अगले संसद सत्र में पेश होगा तीन तलाक बिल

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नई दिल्ली:केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि संसद के अगले सत्र में हम तीन तलाक बिल को पेश करेंगे। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने जम्मू कश्मीर आरक्षण विधेयक, 2019 को मंजूरी दी है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए राहत है। अब वे विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में सीधी भर्ती, पदोन्नति और प्रवेश में आरक्षण का लाभ उठा सकते हैं।
जावड़ेकर ने बताया मंत्रिमंडल ने 3 जुलाई, 2019 से छह महीने के लिए जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। शामली (यूपी) की घटना पर जावड़ेकर ने कहा कि मैं इस घटना पर रिपोर्ट मांगूंगा। मालूम हो कि शामली में एक पत्रकार को जीआरपी कर्मियों द्वारा पीटा गया था।

अफवाहों पर न दें ध्यान, आज घोषित नही होगा 10 वीं का रिजल्ट

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नई दिल्ली:सीबीएसई 10वीं का रिजल्ट रविवार को घोषित नहीं होगा। इसकी जानकारी सीबीएसई की पीआरओ रमा शर्मा ने दी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर 10वीं का परीक्षा परिणाम रविवार को  घोषित होने की खबरें चल रही हैं जोकि अफवाह है। रमा ने बच्चों और अभिभावको से अपील कि है कि लोग ऐसी बातों पर ध्यान न दें। सीबीएसई का रिजल्ट कब घोषित होगा इसके बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी लेकिन यह जरुर कहा कि इसके बारे में जानकार दे दी जाएगी।माना जा रहा है कि 10वीं का रिजल्ट अगले सप्ताह घोषित किया जा सकता है। छात्र और छात्राएं अपना रिजल्ट cbse के आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in और cbse.nic.in पर देख सकते हैं।
कैसे चेक करें अपना रिजल्ट
स्टेप 1- सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in या cbseresults.nic.in पर जाएं
स्टेप 2- वेबसाइट पर दिए गए Result लिंक पर क्लिक करें
स्टेप 3- अपना रोल नंबर दर्ज कर सबमिट करें
स्टेप 4- रिजल्ट स्क्रीन पर दिखने लगेगा
बता दें कि पिछले साल सीबीएसई ने कक्षा 10वीं-12वीं के परिणाम जारी होने के 1 दिन पहले परिणाम की तारीख की घोषणा की थी। इस साल कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 21 फरवरी से शुरू हुई थी और 29 मार्च तक आयोजित की गई थी. इस साल परीक्षा में कुल 31,14,831 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिसमें 18,27,472 छात्र कक्षा 10 और 12,87,359 छात्र कक्षा 12 के थे. वहीं कक्षा 10वीं की परीक्षा 2 मार्च से शुरू हुई थी और 29 मार्च तक चली थी।

फानी तूफ़ान ने बरपाया कहर, आठ की मौत, हजारों पेड़ उखड़े, सैकड़ो मकान छतिग्रस्त

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नई दिल्ली: फानी तूफान बंगाल की खाड़ी में उठे समुद्री तूफान फानी ने शुक्रवार को पुरी सहित ओडिशा के अन्य जिलों में जमकर तबाही मचाई। इस दौरान तीन अलग-अलग घटनाओं में आठ की मौत हो गई। पुरी में जहां 245 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली, वहीं अन्य हिस्सों में 175 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई।
समुद्र में उठती ऊंची-ऊंची लहरों से लोग दहशत में रहे। तेज हवा से हजारों पेड़, झोपड़ियां और घर के छप्पर उजड़ गए। कई जगहों पर भूस्खलन हुआ। बिजली व्यवस्था और संचार व्यवस्था चरमरा गई है। कोलकाता-चेन्नई रूट पर 220 से अधिक ट्रेनें शनिवार से रद हैं। भुवनेश्वर हवाई अड्डे से शुक्रवार को सभी उड़ानें रद रहीं।
फानी से प्रभावित राज्यों को निपटने के लिए केंद्र सरकार ने 1000 करोड़ रुपये जारी किए है। इसकी घोषणा शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने की। इससे पहले 11 लाख लोगों को प्रभावित इलाकों से पहले ही हटा लिया गया था, जिससे नुकसान काफी कम हुआ। 10,000 गांवों और 52 शहरी क्षेत्रों को खाली करा लिया गया था।
बांग्लादेश की ओर मुड़ा तूफान
पुरी से गुजरने के बाद फानी चक्रवात खुर्दा, भुवनेश्वर, कटक, भद्रक, व बालेश्वर होते हुए पश्चिम बंगाल से गुजर कर बांग्लादेश की ओर चला गया। इससे पहले फानी तूफान का बाहरी आवरण शुक्रवार को सुबह करीब नौ बजे पुरी जिले के गोपालपुर और चांदबली के बीच जमीन से टकराया। उस समय इसकी गति सौ किमी प्रति घंटे थी। जैसे-जैसे तूफान का केंद्र तट की ओर बढ़ता गया इसकी गति भी तीव्र हो गई। जब तूफान का केंद्र सुबह करीब दस बजे पुरी में तट से टकराया तो उस समय उसकी रफ्तार 245 किमी प्रति घंटा मापी गई। जो धीरे धीरे कमजोर पड़ती चली गई। पिछले 43 साल में यह सबसे तीव्र गति का तूफान था।
|बस्तियों से हटा लिए गए थे लोग
तूफान की वजह से भुवनेश्वर में तेज हवाओं से लोग बुरी तरह सहम गए। भुवनेश्वर में 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवा व भारी बारिश के कारण तमाम जगहों पर विशालकाय पेड़ भी धराशायी हो गए। प्रशासन की तरफ से बस्ती में रहने वाले लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था। बावजूद इसके भुवनेश्वर में काफी संख्या में लोग बस्तियों में रुके रहे। जिन्हें शुक्रवार को तबाही के बाद आश्रय स्थल में लाया गया।
एनडीआरएफ की 28 टीमें तैनात
किसी भी आपदा से निपटने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉस फोर्स (एनडीआरएफ) की 28 टीमों को तैनात किया गया है। इससे पहले शासन प्रशासन ने किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी। प्रभावितों को लिए 800 आश्रय स्थल बनाए है। स्कूल व कॉलेजों को बंद कर आश्रय स्थल में तब्दील कर दिया गया है।
एक लाख भोजन के पैकेट तैयार
प्रभावितों के लिए सूखे भोजन के एक लाख पैकेट और इन्हें वितरित करने के लिए दो हेलीकॉप्टर तैयार हैं। भारतीय तटरक्षक बल के पास विशाखापट्टनम, चेन्नई, गोपालपुर, हल्दिया, फ्रेजरंगज और कोलकाता के विभिन्न स्थानों पर 34 आपदा राहत दल हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चार जहाज तैनात हैं। भारतीय नौसेना ने राहत सामग्री और चिकित्सा दलों के साथ तीन जहाजों को भी तैनात किया है ताकि वह बचाव अभियान शुरू कर सके। 17 जगह पर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है।
पीएम ने दिया हर संभव मदद का भरोसा
राजस्थान के करौली-धौलपुर में रैली के लिए पहुंचे पीएम मोदी ने फानी का भी जिक्र किया। कहा कि केंद्र सरकार प्रभावित राज्यों की सरकारों के साथ लगातार संपर्क में है और एक दिन पहले ही इसके लिए 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जारी की जा चुकी है।
राहत सामग्री की मुफ्त ढुलाई करेगा रेलवे  
रेलवे ने कहा है कि चक्रवात प्रभावित ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश के लिए वो राहत सामग्रियों की मुफ्त ढुलाई करेगा। रेलवे ने इस संबंध में दिशानिर्देश जारी किए हैं। साथ ही सभी मंडल रेल प्रबंधकों (डीआरएम) को इस संबंध में पत्र भी लिखा है। रेलवे के मुताबिक जिलाधिकारी और कमिश्नर के माध्यम से राहत और सहायता सामग्री फणि प्रभावित राज्यों को भेजे जा सकते हैं। सरकारी संगठनों द्वारा भेजे जाने वाली सामग्री की ढुलाई रेलवे मुफ्त करेगा। संबंधित जिलों में जिलाधिकारी और कमिश्नर ही राहत सामग्री को प्राप्त भी करेंगे।
बंगाल में भी व्यापक असर 
फानी का पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में व्यापक असर देखा गया। आंधी के चलते 185 मकानों के क्षतिग्रस्त हुए। नौ घायल हुए। शासन ने स्पष्ट किया कि मनाही के बावजूद समुद्र में जाने वाले मछुआरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। लगातार माइकिंग की जा रही है। नदियों में नावों के आवागमन पर रोक है। हल्दिया बंदरगाह से करीब 15 नॉटिकल मील (करीब 28 किमी) दूर स्थित बंदरगाह में माल चढ़ाने और उतारने का कार्य बुधवार से स्थगित है। वहीं राज्य में एक व्यक्ति के मारे जाने की भी सूचना है।
असम में भी हाई अलर्ट 
चक्रवाती तूफान फणि के पश्चिम बंगाल से टकराने के बाद पूरे पूर्वोत्तर में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसको देखते हुए असम सरकार ने सभी जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। मध्य जल आयोग ने चार और पांच मई को पश्चिमी और मध्य असम के जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। राज्य आपदा राहत बल को पूरे राज्य में 40 जगहों पर तैनात किया गया है।बिहार में तीन मरे
उत्तर बिहार के कई क्षेत्रों में शुक्रवार को चक्रवात फणि के प्रभाव से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। कई जगह पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। बिजली ठप हो गई। घरों के छप्पर उड़ गए। ठनका गिरने से पश्चिम चंपारण में दो लोगों की मौत हो गई।
आंध्र के चार जिलों को आचार संहिता में छूट
चुनाव आयोग ने चक्रवात फणि को देखते हुए आंध्र प्रदेश के चार जिलों में आदर्श आचार चुनाव संहिता में ढील दे दी है, ताकि राहत और बचाव के कार्य तेजी से चलाए जा सकें। आंध्र प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव आयोग से पूर्वी गोदावरी, विशाखापट्टनम, विजयानगरम और श्रीकाकुलम के लिए आदर्श आचार संहिता में ढील देने की मांग की थी, जिसे आयोग ने मान लिया है। हालांकि, श्रीकाकुलम को छोड़कर आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों में फणि का कुछ ज्यादा असर नहीं पड़ा है। तेज हवाओं के चलते कुछ पेड़, बिजली के खंबे और टेलीफोन के टॉवर जरूर उखड़े गए हैं। बिजली और संचार व्यवस्था को बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य के तटवर्ती इलाकों में सिर्फ सात गांवों पर ही इसका असर पड़ा है, यहां तेज बारिश हो रही है, लेकिन जान-माल के किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
दो दशकों में ओडिशा में चक्रवात 
29 अक्टूबर 1999 : महाचक्रवात
4 अक्टूबर 2013 : फेलिन
12 अक्टूबर 2014 : हुदहुद
10 अक्टूबर 2018 : तितली
फानी  का असर
-भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार में झारखंड में अपनी सभी तीन रैलियों को रद किया।
-बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी आज होने वाली अपनी सभी रैलियों को रद किया।
-बंगाल में फानी के मद्देनजर स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर आयोग ने मांगी रिपोर्ट।
-हजारों पेड़ धराशायी, 11 लाख को प्रभावित क्षेत्रों से हटाया।
-220 से अधिक ट्रेनें व भुवनेश्वर से सारी उड़ानें रद, कोलकाता एयरपोर्ट भी बंद।
-प्रभावित राज्यों को केंद्र ने दी 1000 करोड़ की मदद।

देश को मिली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत,मोदी ने दिखाई हरी झंडी

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Posted on : 15-02-2019 | By : JNI-Desk | In : Delhi, FARRUKHABAD NEWS, Narendra Modi, जिला प्रशासन

नई दिल्ली:भारत में विकसित देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन “वंदे भारत एक्सप्रेस” का तोहफा मिल गया है।शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को रवाना किया। रात लगभग दस बजे ट्रेन ने वाराणसी में पहुंचकर अपना पहला सफर पूरा किया। इस मौके पर रेलमंत्री पीयूष गोयल के अलावा रेलवे बोर्ड के सदस्य व अधिकारी तथा मीडियाकर्मी मौजूद थे। संचार एवं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि वंदे भारत का दूसरा ट्रेन सेट मार्च में बनकर तैयार हो जाएगा।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने यहां दो मिनट का मौन रखते हुए पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम ने कहा कि आतंकियों ने यह हमला करके बहुत बड़ी गलती कर दी है। इसके बाद पीएम ने ट्रेन के अंदर जाकर इसका मुआयना भी किया। इस दौरान उनके साथ रेल मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे। वाराणसी तक की उद्घाटन यात्रा में आम यात्री शामिल नहीं होंगे। यात्रियों के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस (शुरुआती नाम ट्रेन-18) का नियमित संचालन 17 फरवरी से होगा। इसका समय भी उद्घाटन यात्रा से अलग होगा। नियमित संचालन में नई दिल्ली से ट्रेन का प्रस्थान समय सुबह छह बजे है और यह अपराह्न दो बजे वाराणसी पहुंचाएगी।
कानपुर और इलाहाबाद में कार्यक्रम
“वंदे भारत एक्सप्रेस” शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे नई दिल्ली स्टेशन से रवाना हुई और रात करीब साढ़े नौ बजे वाराणसी पहुंचेगी। इस बीच कानपुर और इलाहाबाद में इसे विशेष कार्यक्रमों के लिए 40-40 मिनट रोका जाएगा। वंदे भारत एक्सप्रेस परीक्षण संचालनों में 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ने में कामयाब रही है।
लेकिन नई दिल्ली-वाराणसी ट्रैक की स्थिति को देखते हुए नियमित संचालन में इसे बीच-बीच में अधिकतम 160 किलोमीटर पर चलाया जाएगा। कानपुर और इलाहाबाद में दो-दो मिनट के ठहराव को शामिल करने पर इसकी औसत गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा के करीब होगी। अभी देश में सबसे तेज चलने वाली ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस है जो अधिकतम 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ती है। राजधानी और शताब्दी ट्रेनों को 130 किलोमीटर की उच्चतम स्पीड पर चलाया जाता है।
16 कोच की है ट्रेन,1128 यात्री करेंगे सफर
वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 एसी कोच हैं। इनमें दो एक्जीक्यूटिव क्लास, जबकि 14 चेयरकार के हैं। कोच की लंबाई अधिक होने के कारण ट्रेन में कुल 1128 यात्री सफर कर सकेंगे। यह संख्या इतने ही कोच वाली शताब्दी ट्रेन के मुकाबले अधिक है। वंदे भारत में अधिक सीटों का इंतजाम समस्त इलेक्ट्रिक उपकरणों को कोच के नीचे स्थानांतरित किए जाने से संभव हुआ है। स्वचालित होने के कारण यह बिलकुल मेट्रो जैसी दिखती है और इसके दरवाजे भी मेट्रो की तरह ऑटोमेटिक हैं। चढ़ने-उतरने के लिए दरवाजों के साथ ऑटोमेटिक पायदान भी दिए गए हैं।
ट्रेन की अन्य सुविधाओं में जीपीएस आधारित ऑडियो विजुअल पैसेंजर इंफारमेशन सिस्टम, ऑनबोर्ड हॉटस्पॉट वाई-फाई, बायोवैक्यूम टायलेट, डूअल मोड लाइटिंग तथा सभी सीटों में मोबाइल चार्जिंग सॉकेट शामिल हैं। एक्जीक्यूटिव क्लास की सीटें पुशबैक होने के साथ चारों ओर घूम भी सकती हैं। चेयरकार की सीटों में भी हल्के पुशबैक की व्यवस्था है।
शताब्दी की भांति प्रत्येक कोच में खाना गर्म रखने के लिए छोटी पेंट्री दी गई है। बाहरी शोर से बचाने के लिए ट्रेन को काफी हद तक साउंड प्रूफ बनाया गया है। इस ट्रेन की एक अन्य खास बात इसकी रीजनरेटिव ब्रेकिंग प्रणाली है, जिससे 30 प्रतिशत बिजली की बचत होती है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में निर्मित इस ट्रेन के ऐसे ही सौ और सेट तैयार करने की योजना है।

लाल किले के गणतंत्र दिवस पर इस बार बहुत कुछ होगा ख़ास

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Posted on : 25-01-2019 | By : JNI-Desk | In : Delhi, FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BJP

नई दिल्‍ली:70वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर निकलने वाली परेड में काफी कुछ खास होने वाला है। इस बार इस परेड को देखने वालों को बिल्‍कुल नई अनुभूति होनी तय है। कुछ चीजें पहली बार दिखाई देंगी। आइए एक नजर गणतंत्र दिवस परेड से जुड़ी खास बातों पर नजर डाल लेते हैं।
गणतंत्र दिवस में परेड में इस बार जहां वुमेन पावर राजपथ पर दिखाई देगी।
राजपथ पर पहली बार सुनाई देगी सेना की बजाई इंडियन मार्शल धुन। इसका नाम शंखनाद है। सिख लाइट इंफ्रैंटी, महार रेजिमेंट और लद्दाख स्काउट्स के सामूहिक सैन्य बैंड यह मार्शल ट्यून बजाएंगे। शंखनाद आजाद भारत की पहली मूल मार्शल ट्यून है जो भारतीय शास्त्रीय संगीत पर आधारित है। शंखनाद की संगीत रचना तीन पारंपरिक रागों का संयोजन है-राग बिलसखनी तोडी, राग भैरवी और राग किरवानी। शंखनाद के शब्द महार रेजिमेंट में रहे ब्रिगेडियर विवेक सोहल (रिटायर्ड) की कविता के हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रफेसर तनुजा नाफडे ने धुन तैयार की है।
राजपथ पर पहली बार दिखाई देंगे इंडियन नैशनल आर्मी के चार पूर्व सैनिक। इन सभी की उम्र 90 से अधिक है। इनके नाम परमानंद यादव, हीरालाल, लालती राम और भागलमल हैं।
इस बार भारतीय सेना में अपने नए हथियार और इक्विपमेंट को भी डिस्प्ले करेगी। इसमें हाल ही में सेना में शामिल एम-777 होवित्जर और भारत में बनी के-9 वज्रा आर्टिलरी गन शामिल होगी। के-9 वज्र तोप को लार्सन और टूब्रो ने बनाया है।
सर्फेस माइन क्लियरिंग सिस्टम और मिडियम रेंज जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल और अर्जुन आर्मर्ड रिकवरी और रिपेयर व्‍हीकल भी पहली बार राजपथ पर दिखाई देगा।
11 वर्षों के अंतराल के बाद इस बार एक बार फिर से सीआईएसएफ के जवान राजपथ पर दिखाई देंगे। इसकी वजह ये कि इस बार महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंति मनाई जाएगी। दिल्‍ली स्थित महात्‍मा गांधी की समाधि की जिम्‍मेदारी सीआईएसएफ ही संभालती है।
असम राइफल का महिला दस्‍ता पहली बार राजपथ पर देश की शान बढ़ाएगा। इसकी आर्मी सर्विस कोर के 144 महिला जवानों का नेतृत्‍व लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी करेंगी।
सेना के सिग्नल कोर की डेयरडेविल्स टीम में पहली बार एक महिला अधिकारी कैप्टन शिखा सुरभि भी शामिल हो रही हैं। शिखा सुरभि राजपथ पर स्टंट दिखाते हुए महिला शक्ति का एहसास कराएंगी।
गोरखा ब्रिगेड भी पहली बार राजपथ पर दिखाई देगी। मौजूदा आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत का संबंध भी इसी ब्रिगेड से है। सात अलग-अलग गोरखा रेजिमेंट को मिलाकर गोरखा ब्रिगेड बनती है।
पहली बार राजपथ पर महिला शशक्तिरण की पूरी झलक दिखाई देगी। पहले की तुलना में इस बार महिला अधिकारियों की संख्‍या अधिक होगी।
पहली बार इस बार राजपथ पर प्रवासी भारतीय भी शामिल होंगे।
सुरक्षा को चाकचौबंद बनाने के लिए इस पूरे इलाके की निगरानी को तीस हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं। यह कैमरे फेस रिकॉगनिशन तकनीक से लैस हैं। यह सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े हैं। संदिग्‍ध चेहरा नजर आते ही यह कैमरे न सिर्फ उसकी लाइव फोटो भेज देंगे बि‍ल्कि सायरन भी बज उठेंगे।

सियासी आकाओं की परिक्रमा में जुटे टिकट के दावेदार!

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Posted on : 23-01-2019 | By : JNI-Desk | In : Delhi, FARRUKHABAD NEWS, FEATURED, Politics, राष्ट्रीय

फर्रुखाबाद:लोक सभा की चुनावी आहट शुरू होने के साथ ही सियासी सरगर्मियां बढ़ गई है। जिले का सांसद बनने का सपना देखने वाले लोग अपने राजनैतिक आकाओं की परिक्रमा करने में जुट गये है। वैसे तो सपा,भाजपा,बीएसपी आदि के बैनर तले कई लोग चुनाव लड़ने के इच्छुक है मगर सबसे बड़ी फेहरिस्त सपा व भाजपा की तरफ से दिखाई पड़ रही है। टिकट की चाहत रखने वाले अभी से दिग्गजों का सहारा लेने के फिराक में लगे बताये जा रहे है| कुछ तो अपने साथ सियासी व जातिगत आंकड़ों की गणित की फाइल साथ लेकर चल रहे है पता नही कहाँ उसकी जरूरत पड़ जाये|
टिकट की दावेदारी में सत्ताधारी भाजपा की तरफ से खामोशी नजर आ रही है मगर इस दल से चुनाव लड़ने वाले इच्छुक लोगों की संख्या सर्वाधिक सामने आ रही है। जो आये दिन दिल्ली की परिक्रमा लगाने में लगे है| राजनीतिक दलों ने चुनावी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कोई शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है तो जनसंपर्क में जुटा है। होर्डिंग और पोस्टर के जरिए दावेदार अपना माहौल बनाने में जुटे हैं। टिकट के लिए सभी प्रमुख दलों ने आवेदन मांगने शुरू कर दिए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा मारामारी भाजपा व गठबंधन से चुनाव लड़ने जा रही सपा में है| कांग्रेस से तो पूर्व विदेश मंत्री का टिकट लगभग तय ही माना जा रहा है| अन्य दलों के दावेदार असमंजस में है|
बताया जा रहा है कि कई दलों के दावेदार टिकट न मिलने पर अपनी पार्टी छोड़कर दूसरे दल में भी शामिल होने की तैयारी में हैं। दलों में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।

रेलवे जल्द देगा ढाई लाख युवाओं को नौकरियां:पियूष गोयल

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Posted on : 23-01-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, Delhi, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, राष्ट्रीय

नई दिल्‍ली:केंद्र सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए बड़ा फैसला किया है। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल कहा कि पिछले वर्ष हमने डेढ लाख लोगों को नौकरी देने का अवसर प्रदान किया था, अगले दो वर्षों में सेवानिवृति से होने वाली वैकेंसी और अन्य स्थानों के लिये कुल मिलाकर चार लाख लोगों को नौकरी का अवसर रेलवे देने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे में 2 लाख 30 हज़ार और वेकैंसी निकाली जाएगी। रेलवे में अभी 1 लाख 32 हजार पद खाली है। दो साल में एक लाख लोग और रिटायर होने वाले हैं। लिहाजा पुरानी ग्रुप सी और ग्रुप डी की वेकैंसी और इस बार जो वेकैंसी रेलवे निकालने वाला है, उसको मिला दें तो रेलवे 2 साल में करीब 4 लाख भर्तियां करेगा। उन्होंने कहा कि एक प्रकार से 4 लाख नौकरियां रेलवे अकेले देने जा रहा है जिसमें 1.5 लाख लोगों की प्रक्रिया बहुत आगे बढ़ चुकी है। करीब 2-2.5 महीने में यह प्रक्रिया खत्म हो जाएगी।

चार मीनार देखने के लिए भी लेना पड़ता वीजा यदि पटेल न होते:मोदी

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Posted on : 31-10-2018 | By : JNI-Desk | In : Delhi, FARRUKHABAD NEWS, Narendra Modi, Politics, Politics-BJP, राष्ट्रीय

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशवासियों को विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा की सौगात दी। उन्होंने गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मी. ऊंची प्रतिमा का उद्घाटन किया। खास बात है कि आज सरदार पटेल की जयंती भी है। आद देश सरदार पटेल की 143वीं जयंती मना रहा है। उद्घाटन समारोह के दौरान पीएम मोदी ने लंबा भाषण भी दिया। उन्होंने अपने भाषण के दौरान सरदार पटेल की उपलब्धियों का जिक्र किया, साथ ही उन्होंने पटेल की प्रतिमा को लेकर विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया। मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत “सरदार पटेल अमर रहे” के नारे के साथ की। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश राष्ट्रीय एकता दिवस मना रहा है। देश की एकता और अखंडता के लिए युवा दौड़ रहे हैं। मैं उनके इस जज्बे को मैं नमन करता हूं।
आज का दिन ऐतिहासिक
मोदी ने कहा कि आज जो हुआ वो इतिहास में दर्ज हो गया है और इसे इतिहास से कोई मिटा नहीं पाएगा। आज जब धरती से लेकर आसमान तक सरदार सहाब का अभिषेक हो रहा है तब भारत ने न सिर्फ अपने लिए नया इतिहास रचा है बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा का गगनचुंबी आधार भी तैयार किया है। पीएम मोदी ने आगे कहा ‘सरदार की प्रतिमा को समर्पित करने का अवसर सौभाग्य की बात है। जब मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर इसकी कल्पना की थी, तो अहसास नहीं था कि एक दिन प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे ही यह पुण्य काम करने का मौका मिलेगा। सरदार साहब के इस आशीर्वाद के लिए मैं खुद को धन्य मानता हूं।’
मुख्यमंत्री रहते की प्रोजेक्ट की कल्पना
पीएम मोदी ने बताया कि मुख्यमंत्री रहते ही उन्होंने इस प्रोजेक्ट की कल्पना की थी। मोदी ने कहा कि मुझे लोहा अभियान के दौरान लोहे का पहला टुकड़ा भी सौंपा गया है। मैं गुजरात के लोगों के प्रति कृतज्ञ हूं। मैं इन चीजों को यहीं पर छोड़ूंगा, ताकि देश इसे देख सके। उन्होंने कहा कि जब यह कल्पना मन में चल रही थी, तो मैं यहां के पहाड़ों को खोज रहा था।
मेरा विचार था कि नक्काशी कर सरदार साहब की प्रतिमा उस पर निकाली जाए। लेकिन जांच के बाद ऐसी कोई मजबूत चट्टान नहीं मिली। फिर विचार बदलना पड़ा। आज जो रूप आप देख रहे हैं, उसने वहीं से जन्म लिया। इस परियोजना की कल्पना मैंने तब की थी जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था। इस प्रतिमा के निर्माण के लिए लाखों किसान साथ आए और अपने औजार और मिट्टी देकर अपने हिस्से का योगदान दिया।
निराशावादियों की किरण थे सरदार पटेल
निराशावादी उस जमाने में भी थे। निराशावादियों को भी लगता था कि भारत अपनी विविधताओं की वजह से बिखर जाएगा। निराशा के उस दौर में भी सभी को एक किरण दिखती है। और यह उम्मीद की किरण थे सरदार वल्लभ भाई पटेल। सरदार पटेल में कौटिल्य की कूटनीति और शिवाजी महाराज के शौर्य का समावेश था। उन्होंने पांच जुलाई 1947 को रियासतों को संबोधित करते हुए कहा था- विदेशी आक्रांताओं के सामने हमारे आपसी झगड़े, दुश्मनी, बैर का भाव हमारी हार की बड़ी वजह थी। अब हमें इस गलती को नहीं दोहराना है। और न ही दोबारा किसी का गुलाम होना है। सरदार साहब के इसी संवाद से एकीकरण की शक्ति को समझते हुए राजा-रजवाड़ों ने अपने विलय का फैसला किया। देखते ही देखते भारत एक हो गया।
सरदार साहब का सामर्थ्य तब भारत के काम आया था जब मां भारती साढ़े पांच सौ से ज्यादा रियासतों में बंटी थी। दुनिया में भारत के भविष्य के प्रति घोर निराशा थी। निराशावादियों को लगता था कि भारत अपनी विविधताओं की वजह से ही बिखर जाएगा। सरदार साहब के इसी संवाद से, एकीकरण की शक्ति को समझते हुए उन्होंने अपने राज्यों का विलय कर दिया। देखते ही देखते, भारत एक हो गया। सरदार साहब के आह्वान पर देश के सैकड़ों रजवाड़ों ने त्याग की मिसाल कायम की थी। हमें इस त्याग को भी कभी नहीं भूलना चाहिए।
..तो अपने देश में घूमने के लिए ही लेना पड़ता वीजा
सरदार साहब ने संकल्प न लिया होता, तो आज गिर के शेर को देखने के लिए, सोमनाथ में पूजा करने के लिए और हैदराबाद चार मीनार को देखने के लिए हमें वीजा लेना पड़ता। सरदार साहब का संकल्प न होता, तो कश्मीर से कन्याकुमारी तक की सीधी ट्रेन की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। सरदार साहब का संकल्प न होता, तो सिविल सेवा जैसा प्रशासनिक ढांचा खड़ा करने में हमें बहुत मुश्किल होती।
इंजीनियरिंग और तकनीकी सामर्थ्य है प्रतिमा
स्टैचू ऑफ यूनिटी हमारे इंजीनियरिंग और तकनीकी सामर्थ्य का भी प्रतीक है। बीते करीब साढ़े तीन वर्षों में हर रोज कामगारों ने, शिल्पकारों ने मिशन मोड पर काम किया है। राम सुतार जी की अगुवाई में देश के अद्भुत शिल्पकारों की टीम ने कला के इस गौरवशाली स्मारक को पूरा किया है। आज जो ये सफर एक पड़ाव तक पहुंचा है, उसकी यात्रा 8 वर्ष पहले आज के ही दिन शुरु हुई थी। 31 अक्टूबर 2010 को अहमदाबाद में मैंने इसका विचार सबके सामने रखा था। करोड़ों भारतीयों की तरह तब मेरे मन में एक ही भावना थी कि जिस व्यक्ति ने देश को एक करने के लिए इतना बड़ा पुरुषार्थ किया हो, उसको वो सम्मान आवश्य मिलना चाहिए जिसका वो हकदार है।
विपक्ष पर निशाना
सरदार पटेल की प्रतिमा के उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी ने विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कई बार तो मैं हैरान रह जाता हूं, जब देश में ही कुछ लोग हमारी इस मुहिम को राजनीति से जोड़कर देखते हैं। सरदार पटेल जैसे महापुरुषों, देश के सपूतों की प्रशंसा करने के लिए भी हमारी आलोचना होने लगती है। ऐसा अनुभव कराया जाता है मानो हमने बहुत बड़ा अपराध कर दिया है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम देश को बांटने की हर तरह की कोशिश का पुरजोर जवाब दें। इसलिए हमें हर तरह से सतर्क रहना है। समाज के तौर पर एकजुट रहना है।

SC/ST आरक्षण का लाभ सिर्फ एक ही राज्य में ले सकेंगे:सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली समेत केंद्र शासित राज्यों में आरक्षण के मुद्दे पर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट की पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने कहा कि देशभर में आरक्षण की एक समान व्यवस्था अपनाई जाएं और इसी प्रक्रिया के तहत दिल्ली में अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को नौकरी में आरक्षण का लाभ दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, SC/ST आरक्षण के तहत सेवा या नौकरी में लाभ पाने वाला व्यक्ति किसी दूसरे राज्य में उसका फायदा नहीं ले सकता है। जबतक कि वहां उसकी जाति सूचीबद्ध न हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लिये अखिल भारत स्तर पर आरक्षण का नियम विचार करने योग्य होगा। अनुसूचित जाति और जनजाति के लिये आरक्षण का लाभ एक राज्य या केन्द्र शासित प्रदेश की सीमा तक ही सीमित रहेगा।
एक राज्य के अनुसूचित जाति या अनुसूचति जनजाति समूह के सदस्य दूसरे राज्य के सरकारी नौकरी में आरक्षण के लाभ का तब तक दावा नहीं कर सकते जब तक उनकी जाति वहां सूचीबद्ध नहीं हो। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के सामने सवाल था कि एक राज्य में जो व्यक्ति अनुसूचित जाति में है तो क्या वह दूसरे राज्य में अनुसूचित जाति में मिलने वाले आरक्षण का लाभ ले सकता है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि नहीं, ऐसा नहीं हो सकता।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी आदेश दिया है कि कोई भी राज्य सरकार अपनी मर्जी से अनुसूचित जाति, जनजाति की लिस्ट में कोई बदलाव नहीं कर सकती है। ये अधिकार सिर्फ राष्ट्रपति का ही है। या फिर राज्य सरकारें संसद की सहमति से ही लिस्ट में कोई बदलाव कर सकती है। हालांकि, जो व्यक्ति राजधानी दिल्ली में सरकारी नौकरी करने वालों को अनुसूचित जाति से संबंधित आरक्षण केंद्रीय सूची के हिसाब से मिलेगा।आपको बता दें कि एक अन्य मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जिसमें ये तय होना है कि क्या सरकारी नौकरी में मिलने वाले प्रमोशन में भी एससी/एसटी वालों को आरक्षण मिलना चाहिए या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ में शामिल पांच जजों में से चार जजों ने इस बात पर जोर दिया कि देशभर आरक्षण की व्यवस्था समान हो, और ये व्यवस्था दिल्ली और बाकी के केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो। वहीं पीठ के पांचवें जज ने अलग निर्णय दिया। उनके मुताबिक दिल्ली और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों को एक राज्य के तौर पर माना जाएं और उसी के मुताबिक उन्हें अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए अपनी अलग लिस्ट तैयार करने की इजाजत दी जानी चाहिए।

ऐसा करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने अश्विन,विराट की कप्तानी में रचा इतिहास,

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Posted on : 03-08-2018 | By : JNI-Desk | In : Delhi, FARRUKHABAD NEWS, राष्ट्रीय

नई दिल्ली:पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत इस वक्त पहला मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में खेल रहा है। इस टेस्ट मैच में अब तक भारत के लिहाज से सबसे बेहतरीन गेंदबाजी टीम के सीनियर स्पिनर आर अश्विन ने किया है। अश्विन ने पहली पारी में भी अपने स्पिन का जादू दिखाया था और दूसरी पारी में भी उनका ऐसा जलवा देखने को मिल रहा है। इस टेस्ट मैच के दौरान अश्विन ने विराट की कप्तानी में खेलते हुए एक जबरदस्त रिकॉर्ड अपने नाम किया जो अब तक किसी भी भारतीय गेंदबाज ने नहीं किया था।
विराट की कप्तानी में अश्विन ने टेस्ट में लिए 200 विकेट
टेस्ट क्रिकेट में ऐसा कई वक्त आया है जब अश्विन ने भारतीय टीम की जीत में कमाल की भूमिका निभाई है। अश्विन भारतीय टेस्ट टीम का अहम हिस्सा हैं और विराट की कप्तानी में उन्होंने अब तक शानदार प्रदर्शन भी किया है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दौरान अश्विन ने विराट की कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट में अपना 200वां विकेट लिया। अश्विन से पहले अन्य किसी भी भारतीय गेंदबाज ने ऐसी उपलब्धि हासिल नहीं की थी। एक नजर डालते हैं इस आंकड़े पर जिससे ये साफ हो जाएगा कि किस कप्तान की कप्तानी में किस गेंदबाज ने कितने मैचों में टेस्ट क्रिकेट में 200 विकेट लिए।
ऐसे ही नहीं हैं अश्विन दुनिया के नंबर एक टेस्ट गेंदबाज, जानिए ये कमाल के आंकड़े
आर अश्विन (34 टेस्ट)- विराट कोहली,मैलकम मार्शल (40 टेस्ट)- विवियन रिचर्ड्स
वनडे में अश्विन के भविष्य पर टर्बनेटर भज्जी ने कर दी ये भविष्यवाणी
एलन डोनाल्ड (40 टेस्ट)- हैंसी क्रोंजे,डेल स्टेन (40 टेस्ट)- ग्रेम स्मिथ
पहली पारी में छा गए अश्विन
पहली पारी में इंग्लैंड के खिलाफ आर अश्विन का प्रदर्शन काफी जबरदस्त रहा। उन्होंने मेजबान टीम के खिलाफ पहली पारी में 26 ओवर गेंदबाजी करते हुए 62 रन देकर 4 विकेट लिए। उन्होंने 2.38 की इकॉनामी रेट से गेंदबाजी की और सात ओवर मेडन भी फेंके। उन्होंने एलिएस्टर कुक, बेन स्टोक्स, जोस बटलर और स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे बल्लेबाजों को आउट किया। पहली पारी में वो अश्विन ही थे जिन्होंने कुक के तौर पर भारतीय टीम को पहली सफलता दिलाई।
दूसरी पारी में भी प्रभावित कर रहे हैं अश्विन
अश्विन ने हाल ही में इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेला था और उन्होंने बताया कि यहां खेलने के बाद उन्होंने अपनी गेंदबाजी में काफी कुछ बदलाव किए और उसी का नतीजा है कि वो विकेट लेने में सफल रहे। अश्विन की बात बिल्कुल सही निकली। पहली पारी में तो वो प्रभावी रहे ही दूसरी पारी में भी उनका जलवा बरकरार है। खबर लिखए जाने तक अश्विन ने अब तक मेजबान टीम के तीन बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया है जिसमें कुक, जेनिंग्स और कप्तान कुक शामिल हैं। दूसरी पारी में भी अश्विन ने ही भारत को पहली सफलता दिलाई और उनका शिकार बने एलिएस्टर कुक जो अपना खाता भी नहीं खोल पाए।