Featured Posts

राममंदिर मामले में अब शिवपाल सीएम के बयान से सहमतराममंदिर मामले में अब शिवपाल सीएम के बयान से सहमत फर्रुखाबाद: समाजवादी सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव गुरुवार को यूपी के सीमें योगी आदित्य नाथ के राममंदिर पर दिये गये वयान से सहमत दिखे| उन्होंने कहा की यदि समझौता नही तो कोर्ट का आदेश ही विकल्प है| समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष विश्वास गुप्ता...

Read more

हाई-वे पर जाम में फंसा रहा पूर्व मंत्री शिवपाल का काफिलाहाई-वे पर जाम में फंसा रहा पूर्व मंत्री शिवपाल का काफिला फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद) सत्ता की शक्ति से कौन अंजान है और खास कर वो तो बिल्कुल भी नही जो सत्ता का सुख एक लम्बे समय तक ले चुका हो| लेकिन कुर्सी पर ना रहने के बाद नेता को सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है| यही नजारा देखने को मिला जब शिवपाल सिंह का काफिला लगभग 20 मिनट तक जाम की झाम में...

Read more

बसपा प्रत्याशी वत्सला को महान दल का समर्थनबसपा प्रत्याशी वत्सला को महान दल का समर्थन फर्रूखाबाद: नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिये बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी वत्सला अग्रवाल को महान दल ने अपना समर्थन दे तेजी से चुनाव लड़ाने का ऐलान किया है |जिससे वत्सला के खेमे में मजबूती आ गयी है| महान दल के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने रेलवे रोड स्थित बसपा प्रत्याशी के चुनाव...

Read more

नही खुला विशाल की मौत का राज, आखिर कैसे हुई मौत?नही खुला विशाल की मौत का राज, आखिर कैसे हुई मौत? फर्रुखाबाद: बीती रात बाइक चोरी के आरोप में पकड़े गये आरोपी की मौत का राज फ़िलहाल पोस्टमार्टम में भी नही खुल सका| जिससे उसकी मौत की गुत्थी उलझ गयी है| वही पुलिस मामले की जाँच कर रही है| थाना राजेपुर के बमियारी रामपुर निवासी विशाल पाठक पुत्र चन्द्रमोहन पाठक उर्फ़ रामू को बाइक...

Read more

योगी की पुलिस से परेशान महिलाओं ने पकड़े मंत्री के पैरयोगी की पुलिस से परेशान महिलाओं ने पकड़े मंत्री के पैर फर्रुखाबाद: बीते दिनों शराब ठेके पर पुलिस व ग्रामीणों के साथ हुई हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने कई को आरोपी बनाया था| जिसको पकड़ने के लिये पुलिस लगातार हाथ-पैर मार रही है |जिस पर अब राजनितिक रंग चढ़ गया है| पुलिस के खौफ से खफा महिलाओ ने राज्य मंत्री के पैर पकड़कर न्याय की मांग की है|...

Read more

चुनावी बिसात पर हर रोज बदलती सियासी चालचुनावी बिसात पर हर रोज बदलती सियासी चाल फर्रुखाबाद:चुनावी रण का धीरे-धीरे रुख बदल रहा है और सियासी लोगों की रणनीति भी। नुक्कड़ सभाओं और जनसम्पर्क के साथ-साथ अब दूसरा दौर शुरू हो गया है। सियासी बिसात पर पल-पल की खुफिया निगरानी के बाद शतरंजी चालें चली जा रही हैं। कोई पूरे पालिका व नगर पंचायत क्षेत्र में मोहल्ले-मोहल्ले...

Read more

अध्यक्ष पद के आधा दर्जन नामांकन वापसअध्यक्ष पद के आधा दर्जन नामांकन वापस फर्रुखाबाद: शुक्रवार को नामांकन के वापसी के दौरान फर्रुखाबाद, मोहम्मदाबाद व कमालगंज के कुल आधा दर्जन प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस कर लिया| फर्रुखाबाद नगर पालिका से निर्दलीय प्रत्याशी सुधांशु दत्त द्विवेदी, कपड़ा व्यापारी किशन कन्हैया सक्सेन व आभा सिंह ने अपना...

Read more

खास खबर: शर्तो के साथ सुधांशु दत्त का पर्चा वापसखास खबर: शर्तो के साथ सुधांशु दत्त का पर्चा वापस फर्रुखाबाद: बीजेपी से सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के बड़े चचेरे भाई पूर्व सभासद सुधांशु दत्त द्विएवेदी ने अपना पर्चा आखिर कुछ शर्तो के साथ वापस ले लिया| शहर के किंराना बाजार स्थित राजन अवस्थी के प्रतिष्ठान पर जिला प्रभारी श्रीकान्त पाठक के साथ सुधाशुं दत्त की...

Read more

सभासद पद के 16 के नामांकन वापससभासद पद के 16 के नामांकन वापस फर्रुखाबाद: नगरिया निकाय चुनाव में फर्रुखाबाद, कमालगंज व मोहम्मदाबाद में से सर्वाधिक सदस्यों ने फर्रुखाबाद के वार्डो से पर्चा वापस कर लिया| जिससे कई प्रत्याशियों के समीकरण बने तो कई का सियासी गणित बिगड़ गया| फर्रुखाबाद नगर पालिका में वार्ड 28 से आरती, वार्ड 31 से नजरीन, वार्ड...

Read more

फ़्लैश बैक: काला धन खपाने के लिए एक डॉक्टर ने खरीदे थे 13 एसी, 5 एलईडी और ....फ़्लैश बैक: काला धन खपाने के लिए एक डॉक्टर ने खरीदे थे 13 एसी, 5... फर्रुखाबाद: नोटबंदी का एक साल पूरा हुआ, कहीं जश्न मना तो किसी के जख्म हरे हुए| 8 नवम्बर 2016 वो दिन है जो इतिहास बन गया| रात 8 बजे उस दिन दफ्तर में सामान्य कार्य में लगा था कि 5 मिनट बाद ही जूनियर ने फोन पर बताया कि 500 का नोट बंद हो गया| किसी बात को एक बार में ही न मानने की आदत पत्रकार...

Read more

How to write a “For and towards” essay.

0

Posted on : 31-10-2017 | By : JNI-Desk | In : College Essays

How to write a “For and towards” essay.

A fundamental concept for which you must always remember, when scripting this essay, is that often a transparent indication of your standpoint is not required and perhaps even disappointed. Read the rest of this entry »

[bannergarden id="12"]