन आई के खोजी नारद दिन भर कल के आठ के बाद नए नामो की तलाश में जेठ की दुपहरी में तो शांत रहा मगर शाम होते होते ब्याह बारात में जब घुसा तो चेहरे पर मुस्कान दौड़ गयी| झटपट कोने में गया फोन लगाया और दफ्तर में चिल्ला कर बोला चार नाम और मिल गए है जरा जल्दी से नोट कर लो| अलबत्ता ऐसे चिल्ला रहा था जैसे लुटे गए व्यापारी का खजाना मिल गया हो| ये रिपोर्टर भी कुछ न कुछ गुल खिलायेगा| 10 में से 8 दे देता है और कमबख्त 2 जरुर रख लेगा कल के लिए| रिपोर्टिंग के लिए पुलिस वालो के साथ रहते रहते कुछ न कुछ मार लेने की आदत ऐसी पड़ी की छूटने का नाम नहीं ले रही| अब कल दो नाम मालूम थे मगर नहीं बताये बोला आज ही सब बता देंगे तो अखबार वाले नक़ल कर लेंगे|

तो जो नए चार नाम बाहर आये तो है वकील संजीव परिया की पत्नी माला पारिया, कांग्रेस नेता संजीव मिश्र की पत्नी शशिप्रभा मिश्रा, कभी चेयरमेन रहे पुराने समाजवादी स्व किशनलाल गुप्ता की पुत्र बधू और राजीव गुप्ता कुक्की की धर्मपत्नी सोनाली गुप्ता और चौथा नाम अनुपम दुबे के घर से निकला| अनुपम दुबे ने बताया कि मन बना भी रहे है और नहीं भी मगर अगर चुनाव मैदान में आये तो माताजी को कुर्सी पर बैठना चाहते है| अब नेता इतना बोल दे तो समझो रात को सपने में चेयरमेन की कुर्सी पर बैठ छोटी संसद का मजा तो ले ही रहा है|

कल बताएँगे कि और कौन कौन आएगा और जो आएगा उसका ज्योग्राफिया भी आपको पढ़ाएंगे| समझ गए न साक्षातकार मय फोटो और आवाज के साथ केवल इसी जगह जे एन आई पर| टीवी और अखबार दोनों का मजा न आये तो कहिये|

नगर को नरक बनाने में नगरपालिका जिम्मेदार- नगर मजिस्ट्रेट

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Posted on : 17-04-2012 | By : पंकज दीक्षित | In : FEATURED, जिला प्रशासन, नगर परिक्रमा

भरी दुपहरी में तापमान 37 डिग्री हो रहा था| दुकानदार का पारा तो आसमान पर था| दुकानदारी भी गयी और फजीहत भी| अतिक्रमण हटाने के लिए कानून व्यवस्था की निगरानी के लिए मौजूद नगर मजिस्ट्रेट और पुलिस के क्षेत्राधिकारी नगर भी पसीने में तर बतर हो रहे थे| मुख्य सचिव के आदेश पर राजस्व अधिकारिओ को अवैध कब्ज़ा हटवाना था| सो कम लोग ही जानते होंगे कि जनाब परगनाधिकारी सदर ए के लाल भी वे नेहरु रोड पर सूरज की गर्मी शांत होने का इन्तजार एक खास जगह ठन्डे में बैठे अपनी नौकरी कर रहे थे| नजारा फर्रुखाबाद में नगर की बाजार से अतिक्रमण हटाने का है| हर दुकान के आगे सामान| 100 फुट लम्बी दुकान मगर लालाजी का टीवी कूलर का खोखा जब तक सड़क न झाके दुकान बेकार| दोनों तरफ का यही हाल| जाम लगे क्यूँ न? ऊपर से आये दिन जिलाधिकारियो को जाम खुलवाने का ज्ञापन| क्या नेतागिरी है व्यापारियो की?

मगर इस बार सब दाव उलटे पड़ते नजर आये| चंद दिनों पहले सराफा बाजार की नकली बंदी की बदनामी झेल चुके व्यापारी तो मीडिया से ही भीड़ गए थे पोल खोलने को लेकर| प्रशासन से लेकर जनता में नंगे हुए सो अलग| ठसक और धमक कुछ कमजोर हुई| पैसे देकर खरीदी हुई मीडिया की कुंद पड़ती धार भी जनता में पहुच चुकी थी| कोई साथ खड़ा होने को तैयार नहीं| ऊपर से तबादले की पतवार थामे अधिकारी भी कोई बेजा मोहलत देने को तैयार नहीं| बेवजह विधायक और मंत्री भी अपनी फजीहत कराने से रहे| जमाना द्रुत गामी मीडिया का है गलती से भी मीडिया को पता चल गया की फलने विधायक या मंत्री ने दबाब अतिक्रमण हटाने में रोड़ा अटकाया तो अगले ही क्षण लाखो मोबाइल पर खबर बजने का डर- “अतिक्रमण के लिए मंत्री/विधायक जिम्मेदार” “फला ने फलां पर फोन कर बनाया दबाब”| न बाबा न| गया वो जमाना जब तक ब्रह्मदत्त जिन्दा रहे कोई चौक स्थित टाइम सेंटर को नगरपालिका के नाले के ऊपर बना होने के बाबजूद हाथ न लगा पाया| ये बात और है कि अब नगरपालिका में वो नक्शा ही गायब है जो टाइम सेंटर के नीचे अपना नाला खोज सके|

पहली बार अकेले पड़ते नजर आये व्यापारी| आखिर गलत काम का कौन साथ दे और क्यूँ? दुकान पर ग्राहक पहुच गया तो समझो कटा| सराफे पर चार बार सोना घुमा आओ बनिए का हो जाता है| कभी छूट मिली? नहीं न? तो फिर जनता क्यूँ परेशानी सहे! खैर!

लाल गेट से शुरू हुआ अतिक्रमण हटाओ अभियान दूसरे दिन चौक क्रास कर गया| मशीन का मुह चौक से रेलवे रोड की तरफ घूमा की चौक पर वर्षो से अदालत में झूठे दस्ताबेजो के सहारे स्टे दर स्टे लेकर चौक का मुहाना छोटा करे एक लाला जी ने झट से सामान समेटा और शटर गिरा दिया| जनाब ने बड़े चतुराई से पिछले बार हटाये गए अतिक्रमण के दौरान टूटे छजे को करीने से बड़ा कर दुकान में तब्दील कर लिया| चौक पर बैठे सिपाही लाला जी की कोल्ड ड्रिंक पीते रहे और कब्ज़ा करते रहे| लालाजी ने सिपहिओ को कब्ज़ा कराने की बख्शीस में बच्चो के लिए शूट और भावी जी के लिए महगा सलवार शूट भी भेट किया था|

खैर मशीन चौक से आगे बढ़ गयी| छज्जा बिजली के खम्बे की आड़ में आने से बच गया अलबत्ता नाली नहीं खुल पायी| रेलवे रोड पर मुस्तफा के टीवी शो रूम के आस पास जनता और अधिकारी सब बडबडाये-
नगर मजिस्ट्रेट बोले इस शहर को नरक बनाने में सबसे बड़ी जिम्मेदार नगरपालिका है| हर रोज यही रहते है निकलते है कभी टोका होता, जुरमाना किया होता तो आज व्यापारियो को ये नुकसान नहीं झेलना पड़ता| उन्हें कोई अच्छा नहीं लगता किसी का नुकसान करना| मगर जनता भी तो परेशान है| आबादी बढ़ रही है मगर सड़के व्यापारी सिकोड़ रहे है| ये नहीं चलेगा|
पीछे से कोई बोला- जो पांच साल नगरपालिका की गद्दी पर बैठते रहे असली जिम्मेदार वही है| अधिकारी और नगरपालिका का कर्मचारी कुछ करना भी चाहे तो चेयरमेन नहीं करने देते| उनका कोई चाचा है तो किसी के वे चाचा है| वे सब तो माल खाने स्वागत करवाने और मंचो पर भाषण झाड़ना जानते है| तभी पीछे से आवाज आई साहब इन्साफ नहीं हो रहा है चौक पर मोहन (ठीक से याद नहीं) की दूकान का छज्जा छोड़ दिया और गरीब का तोड़ रहे हो|
कल फिर गरजेगा| फिर मिलेंगे|

मानकों की धज्जियां उड़ाते नगर पालिका के ठेकेदार

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Posted on : 06-08-2011 | By : जेएनआई-डेस्क | In : FARRUKHABAD NEWS, नगर परिक्रमा, सामाजिक, सुविधाएँ

फर्रुखाबाद: नगर पालिका की कारगुजारियों से हम लोग बाखूबी परिचित है| ऐसी ही कारगुजारी में से एक है वार्डों में बनाई जा रही गलियाँ जिसमे मौरम की जगह बालू का इस्तेमाल अंधाधुंध किया जा रहा है| जो मानकों की ये ठेकेदार धज्जियां उड़ा रहे हैं|

शहर के भोपत पट्टी, लाल दरबाजा, हांथी खाना, रखा रोड, नरकसा, आवास विकास, नेकपुर चौरासी, भोलेपुर सहित दर्जनों मोहल्लों में गलियों का निर्माण कार्य चल रहा है| किसी भी मोहल्ले में मानकों का बोर्ड नहीं लगाया गया| निर्माण कार्य में बालू का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा मात्रा में किया जा रहा है|

ठेकेदारों की मनमानी के चलते मोहल्ला न्यामत खां पश्चिम में बनाई जा रही गली के निर्माण कार्य को मोहल्ले वालों ने बंद करा दिया| लोगों ने बताया कि अब्बल ईंट की जगह दोम ईंट लगाई जा रही थी| चार मौरम एक सीमेंट मसाले से चुनाई की जगह बालू मिलाकर चुनाई की जा रही थी|

नगर परिक्रमा: वार्ड नंबर-35 / जनता ने माना पालिका ने किया काम

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Posted on : 18-05-2011 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS, NAGAR PALIKA, नगर परिक्रमा, सामाजिक, सुविधाएँ

वार्ड सभासद: सीमा परवीन

मोहल्ले: खटकपुरा सिद्दीकी, गनेश प्रसाद, लिंजीगंज

फर्रुखाबाद: वार्ड क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा कराये गए विकास कार्यों से जनता ने संतुष्टी प्रकट कि है| लोगों ने कहा कि हम लोग वार्ड में पहले से बेहतरी का अनुभव कर रहे हैं और हमें नगर पालिका से कोई शिकायत नहीं है|

मोहल्ला खटकपुरा सिद्दीकी निवासी सोनू, नावेद, शमीम, फैजान, शालिब, जैकी आदि ने बताया कि नगर पालिका ने हमारे मोहल्ले की सभी गलियों मे काम करवाया है| कुछ गलियों में वहाँ के स्थानीय निवासियों ने काम नहीं होने दिया क्योकि वे लोग अपनी गली में नगर पालिका का हस्तक्षेप नहीं चाहते|मोहल्ले के हर खम्भे पर स्ट्रीट लाइट लगी है, जिससे पूरा मोहल्ला जगमगाता है| मोहल्ले में पानी की सप्लाई भी ठीक ठाक है और पानी की सप्लाई न होने की दशा में सरकारी हेण्डपंप पर्याप्त संख्या में लगे हैं जिससे पानी की कोई किल्लत नहीं हो रही है|

घरेलू गैस की हो रही कालाबाजारी
खटकपुरा के ही निवासी मो ज़लील, अरफ्फन, नशीर टेंट वाले, आरिफ, आशिफ स्कूल वाले, मो शोहेब आदि ने बताया कि मोहल्ले में सभासद ने अच्छा काम किया है और हम लोगों को सभासद से कोई शिकायत नहीं है, कभी कभी सफाई कर्मचारी मक्कारी कर देते हैं और सफाई ढंग से नहीं करते हैं| इन लोगों ने बताया कि हम लोगों को सबसे अधिक तकलीफ घरेलू गैस को लेकर उठानी पड़ है, १५ दिन पहले गैस बुक करवा दो फिर भी तय समय से महीनों बिलम्ब से मिलती है|

इन लोगो ने कहा कि शहर में गैस कि कालाबाजारी का धंधा खूब फल फूल रहा है जिस और अधिकारी लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं, सभी गैस एजेंशियों के मालिक इस धंधे में शामिल हैं| लोगों ने कहा कि हम लोग जल्द ही डीएसओ को गैस कि कालाबाजारी के खिलाफ ज्ञापन देंगे और यदि ज्ञापन पर कोई कार्यवाही नहीं कि जाती है तो हम सभी मोहल्ले वासी आंदोलन करेंगे|

मोहल्ला गनेश प्रसाद के निवासी बृह्मानन्द शर्मा, घनश्यामदास गुप्ता, सत्यप्रकाश यादव, वीर अभिमन्यु यादव, कंचन सिंह यादव, रवि गुप्ता, महेश गुप्ता, रामप्रकाश शर्मा, टिल्लू गुप्ता, आदि ने कहा कि हमारे मोहल्ले में नगर पालिका से बहुत काम हुआ है हमारे मोहल्ले में पानी, बिजली, स्ट्रीट लाइट, सड़क आदि सभी की व्यवस्थाएं ठीक हैं हम लोगों को नगर पालिका से कोई शिकायत नहीं है| इन लोगों ने कहा कि मोहल्ले में टीकाकरण नहीं हो रहा है जिस वजह से हम लोगों को महिलाओं व बच्चों को टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाना पड़ता है और वहाँ भी कोई व्यवस्था सही नहीं मिलती कई कई घंटे हम लोग धक्के खाकर टीका लगवा पाते हैं|

वार्ड सभासद सीमा परवीन के पति असलम अन्शारी ने बतया कि हमने अपने वार्ड में नगर पालिका से होने वाले सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करवाया है और जिस किसी कई भी शिकायत आई उसका त्वरित समाधान करने का पूरा प्रयास किया गया है |उन्होंने कहा कि हमने नगर पालिका से ६० लाख रुपये से विकास कार्य करवाए हैं, जिससे वार्ड की गलियों व पीने के पानी की व्यवस्था दुरुस्त करवाई गयी है| ९० सोडियम व सीएफएल स्ट्रीट लाइटें लगवाई है| २०० महामाया आर्थिक गरीब मदद योजना के अंतर्गत पेंशन बंधवाई है और अभी दुसरे चरण का सर्वे चल रहा है|

स्वास्थ्य कार्यकत्रियों द्वारा मोहल्ले में टीकाकरण न किये जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकत्रियां घर घर जाकर टीकाकरण नहीं कर रहीं हैं इसकी हमें जानकारी है और इस बात कि शिकायत उन्होंने ने सीएमओ से कि थी और उन्होने हमें अस्वस्त किया था कि आपकी शिकायत पर जाँच करवाकर कायवाही कि जायेगी|

प्राथमिक विद्यालय के बारे में उन्होंने बताया कि वहाँ बच्चे तो कुछ खास जाते नहीं हैं वहाँ तो सिर्फ मिड-डे-मील का खेल चल रहा है| बच्चे उपस्थित होंगे २० रजिस्टर पर दर्ज होंगे ६०| उन्होंने ने कहा कि मैंने स्वयं विद्यालय रजिस्टर को व उपस्थित बच्चों कि संख्या को देखा है, इस खेल में बीएसए और विद्यालय के अध्यापक सभी शामिल हैं|

नगर परिक्रमा: वार्ड नंबर-20 / गन्दगी और टूटते तारों से तंग जनता

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वार्ड सभासद: मो० इज़हार

मोहल्ले: खटकपुरा इज्ज़तखां, मंनीगंज, ग्राटगंज डबग्रान

सफाई कर्मचारी सफाई के नाम पर कर रहे खानापूरी-

फर्रुखाबाद: सड़कों पर फैली गन्दगी और नालियों से उठती दुर्गन्ध से वार्ड वासी तंग आ चुके हैं| नगर पालिका के सफाई कर्मचारी सफाई के नाम पर खाना पूरी करके चले जाते हैं| नाली साफ करेंगे तो कचरा सड़कों पर पड़ा छोड़ देंगे और सड़क पर पडे कचरे को आवार पशु पूरी सड़क पर छितरा देते हैं| महीनों तक नगर पालिका से कोई भी कर्मचारी मोहल्ले में निहारने तक नहीं आता है| सफाई कर्मचारियों के नायक रफीक अंशारी से इस बात की शिकायत कई बार की गयी है|

सफाई न होने पर मोहल्ले वाले उतरेंगें सडकों पर-

मोहल्ला खटकपुरा इज्ज़तखां के निवासी डॉ० शफीक अहमद अंशारी, डॉ० जुबैर, मो० नायब खां, मो० नशीर अंशारी, महताब मियाँ, इकबाल अंशारी आदि ने कहा कि हम लोग आपके माध्यम से जिला प्रशासन से मोहल्ले में सफाई व्यवस्था कि मांग करते हैं, अगर मोहल्ले की सफाई की और ध्यान नहीं दिया गया तो मोहल्ले वासी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे| इन लोगों बताया की चुनाव के बाद वार्ड सभासद मोहल्ले में यह पता करने तक नहीं आये की लोगों को क्या तकलीफें हैं और बाकी विकास की तो बात ही छोड़ दो|

विधुत विभाग की लापरवाही के कारण यहाँ होते हैं आयेदिन हादसे-

तारिक अंशारी, नशीर, आशिफ व शोहेब आदि ने बताया की मोहल्ले की बिजली व्यवस्था सही नहीं है, खम्भों से आये दिन तार टूट कर गिरते रहते हैं जिस और विद्युत विभाग कोई ध्यान नहीं डे रहा है| तार इतने नीचे बंधे हैं कि सामान से भरा कोई वाहन तारों कि चपेट में आये निकल ही नहीं सकता है| जब किसी का लोड मोहल्ले से निकलता है तो डंडों के सहारे तारों को किनारे करना पड़ता है| मोहल्ले कि छोटी छोटी गलियों में बिजली का एक भी पोल नहीं लगा है जिससे गली के सारे लोग बाहर सडक से केबिल जोड़कर घरों तक ले गए हैं जिससे एक ही जगह पर बहुत से तार एकत्र हो जाने से हर समय स्पार्किंग होती रहती है और तार टूटकर गिरते रहते हैं| तार टूटकर कर गिरने से मोहल्ले में घूमने वाले कई आवारा पशु चिपक चुके हैं और छोटे बच्चों के लिए ख़तरा बना रहता है|

नगरपालिका का जलकल विभाग पिला रहा दुर्गन्ध युक्त पानी-

मोहल्ला डबग्रान के निवासी सत्यपाल सिंह, रामप्रकाश गुप्ता, नरेन्द्र कुमार, जगदीश चंद्र आदि ने बतया कि पानी की सप्लाई मोहल्ले में नहीं आती है मोटर चलाकर पानी आता है लेकिन पानी में इतनी दुर्गन्ध आती है कि उसे पीना तो दूर बर्तान साफ भी करने में घिन आती है| पानी कि सप्लाई न होने के बावजूद भी नगर पालिका का जलकल विभाग वाटर टेक्स हर वर्ष भेज देता है| मोहल्ले में पानी कि बहुत किल्लत थी लेकिन कुछ दिन पूर्व नगर पालिका ने मोहल्ले में दो सकारी हेण्डपंप लगवा दिए जिससे हम लोगों को कुछ राहत मि९ल गयी है|

स्वास्थ्य कार्यकत्रियों द्वारा गर्भवती स्त्रियों व नवजात शिशुओं का टीका करण घरों पर नहीं किया जा रहा है, टीकाकरण के लिए हम लोगों को स्वास्थ्य केंद्र पर जाना पड़ता है| पल्स पोलियो अभियान में स्वास्थ्य कर्मचारी घर घर आकार पोलियो कि खुराख पिलाते हैं|

नगर परिक्रमा/ वार्ड नंबर 6: न खाने को राशन न रहने को छत

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वार्ड सभासद: रेशमा देवी,

मोहल्ले: लाल दरवाजा, निराला नगर, बिर्राबाग, शांतिनगर,  बढपुर आ० आदि

फर्रुखाबाद: हमारी सरकार और हमारी ही सुनवाई नहीं यह कहना है वार्ड नबर ६ के लाल दरवाजा मोहल्ले के निवासियों का| सप्लाई ऑफिस में जब कभी शिकायत लेकर गए तो हमेशा दुत्कार सुनने को मिली और कह दिया गया कि यहाँ क्या कोई धर्मशाला है?

लाल दरवाजा निवासी रामदेवी जाटव, गीता देवी जाटव, मुन्नी जाटव ज्ञान देवी कठेरिया आदि ने बताया कि हम लोगों के घरों में कोई कमाई का जरिया नहीं है फिर भी सरकार ने हमारे गरीबी रेखा वाले राशन कार्ड नहीं बनाये हैं| जब भी कोई सर्वे होता है लोग नाम लिखकर ले जाते हैं लेकिन बाद में उस पर कोई कार्यवाही नहीं होती है| इन लोगों ने बताया कि हमारे पास जो एपीएल कार्ड हैं उन पर भी राशन दुकानदार पूरा राशन नहीं देता है और कई बार तो महीने में राशन बांटता ही नहीं है| जिसकी शिकायत लेकर हम लोग सप्लाई दफ्तर गए लेकिन वहाँ कोई सुनवाई नहीं हुई ऊपर से लताड और दिए गए| सप्लाई दफ्तर में मौजूद महिला कर्मचारी यह कहकर भगा दिया कि यहाँ क्या कोई धर्मशाला है?

लाल दरवाजा मोहल्ले की ही निवासी कमला देवी, शांती, सोनी गीता देवी, रामबेटी, अंगूरा देवी, निर्दोष, कुण्डला, विमला, सुखदेवी, सुधा, मीना, सुनीता, रामदेवी आदि ने बताया कि हम लोगों के घर इस प्रकार के हैं जिनके अंदर लेटकर आप रात को आसमान में कितने तारे निकले हैं बड़ी आसानी से गिन सकते हैं|

बरसात में हम लोगों को सर छुपाने तक की जगह नहीं है| इस महगाई में हम लोग जो मेहनत मजदूरी करके कमा पाते हैं उससे पेट का ही गुजारा हो पाना बहुत मुश्किल है, ऐसे में हम लोग कैसे क्या करें कुछ समझ में नहीं आता है| रोज सुनने को मिलता है कि सरकार गरीबों कि बहुत मदद कर रही है लेकिन हमारी मदद तो आज दिन तक किसी ने नहीं की है| हम लोगों को तो ऐसा लग रहा है शायद गरीबों के नाम पर सरकार अमीरों की मदद कर रही है| गरीब तो दिनों दिन और अधिक गरीब होता जा रहा है और अमीरों के पास अनाप शनाप पैसा आ रहा है|

निराला नगर मोहल्ले के निवासी सुभाष चंद्र, रामानंद शुक्ला, सुनील बाथम, विजय शुक्ल, श्रीधर अग्निहोत्री, खुशीराम वाजपेई, अवधेश दीक्षित, लालू, मनोज, अखिलेश त्रिवेदी, आत्माराम शुक्ला आदि ने बताया की गंगानगर कालोनी से निकले नाले का सारा पानी उनके मोहल्ले की गलियों में बहता है जिससे मोहल्ले के निवासी बहुत परेशान हैं| नाले के पानी के निकास को परिवर्तित करके बड़े नाले में जोड़ने को लेकर हम लोग कई बार नगर पालिका चेयरमेन को शिकायती प्रार्थना पत्र दे चुके हैं लेकिन अभी तक हम लोगों की फ़रियाद नहीं सुनी गयी है| इन लोगों ने बताया कि बरसात में नाले का पानी हम लोगों के घरों में घुसता है और निकलने को कहीं कोई जगह नहीं बचती है|

मोहल्ले निवासी लोगों ने बताया कि अभी नगर पालिका चेयरमेन मनोज अग्रवाल स्वयं यहाँ आये थे और हम लोग किस हालत में रह रहे हैं यह देखकर उन्होंने कहा कि आप लोग कैसे यहाँ रह रहे हैं वास्तव में यहाँ तो बहुत दिक्कत है और उन्होंने जल्दी ही कुछ करने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक कोई काम नगर पालिका ने यहाँ शुरू नहीं किया है| मोहल्ले वासियों ने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले अगर कुछ नहीं किया गया तो हम लोगों के लिए फिर वही पहले जैसे हालात हो जायेंगे| मोहल्ले वासियों ने बताया कि हमने इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी से भी गुहार लगायी थी जिस पर उन्होंने शीघ्र ही समस्या से निजात दिलाने का वादा किया था लेकिन दुर्दैव से वह दुर्घटना में घायल हो गए|

कुछ लोग विकास न होने से परेशान होते हैं लेकिन मोहल्ला बिर्राबाग के निवासी विकास से परेशान हैं| मोहल्ले में धीमी गति से हो रहे गली निर्माण से यहाँ के निवासी तंग आ गए हैं| बिर्राबाग निवासी कमलाकांत मिश्रा कि बेटी कि शादी है और सड़क ठेकेदारों ने १ महीने से सड़क खोद कर डाल दी है जससे नालियों का पानी उनके मकान के सामने पूरी सडक पर भर गया है| सड़क का का निर्माण जल्दी पूरा होते न देख वह बहुत अधिक चिंतित हैं| मोहल्ले के ही प्रेम नारायण तिवारी, अशोक कुमार शुक्ला, सत्यव्रत अग्निहोत्री, तेजराम मिश्रा आदि ने बताया कि जब ठेकेदारों को इतने धीमें काम करवाना था तो सारी गालियाँ खुदवाकर क्यों डाल दी, अब न कहीं निकलने को रास्ता है न बैठने को|स