Featured Posts

रावण कह रहा तुम मुझे यूँ जला ना पाओगे!रावण कह रहा तुम मुझे यूँ जला ना पाओगे! फर्रुखाबाद:श्रीराम लीला द्वारा मंचन चल रहा है| जिसके तहत विजय दशमी को रावण के वध के साथ ही उसका पुतला दहन होना है| पुतला बनाने वालों ने पुतले बनाकर तैयार कर मेला मैदान में लगा भी दिये है| बीते कई दिनों से कानपुर के ठेकेदार के द्वारा बनाये जा रहे रावण, कुम्भकरण व मेघनाथ के विशालकाय...

Read more

जिला जेल में सियाराम का हुआ वनवासजिला जेल में सियाराम का हुआ वनवास फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला)बीते लगभग पांच दिनों से जिला जेल में चल रही राम लीला जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है| आपराधिक मानसिकता के लोगों में अध्यात्म की गंगा बहाने का काम किया जा रहा है| जिसके चलते यह जिला जेल में पहली अनोखी पहल है| जो बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार...

Read more

450 वर्षों के बाद इलाहाबाद को मिला अपना पुराना नाम450 वर्षों के बाद इलाहाबाद को मिला अपना पुराना नाम नई दिल्‍ली:संगम नगरी इलाहाबाद को 450 वर्षों के बाद आखिरकार अपना पुराना नाम वाप‍स मिल गया। कभी मुगल शासक सम्राट अकबर ने इसका नाम बदलकर प्रयागराज से इलाहाबाद (अल्‍लाहबाद) किया था। पुराणों में प्रयागराज का कई जगहों पर जिक्र मिलता है। रामचरित मानस में इलाहाबाद को प्रयागराज...

Read more

सीएमओं ने खड़े होकर जलवा दी लाखों की दवाएंसीएमओं ने खड़े होकर जलवा दी लाखों की दवाएं फर्रुखाबाद:सीएमओ कार्यालय के निकट परिवार नियोजन से सम्बन्धित करोड़ो रूपये की दवा व प्रचार सामिग्री सीएमओं अरुण उपाध्याय की मौजूदगी में आग के हवाले कर दी गयी| इस काम को अंजाम सीएमओ कार्यालय के पूर्व शोध अधिकारी अनिल कटियार निवासी नेकपुर चौरासी ने दिया| अनिल कटियार ने बताया...

Read more

पति के दोस्तों ने नकदी जेबरात चोरी कर महिला की इज्जत लूटीपति के दोस्तों ने नकदी जेबरात चोरी कर महिला की इज्जत लूटी फर्ररूखाबाद:बीती रात एक सनीखेज मामला सामने आया है| घर आये पति के दोस्तों ने महिला के साथ गैंग रेप कर उसके घर से नकदी व जेबरात चोरी कर लिये| घटना के सम्बन्ध में पुलिस को तहरीर दी गयी| पुलिस ने जाँच पड़ताल शुरू कर महिला को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया| थाना मऊदरवाजा क्षेत्र...

Read more

खड़े होकर पानी पीते हैं? तो जान लीजिए गंभीर नुकसानखड़े होकर पानी पीते हैं? तो जान लीजिए गंभीर नुकसान डेस्क: यह तो हम सभी जानते हैं कि पूरे दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए कितना जरूरी होता है। लेकिन आपको यह नहीं पता होगा कि जिस पोजीशन में आप पानी पीते हैं उसका भी आपकी सेहत पर असर पड़ता है। आपके बड़े-बुजुर्ग हमेशा से कहते आए होंगे कि बैठ कर शांति से पानी...

Read more

करवाचौथ पर शुक्र अस्त होने के कारण इस बार नहीं होगा व्रत का उद्यापनकरवाचौथ पर शुक्र अस्त होने के कारण इस बार नहीं होगा व्रत का... नई दिल्ली:वर्ष करवाचौथ 27 अक्टूबर को है। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को करवाचौथ का व्रत किया जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए इस व्रत का विशेष महत्व है। करवाचौथ के दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। कई संप्रदायों में कुवांरी कन्याएं भी अच्छे पति की...

Read more

पुलिस की पिटाई से बीजेपी समर्थक की मौत पर बबाल,लगाया जामपुलिस की पिटाई से बीजेपी समर्थक की मौत पर बबाल,लगाया जाम फर्रुखाबाद: साथी के साथ गये युवक से पुलिस ने युवक से मारपीट कर दी| जिससे उसकी मौत हो गयी| आक्रोशित भीड़ ने परिजनों के साथ जाम लगाकर जमकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की| मौके पर पंहुचे एएसपी ने कार्यवाही का भरोसा दिया| जिसके बाद जाम खोला जा सका| शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दरीवा...

Read more

स्कूल बैन की गैस से मासूम छात्रों की हालत बिगड़ीस्कूल बैन की गैस से मासूम छात्रों की हालत बिगड़ी फर्रुखाबाद:(मेरापुर/नबावगंज) विधालय बच्चो को लेकर जा रही बैन की गैस निकलने से उसमे बैठे कई मासूम छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ गयी| ग्रामीणों का आक्रोश देख बैन का चालक मौके से खिसक गया| जिसके बाद मौके पर पंहुचे एसपी ने जाँच पड़ताल कर कार्यवाही के निर्देश दिये|जिसके बाद विधालय...

Read more

श्रीराम की बारात में श्रद्धालु हुये भावविभोरश्रीराम की बारात में श्रद्धालु हुये भावविभोर फर्रुखाबाद:श्री राम विवाह की शोभायात्रा में सभी बरातियो ने जमकर लुफ्त उठाया| वही राम-सिया के विवाह मंचन से बारात तक के कार्यक्रम में सभी मनोहारी झाँकियो को देख कर श्रद्धालु भावविभोर हो गये| राम बारात में जैसे ही श्री राम के गले में सीता जी ने वरमाला डाली तो रामचरित मानस...

Read more

विशुनगढ़ के राजा ने शुरू करायी थी कमालगंज की रामलीला!

0

फर्रुखाबाद:(कमालगंज) कस्बे में प्रति वर्ष होने वाली रामलीला के विषय में अब किसी को बताने की जरूरत नही है| आज गाँव-गाँव गली-गली में रामलीला लोगों के जहन में बना चुकी है| सोशल मीडिया के बढ़ती बाढ़ के स्तर में भी यदि संस्कारों को नाव बनकर तैरा रहा है तो वह वर्षो पुरानी रामलीला है| जो आज भी आम आदमी को अपनी तरफ आकर्षित करती है|
कमालगंज में होने वाली रामलीला की उम्र लगभग 200 वर्ष की हो गयी है| जिसमे संस्थापक के पद पर स्वर्गीय पंडित गौरीशंकर भट्ट और पंडित जानकी प्रसाद दुबे,पंडित नाथूराम औदिच्य,पंडित पुत्तू लाल मिश्र और पंडित राम चरण औदिच्य आदि संस्थापक के पद पर रहे| वही अध्यक्ष की गद्दी स्वर्गीय लाला राम प्रसाद गुप्त,लालाराम चतुरी लाल,लाला बद्री प्रसाद,लाला रामदयाल,मंगली प्रसाद ,लाला जगन्नाथ प्रसाद ,बाबू भवानी शंकर अग्रवाल,लाला होतीलाल महेश्वरी,लाला जमुना प्रसाद व जटाशंकर दुबे व स्वर्गीय पंडित काशी नाथ शुक्ला व स्वर्गीय राम अवतार गुप्त व मूलचंद गुप्ता व बनारसी दास औदिच्य व पंडित सतीश चंद्र दुबे व मदन मोहन महेश्वरी व रवि दुबे आदि अध्यक्ष पद पर रहे है|
लेकिन हालात कैसे भी रहे हो लेकिन कमेटी ने फिर मुड़कर नही देखा| जिसका परिणाम है कि प्रति वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आकर रावण का वध देखकर श्रीराम की जयकार करते है| रामलीला से जुड़े और दशकों से अपने जहन में इतिहास को ताजा किये कस्बे के बुजुर्ग राधे गुरु का कहना है की लगभग 200 वर्ष पूर्व कस्बे में रामलीला नही होती थी| जिससे क्षेत्र के बाशिंदों ने पड़ोसी जनपद कन्नौज के विशुनगढ़ के राजा के दरवार में पेश होकर कमालगंज में रामलीला कराने की गुजारिश की| जिसके बाद राजा ने रामलीला के लिये साजो-सामान की व्यवस्था करायी थी| जिसके बाद कस्बे में रामलीला का चलन शुरू हो गया|
उनका कहना है की पहले इतनी व्यवस्था नही थी| जिसके चलते अँधेरे के लिये लालटेन का प्रयोग होता था| आज इलेक्ट्रानिक समय में रंगबिरंगी लाइटो ने रामलीला की आधुनिकता को बल दिया| रामलीला में बीएससी में पढने वाले विशाल पाठक श्रीराम का रोल अदा कर रहे है| वही सीता का रोल अनमोल मिश्रा सीता की का किरदार निभा रहे है| (मुईद खान)

यूपी व उत्तराखंड के पूर्व सीएम एनडी तिवारी का जन्मदिन के दिन ही निधन

0

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी का निधन हो गया| नारायण दत्त तिवारी का निधन दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ| वह 93 साल के थे| एनडी तिवारी बीते एक साल से बीमार चल रहे थे| वह तीन बार उत्तरप्रदेश और एक बार उत्तराखंड के सीएम रहे| वह आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं| इसके अलावा वह केंद्र में वित्त और विदेश मंत्री भी रह चुके हैं. आज ही एनडी तिवारी का जन्मदिन भी था. एनडी तिवारी का जन्म 18 अक्टूबर 1925 को हुआ था और संयोगवश उनका निधन भी 18 अक्टूबर को ही हुआ. वह इकलौते ऐसे शख्स थे, जो दो राज्यों के मुख्यमंत्री पद पर रह चुके हैं. डॉक्टरों ने बताया कि एनडी तिवारी का निधन दोपहर दो बजकर 50 मिनट पर हुआ. उन्हें 26 अक्टूबर को अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था. वह बुखार और निमोनिया से पीड़ित थे.
कौन हैं एनडी तिवारी
एनडी तिवारी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से राजनीतिशास्त्र में एमए किया. उन्होंने एमए की परीक्षा में विश्वविद्याल में टॉप किया था. बाद में उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री भी हासिल की. 1947 में आजादी के साल ही एनडी तिवारी इस विश्वविद्यालय में छात्र यूनियन के अध्यक्ष चुने गए. यह उनके सियासी जीवन की पहली सीढ़ी थी. आजादी के बाद 1950 में उत्तर प्रदेश के गठन और 1951-52 में प्रदेश के पहले विधानसभा चुनाव में तिवारी ने नैनीताल (उत्तर) सीट से सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर हिस्सा लिया.
1965 में कांग्रेस के टिकट पर जीते
कांग्रेस की हवा के बावजूद वे चुनाव जीत गए और पहली विधानसभा के सदस्य के तौर पर सदन में पहुंच गए. यह बेहद दिलचस्प है कि बाद के दिनों में कांग्रेस की सियासत करने वाले तिवारी की शुरुआत सोशलिस्ट पार्टी से हुई. 431 सदस्यीय विधानसभा में तब सोशलिस्ट पार्टी के 20 लोग चुनकर आए थे. कांग्रेस के साथ तिवारी का रिश्ता 1963 से शुरू हुआ. 1965 में वह कांग्रेस के टिकट पर काशीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुने गए और पहली बार मंत्रिपरिषद में उन्हें जगह मिली. कांग्रेस के साथ उनकी पारी कई साल चली.
1976 को पहली बार सीएम बने
1968 में जवाहरलाल नेहरू युवा केंद्र की स्थापना के पीछे उनका बड़ा योगदान था. 1969 से 1971 तक वे कांग्रेस की युवा संगठन के अध्यक्ष रहे. एक जनवरी 1976 को वह पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. यह कार्यकाल बेहद संक्षिप्त था. 1977 के जयप्रकाश आंदोलन की वजह से 30 अप्रैल को उनकी सरकार को इस्तीफा देना पड़ा. तिवारी तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे. वह अकेले राजनेता हैं जो दो राज्यों के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उत्तर प्रदेश के विभाजन के बाद वे उत्तरांचल के भी मुख्यमंत्री बने. केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्हें याद किया जाता है.
प्रधानमंत्री पद की भी थी दावेदारी
1990 में एक वक्त ऐसा भी था जब राजीव गांधी की हत्या के बाद प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी दावेदारी की चर्चा भी हुई. आखिरकार कांग्रेस के भीतर पीवी नरसिंह राव के नाम पर मुहर लग गई. बाद में तिवारी आंध्रप्रदेश के राज्यपाल बनाए गए, लेकिन यहां उनका कार्यकाल बेहद विवादास्पद रहा.
आपत्तिजनक वीडियो से हुई थी छीछालेदर
वर्ष 2009 में जब एनडी तिवारी आंध्र प्रदेश के राज्यपाल थे, उस दौरान उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में थे. इस पर काफी किरकिरी होने पर कांग्रेस ने एनडी तिवारी को हाशिए पर डाल दिया. तिवारी इकलौते ऐसे नेता रहे, जिन्हें दो राज्यों का मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला. यूपी से जहां तीन बार तो उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री रहे.
जब बना ली थी अलग पार्टी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष बनने के बाद से राजनीति में उतरे नारायण दत्त तिवारी ने लंबा राजनीतिक सफर तय किया. उद्योग, वाणिज्य, पेट्रोलियम और वित्त मंत्री रहने के साथ योजना आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे. केंद्र सरकार में लंबी भूमिकाएं निभाईं. वर्ष 1995 में नाराजगी के चलते एनडी तिवारी ने कांग्रेस छोड़कर अलग पार्टी बना ली थी. हालांकि सफल न होने पर दोबारा उन्होंने घर वापसी की.
केस होने पर माना बेटा
वर्ष 2008 में रोहित शेखर ने उन्हें जैविक पिता बताते हुए कोर्ट में मुकदमा कर दिया था. जिस पर कोर्ट ने डीएनए टेस्ट कराने का आदेश दिया तो एनडी तिवारी ने अपना नमूना ही नहीं दिया. बाद में कोर्ट के आगे नतमस्तक होते हुए एनडी तिवारी ने जहां रोहित को अपना कानूनी रूप से बेटा मानते हुए संपत्ति का वारिस बनाया, वहीं उज्जवला से 88 साल की उम्र में शादी की. दरअसल उज्जवला से एनडी तिवारी के पुराने प्रेम संबंध रहे, मगर उन्होंने शादी नहीं की थी.
89 साल की उम्र में उज्ज्वला से की शादी
पितृत्व विवाद में फंसने के बाद रोहित शेखर को अपना बेटा मानने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वरिष्ठ कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी ने रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा से विधिवत विवाह कर लिया. तिवारी के स्टाफ के एक सदस्य ने नाम उजागर न करने की शर्त पर आज यहां बताया कि 89 वर्षीय तिवारी ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर उज्ज्वला से विधिवत विवाह कर लिया. उज्ज्वला रोहित शेखर की मां है, जिन्होंने तिवारी से पितृत्व के दावे को लेकर अदालत की लड़ाई लड़ी थी और उसमें उन्हें जीत हासिल हुई थी. उसके बाद तिवारी ने रोहित को सार्वजनिक रूप से अपना बेटा मान लिया था. पितृत्व विवाद सुलझने के बाद उज्ज्वला शुरुआती गतिरोध के बाद हाल में तिवारी के लखनउ स्थित घर में रहने लगी थीं| तिवारी तीन बार उत्तर प्रदेश के जबकि एक बार उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. वह विदेश मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं. वर्ष 2007 से 2009 के बीच आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी रहे, लेकिन सेक्स स्कैंडल में फंसने के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा था.

सूबे में वोटों के बिखराव से मिशन 2019 पूरा करेगी बीजेपी

0

Posted on : 15-10-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics- Sapaa, Politics-BJP, Politics-BSP, Politics-CONG.

लखनऊ:विपक्ष के महागठबंधन होने और न होने की अटकलों के बीच भाजपा ने उप्र में वोटों के बिखराव की भूमिका रचनी शुरू कर दी है। समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के शिवपाल सिंह यादव की अगुआई में छोटे दलों की जुटान और पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह के नए दल के गठन को इसी रूप में देखा जा रहा है। विपक्ष का गठबंधन हो या न हो लेकिन, भाजपा अपने इस फार्मूला से 73 से ज्यादा सीटें जीतने के मिशन में जुट गई है।
बीती मार्च में गोरखपुर और फूलपुर में हुए उपचुनाव में विपक्ष के गठबंधन ने भारतीय जनता पार्टी को जबर्दस्त झटका दिया और तभी से महागठबंधन भाजपा के लिए चुनौती बना है। भाजपा की गोरखपुर और फूलपुर से शुरू हुआ पराजय का सिलसिला कैराना और नूरपुर के उपचुनाव तक चला। यद्यपि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने पड़ोसी राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन न करने का एलान कर भाजपा को थोड़ी राहत जरूर दी लेकिन, इन दोनों के गठबंधन की संभावना समाप्त नहीं हुई है। इनकी काट के लिए भाजपा के नियंता एक तरफ जातीय गोलबंदी में पूरी ताकत से जुटे हैं और दूसरी तरफ विपक्ष के विद्रोहियों को ताकत देने में लगे हैं।
प्रतापगढ़ के कुंडा क्षेत्र के निर्दल विधायक रघुराज प्रताप सिंह का लंबे समय से समाजवादी पार्टी के साथ गठजोड़ रहा है लेकिन, पिछले राज्यसभा के चुनाव में रघुराज ने सपा-बसपा गठबंधन को झटका दे दिया था। लिहाजा बसपा के भीम राव अंबेडकर राज्यसभा में जाते-जाते रह गए थे।
बनेगा छोटे दलों का बड़ा मोर्चा
रघुराज प्रताप सिंह अब अपनी नई पार्टी बनाने के लिए चुनाव आयोग में अर्जी डाल चुके हैं। रघुराज प्रताप सिंह के कई जिलों में समर्थक हैं और तय है वह विपक्ष को ही क्षति पहुंचाएंगे। समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाकर लगभग हर जिले में अपना संगठन खड़ा कर चुके पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव को भाजपा पूरी ताकत दे रही है। सरकार ने हाल में शिवपाल को एक बड़ा बंगला देकर उपकृत किया है। यह बंगला उनकी राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। शिवपाल सपा को कमजोर करने के लिए छोटे-छोटे दलों को जोडऩे में सक्रिय हैं। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू अपर्णा यादव भी शिवपाल के साथ खड़ी हो गई हैं। हालांकि सियासी समीकरण बनाने को शिवपाल मंचों से भाजपा पर हमलावर भी हैं। राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष गोपाल राय के जरिये उन्होंने शनिवार को राजधानी में दो दर्जन दलों की जुटान कर एक बड़ा मोर्चा बनाने की राह आसान कर दी।
उधर, बुंदेलखंड में सक्रिय बुंदेला राज परिवार के चंद्रभूषण सिंह उर्फ राजा बुंदेला ने भी एक मोर्चा बनाने का एलान कर बुंदेलखंड का सियासी पारा चढ़ा दिया है। जाहिर है कि इन छोटे-छोटे क्षत्रपों की एकजुटता से विपक्ष के ध्रुवीकरण को ही झटका लगेगा। पश्चिमी उप्र में भीम आर्मी के चंद्रशेखर के उभार को भी भाजपा अपने अनुकूल बनाने में जुटी है।
दूसरे दलों के मजबूत कार्यकर्ताओं को जोडऩे पर जोर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय और संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने अपने कार्यकर्ताओं को सपा, बसपा और कांग्रेस मुक्त बूथ बनाने का लक्ष्य दिया है। इसके लिए विपक्ष के ताकतवर कार्यकर्ताओं को तोड़कर भाजपा से जोडऩे की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा 2014 को दोहराने के लिए यह उपक्रम कर रही है। 2014 के लोकसभा चुनाव में उप्र में भाजपा को 71 और गठबंधन में शामिल अपना दल को दो सीटें मिली थीं। खास बात यह कि 26 सीटों पर सपा, बसपा और कांग्रेस को मिले मतों से भी ज्यादा मत भाजपा को मिले थे। सात सीटों पर भाजपा इन तीनों दलों से कुछ ही पीछे थी। रायबरेली, अमेठी, आजमगढ़, बदायूं, मैनपुरी, फीरोजाबाद और कन्नौज में भाजपा हारी थी। अब गोरखपुर, फूलपुर और कैराना में भी विपक्ष का कब्जा है। भाजपा इन क्षेत्रों में भी विपक्ष के ही ताकतवर नेताओं को तोडऩे की मुहिम में है।

बसपा जिला महासचिव पद से बर्खास्त

0

Posted on : 13-10-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BSP

फर्रुखाबाद:बहुजन समाज पार्टी ने पार्टी के जिला महासचिव को आला कमान के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त कर दिया गया है| जिससे पार्ट्री में हड़कम्प मचा है|
बसपा जिलाध्यक्ष विजय कुमार भास्कर ने बताया कि पार्टी के जिला महासचिव अनिल कुमार टीटू काफी समय से संगठन के कार्य में लापरवाही के साथ ही निष्क्रियता व अनुशासनहीनता काफी समय से कर रहे थे| जिसकी लगातार शिकायत मिल रही थी| जिसके चलते मुख्य जोंन इंचार्ज के निर्देश पर धन्सुआ निवासी शिवकुमार गौतम पुत्र डालचन्द्र को जिला महासचिव मनोनीत किया गया है| उनको संगठन की मजबूती बनाये रखने के निर्देश दिये गये है|

शिवपाल यादव पर मेहरबान योगी,बीएसपी कार्यालय का बंगला आवंटित

0

Posted on : 12-10-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics- Sapaa, Politics-BJP, Politics-BSP

लखनऊ:उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संयोजक शिवपाल सिंह यादव पर बड़ी मेहरबान है। शिवपाल सिंह यादव के आइएएस अफसर दामाद को यूपी कॉडर में बरकरार रखने के बाद प्रदेश सरकार ने अब शिवपाल सिंह यादव को वह बंगला आवंटित किया है, जिसमें बसपा का कार्यालय था। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती का सरकारी बंगला समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के अध्यक्ष शिवपाल यादव को अलॉट कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने बंगले में जाकर उसका निरीक्षण किया।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने लखनऊ में बसपा मुखिया मायावती के पूर्व कार्यालय 6 लाल बहादुर शास्त्री मार्ग के बंगला को शिवपाल सिंह यादव को आवंटित कर दिया है। समाजवादी पार्टी के बगावत करने के बाद नया दल बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव पर योगी आदित्यनाथ सरकार बेहद मेहरबान है। राज्य संपत्ति विभाग ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को नया बंगला आवंटित किया है, उसमें कभी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया का दफ्तर था। राज्य संपत्ति विभाग के इस फैसले को कुछ लोग सियासी समीकरण से भी जोड़कर देख रहे हैं।
समाजवादी पार्टी से बगावत कर समाजवादी सेकुलर मोर्चा का गठन करने वाले शिवपाल यादव पर योगी सरकार कुछ ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रही है। राज्य संपत्ति विभाग ने शिवपाल यादव को नया बंगला आवंटित किया है। इस बंगले में कभी बसपा अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का आफिस हुआ करता था।शिवपाल पर प्रशासन की इस मेहरबानी से कई कयास लगाए जाने लगे हैं। शिवपाल को बंगला बतौर विधायक दिया गया है। बंगले का आवंटन होने के बाद शिवपाल तत्काल बंगले में गए और वहां का निरीक्षण किया। अब इस बंगले में शिवपाल अपनी पार्टी का आफिस बना सकते हैं। शिवपाल पर सरकार की मेहरबानी के पीछ माना जा रहा है कि अखिलेश के खिलाफ शिवपाल को आगे बढ़ाकर बीजेपी यूपी में 2019 की सियासी जंग फतह करना चाहती है।
यूपी सरकार ने शिवपाल सिंह यादव को वह बंगला आवंटित किया है, जो कुछ समय पहले तक बसपा मुखिया के पास था। मुख्यमंत्री रहते हुए मायावती ने पार्टी के इस कार्यालय में काफी पैसा लगाया था। उस समय छह, लालबहादुर शास्त्री मार्ग का बंगला काफी चर्चा में रहा था।राजनीतिक गलियारों में काफी समय से यह कहा जा रहा था कि शिवपाल सिंह यादव भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर राजनीति कर रहे हैं और समाजवादी पार्टी से बगावत कर रखी है। समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाए जाने को लेकर भी तमाम तरह के सवाल उठे कि यह सेक्युलर मोर्चा कुल मिलाकर भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाएगा।
राज्य संपत्ति विभाग ने शिवपाल सिंह यादव को 6 एलबीएस (लाल बहादुर शास्त्री) बंगला आवंटित किया है। यह बंगला उन्हें बतौर विधायक आवंटित किया गया है। बंगले का आवंटन होने के बाद शिवपाल तत्काल बंगले में गए और वहां का निरीक्षण किया। इस बंगले में इससे पहले मायावती का कार्यालय हुआ करता था। बताया जा रहा है कि अब इस बंगले में शिवपाल सिंह यादव अपनी पार्टी का दफ्तर बनाएंगे। समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद शिवपाल सिंह ने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बना लिया है और उसी का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने मुलायम को भी मोर्चा के बैनर तले चुनाव लडऩे को कहा है। अगस्त की शुरुआत में शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने दामाद को लेकर मुलाकात भी की थी। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि वो इटावा में बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री से मिले थे।
मायावती को 2011 में आवंटित हुए इस एलबीएस-6 सरकारी बंगले को लेकर विवाद हुआ था। यह बात सामने आई थी कि यह बंगला नंबर-6 का आवंटन उन्हें कथित फर्जी आदेश के जरिए किया गया था। बसपा अध्यक्ष को एक साथ दो बंगले आवंटित होने पर भी सवाल उठे थे।

[bannergarden id="12"]