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बड़ी खबर:साइकिल सबार माँ-बेटे सहित तीन को गैस टेंकर ने कुचला,मौतबड़ी खबर:साइकिल सबार माँ-बेटे सहित तीन को गैस टेंकर ने कुचला,मौत फर्रुखाबाद:साइकिल से सबार होकर जा रहे माँ-बेटे सहित तीन को तेज रफ्तार गैस टेंकर ने कुचल दिया| जिसमे माँ-बेटे की मौके पर ही मौत हो गयी| जबकि घायल ने लोहिया अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया| थाना राजेपुर के ग्राम शेराखार गौटिया निवासी 50 वर्षीय उर्मिला पत्नी वेदराम जाटव...

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वैलेंटाइन डे: फूलों की जुबाँ से कही गयी दिल की बातवैलेंटाइन डे: फूलों की जुबाँ से कही गयी दिल की बात फर्रुखाबाद:प्यार के इजहार के प्रेम दिवस पर फूल के बाजार सजे रहे| वेलेंटाइन डे पर फूलों की दुकानों पर व बाजारों में गुरुवार की सुबह से ही चहल कदमी दिखी। फूल विक्रेता कोलकाता व लखनऊ से गुलाब की भारी खेप मंगायी थी| बाजार में दिल की बात रखने के लिए कई तरह के गुलाब खास तौर पर मंगवाए...

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61 बंदियों के साथ रिहा हुए शिव और अली ने पेश की गंगा-जमुनी तहजीब61 बंदियों के साथ रिहा हुए शिव और अली ने पेश की गंगा-जमुनी तहजीब फर्रुखाबाद:शासन के फरमान के बाद जेल से बन्दियो के रिहा होने का सिलसिला लगातार जारी है| अभी तक कुल 65 बंदियों को रिहा किया गया था| बुधवार शाम कुल 14 जिलों के 61 और बंदियों की सेन्ट्रल जेल से रिहाई कर दी गयी| इस दौरान जेल से रिहा हुए बंदी शिवबालक व अरबी अली ने एक दूसरे के गले मिल गंगा-जमुनी...

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रामनगरिया में अश्लील नृत्य से खफा नागा साधुओं ने मनोरंजन कर्मियों को दौड़ायारामनगरिया में अश्लील नृत्य से खफा नागा साधुओं ने मनोरंजन... फर्रुखाबाद:मेला रामनगरिया में पुलिस की सह पर ग्राहकों को लुभाने के लिए सर्कस आदि जगहों पर कराये जा रहे अश्लील डांस से खफा चल रहे नागा साधुओं के एक बड़े समुदाय ने मनोरजन कर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीट दिया| साधुओ का रूद्र रूप देख मनोरजन कर्मी मौके से खिसक गये| पुलिस ने जैसे-तैसे...

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वकीलों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शनवकीलों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन फर्रुखाबाद:भारतीय विधिज्ञ परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव के क्रम में सात सूत्रीय मांगों को लेकर जगह-जगह अधिवक्ताओं ने ज्ञापन देकर प्रदर्शन किया| जिलाधिकारी मोनिका रानी को जिला बार एसोसिएशन,तहसील सदर बार एसोसिएशन,अधिवक्ता संघ अमृतपुर में वकीलों ने ज्ञापन देकर अपनी मांग...

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सेन्ट्रल जेल से एक साथ 37 कैदियों की होगी रिहाईसेन्ट्रल जेल से एक साथ 37 कैदियों की होगी रिहाई फर्रुखाबाद:जेलों में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदियों की समय पूर्व रिहाई को लेकर प्रदेश सरकार ने अपनी नीति घोषित की थी। जिसके तहत सेन्ट्रल जेल फ़तेहगढ़ में निरुद्ध 16 वर्ष से सजा काट रहे 37 बंदियों की रिहाई के आदेश जारी हो गये है| जिन्हें शनिवार को खुली हवा में साँस लेनें...

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मनोरंजन की आड़ में अश्लीलता,संतों में आक्रोशमनोरंजन की आड़ में अश्लीलता,संतों में आक्रोश फर्रुखाबाद:मेला रामनगरिया में मनोरंजन की आड़ में खुलेआम अश्लीलता परोसी जा रही है। प्रशासन ने लोगों के मनोरंजन के लिए मेले की इजाजत दी है लेकिन मनोरंजन के नाम पर यहां जो परोसा जा रहा है वो आप खुद ही देख लीजिए। हुजूर आप भी देखिए मेले के नाम पर अश्लील डांस। जिससे मेले में कल्पवास...

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नीवकरोरी बाबा के भंडारे में उमड़ी भीड़,60 हजार लोगों ने प्रसाद किया ग्रहण

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फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद)बाबा नीमकरोरी महाराज की मूर्ति स्थापना के 35 वें वार्षिकोत्सव के दौरान आयोजित हुये भव्य भंडारे में दूर-दराज से आये भक्तों ने श्रद्धा से प्रसाद का आनन्द लिया|
शुक्रवार को वार्षिकोत्सव जिला जज जयश्री अहूजा,सीजेएम के साथ ही जिलाधिकारी मोनिका रानी,एसपी संतोष मिश्रा नीमकरोरी मंदिर पहुंचे| जिसके बाद नीम करोली महाराज की प्रतिमा का पूजन किया| इसके साथ ही साथ बाबा जी का समाधि स्थल के भी दर्शन किये| हबन ने आहुति दीं| कन्या भोज करा के उपरांत मंदिर में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया| जिसमें हजारों की संख्या में पहुंचे बाबा के श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर आनंद की अनुभूति की| इस दौरान सीओ राजवीर आदि फ़ोर्स के साथ सुरक्षा व्यवस्था में डटे रहे|
भंडारे के लिए 125 पीपे घी,70 कुंतल आटा,42 चीनी के बोरे श्रधालुओ के भंडारे में प्रसाद के लिए मंगाये गये थे| मन्दिर के महंत त्यागी जी महाराज ने बताया कि लगभग 60 हजार श्रधालुओं ने भंडारे मे प्रसाद ग्रहण किया| इस दौरान मन्दिर प्रवन्धक रामलखन वाजपेयी,अभिषेक वर्मा,सुभाष यादव,देवेन्द्र यादव,दीपू चतुर्वेदी,संजीब शुक्ला, गुड्डू बाबा,भगवन दुबे आदि लोगों के ने व्यवस्था देखी|
वार्षिकोत्सव से पूर्व हुआ अखंड रामयण का पाठ
वार्षिकोत्सव से पूर्व आचार्य सर्वेश शुक्ला के नेतृत्व में अखंड रामायण का पाठ किया गया| जिसमे भी भक्तों ने बड़ी संख्या में भगवान श्रीराम की कथा का आनन्द लिया|

पड़ोसी मुल्क को चुकानी पड़ेगी बड़ी कीमत:मोदी

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नई दिल्ली:पुलवामा आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस हमले की पड़ोसी मुल्क को बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि आतंकी बड़ी गलती कर चुके हैं। हमने सुरक्षाबलों को खुली छूट दे दी है। पीएम ने कहा कि इस हमले का देश एकजुट होकर मुकाबला कर रहा है। देश एक साथ है। देश का एक ही स्वर है, क्योंकि लड़ाई हम जीतने के लिए लड़ रहे हैं।
शहीदों को श्रद्धांजलि, 2 मिनट का रखा मौन
पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी ने दो मिनट को मौन रखा। पीएम ने कहा, ‘पुलवामा हमले के बाद लोगों का खून खौल रहा है, यह मैं भली-भांति समझ रहा हूं।’ उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों को खुली छूट दे दी गई है। देश में बहुत आक्रोश है। आतंकवादी बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं।’
पाक को मोदी ने लिया आड़े हाथ
पाकिस्तान को आड़े हाथ लेते हुए पीएम ने कहा कि पूरे विश्व में अलग-थलग पड़ चुका हमारा पड़ोसी मुल्क अगर यह समझता है कि जिस तरह की वह साजिश रच रहा है। उससे भारत में अस्थिरता पैदा कर पाएगा, तो वह यह ख्वाब छोड़ दे। ये कभी होनो वाला नहीं है।
हमले के साजिशकर्ताओं को नहीं छोड़ेंगे
आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के इस कृत्य के पीछे की ताकतें और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को निश्चित रूप से दंडित किया जाएगा।
भारत के साथ खड़े देशों को धन्यवाद
पीएम ने उन देशों को धन्यवाद अदा किया, जो इस घड़ी में भारत के साथ खड़े हैं। पीएम ने कहा, ‘मैं उन सभी राष्ट्रों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हमारा समर्थन किया है और इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।’ गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा आतंकी हमले पर पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए यह बयान वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के उद्घाटन कार्यक्रम में दिया। पीएम मोदी ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन-18) को हरी झंडी दिखाई। ये ट्रेन राजधानी दिल्ली से वाराणसी के बीच चलेगी।
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए बड़े आत्मघाती हमले में 44 जवान शहीद हो गए। जबकि कई जवान बुरी तरह से जख्मी हो गए, जिनका इलाज चल रहा है। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन ने ली, जिसका सरगना आतंकी मसूद अजहर है। यह साल 2016 में हुए उरी आतंकी हमले के बाद सबसे भीषण आतंकी हमला है। गुरुवार को CRPF के 2500 से अधिक जवान 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे। इनमें से ज्यादातर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद ड्यूटी पर लौट रहे थे। गुरुवार को करीब साझ़े तीन बजे घात लगातर जम्मू-कश्मीर राजमार्ग पर अवंतिपोरा इलाके में यह हमला किया गया। इस आत्मघाती हमले को आदिल अहमद डार नाम के स्थानीय आतंकी ने अंजाम दिया।

पुलवामा हमलें में 44 शहीद जवानों में 12 उत्तर प्रदेश के जांबाज

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Posted on : 15-02-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, राष्ट्रीय, सामाजिक

लखनऊ:जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में कल हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के अब तक 44 जवान शहीद हो चुके हैं। इनमें 12 जांबाज उत्तर प्रदेश से हैं। इस आत्मघाती हमले में दो दर्जन से अधिक जवान घायल भी हैं, जिनमें से कई की हालत बेहद गंभीर बनी है। इस कायराना हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। जिस आतंकी ने इस हमले को अंजाम दिया उसका नाम आदिल अहमद डार है।
भारत की शान और मान के लिए अपनी जान न्योछावार करने वाले 37 शहीद जवानों में से 12 उत्तर प्रदेश के सपूत हैं। इनमें दो शामली जिले के जवान हैं। इन जवानों के शहीद होने की सूचना जैसे ही घरों तक पहुंची, गांव में कोहराम मच गया। उत्तर प्रदेश के शहीद जवानों में चंदौली के अवधेश कुमार, प्रयागराज के महेश कुमार, शामली के प्रदीप कुमार प्रजापति व अमित कुमार, वाराणसी के शहीद रमेश यादव, आगरा के कौशल कुमार रावत, उन्नाव के अजीत कुमार, कानपुर देहात के श्याम बाबू, कन्नौज के प्रदीप सिंह यादव, देवरिया के विजय कुमार मौर्य, महराजगंज के पंकज त्रिपाठी व मैनपुरी के राम वकील ने अपनी जान देश के लिए न्योछावर कर दी है। यह सभी जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का सफाया करने में लगे थे। इनको बड़ी सफलता भी मिली थी।
पुलवामा आतंकी हमले में उन्नाव शहर कोतवाली के लोक्नगर मोहल्ला के रहने वाले प्यारेलाल के 35 वर्षीय पुत्र अजीत कुमार आजाद 115वीं बटालियन में सीआई के पद पर तैनात थे। कल देर शाम मौत की खबर मिलते ही मां राजवती, पत्नी मीना व दो बेटियों ईशा और श्रेया का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।वाराणसी के मिलकोपुर के लाल रमेश यादव भी पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए हैं। उनकी मौत की सूचना पहुंचते ही घर में कोहराम मचा है।
कन्नौज के तिर्वा के सुख्सेंपुर निवासी जवान प्रदीप सिंह यादव भी उस बटालियन में शामिल थे, जिसे आतंकियों ने अपना निशाना बनाया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। प्रदीप अपने पीछे पत्नी नीरज और दो बेटी सुप्रिया यादव और सोना यादव छोड़ गए हैं। प्रयागराज के मेजा के महेश कुमार भी शहीद हुए जवानों में शामिल हैं। महेश 118 बटालियन में तैनात थे। इस समय उनकी पोस्टिंग बिहार में थी। मैनपुरी के करहल स्थित गांव विनायकपुर के सैनिक राम वकील भी शहीद हुए हैं।
पुलवामा में आतंकी हमले में जनपद कानपुर देहात का भी एक लाल शहीद हुआ है। कानपुर देहात के डेरापुर थाना के रैगवा के रहने वाले श्याम बाबू शहीद हो गए। उनके शहीद होने की सूचना के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिजन बेसुध हो गए। बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई करते हुए ही 2007 में उन्होंने सीआरपीएफ ज्वाइन किया था। श्याम लाल के दो बच्चे हैं। उनकी एक पुत्री पांच वर्ष की है जबकि चार वर्षीय पुत्र है।
पुलवामा के आतंकी हमले में चंदौली के लाल अवधेश यादव भी शहीद हो गए। अवधेश यादव 45वीं बटालियन में तैनात था। वह रेडियो आपरेटर सिग्नल पद पर तैनात थे। उनके जवान के शहीद होने की सूचना के बाद गांव में मातम पसरा है। शहीद की मां कैंसर से पीडि़त हैं, जिसकी वजह से सूचना नहीं दी गई है। वह मुगलसराय कोतवाली के बहादुरपुर गांव के रहने वाले थे।जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में कल शाम सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकवादी हमले में शामली के दो जवान शहीद हो गए। शहीद होने वालों में आदर्श मंडी क्षेत्र के बनत के प्रदीप कुमार प्रजापति और रेलपार कालोनी के अमित कुमार शामिल हैं। परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक छा गया। शहीद जवान प्रदीप का मकान बनत के मोहल्ला प्रतापनगर में है।
2005 में प्रदीप सीआरपीएफ की 21 वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। उनकी ड्यूटी डल झील पर पर्यटकों की सुरक्षा में लगी थी। पत्नी कामिनी के अलावा प्रदीप के दो बेटे सिद्धार्थ (15) और चीकू (14) है। बड़ा बेटा इंटर में और छोटा कक्षा हाईस्कूल में पढ़ता है। शामली शुगर मिल से सेवानिवृत्त प्रदीप के पिता जगदीश प्रजापति ने बताया कि लगभग छह बजे सीआरपीएफ के कमांडेंट ने फोन पर प्रदीप के शहीद होने की सूचना दी। प्रदीप चार दिन पहले अपने तहेरे भाई दीपक की शादी में बनत आए थे। दो दिन पूर्व ही वह ड्यूटी पर गए थे।
इसी आतंकी हमले में रेल पार कालोनी के अमित भी शहीद हुए हैं। 21वीं बटालियन सीआरपीएफ के टूआइसी कैप्टन एसएस यादव ने बताया कि अमित कुमार भी शहीद हुए हैं। शहीद सैनिक अमित पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी एक बहन है जिसकी शादी हो चुकी है। वह डेढ़ साल पहले सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। 15 दिन पहले छुट्टी लेकर घर आए थे। बीते मंगलवार को वापस ड्यूटी पर गए थे। शामली के बनत के लाल प्रदीप भी इस हमले में शहीद हो गए।
दो दिन पहले ही मिली थी तैनाती
आगरा के कइरई गांव के जवान कौशल कुमार रावत भी हमले में शहीद हो गए। कौशल की शहादत की खबर आई तो पूरा गांव रो उठा। उनकी मां धन्नो देवी, भाई कमल किशोर और पूरा परिवार बेहाल हो गया। आगरा के ताजगंज के कौशल कुमार रावत को दो दिन पहले ही सिलीगुड़ी से तबादला होकर जम्मू में तैनाती मिली थी। ताजगंज के कहरई के कौशल कुमार रावत की शहादत की खबर मिलने पर पूरा गांव उनके घर पर एकत्रित हो गया। कहरई गांव के निवासी कौशल कुमार रावत (47) केंद्रीय अद्र्धसैनिक बल में नायक थे। सिलीगुड़ी में 76 बटालियन में तैनात थे। पिछले दिनों कौशल का तबादला जम्मू हो गया था। उन्होंने मंगलवार को जम्मू में आमद कराई थी। बुधवार को भाई कमल कुमार को फोन कर इसकी जानकारी दी।
कल शाम सात बजे उनके रिश्तेदार विनोद कुमार रावत ने परिवार के लोगों को फोन पर आतंकी हमले की जानकारी दी। जीजा श्याम दीक्षित ने उन्हें कौशल रावत के शहीद होने की जानकारी दी। इससे परिवार में कोहराम मच गया। गांव के लोग कौशल के घर पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि कौशल की पत्नी ममता और दोनों बेटे अभिषेक व विकास गुरुग्राम में रहते हैं। कौशल 15 साल पहले गुरुग्राम में एनएसजी कमांडो थे। तभी से परिवार वहां रहने लगा था। कहरई में उनके पिता गीताराम, मां धन्नो देवी और भाई कमल कुमार का परिवार रहता है। शहद की पत्नी और बच्चों के यहां लाने के लिए परिवार के लोग गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर आज रात तक यहां पहुंचने की उम्मीद है।
विस्फोट में देवरिया का लाल शहीद
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवंतीपोर के पास गोरीपोरा में गुरुवार को विस्फोट में देवरिया का लाल शहीद हो गया। देर रात जैसे ही इसकी खबर गांव पहुंची कोहराम मच गया। भटनी थाना क्षेत्र के छपिया जयदेव के विजय कुमार मौर्य सीआरपीएफ में कांस्टेबल बिगुलर के पद पर तैनात थे। देवरिया के भटनी थाना क्षेत्र के छपिया जयदेव गांव के विजय कुमार मौर्य भी हमले में शहीद हुए हैं। वह सीआरपीएफ की 82 बटालियन कांस्टेबल पद पर तैनात थे। वह दो दिन पूर्व छुट्टी से वापस हेडक्वार्टर पहुंचे थे और वहां से ड्यूटी के लिए रवाना हो रहे थे। शहीद के बड़े भाई अशोक कुमार मौर्य ने बताया कि हेडक्वार्टर से फोन पिता रामायण सिंह के पास आया है। मैं गुजरात से गांव के लिए रवाना हो रहा हूं। उन्होंने बताया कि विजय मुझसे छोटे थे। वह नौ साल पहले सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। शादी 2014 में हुई थी। डेढ़ साल की एक बेटी है।
पंकज त्रिपाठी लापता
सीआरपीएफ पर आतंकी हमले में महराजगंज का बेटा पंकज त्रिपाठी लापता है। हरपुरा गांव के टोला बेलहिया के पंकज त्रिपाठी ने चार दिन पहले ही ड्यूटी ज्वाइन की थी।
मैनपुरी शहीद रामवकील के परिवार में मचा हाहाकार
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में मैनपुरी जिले के जवान रामवकील भी शहीद हुए हैं। वह अपनी ससुराल इटावा में पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे। 7 फरवरी को ही घर से ड्यूटी करने गये थे। रामवकील मैनपुरी जनपद के थाना बरनाहल इलाके के विनायकपुर गांव के रहने वाले थे। उनकी तैनाती 176 बटालियन सीआरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर थी। उनकी मौत की खबर जैसे ही घर पर पहुंची पत्नी गीता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह बेहोश होकर गिर पड़ी, उनका बड़ा पुत्र राहुल उम्र 12 वर्ष, शाहुल उम्र 9 वर्ष व अंश उम्र 6 वर्ष को भी जैसे ही सूचना मिली वह भी गमगीन हो गये। तीनों बच्चे केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाई करते हैं। रामवकील के ससुर कांस्टेबल दिवारी लाल का मकान अशोकनगर में है। यहीं पर उनके बच्चे रहते हैं।

छुट्टियां मनाकर लौटे थे जवान,मंजिल से 30 किमी पहले हुआ हमला

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Posted on : 15-02-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, POLICE, राष्ट्रीय, सामाजिक

जम्मू:परिवारों के साथ कुछ दिन हंसी-खुशी बिताकर लौटे सीआरपीएफ जवानों का काफिला गुरुवार तड़के तीन बजे जम्मू के छन्नी रामा से श्रीनगर के लिए निकला था। यह जवान भूस्खलन और बर्फबारी के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से करीब एक हफ्ते से जम्मू के छन्नी रामा स्थित ट्रांजिट कैंप में फंसे हुए थे। सुबह जम्मू से श्रीनगर जाने के लिए राजमार्ग को एक तरफ खोला गया था।
जम्मू में फंसे जवानों के 60 से अधिक वाहन निकाले गए। क्योंकि मौसम फिर बिगड़ने के आसार थे। ऐसे में सीआरपीएफ की कोशिश थी कि जम्मू में फंसे काफिले को सुरक्षित श्रीनगर पहुंचा दिया जाए। यह हमला उस समय हुआ जब काफिला अपनी मंजिल से करीब 30 किलोमीटर दूर था। जम्मू से सीआरपीएफ वाहनों को कश्मीर भेजने के सुरक्षा प्रबंधों की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है।
जम्मू से सीआरपीएफ के अन्य वाहनों के काफिलों को श्रीनगर के लिए रवाना किया जाएगा। जवान देश के विभिन्न हिस्सों से छुट्टी काटकर जम्मू के ट्रांजिट कैंप में आ जाते हैं। इसके बाद उन्हें कश्मीर में अपनी बटालियनों में भेजने के लिए श्रीनगर स्थित ट्रांजिट कैंप में भेजा जाना था।
कैसे पहुंचा विस्फोटक से लदी कार लेकर
गुरुवार सुबह सवा तीन बजे स्टैंडर्ड ऑपरेटिग प्रोसिजर अपनाते हुए इस काफिले के साथ सीआरपीएफ की रोड ओपनिग पार्टियां, काफिले के शुरू, मध्य और अंत में सुरक्षा कर्मियों के वाहन थे। रास्ते में स्थानीय सीआरपीएफ बटालियनों को काफिले की सुरक्षा का बंदोबस्त करने की जिम्मेवारी थी। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा के लिए हर बंदोबस्त किया गया था। ऐसे हालात में यह जांच का विषय है कि पुलवामा में 320 किलो विस्फोटक से लदी कार लेकर आतंकी फिदायीन हमला करने के लिए कैसे पहुंचा। अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर इसकी जांच की जा रही है।

पुलवामा में उड़ी से बड़ा आतंकी हमला, 44 जवान शहीद; जैश ने ली जिम्मेदारी

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श्रीनगर:जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवंतीपोर के पास गोरीपोरा में वीरवार को उड़ी से भी बड़ा हमला हुआ। जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती दस्ते अफजल गुरु स्क्वाड के स्थानीय आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास ने विस्फोटकों से लदी स्कार्पियो को सीआरपीएफ के काफिले में शामिल जवानों से भरी एक बस को उड़ा दिया। इस शक्तिशाली विस्फोट में 44 जवान शहीद और 44 जख्मी हो गए। काफिले में शामिल तीन अन्य वाहनों को भी भारी क्षति पहुंची है। सभी घायल जवानों को उपचार के लिए बादामी बाग सैन्य छावनी स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में दाखिल कराया गया है। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। फिलहाल, सुरक्षाबलों ने विस्फोट स्थल के आसपास के इलाके को घेरते हुए तलाशी अभियान चला रखा है।
धमाके के बाद अवंतीपोरा से लेकर बिजबिहड़ा तक हाईवे पर आम वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया है।आतंकियों का निशाना बना वाहन जम्मू से श्रीनगर की तरफ आ रहे सीआरपीएफ के जवानों के काफिले का हिस्सा था। काफिले में करीब 40 वाहन थे। अपरान्ह करीब सवा तीन बजे जब यह काफिला दक्षिण कश्मीर में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर गोरीपोरा (अवंतीपोर) के पास पहुंचा तो अचानक एक कार तेजी से काफिले में घुसी। आत्मघाती कार चालक ने सीआरपीएफ जवानों की एक बस के सथ टक्कर मार दी। इसके बाद वहां जोरदार धमाके की आवाज आई और कार धू-धू कर सड़क पर जलने लगी। बस के एक हिस्से में भी आग की लपटें निकलने लगी।
धमाके की आवाज से पूरा इलाका दहल गया और आसमान में काले धुएं के गुब्बार के साथ सड़क पर लोगों को रोने चिल्लाने की आवाजें आने लगी। काफिले में शामिल अन्य वाहन तुरंत रुक गए और उनमें सवार जवान जब बाहर निकल रहे थे तो वहीं एक जगह पोजीशन लिए बैठे आतंकियों ने उन पर गोलियां भी दागी। जवानों ने तुंरत अपनी पोजीशन लेकर जवाबी फायर किया। बताया जा रहा है कि जवाबी फायर पर आतंकी वहां से भाग निकले। आतंकी हमले का निशाना बनी बस सीआरपीएफ की 54वीं वाहिनी की है।
इस बीच, जवानों ने पूरे इलाके को घेरते हुए विस्फोट से तबाह हुई बस में जख्मी और मृत जवानों को बाहर निकलवा अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया। स्थिति इतनी भयावह थी कि धमाके की चपेट में आयी बस में सवार कई जवानों के चिथड़े तक उड़ गए थे। आतंकियों द्वारा धमाके में इस्तेमाल कार में सवार आत्मघाती आतंकी आदिल अहमद के भी मारे जाने का दावा किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि 12 जवान मौके पर ही शहीद हो गए थे, जबकि चार अन्य ने अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में दम तोड़ा। 11 अन्य जवानों की अस्पताल में शहादत पाई। विस्फोट की सूचना मिलते ही राज्य पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के आलाधिकारी भी अपने दल बल समेत मौके पर पहुंच गए।गौरतलब है कि 18 सितंबर, 2016 में उड़ी में सैन्य के मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले में 18 जवान शहीद व 30 घायल हो गए थे।
पुलवामा के गुंडीपोरा का रहने वाला था आदिल, 10 माह पहले बना था आतंकी
बीते एक दशक के दौरान कश्मीर में अब तक के सबसे बड़े आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाला आत्मघाती आतंकी आदिल अहमद उर्फ कमांडो उर्फ वकास दक्षिण कश्मीर के गुंडीबाग, काकपोरा, पुलवामा का रहने वाला था। वह बीते साल अप्रैल माह के दौरान ही आतंकी संगठन में सक्रिय हुआ था। 21 वर्षीय आदिल 10वीं पास था और सुरक्षाबलों ने उसे सी-श्रेणी के आतंकियों में सूचीबद्ध कर रखा था। उसके ऊपर तीन लाख का इनाम था।
जाकिर मूसा से था प्रभावित
सीआरपीएफ वाहन को कार बम से उड़ाने वाला आतंकी आदिल अहमद कश्मीर में अल-कायदा का पर्याय बने जाकिर मूसा से बहुत प्रभावित था। बताया जाता है कि आतंकी संगठन में पूरी तरह सक्रिय होने के कुछ समय बाद तक वह जाकिर मूसा के साथ ही रहा था। लेकिन बाद में वह जैश-ए-मोहम्मद में चला गया था। आत्मघाती हमले को अंजाम देने से पहले रिकार्ड किया गया उसका करीब सवा दस मिनट का एक वीडियो भी जारी हुआ है। इसमें वह गजवा उल हिंद का समर्थन कर रहा है।।
जानें, किसने क्या कहा
-कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर में हमले को कायरतापूर्ण हमला करार दिया। उन्होंने ने ट्वीट कर शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना दी और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।
-जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर आतंकी हमले की निंदा की है।
-पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने हमले की निंदा कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की हैं।
-जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि आतंक के लिए जिम्मेदार लोग जम्मू-कश्मीर में अपनी मौजूदगी दिखाना चाहते हैं और वे हताश हैं वे सिर्फ अपनी मौजूदगी साबित करना चाहते हैं।
-प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी आतंकी हमले की निंदा की है।
बताया जा रहा है कि रिमोट से ब्लास्ट किया गया है। 18 सितंबर, 2016 में उड़ी हमले के बाद यह सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। उड़ी हमले में 18 जवान शहीद हुए थे।
20 साल में 39 बड़े आतंकी हमले, जानें-कब और कहां हुए हमले
-10 फरवरी 2018
जम्मू स्थित सुंजवां कैंप में घुसकर आतंकियों ने सेना के क्वाटरों में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की। इसमें सेना के पांच जवान शहीद जबकि एक आम नागरिक भी मारा गया था। करीब दो दिन तक चली मुठभेड़ में सेना ने चारों आतंकी मार गिराए।
-18 सिंतबर 2016
उड़ी में भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने सेना के मुख्यालय पर हमला किया। 18 जवान शहीद हो गए, जबकि 30 घायल हुए। जवाबी कार्रवाई में सेना ने चार आतंकी मार गिराए।
-25 जून, 2016
श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रीनगर में पांपोर के निकट फे्रस्टबल में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकियों ने हमला किया। आठ सीआरपीएफ कर्मी मारे गए, 20 अन्य घायल हो गए।
-21 फरवरी, 2016
श्रीनगर के आंचलिक इलाके में एक सरकारी भवन में छिपे आतंकियों समूह के साथ भारी गोलीबारी में एक आतंकी मारा, जबकि दो कैप्टन सहित सेना के तीन कमांडो शहीद हो गए थे।
-2 जनवरी, 2016
पठानकोट एयरबेस उत्तर भारत के सबसे बड़े एयरबेस में से एक है। इस बेस पर दो जनवरी की रात में आतंकियों ने हमला किया। तीन दिन तक चली मुठभेड़ में सात जवान शहीद हो गए, जबकि 20 से ज्यादा घायल हुए थे।
-7 दिसंबर, 2015
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में बिजबिहाड़ा के सामथन में ग्रीन टनल के निकट सीआरपीएफ कर्मियों के काफिले पर आतंकियों ने गोलीबारी की। इसमें छह सीआरपीएफ कर्मी घायल हो गए थे।
-25 नवंबर, 2015
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में टंगडार में नियंत्रण रेखा के निकट सेना के शिविर पर आतंकियों ने हमला किया। इसमें जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी और एमईएस का एक जेनरेटर ऑपरेटर शहीद हो गया था।
-18 नवंबर, 2015
कुपवाड़ा के जंगलों में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई। इसमें सेना की पैरा कमांडो यूनिट का एक कर्नल शहीद हो गया।
-31 मई, 2015
कुपवाड़ा जिले के टंगडार सेक्टर में सेना ने ब्रिगेड मुख्यालय पर आतंकी हमला विफल कर दिया। इस कार्रवाई में चार दहशतगर्द मारे गए।
-21 मार्च, 2015
सांबा जिले में जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेना के शिविर पर फिदायीन हमले के दौरान दो आतंकी मारे गए। हमले में एक नागरिक, एक मेजर और एक जवान सहित तीन लोग घायल हुए थे।
-20 मार्च, 2015
सेना की वर्दी में आतंकियों के एक फिदायीन दस्ते ने कठुआ जिले में एक पुलिस थाने पर हमला किया जिसमें सीआरपीएफ के तीन कर्मी शहीद हुए। दो आतंकी मार गिराए जबकि दो नागरिक की भी मौत हुई। इसके साथ ही सीआरपीएफ के आठ कर्मी, तीन पुलिसकर्मी और एक नागरिक घायल हो गए थे।
-5 दिसंबर, 2014
उड़ी सेक्टर के मोहरा में सेना के 31 फील्ड रेजिमेंट आयुद्ध शिविर पर हथियारबंद आतंकियों ने हमला किया। इसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल और सात जवान, व तीन पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। इस ऑपरेशन में छह आतंकी मारे गए थे।
-27 नवंबर, 2014
जम्मू कश्मीर की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे अर्निया सेक्टर में सीमावर्ती गांव कठार में दिनभर चली मुठभेड़ में तीन आतंकी मार गिराए। चार नागरिकों की मौत हुई, जबकि तीन सैन्यकर्मी शहीद हो गए।
-26 सितंबर, 2013
कठुआ व सांबा में दो आत्मघाती हमले हुए। तीन आतंकी मारे गिराए। कठुआ जिले में हुए एक हमले में मारे गए लोगों में चार पुलिसकर्मी और दो नागरिक शामिल थे, जबकि सांबा जिले में हुए हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल सहित चार सैन्यकर्मी शहीद हुए थे।
-24 जून, 2013
श्रीनगर के हैदरपुरा में सेना के काफिले पर आतंकी हमला हुआ। हमले में आठ जवान शहीद हो गए थे।
-31 मार्च, 2013
श्रीनगर में सीआरपीएफ के शिविर पर आतंकी हमला हुआ। इसमें पांच लोग मारे गए।
-06 जनवरी 2010
लश्कर आतंकियों ने लाल चौक पर सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमला किया। दोनों आतंकियों को मार गिराया। एक नागरिक और पुलिसकर्मी की मौत। 12 जख्मी।
-05 अगस्त 2009
पुंछ के मंडी सेक्टर में सैन्य कैंप में फिदायीन हमले में तीन आतंकी ढेर।
-27 अगस्त 2008
जम्मू के बाहरी इलाके काना चक सेक्टर में तीन फिदायीन आतंकियों ने हमला किया। तीन सेना के जवान शहीद हुए। पांच नागरिकों की भी घटना में मौत।
-12 अक्टूबर 2007
डल लेक के किनारे स्थित बुलेवर्ड रोड स्थित सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमला। होटल ड्यूक में छुपा एक आतंकी ढेर हुआ। तीन सीआरपीएफ जवान घटना में जख्मी हुए।
-26 जुलाई 2007
श्रीनगर के बाहरी इलाके जकूरा में स्थित भाबा एटमिक सेंटर पर फिदायीन हमला। दो आतंकी ढेर। सात जवान जख्मी।
-01 जून 2007
बारामूला की शीरी में लश्कर फिदायीन ने सेना कान्वाई पर हमला किया। दोनों आतंकी ढेर। सेना के छह जवान शहीद। 15 जख्मी
-23 नवंबर 2005
श्रीनगर के डाउन टाउन क्षेत्र स्थित हवाल इलाके में सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमला। ग्रेनेड हमले में तीन सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए। जबकि एक पुलिसकर्मी सहित तीन जवान जख्मी हो गए।
-12 मई 2005
श्रीनगर में बीएसएफ की कान्वाई पर फिदायीन हमला। दो लोग मारे गए, जबकि 60 लोग घायल हुए। घायलों में 25 स्कूली बच्चे भी शामिल।
-30 मार्च 2005
सोपोर के आरामपोरा इलाके में स्थित बीएसएफ कैंपों पर दो फिदायीन हमलों में दो आतंकी ढेर। एक पैरा मिलेट्री फोर्स का जवान शहीद।
-09 अक्टूबर 2004
सिंहपुरा इलाके में सेना की कान्वाई पर फिदायीन हमला। चार जवान शहीद। 35 जख्मी हुए। एक सिविल ड्राइवर भी मारा गया।
-09 दिसंबर 2004
शोपियां स्थित एसओजी कैंप पर हमला। दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि एक डीएसपी सहित चार लोग जख्मी हो गए।
-03 दिसंबर 2004
सोपोर में एसओजी कैंप में तैनात सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमला। पांच जवान शहीद, दो जख्मी। दोनों आतंकी मार गिराए गए।
-12 सितंबर 2004
डलगेट स्थित सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमला। दो डिप्टी कमांडेंट शहीद। दोनों आतंकियों को भी ढेर कर दिया गया।
-18 नवंबर 2003
श्रीनगर स्थित 15 कोर हेडक्वार्टर में फिदायीन हमला। एक जवान शहीद, दो अन्य जख्मी।
-04 सितंबर 2003
पुंछ शहर स्थित सुरक्षा बलों के कैंप में फिदायीन हमला। दो विदेशी और एक महिला की मौत।
-25 अप्रैल 2003
बांडीपोरा में बीएसएफ कैंप फिदायीन हमले में दो आतंकी ढेर। तीन बीएसएफ जवान शहीद। एक नागरिक की भी मौत। चार जवानों सहित सात जख्मी।
-22 जुलाई 2003
अखनूर के टांडा रोड स्थित आर्मी कैंप में फिदायीन हमला। एक ब्रिगेडियर सहित आठ जवानों की मौत। चार जनरल, एक ब्रिगेडयर और दो कर्नल सहित 12 जख्मी।
-28 जून 2003
जम्मू के सुजआं इलाके में सेना की डोगरा रेजीमेंट पर फिदायीन हमला। 12 जवान शहीद। एक लेफ्टिनेंट सहित सात जख्मी। दोनों फिदायीन हमले में मारे गए।
-15 मई 2003
पुंछ शहर में पुलिस की वर्दी में आतंकियों ने सेना कैंप के बाहर फिदायीन हमले में एक जवान की मौत। हमलावर मौके से फरार, लेकिन बाद में मारा गया।
-18 दिसंबर 2002
थनामंडी आर्मी पोस्ट पर फिदायीन हमले में लश्कर आतंकी ढेर। एक एसएफ की मौत और तीन जवान जख्मी।
-14 मई 2002
कालू चक स्थित सैन्य क्षेत्र में फिदायीन हमले में तीन आतंकी ढेर। 36 सैन्यकर्मी और उनके परिवार वालों की मौत, 48 जख्मी।
-04 दिसंबर 2001
कुपवाड़ा में लश्कर के तीन सदस्यीय आत्मघाती दस्ते ने सुरक्षा बलों के कैंप पर हमला किया। तीनों आतंकी ढेर। दो जवान शहीद। दो जवान सहित पांच जख्मी।
-3 नवंबर, 1999
श्रीनगर के बादामी बाग में आतंकियों ने 15 कोर पर हुए फिदायीन हमला किया। इस हमले में दस सैनिक कर्मी शहीद हो गए।

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