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टिकट के नाम पर ठगी में भाजयुमो नेता सहित दो पर केसटिकट के नाम पर ठगी में भाजयुमो नेता सहित दो पर केस फर्रुखाबाद : बीते नगर निकाय चुनाव में वार्ड नंबर 12 से सभासद पद पर भाजपा का टिकट दिलाने के नाम पर भाजयुमो नेता सहित दो पर ठगी करने का आरोप लगा है| एसपी के आदेश पर दोनों के खिलाफ कोतवाल फतेहगढ़ में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जाँच शुरू कर दी| फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला बनखड़िया वार्ड...

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वार्डो में सपा ने बीजेपी को दी जोरदार पटखनीवार्डो में सपा ने बीजेपी को दी जोरदार पटखनी फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला) निकाय चुनाव में सपा दो व बीजेपी ने तीन सीटे अध्यक्ष पद के लिये जीती हो| लेकिन वार्डो के चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी बीजेपी से दो गुने जीते| समाजवादी पार्टी ने कुल 23 वार्डो में अपने प्रत्याशी लड़ाये थे| जिसमे से उनके 9 प्रत्याशी पार्टी सिम्बल...

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प्रधान पति को चाचा ने गोली मार मौत के घाट उताराप्रधान पति को चाचा ने गोली मार मौत के घाट उतारा फर्रुखाबाद:(राजेपुर)भूमि विवाद के साथ ही साथ चुनावी रंजिश में सगे चाचा ने भतीजे को मौत के घाट उतारा दिया| पुलिस ने मौके पर जाकर जाच पड़ताल| थाना अमृतपुर के ग्राम करनपुर दत्त में सौरभ उर्फ़ अप्पा की पत्नी कीर्ति वर्तमान में ग्राम प्रधान है| उनकी परिवार में भूमि विवाद के साथ...

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राममंदिर मामले में अब शिवपाल सीएम के बयान से सहमतराममंदिर मामले में अब शिवपाल सीएम के बयान से सहमत फर्रुखाबाद: समाजवादी सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव गुरुवार को यूपी के सीमें योगी आदित्य नाथ के राममंदिर पर दिये गये वयान से सहमत दिखे| उन्होंने कहा की यदि समझौता नही तो कोर्ट का आदेश ही विकल्प है| समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष विश्वास गुप्ता...

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हाई-वे पर जाम में फंसा रहा पूर्व मंत्री शिवपाल का काफिलाहाई-वे पर जाम में फंसा रहा पूर्व मंत्री शिवपाल का काफिला फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद) सत्ता की शक्ति से कौन अंजान है और खास कर वो तो बिल्कुल भी नही जो सत्ता का सुख एक लम्बे समय तक ले चुका हो| लेकिन कुर्सी पर ना रहने के बाद नेता को सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है| यही नजारा देखने को मिला जब शिवपाल सिंह का काफिला लगभग 20 मिनट तक जाम की झाम में...

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बसपा प्रत्याशी वत्सला को महान दल का समर्थनबसपा प्रत्याशी वत्सला को महान दल का समर्थन फर्रूखाबाद: नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिये बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी वत्सला अग्रवाल को महान दल ने अपना समर्थन दे तेजी से चुनाव लड़ाने का ऐलान किया है |जिससे वत्सला के खेमे में मजबूती आ गयी है| महान दल के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने रेलवे रोड स्थित बसपा प्रत्याशी के चुनाव...

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नही खुला विशाल की मौत का राज, आखिर कैसे हुई मौत?नही खुला विशाल की मौत का राज, आखिर कैसे हुई मौत? फर्रुखाबाद: बीती रात बाइक चोरी के आरोप में पकड़े गये आरोपी की मौत का राज फ़िलहाल पोस्टमार्टम में भी नही खुल सका| जिससे उसकी मौत की गुत्थी उलझ गयी है| वही पुलिस मामले की जाँच कर रही है| थाना राजेपुर के बमियारी रामपुर निवासी विशाल पाठक पुत्र चन्द्रमोहन पाठक उर्फ़ रामू को बाइक...

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योगी की पुलिस से परेशान महिलाओं ने पकड़े मंत्री के पैरयोगी की पुलिस से परेशान महिलाओं ने पकड़े मंत्री के पैर फर्रुखाबाद: बीते दिनों शराब ठेके पर पुलिस व ग्रामीणों के साथ हुई हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने कई को आरोपी बनाया था| जिसको पकड़ने के लिये पुलिस लगातार हाथ-पैर मार रही है |जिस पर अब राजनितिक रंग चढ़ गया है| पुलिस के खौफ से खफा महिलाओ ने राज्य मंत्री के पैर पकड़कर न्याय की मांग की है|...

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गाजे-बाजे और मंत्रोच्चार के बीच की योगी आदित्यनाथ से शादी!

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सीतापुर: योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ ही गोरखपुर मंदिर के महंत भी हैं और उनकी शादी भी नहीं हुई लेकिन सीतापुर में एक दुल्हन ने सीएम योगी की तस्वीर के साथ मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए और गाजे बाजे के साथ सभी रस्में भी पूरी की गईं। शादी के दौरान आए अतिथियों का स्वागत भी किया गया है। दरअसल यह सब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कई लंबित मांगों पर सीएम का ध्यान आकर्षित कराने के उद्देश्य से विरोध का अनोखा तरीका अपनाया गया है। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने आज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की विभिन्न मांगों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ से सांकेतिक रूप में विवाह किया है।

दुल्हन का कहना है योगी सरकार हमारी नहीं सुन रही है। हमने सोचा शादी कराके पौने 4 लाख बहनों का भला हो जाएगा। ऐसे तो योगी जी हठी हैं सुनेंगे नहीं। 120 दिन का टाइम दिया गया था, लेकिन अब तक 9 महीने का वक्त पूरा हो गया है। शादी होने के बाद शायद उन्हें महिलाओं की वैल्यू मालूम हो जाएगी। अभी 8 तारीख को सीएम योगी आ रहे हैं। हम उन्ही के साथ चले जाएंगे। मांगें पूरी नहीं हुई तो घोड़ी पर चढ़कर चले जाएंगे। वहीं दूल्हा बनी कल्पना ने बताया एक पत्नी को पति हर खुशी देता है। उसकी हर जिद पूरी करता है। इसीलिए हमने ये रास्ता अपनाया है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सहायिकाओं को सम्मानजनक मानदेय देने समेत कई मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अनूठे तरीके से विरोध जताया। सीतापुर विकास भवन के समक्ष प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पोस्टर व पगड़ी बंधाकर संघ की जिलाध्यक्ष ने वरमाला पहनाई। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संतोषी माता मंदिर पहुंचे और माथा टेककर आशीर्वाद लिया।

कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने धरनास्थल पर एकत्रित होकर हुंकार भरी। प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान भी किया। मंगलवार शाम महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने साथी कार्यकर्ता को योगी आदित्यानाथ का पोस्टर लगाकर व पगड़ी बंधवाकर उसे वरमाला पहनाकर विवाह रचाया। इस दौरान जिलाध्यक्ष चुनरी पहने हुए दुल्हन की भेषभूषा में नजर आईं। इसके पश्चात सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंख अस्पताल रोड स्थित संतोषी माता मंदिर पहुंची, जहां माथा टेककर आशीर्वाद लिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का तर्क था कि मुख्यमंत्री तक आवाज पहुंचाने का संघ का अनूठा विरोध प्रदर्शन था।

राहुल ने कांग्रेस मुख्यालय में दाखिल किया अध्यक्ष पद के लिए नामांकन

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Posted on : 04-12-2017 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-CONG., राष्ट्रीय

नई दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष के पद के चुनाव के लिए आज राहुल गांधी पार्टी मुख्यालय पहुंचें जहां उन्होंने कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में नामांकन का पहला सेट दाखिल किया। शीला दीक्षित, मोहसिना किदवई, कमलनाथ, मोतीलाल वोरा, अहमद पटेल, तरूण गोगोई और अशोक गहलोत राहुल गांधी के प्रस्तावक बने।इस दौरान मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता उनके साथ उपस्थित रहे।

राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष के पद के लिए पर्चा भरने से पहले मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया है। कांग्रेस अध्यक्ष बनने की कवायद में राहुल इकलौते उम्मीदवार होंगे क्योंकि सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है और किसी ने भी अभी तक कोई पर्चा नहीं भरा है। नये कांग्रेस अध्यक्ष की घोषणा संभवत: 5 दिसंबर को होनी है।

पार्टी सूत्रों ने रविवार को बताया कि राहुल गांधी अपने नामांकन पत्रों के चार सेट जमा करेंगे। नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को राहुल गांधी के समर्थन में 75 नामांकन फार्म से अधिक भरे जाने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह के अलावा राहुल के नामांकन पत्र पर बतौर प्रस्तावक दस्तखत करने वालों में वरिष्ठ पार्टी नेता गुलाम नबी आजाद, एके एंटनी, पी. चिदंबरम, सुशील कुमार शिंदे, अहमद पटेल और इनमें छह मुख्यमंत्री पंजाब के अमरिंदर सिंह, कर्नाटक के सिद्धारमैया, हिमाचल के वीरभद्र, पुडुचेरी के वी.नारायणसामी, मेघालय के मुकुल संगमा और मिजोरम के लाल थंहावला भी मौजूद रहेंगे।

कांग्रेस के केंद्रीय निर्वाचन प्राधिकरण के अध्यक्ष मुल्लापैली रामचंद्रन ने बताया कि सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है लेकिन रविवार तक किसी ने भी अपना नामांकन दाखिल नहीं किया है। हालांकि अब तक राज्य की इकाइयों के प्रतिनिधियों को 90 नामांकन फार्म दिए जा चुके हैं। विभिन्न राज्यों से कांग्रेस के कई प्रतिनिधिमंडल राहुल गांधी के सर्वोच्च पद के लिए अपना समर्थन देने अकबर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय में सोमवार की सुबह ही पहुंच गए। कांग्रेस कमेटी के निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की प्रक्रिया सोमवार को खत्म हो रही है। अगले दिन यानी 5 दिसंबर को स्क्रूटनी के बाद दोपहर 3.30 बजे तक वैध नामांकनों की घोषणा भी कर दी जाएगी। नामांकन वापसी का आखिरी दिन 11 दिसंबर और जरूरत पडऩे पर मतदान 16 दिसंबर को होगा।

व्हॉट्सएप में ग्रुप एडमिन को मिली ये बड़ी पावर

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Posted on : 03-12-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, FEATURED, राष्ट्रीय

नई दिल्ली:व्हॉट्सएप पर ग्रुप एडमिन के पास ग्रुप में किसी को जोड़ने या हटाने का अधिकार तो था ही, लेकिन अब उसे एक नया अधिकार और मिलने वाला है। एडमिन अब इच्छानुसार अन्य सदस्यों पर ग्रुप में मैसेज, फोटोग्राफ, वीडियो, जीआईएफ, डॉक्यूमेंट्स और वॉइस मैसेज भेजने पर प्रतिबंध लगा सकता है। जी हां, व्हॉट्सएप ग्रुप एडमिन के अधिकार बढ़ाने जा रहा है।

दरअसल, व्हॉट्सएप पर एक नए फीचर की टेस्टिंग चल रही है। इसका नाम है ‘रिस्ट्रिक्टिड ग्रुप’। यह फीचर व्हॉट्सएप ग्रुप के फीचर को पूरी तरह बदल देगा। खबर की मानें, तो ‘रिस्ट्रिक्टिड ग्रुप’ फीचर की सैटिंग आईओएस और एंड्रॉयड दोनों के लिए 2.17.430 वर्जन पर की जा रही है। खास बात यह है कि रिस्ट्रिक्टिड ग्रुप सैटिंग सिर्फ ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर्स के द्वारा ही एक्टिवेट की जा सकेगी। अन्य सदस्यों को प्रतिबंधित करने के बाद भी ग्रुप एडमिन खुद मीडिया शेयरिंग और चैटिंग जारी रख सकता है।

इस फीचर के जरिए जिन सदस्यों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, वह बाद में सिर्फ मैसेज पढ़ ही सकेंगे, उसका जवाब नहीं दे सकेंगे। कोई भी मैसेज पोस्ट करने या मीडिया शेयरिंग के लिए उन्हें ‘मैसेज एडमिन’ बटन का इस्तेमाल करना होगा। ग्रुप पर जाने से पहले इस मैसेज को एडिमन से एप्रूव कराने की जरूरत पड़ेगी। यह भी पाया गया है कि एडमिन किसी भी सदस्य पर 72 घंटों तक के लिए प्रतिबंध लगा सकता है। हालांकि, समय की यह लिमिट इस फीचर के आने के बाद बदली भी जा सकती है।

कई बार ग्रुप में एडमिन कोई जरूरी जानकारी देता है, तो बाकी सदस्यों के लगातार कमेंट्स आने शुरू हो जाते हैं। ऐसे में एडमिन की बात पर लोग ज्यादा गौर नहीं कर पाते। जरूरी सूचना के वक्त अन्य लोगों के कमेंट बंद किए जा सकें, इसलिए यह फीचर पेश किया जा रहा है।

बेबी हीरो खजांची का जन्मदिन अखिलेश यादव ने मनाया

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Posted on : 03-12-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics- Sapaa, Politics-BJP, राष्ट्रीय

इटावा:नोटबंदी ने देश को तरह तरह के किस्से और चर्चाएं दी। अज्ञात सोनम गुप्ता इसी नोटबंदी की चुहलबाजी में लंबे समय तक सोशल मीडिया क्वीन बनी रहीं। कोई नोटबंदी की लाइन में खड़े खड़े दम तोड़ गया तो किसी को लाइन में अपनी बारी आने तक नोट खत्म होने की सूचना ने इस दुनिया से बाहर कर दिया। कैसेी-कैसी घटनाएं-दुर्घटनाएं सामने आई। उन्हीं में से एक खचांची का जन्म। आइए खजांची का जन्म दिन मनाकर नोटबंदी के कथित दर्द को खुशियों में बदल देते है।

नोटबंदी के समय बैंक में पैदा हुए बच्चे खजांची का जन्मदिन पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मनाया।सैफ़ई हवाई पट्टी पर जन्म दिन मनाया गया । पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि नोटबंदी से किसानों व गरीबों का हुआ नुकसान।केंद्र व प्रदेश की सरकार अपने वायदों पर खरी नही उतर रही। सरकार द्वारा चलाये गए नोट भी काले धन में बदल रहे हैं। सूबे में भ्रष्टाचार व्याप्त है।

इंडिया की बड़ी कूटनीतिक जीत, ICJ में दूसरी बार जज चुने गए दलवीर भंडारी

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संयुक्त राष्ट्र:भारत के दलवीर भंडारी को नीदरलैंड के हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अदालत में फिर से जज के तौर पर चुन लिया गया है। जस्टिस दलवीर भंडारी को जनरल एसेंबली में 183 मत मिले जबकि सुरक्षा परिषद में जस्टिस भंडारी को सभी 15 मत मिले। भंडारी का मुकाबला ब्रिटेन के उम्मीदवार क्रिस्टोफर ग्रीनवुड से था, लेकिन आखिरी क्षणों में ब्रिटेन ने अपने उम्मीदवार को चुनाव से हटा लिया।

आपको बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में 15 जज चुने जाने थे जिनमें से 14 जजों का चुनाव हो चुका था। 15वें जज के लिए ब्रिटेन की तरफ से ग्रीनवुड और भारत की ओर से जस्टिस भंडारी उम्मीदवार थे। पहले माना जा रहा था कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन ब्रिटिश दावेदार ग्रीनवुड का समर्थन कर सकते हैं। ब्रिटेन सुरक्षा परिषद का पांचवां स्थायी सदस्य है। लेकिन 12वें और आखिरी राउंड के चुनाव से ठीक पहले संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन के स्थायी प्रतिनिधि मैथ्यू राइक्रॉफ्ट ने महासभा और सुरक्षा परिषद के प्रमुखों को खत लिखकर ग्रीनवुड के चुनाव से हटने से जुड़ी जानकारी दी।
जानिए कौन है दलवीर भंडारी
दलवीर भंडारी भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश भी थे। उनका जन्म वर्ष 1 अक्टूबर 1947 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था। दलवीर भंडारी के पिता और दादा राजस्थान बार एसोसिएशन के सदस्य थे।जोधपुर विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय में वकालत की। वर्ष 1991 में भंडारी वह दिल्ली आ गए और यहां वकालत करने लगे। अक्टूबर 2005 में वो मुंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने। दलवीर भंडारी ने 19 जून 2012 को पहली बार इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के सदस्य की शपथ ली थी। वो सुप्रीम कोर्ट में भी वरिष्ठ न्यायमूर्ति रहे हैं।
पद्मभूषण से सम्मानित है जस्टिस भंडारी
दलवीर भंडारी इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में जाने से पहले भारत में विभिन्न अदालतों में 20 वर्ष से अधिक समय तक उच्च पदों पर रह चुके हैं। जस्टिस दलवीर भंडारी को 2014 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था।
पहले के 11 दौर के चुनाव में भंडारी को महासभा के करीब दो तिहाई सदस्यों का समर्थन मिला, लेकिन सुरक्षा परिषद में वे ग्रीनवुड के मुकाबले तीन मतों से पीछे थे। 12वें दौर का चुनाव आज होना था और इस चुनाव से पहले ही ब्रिटेन ने अपने कदम खींच लिए।
भंडारी की जीत भारत के लिए अहम
भंडारी की जीत भारत के लिहाज से बेहतरीन है, क्योंकि पाकिस्तान में बंद कुलभूषण जाधव का मामला भी अंतर्राष्ट्रीय अदालत में है। माना जाता है कि ब्रिटेन को डर था कि कहीं भारत ने दो तिहाई मत हासिल कर लिए तो सुरक्षा परिषद के लिए भारत के प्रत्याशी को आईसीजे में निर्वाचित होने से रोकना बहुत मुश्किल होगा। भारत की लोकतांत्रिक तरीके से हुई इस जीत ने वीटो की शक्ति रखने वाले पांच स्थाई सदस्यों ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस, और अमेरिका पर भारत का दबदबा कायम कर दिया है।
जानिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय(आईसीजे) के बारे में
आईसीजे नीदरलैंड के हेग में स्थित है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 93 के मुताबिक युनाईटेड नेशंस के सभी 193 मैंबर्स देश आईसीजे में इंसाफ पाने के हकदार हैं। हालांकि, जो देश यूएन के मेंबर नहीं है वे भी अपील कर सकते हैं। इसमें 15 जज होते हैं जिनका कार्यकाल 9 साल का होता है। हर तीसरे साल 5 नए जज इसमें चुने जाते हैं, दूसरे जज दूसरी बार चुने जा सकते हैं। जिसके लिए जस्टिस भंडारी चुने गए हैं।

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