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यूपीए के डिनर जश्न में बसपा हुई शामिल, मुलायम नदारद

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Posted on : 23-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : Delhi, Politics- Sapaa, Politics-BSP, Politics-CONG.

UPA-2 4th dinnerयूपीए-2 के चार साल पूरे होने के जश्न में यूं तो बड़े चेहरों ने दूरियां बनाए रखी, लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती की अनुपस्थिति में उनके दो प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने सरकार के रणनीतिकारों के चेहरे खिला दिए। हालां‌कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव जश्न से नदारद रहे।

‌सरकार के रणनीतिकारों को बसपा प्रतिनिधियों सतीश चंद्र मिश्र और बृजेश पाठक के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। दोनों डिनर शुरू होने के बाद सात रेस कोर्स पहुंचे। इन दोनों की मौजूदगी से फिलहाल समय पूर्व चुनाव की अटकलों पर विराम लग गया है।

लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान के लिए भी चार साल का जश्न खास रहा क्योंकि उन्हें पहली बार मंच पर बैठने की जगह मिल गई।

हालांकि डिनर टेबल अमर सिंह की उपस्थिति ने सीट मैनेजमेंट को थोड़ा उलझा दिया, उनकी सहयोगी जयाप्रदा सीट ढूंढती नजर आई।

हाल ही में रेल मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले पवन कुमार बंसल समारोह में गंभीर मुस्कराहट के साथ मौजूद दिखे, तो अश्विनी कुमार कहीं नजर नहीं आए। सपा अपनी पूरी टीम के साथ ही नदारद दिखी।

समारोह के दौरान सीट मैनेजमेंट का जिम्मा संभालने वाले केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला बेहद परेशान दिखे। दरअसल पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक सोनिया गांधी और राहुल गांधी की टेबल के साथ रालोद के अजित सिंह, लालू प्रसाद, रामविलास पासवान और रक्षा मंत्री एके एंटनी को बैठना था।

मगर एक कुर्सी पर अमर सिंह ने कब्जा जमा लिया, तो दूसरे पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने। इस दौरान सोनिया ने अमर सिंह का हालचाल भी पूछा, मगर राजीव शुक्ला को एंटनी और अजित के लिए प्रधानमंत्री के टेबल के पास इंतजाम कराना पड़ा।

जैसे ही समारोह में सतीश चंद्र मिश्र और बृजेश के आने की सूचना मिली, शुक्ला उनकी ओर लपके और इनके लिए सोनिया के बगल में अलग से कुर्सी डलवाई गई।

कहना न होगा कि इन दोनों नेताओं के लिए कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं को अपनी कुर्सी खाली करनी पड़ गई। इस दौरान बंसल पूरी गर्मजोशी के साथ मौजूद थे और इनके लिए सहानुभूति की बारिश सी हो रही थी। सभी की नजरें अश्विनी कुमार को ढूंढ रही थी जो कहीं दिखाई नहीं दे रहे थे।

समारोह में हाल ही में उपाध्यक्ष बनाए गए राहुल गांधी को पहली बार मंच पर बैठने का अवसर मिला। इसके जरिये कांग्रेस नेतृत्व ने राहुल के बढ़ाए गए कद की ओर साफ इशारा कर दिया।

स्मारक घोटाला: लोकायुक्त ने जुटा दिए सभी साक्ष्य, केवल विवेचना की जरुरत| गेंद अखिलेश के पाले में

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Posted on : 21-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : Politics- Sapaa, Politics-BSP

stop corruptionलखनऊ: स्मारक घोटाले पर कार्रवाई को लेकर निगाहें राज्य सरकार की ओर हैं। हालांकि, सरकार को लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट पर फैसला लेने के लिए तीन माह का समय है।

यूपी के लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा अब तक मायावती सरकार में मंत्री रहे आधा दर्जन से राजनेताओं के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति, पद के दुरुपयोग की जांच की सिफारिशें की थी, जिस पर सरकार ने जांच का जिम्मा सतर्कता विभाग को सौंप रखा है। मगर, स्मारक घोटाले में लोकायुक्त ने सिफारिशें तकनीकी आवरण में है।

लोकायुक्त ने जांच सीबीआई को देने या फिर ऐसी एसआईटी (विशेष पुलिस बल) गठित करने की सिफारिश की है, जो सरकार के नियंत्रण से मुक्त हो। इसी बिन्दु पर निगाहें हैं, आखिर इस सिफारिश पर सरकार कैसा फैसला लेती है। इसी फैसले पर पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबूसिंह कुशवाहा, इंजीनियरों, ठेकेदारों, पत्थरों की आपूर्ति करने वालों और लेखाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुतियों के आधार पर निर्णय होगा। लोकायुक्त ने यह भी कहा है कि अगर जो भी जांच दल हो वह साक्ष्य जुटाने के स्थान पर विवेचना करे क्योंकि साक्ष्य उपलब्ध करा दिये गये हैं।

गौरतलब है कि पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन के खिलाफ लोकायुक्त इससे पहले भी दो जांच रिपोर्ट भेज चुके हैं, जिसमें से एक में सतर्कता जांच हो रही है। दूसरी पर सरकार ने अभी फैसला नहीं लिया है। बाबूसिंह कुशवाहा के खिलाफ भी लोकायुक्त की जांच के आधार पर सतर्कता विभाग जांच कर रहा है। लेकिन उन जांचों में इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों की संलिप्तता नहीं पायी गई थी।

इन पूर्व मंत्रियों केखिलाफ लोकायुक्त की संस्तुति पर पहले ही चल रही जांच

बादशाह सिंह, अयोध्या पाल, अवधपाल, चन्द्रदेव राम यादव, बाबूसिंह कुशवाहा, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, रंगनाथ मिश्र, रामवीर उपाध्याय।

स्मारक घोटाला: माया को क्लीनचिट, नसीमुद्दीन और बाबू सिंह दोषी

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Posted on : 20-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : Politics-BSP

maya smarak parkलखनऊ : उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त ने लखनऊ व नोएडा स्मारक घोटाले की जांच रिपोर्ट सोमवार को सरकार को सौंप दी है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा नेत्री मायावती को क्लीनचिट दे गई है जबकि पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा और नसीमुद्दीन के अलावा कई जनप्रतिनिधि, वकील, पीडब्ल्यूडी व निर्माण निगम के इंजीनियरों समेत करीब 200 लोगों को दोषी करार दिया गया है। उल्लेखनीय है कि बसपा सरकार में नोएडा व लखनऊ में करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपए की लागत से स्मारकों, पार्को का निर्माण कराया गया। इसमें करीब 14 अरब को घोटाला हुआ।

समाजवादी सरकार ने स्मारकों व पार्को के निर्माण में हुए घोटाले की जांच लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा को सौंपी थी। लोकायुक्त ने सोमवार को रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। उन्होंने यूपी पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू), वित्त विशेषज्ञों के विश्लेषण के आधार पर 30 फीसदी से अधिक धन के दुरुपयोग का निष्कर्ष निकाला है। इसके लिए दो पूर्व मंत्रियों, दो पूर्व विधायक और एक वर्तमान विधायक समेत करीब 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। लोकायुक्त सरकारी धन के नुकसान की भरपाई आरोपित किये लोगों से करने की सिफारिश भी की है।

भ्रष्टाचार के मामलो में यूपी के 10 पूर्व मंत्री होंगे सलाखों के पीछे!

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Posted on : 20-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : Politics-BSP

21may2010bspमायावती सरकार के 10 मंत्री विजिलेंस जांच के घेरे में हैं| इन पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, सरकारी जमीनों पर कब्जा, राजस्व हानि, पद का दुरुपयोग और आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने जैसे आरोप हैं| इनमें से कुछ सलाखों के पीछे हैं और जल्द ही कुछ और माननीय जेल पहुंचाए जाएंगे|

बीएसपी सरकार के तीन पूर्व मंत्रियों- रंगनाथ मिश्र, अवध पाल सिंह यादव और बादशाह सिंह पर आरोपों को सही पाया गया है| सरकार ने इन मंत्रियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल करने पर अपनी सहमति दे दी है| विजिलेंस को जरूरी तैयारी करने के लिए भी कहा गया है|

विजिलेंस को पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज करने की भी अनुमति मिल गई है| चंद्रदेव के खिलाफ जल्दी ही भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होगा. फिलहाल वह लैकफेड के घोटाले में जेल में बंद हैं|

चंद्रदेव मायावती सरकार के ऐसे चौथे मंत्री हैं जिनके खिलाफ विजिलेंस मुकदमा दर्ज करने जा रहा है. इससे पहले रंगनाथ मिश्र, बादशाह सिंह और अवधपाल यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया किया है|

न्याय विभाग मामलों का परीक्षण कर जल्द ही शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपने की मशक्कत में जुटा है| शासन स्तर पर सुगबुगाहट तेज हो गई है| सरकार की तरफ से जल्द ही इसे हरी झंडी मिलने के भी आसार हैं| इसके साथ ही पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, राकेशधर त्रिपाठी, रामवीर उपाध्याय और बाबू सिंह कुशवाहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी गई है|

विजिलेंस ने सभी 10 पूर्व मंत्रियों के खिलाफ ठोस सबूत जुटा लिए हैं और सरकार से अनुमति मिलते ही जांच एजेंसी गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू कर देगी| इन पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, सरकार जमीनों पर कब्जा, राजस्व हानि, पद का दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जांच चल रही है| आरोपपत्र दाखिल होते ही अवधपाल सिंह यादव की गिरफ्तारी हो सकती है जबकि दो पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र व बादशाह सिंह पहले से ही जेल में हैं|

प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त और गड़बड़ी करने वाले मंत्रियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी| उनको बख्शा नहीं जाएगा. मायावती सरकार के केवल 10, नहीं अभी और भी कई मंत्री जेल जाने को तैयार रहें|

गौरतलब है कि लोकायुक्त की सिफारिश के बाद प्रदेश सरकार के आदेश पर विजिलेंस ने जांच शुरू की थी| मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीएसपी के पूर्व मंत्रियों के खिलाफ लंबित जांच में देरी पर कई बार नाराजगी जताई और जांच को एक माह में पूरा करने के लिए कहा था| अब जांच पूरी हो गयी है और कई मंत्रियों के जेल जाने की नौबत आ गई है| जेल जाने से बचने के लिए कुछ पूर्व मंत्री सुप्रीम कोर्ट भी गए थे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली|

ईओडब्ल्यू ने एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर प्रदेश के गृह विभाग के पूर्व प्रमुख सचिव कुंवर फतेह बहादुर व पूर्व एडीजी आरएस सिंह के खिलाफ जांच शुरू की है| राजधानी की एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में प्रारंभिक जांच ईओडब्ल्यू के अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र बहादुर को सौंपी गई है|

यह केस दो आपराधिक मुकदमों में कथित रूप से जान बूझकर सोची-समझी साजिश के तहत अभियुक्तों की गलत ढंग से मदद पहुंचाने से संबंधित है|

सामाजिक कार्यकर्ता के अनुसार, इनमें पहला प्रकरण गजरौला की एक कंपनी से संबंधित है जो इस कंपनी के डायरेक्टरों द्वारा फर्जी एंट्री के आधार पर करीब 3261 लाख रुपये की सब्सिडी हड़पने के बारे में है| दूसरे मामले में अमरोहा की एक कंपनी के डायरेक्टरों पर लुभावने वायदे कर 45.99 लाख रुपये गबन करने का आरोप है|

सामाजिक कार्यकर्ता के अनुसार, इन दोनों मामलों में ईओडब्ल्यू ने कई बार आरोपपत्र भेजा था. उन्होंने लोकायुक्त से इनकी जांच कराने की मांग की थी जिस पर लोकायुक्त ने राज्य सरकार को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे| सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ है|

खूब लूटा खजाना! नसीमुद्दीन व कुशवाहा सहित 200 अन्य के खिलाफ स्मारक में घोटाले के मिले साक्ष्य

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Posted on : 17-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : Corruption, LUCKNOW, Politics-BSP

naseemuddeen siddiqueलखनऊ : उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार के दौरान अंबेडकर स्मारकों के निर्माण में हुए घोटाले की जाँच लोकायुक्त एन के मेहरोत्रा ने पूरी कर ली है | लोकायुक्त को अपनी जाँच के दौरान तक़रीबन 200 लोगों के इस घोटाले में शामिल होने के सुबूत मिले हैं। मिली जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त जाँच की रिपोर्ट बना चुके हैं और सोमवार को अपनी संस्तुतियां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेज देंगे।

लोकायुक्त जाँच में सामने आया है कि इस घोटाले में माया के दो करीबी मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबू सिंह कुशवाहा और 3 बसपा विधायकों सहित लगभग 200 अन्य शामिल रहे हैं। इनमें एलडीए, निर्माण एजेंसियों के इंजीनियर, खनन अधिकारी सहित वकील और कंसोर्टियम के लोग शामिल हैं| वहीँ हैरत कि बात ये है कि किसी आईएएस अधिकारी की गर्दन इसमें नहीं फंसी है।

गौरतलब है कि जब मायावती एक बार फिर प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई तब से 2011 के बीच कई अंबेडकर स्मारकों व पार्कों का पुनर्निर्माण कार्य आरंभ हुआ| इस पुनर्निमाण कार्य में जमकर घोटाला हुआ| जो परत दर परत सामने आ रहे हैं। इनसे जुडी एक और जाँच जल्द ही शुरू होने वाली है। इस बार भूतत्व और खनिकर्म विभाग ने लखनऊ नोयडा में बने स्मारकों की मिट्टी, पत्थर, ताज एक्सप्रेस वे,बुद्ध सर्किट में बालू खनन की रॉयलटी चोरी की जाँच का आदेश दिया है।

उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार पहले से ही लोकायुक्त द्वारा इन स्मारकों की जाँच करवा रही है। विभाग के निदेशक चक्रापाणि ने सम्बंधित जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि वो जरुरत होने पर पुलिस दल भी जाँच अधिकारियों को उपलब्ध करवाएं।

अंबेडकर स्मारकों के निर्माण में अरबों का घोटाला

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए राजधानी और नोएडा में अंबेडकर स्मारकों और पार्कों का निर्माण आरंभ हुआ| इनको दलित तीर्थ स्थलों के नाम से प्रचारित किया गया| देश भर के दलित इनकी एक झलक पाने को लखनऊ और नोएडा आते रहे है| वर्ष 2007 में जब मायावती एक बार फिर प्रदेश की सत्ता पर काबिज हुई तब से 2011 के बीच कई अंबेडकर स्मारकों व पार्कों का पुनर्निर्माण कार्य आरंभ हुआ| इसी पुनर्निमाण कार्य में जमकर घोटाला हुआ| स्मारक निर्माण घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू का कहना है कि माया राज में अंबेडकर स्मारकों के निर्माण में तक़रीबन 14.10 अरब का घोटाला हुआ है। इस बड़ी रकम को नेताओं, अधिकारियों और ठेकेदारों ने आपस में बाँट लिया है।

जाँच एजेंसी ने इस घोटाले का जिम्मेदार नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबूसिंह कुशवाहा के साथ ही पीडब्लूडी, आरएनएन सहित कुशवाहा के नियंत्रण वाले विभाग के इंजीनियरों को माना है। ईओडब्ल्यू ने लोकायुक्त एन.के मल्होत्रा को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा है की इस निर्माण में 14.10 अरब का घोटाला हुआ।

स्मारकों के निर्माण में हुए धांधली का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है क़ी अधिकारियों ने सरकारी धन की लुट के लिए, ऐसा रास्ता निकाला जो सिर्फ यही अधिकारी सोच सकते थे| वो था पत्थरो को तराशने के काम का जिस बलुवा पत्थर को मिर्जापुर और चुनार से खरीद कर सीधे लखनऊ पहुचाया जा सकता था वो पत्थर सीधे राजस्थान के बयाना भेजे गए थे, तराशे जाने के लिए, उसके बाद उन पत्थरो को लखनऊ लाया गया | अगर बयाना भेजे गए पत्थरो को मिर्जापुर में ही तराशा गया होता तो ढुलाई में खर्च हुए 15.60 करोड़ रुपये बचा लिए गए होते| स्मारकों के लिए लाये गए पत्थर और अन्य साजो सामान भी ऊँची दरों पर ख़रीदा गया| रिपोर्ट में कहा गया की इस खरीद पर बाजार दर से 34 प्रतिशत अधिक दाम चुकाया गया था| इससे सरकार को 14.10 अरब का नुकसान हुआ और ये पैसा घोटालेबाजों की जेब में चला गया|

जाँच में ये भी सामने आया है कि पत्थरों की खरीद का अनुमोदन देने में नसीमुद्दीन, कुशवाहा, पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन चीफ इंजीनियर टी राम, आरएनएन के तत्कालीन एमडी व परियोजना अधिकारियों, भूतत्व खनिकर्म निदेशालय के संयुक्त निदेशक ने मुख्य भूमिका अदा की।

वहीँ बहुजन समाज पार्टी में कद्दावर मंत्री रहे और वर्त्तमान में गाजियाबाद की डासना जेल में बंद बाबूसिंह कुशवाहा ने उत्तर प्रदेश में अंबेडकर स्मारकों के निर्माण में हुए करोड़ों के घोटाले के लिए पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी को जिम्मेदार बताया। इस घोटाले की जाँच ईओडब्ल्यू कर रही है| जाँच अधिकारियों को दिए अपने बयान में पूर्व मंत्री ने कहा है स्मारकों के निर्माण से संबंधित सारे फैसले ‘उच्च स्तर’ और निर्माणदायी संस्था के मंत्री ने ही किए थे। कुशवाहा का यह बयान ईओडब्ल्यू ने अपनी जाँच रिपोर्ट के साथ लोकायुक्त एन के मेहरोत्रा को सौंप दिया है। फिलहाल लोकायुक्त रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं| वर्त्तमान में कुशवाहा प्रदेश में हुए एनआरएचएम घोटाले के आरोप में जेल में हैं|

लोकायुक्त के अनुसार रिपोर्ट के साथ साक्ष्य के रूप में दस्तावेज भी हैं अतः इसके अध्ययन में काफी समय लगेगा। लोकायुक्त के मुताबिक ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट में पूर्व मंत्री बाबूसिंह का बयान भी काफी महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि सवाल जवाब के दौरान कुशवाहा ने जाँच अधिकारियों के सामने कहा कि स्मारकों के लिए पत्थरों का चयन नसीमुद्दीन की देखरेख में किया गया और पर्यवेक्षण भी उन्हीं का था। जहां तक पत्थरों के मूल्य का प्रश्न है तो इसका निर्धारण पीडब्लूडी ने किया था, जिसके मंत्री नसीमुद्दीन थे। हाथी और मूर्तियां लगाने का निर्णय भी नसीमुद्दीन का ही था।

अनुराग जाटव के बसपा से चुनाव लड़ने पर रोक

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Posted on : 17-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BSP

FARRUKHABAD : वामसेफ जिलाध्यक्ष के पति को थप्पड़ मारने का खामियाजा बसपा एमएलसी सतीश जाटव के पुत्र एवं कायमगंज विधानसभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी रहे अनुराग जाटव को महंगा पड़ गया है। गुरुवार को बसपा जिलाध्यक्ष अजय भारती ने बताया कि अनुशासनात्मक कार्यवाही के अंतिम आदेशों तक अनुराग के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है।

Anurag jatav satish jatav

विदित है कि बीते दिनों कानपुर में हुई बसपा की एक समीक्षा बैठक के दौरान किसी बात पर विवाद हो जाने पर अनुराग जाटव ने कथित रूप से वाम सेफ जिलाध्यक्ष के पति संजीव प्रभाकर के भरी बैठक में थप्पड़ जड़ दिया था। जिसको लेकर पार्टी के भीतर कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी व पार्टी आला कमान से भी शिकायत की गयी थी।

गुरुवार को नसीमुदीन के दौरे के दौरान इस सम्बंध में किसी की कार्यवाही की अटकलें पूर्व से ही लगायी जा रही थीं। गुरुवार को नसीमुददीन सिददीकी के दौरे के उपरांत जिलाध्यक्ष अजय भारती से इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अग्रिम आदेशों तक अनुराग जाटव को किसी चुनाव का प्रत्याशी बनाये जाने पर रोक लगा दी गयी है।

केके गौतम व नौशाद सहित बसपा के नौ एमएलसी को हाई कोर्ट की नोटिस

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Posted on : 16-05-2013 | By : जेएनआई-डेस्क | In : LUCKNOW, Politics-BSP, कानून/न्याय

लखनऊ : इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने पूर्व बसपा सरकार में नामित नौ विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) के नामित किए KK Gautamजाने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सभी सदस्यों को नोटिस जारी की है। पीठ ने एमएलसी गोपाल नरायण मिश्रा, रामचंद्र प्रधान, नौशाद अली, कमल कांत गौतम, विनय शाक्य, एमएल तोमर, मंगल सिंह सैनी, डॉ. मेघर्म सिंह व रामबोध से अगली सुनवाई पर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई जुलाई के तीसरे सप्ताह में होगी।

मुख्य न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह व न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना की पीठ ने याची सुदर्श अवस्थी द्वारा दायर याचिका पर यह निर्देश दिए हैं। याचिका में कहा गया है कि इन सभी एमएलसी को नामित करते समय राज्यपाल ने स्वयं विवेक का प्रयोग नहीं किया बल्कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सलाह पर नामित किया गया। कानून के अनुसार ऐसे लोगों को नामित किया जा सकता है जो कि साहित्य, कला, विज्ञान व समाजसेवा में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हों। यह आरोप लगाया गया कि नामित किए गए सदस्य इस श्रेणी में नहीं आते।

जितना बड़ा अपराधी, उतना बड़ा समाजवादी: नसीमुद्दीन सिद्दीकी

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Posted on : 16-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BSP

FARRUKHABAD : बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शहर क्षेत्र के ठंडी सड़क स्थित कोल्ड स्टोरेज में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर जमकर तीर चलाये। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार अपराधियों से घिरी हुई है। जितना बड़ा अपराधी है, वह उतना ही बड़ा समाजवादी है।

NASIMDDIN NAGENDRA AJIT PANDEY NASIMUDDIN

नसीमुद्दीन के भाषण में केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकलती रही। जहां एक तरफ उन्होंने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केन्द्र सरकार यह मानती है कि देश उसके लोगों ने आजाद कराया। लेकिन यह बिलकुल ही गलत और निराधार है। देश को आजाद कराने में भीमराव अम्बेडकर की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। कहा कि केन्द्र सरकार भ्रष्टाचारों से घिरी हुई है। महिलाओं की इज्जत तार तार हो रही है। लेकिन कोई कुछ बोलने वाला नहीं है।

प्रदेश सरकार को तो उन्होंने जमकर रडार पर लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार में हत्या, बैंक लूट, बलात्कार, गुन्डागर्दी की घटनायें आम हो गयीं हैं। समाजवादी लोग थानों में घुसकर मारपीट को अंजाम देते हैं। अधिकारी दिनदहाड़े मार दिये जाते हैं। सपा सरकार में गुन्डाराज चरम पर हो गया है। वे बोले हो भी क्यों न जो अपराधी थे उन्हें जेल के बाहर करके मंत्री बना दिया गया है। अब ताकत आने के बाद अपराधी प्रदेश का विकास न करके अपराध ही करेगा।

मुलायम सिंह यादव पर उन्होंने परिवारवाद का आरोप लगाया। श्री सिद्दीकी ने मुलायम के परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार परिवारवाद की सरकार है। जिसमें मुलायम, उनके भाई शिवपाल, रामगोपाल, पुत्र अखिलेश, पुत्रवधू डिम्पल के अलावा अन्य परिजन राजनीति में अच्छी खासी हैसियत बना चुके हैं। लेकिन वहीं दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि मायावती के 6 भाई हैं लेकिन कोई राजनीति नहीं कर रहा है। मायावती बसपा संगठन को ही अपना परिवार समझती हैं। उन्होंने इस दौरान संगठन की मजबूती के विषय में जिलाध्यक्ष अजय भारती से पूछताछ की।

वालंटियर फोर्स की ड्रेसों के लिए उन्होंने जिलाध्यक्ष से जानकारी चाही, जिलाध्यक्ष ने कहा कि वालंटियरों को एक एक ड्रेस मुहैया करा दी गयी है। इस पर नसीमुद्दीन ने कहा कि वालंटियरों को दो दो ड्रेसें मिलना अनिवार्य है। पूर्व प्रत्याशियों से धन एकत्रित कर ड्रेसें सिलवायी जायें। इस सम्बंध में जिलाध्यक्ष को पूर्व विधानसभा प्रत्याशियों से सम्पर्क बनाकर रखना चाहिए। निष्क्रिय पदाधिकारियों की बात सामने आने पर श्री सिद्दीकी ने जिलाध्यक्ष को हिदायत दी कि अगर निष्क्रिय पदाधिकारी एक सप्ताह के अंदर अपने काम पर ठीक से नहीं लौटते हैं तो उनके खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्यवाही कर बाहर का रास्ता दिखाया जायेगा। इस दौरान उन्होंने पूर्व में बसपा से भाजपा में शामिल हुए नागेन्द्र राठौर को पुन: बसपा में शामिल करने की घोषणा की। तहसीन सहित अन्य कई लोगों ने राष्ट्रीय महासचिव का मालाओ से स्वागत किया।

इस दौरान राजेन्द्र कटियार, एमएलसी मनोज अग्रवाल, जिलाध्यक्ष अजय भारती, बसपा लोकसभा प्रत्याशी ठाकुर जयवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष तहसीन सिद्दीकी, पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी, पूर्व ब्लाक प्रमुख उमर खां, महावीर राजपूत, महेन्द्र कटियार के अलावा अजीत पाण्डेय, विजय भास्कर, योगेन्द्र सिंह, स्वदेश पाल, सुभाष गौतम, राजीव चतुर्वेदी, नरेन्द्र कुशवाह, कौशल शाक्य, राजेन्द्र सिंह, राजकुमार गौतम, सत्यपाल जाटव, रामानंद प्रजापति आदि मौजूद रहे।

नसीमुद्दीन के सामने सतीश जाटव के पुत्र के निष्कासन और नागेन्द्र के पार्टी में शामिल होने की अटकलें

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Posted on : 15-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BSP

FARRUKHABAD : गुरुवार को ठंडी सड़क स्थित लक्ष्मी कोल्ड स्टोरेज में प्रस्तावित बहुजन समाज पार्टी के सम्मेलन में नसीमुद्दीन के सामने जहां एक ओर बसपा छोड़कर भाजपा में गये नागेन्द्र सिंह राठौर के दोबारा पार्टी में सम्मलित होने की संभावना है। वहीं बसपा नेता सतीश जाटव के पुत्र व विगत विधानसभा चुनाव में कायमगंज विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के प्रत्याशी रहे अनुराग जाटव के निष्कासन की भी संभावना व्यक्त की जा रही है।

विदित है कि बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने के लिए गुरुवर को पहुंचेंगे। जिसमें जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है। नसीमुद्दीन आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श करेंगे। इस बैठक में निष्क्रिय पदाधिकारियों पर कार्यवाही के साथ-साथ विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने पर विचार किया जायेगा।

विगत विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज होकर भाजपा में शामिल हो चुके नागेन्द्र सिंह राठौर के एक बार फिर बसपा में वापसी की संभावना है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नागेन्द्र सिंह राठौर बुधवार को ही नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सामने पार्टी में सम्मलित होने की जुगत में हैं। उल्लेखनीय है कि पार्टी छोड़ने के बाद हुए दुग्ध संघ चुनाव में भी बसपा ने नागेन्द्र सिंह का जमकर विरोध किया था और दुग्धसंघ से उनके वर्चस्व को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी।

एक अन्य मामले में बसपा एमएलसी सतीश जाटव के पुत्र व विगत विधानसभा चुनाव में कायमगंज से बसपा प्रत्याशी रहे पवन गौतम के पार्टी से निष्कासन की घोषणा होने की भी अटकलें लगायी जा रहीं हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पूर्व कानपुर में हुई एक पार्टी बैठक के दौरान पवन गौतम ने बैठक में मौजूद वामसेफ जिलाध्यक्ष के पति के थप्पड़ मार दिया था। जिसकी शिकायत पार्टी में ऊपर तक की गयी थी। इसकी घोषणा भी नसीमुद्दीन के सामने ही हो जाने की अटकलें लगायी जा रही हैं।

लानत है सांसद जी? वोट जनता से मगर भरोसा केवल बीबी बच्चो पर, बना रखा है पीए

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Posted on : 15-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : Delhi, FEATURED, Politics, Politics- Sapaa, Politics-BJP, Politics-BSP, Politics-CONG.

Cartoon Netajiनई दिल्ली। वोट मांगने के लिए जनता की चौखट पर विश्वास और ईमानदारी का भजन गाने वाले सांसद को आप पर कितना भरोसा है ये नया खुलासा हुआ है| जनता के बीच के एक आदमी पर चुनिन्दा सांसदों को भरोसा नहीं है| सरकार से मिलने वाला पैसा कैसे घर-परिवार के बाहर नहीं जा सके, हमारे सांसदों ने इसका पूरा इंतजाम कर रखा है। 146 सांसद ऐसे हैं जिन्होंवने अपने पीए के तौर पर बीवी, बेटा या बेटी या किसी अन्यत रिश्तेसदार को नियुक्त कर रखा है। इनमें से 104 सांसद लोकसभा तो 42 राज्यससभा के हैं। इन्होंीने 191 रिश्तेकदारों को निजी स्टाफ के तौर पर नियुक्त कर रखा है। सरकारी नियमों के मुताबिक सांसद अपने कामकाज में सहायता के लिए जो निजी सहायक रखते हैं उसे संसद के सचिवालय की ओर से 30 हजार रुपये महीना दिया जाता है। यह रकम सांसद की इच्छाद के मुताबिक किसी एक पीए को मिल सकती है या एक से अधिक सहायकों के बीच बंट सकती है।

इंडियन एक्सकप्रेस अखबार ने आरटीआई के तहत जुटाई जानकारी के आधार पर बताया है कि सांसदों के निजी स्टारफ के तौर पर 60 बेटे, 36 पत्नियां, 27 बेटियां, सात भाई, सात बहुएं, चार पति और 10 करीबी रिश्तेरदार काम कर रहे हैं। पार्टी के आधार पर देखें तो इस मामले में सभी पार्टियां एक नीति पर चलती दिखती हैं। जिन 146 सांसदों ने करीबी रिश्ते दारों को बतौर पीए नियुक्तक कर रखा है, उनमें 38 भाजपा के, 36 कांग्रेस के, 15 बसपा के, 12 सपा, आठ डीएमके के, सात बीजद के, छह जद(यू) के और बाकी अन्या पार्टियों के हैं। चार सांसद तो ऐसे हैं जिन्हों ने अपने तीन-तीन रिश्तेपदारों को बतौर निजी सहायक नियुक्त कर रखा है। कुछ सांसद ऐसे भी हैं जिन्होंहने दो पीए रखा है। इनमें से एक तो करीबी रिश्ते‍दार है, जबकि दूसरे से कोई रिश्ताह नहीं है। ऐसे मामलों में 30 हजार में से ज्यासदा रकम रिश्तेरदार पीए को मिलती है। दूसरे पीए को बहुत मामूली रकम बतौर तनख्वाहह दी जाती है।

यू पी के सांसद भी इस मामले में पीछे नहीं है| नरेश अग्रवाल, मुख्तार अव्वास नकवी से लेकर मोहन सिंह और कुसुम राय भी इसी सूची में शामिल है| कमाल है भाई|

दस्तावेज यह भी बताते हैं कि सांसदों के 251 पीए ऐसे हैं जिन्होंने दिल्ली में लागू न्यूजनतम मजदूरी से भी कम मेहनताना दिया जाता है। इनमें से 202 पीए लोकसभा सांसदों के हैं। इनमें से कुछ को तो दो हजार रुपये महीना दिया जाता है, जबकि दिल्ली में लागू न्यूनतम मजदूरी के हिसाब से भी इन्हेंग 8000 रुपये मिलने चाहिए।
नियम के मुताबिक देखा जाए तो सांसदों को अपने रिश्तेकदारों को बतौर पीए नियुक्तज करने से कानून नहीं रोकता है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि भले ही यह कानून का उल्लंघन नहीं है, लेकिन नैतिकता और सांसदों के आचरण से जुड़ा मामला तो है ही। संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यूप ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि यह मामला या तो एथिक्स कमेटी या फिर दोनों सदनों के प्रेजाइडिंग ऑफिसर्स को देखना चाहिए। लेकिन हालत यह है कि लोकसभा की 14 सदस्यीय एथिक्स कमेटी में शामिल तीन सांसदों ने भी अपने रिश्तेदारों को ही बतौर पीए नियुक्त कर रखा है। राज्यसभा की 10 सदस्यीतय कमेटी के एक सदस्य ने भी ऐसा ही किया।

इंडियन एक्सीप्रेस ने 146 सांसदों की एक लिस्टु जारी करते हुए सबकी पोल खोलकर सामने रख दी है। इस लिस्ट में 104 सांसद लोकसभा तो 42 राज्य सभा के हैं। इन्होंीने 191 रिश्तेददारों को निजी स्टा फ के तौर पर नियुक्त0 कर रखा है।

MP

PARTY

 Constituency- PERSONAL ASSISTANT

Relation

P Kumar AIADMK  Tiruchirapalli- S Gayathri wife
P Venugopal AIADMK  Thiruvallur- V Jayalakshmi wife
S Semmalai AIADMK  Salem- S Pushpa wife
A Elavarasan AIADMK  Tamil Nadu- B Bhuvaneshwari wife
V Maitreyan AIADMK  Tamil Nadu- V Malini,  V Sabita sisters
A W Rabi Bernard AIADMK  Tamil Nadu- T Berneth Pramila wife
Narahari Mahto AIFB  Purulia- Sahadeo Mahato cousin
Nripendra Nath Roy AIFB  Cooch Behar- Basanti Roy wife
Barun Mukherji AIFB  WB- Mira Mukherjee wife
Laxman Tudu BJD  Mayurbhanj- Vijaya Rani Tudu daughter
Nityanand Pradhan BJD  Aska- Latika Pradhan daughter
Arjun Charan Sethi BJD  Bhadrak- Candra Sethi nephew
Jayaram Pangi BJD  Koraput- Sugreeba Khillo nephew
Sidhant Mohapatra BJD  Berhampur- Sanjeeta Mishra wife
Renubala Pradhan BJD  Orissa- Lalita Kumari brother-in-law’s wife
Baishnab Parida BJD  Orissa- Swarna Lata Parida wife
Ram Shankar BJP  Agra- Mridula wife
P C Gaddigoudar BJP  Bagalkot- Shankargouda S Goudar nephews
Nikhil Kumar Choudhary BJP  Katihar- Anand Prakash sons
Devji M Patel BJP  Jalore- Ramesh Kumar  brother
Hukumdeo Narain Yadav BJP  Madhubani- Ajay Yadav  brother-in-law
Bijoya Chakravarty BJP  Guwahati- Suman Haripriya daughter
Jitendra Singh Bundela BJP  Khajuraho- Niharika Bundela daughter
Rajen Gohain BJP  Nawgong- Sushmita Gohain daughter
Sohan Potai BJP  Kanker- Divya Potai daughter
K D Deshmukh BJP  Balaghat- Varsha Deshmukh daughter-in-law
Ram Singh Kaswan BJP  Churu- Neelu Kaswan daughter-in-law
Sumitra Mahajan BJP  Indore- Snehal Milind Mahajan daughter-in-law
J Shantha BJP  Bellary- B Nagaraju husband
Ramesh Bais BJP  Raipur- Onkar Bais nephew
AT Nana Patil BJP  Jalgaon- Rohit Ashok Patil son
Govind Prasad Mishra BJP  Sidhi Anuj Kumar Mishra son
Lalubhai Babubhai Patel BJP  Daman & Diu- Gaurang L Patel son
Shripad Yesso Naik BJP  North Goa- Siddhesh Naik son
Virendra Kashyap BJP  Shimla- Vishal son
S Pakkirappa BJP  Raichur- S Mruthunjaya son
Rajan Sushant BJP  Kangra- Shourya Sangam son
Rajendra Singh Rana BJP  Bhavnagar- SR Rana son
Arjun Ram Meghwal BJP  Bikaner- Anil Kumar Meghwal son of brother-in-law
Anant Kumar Hegde BJP  Uttara Kannada- Shrirupa Hegde wife
Ashok Argal BJP  Bhind- Suman wife
Kamlesh Paswan BJP  Bansgaon- Ritu Paswan wife
Sanjay Dhotre BJP  Akola- Suhasini Dhotre wife
Suresh Angadi BJP  Belgaum- Mangal Angadi wife
Kusum Rai BJP  UP- Madhulika Rai daughter
Mukhtar Abbas Naqvi BJP  UP- Athar Abbas  brother
Dilipbhai Pandya BJP  Gujarat- Urvesh,  Kalpesh sons
Thawarchand Gahlot BJP  MP- Om Prakash Gahlot cousin
Raghunandan Sharma BJP  MP- Seema Sharma daughter-in-law
Bhushan Lal Jangde BJP  Chhattisgarh- Kuldeep Kumar Jangde son
Nand Kumar Sai BJP  Chhattisgarh- Parivartan Sai son
Tarun Vijay BJP  Uttarakhand- Ritwik Vijay son
Shiv Pratap Singh BJP  Chhattisgarh- Manoj Pratap Singh son-in-law
Kaptan Singh Solanki BJP  MP- Reena Singh Kushwaha son’s sister-in-law
SK Bwiswmuthiary BPF  Kokrajhar- SK Bishwmuthiary sons
Dara Singh Chauhan BSP  Ghosi- Shyamraj Chauhan  brother-in-law
Jagdish Singh Rana BSP  Saharanpur- Tejveer Singh cousin
Ramashankar Rajbhar BSP  Salempur- Meena Vandana daughters
Baliram BSP  Lalganj- Karishma  Saroj daughters
Gorakh Prasad Jaiswal BSP  Deoria- Pritam grandson
Shafiqur Rahman Barq BSP  Sambhal- Mamlookur Rahman son
Gorakhnath Pande BSP  Bhadohi- Shiv Devi wife
Munqad Ali BSP  UP- Salman and Farman sons
Rajaram BSP  UP- Jairam brother
Rajpal Singh Saini BSP  UP- Ratika daughter
Avtar Singh Karimpuri BSP  UP- Bikramjeet Singh son
Narendra Kumar Kashyap BSP  UP- Sidharth Kashyap son
Salim Ansari BSP  UP- Shagufta Parveen wife
Veer Singh BSP  UP- Viney Veer Singh wife
SP Singh Baghel BSP  UP Madhu Singh wife
Pradeep Tamta Cong  Almora- Chhaya Chandra cousin