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रावण कह रहा तुम मुझे यूँ जला ना पाओगे!रावण कह रहा तुम मुझे यूँ जला ना पाओगे! फर्रुखाबाद:श्रीराम लीला द्वारा मंचन चल रहा है| जिसके तहत विजय दशमी को रावण के वध के साथ ही उसका पुतला दहन होना है| पुतला बनाने वालों ने पुतले बनाकर तैयार कर मेला मैदान में लगा भी दिये है| बीते कई दिनों से कानपुर के ठेकेदार के द्वारा बनाये जा रहे रावण, कुम्भकरण व मेघनाथ के विशालकाय...

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जिला जेल में सियाराम का हुआ वनवासजिला जेल में सियाराम का हुआ वनवास फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला)बीते लगभग पांच दिनों से जिला जेल में चल रही राम लीला जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है| आपराधिक मानसिकता के लोगों में अध्यात्म की गंगा बहाने का काम किया जा रहा है| जिसके चलते यह जिला जेल में पहली अनोखी पहल है| जो बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार...

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450 वर्षों के बाद इलाहाबाद को मिला अपना पुराना नाम450 वर्षों के बाद इलाहाबाद को मिला अपना पुराना नाम नई दिल्‍ली:संगम नगरी इलाहाबाद को 450 वर्षों के बाद आखिरकार अपना पुराना नाम वाप‍स मिल गया। कभी मुगल शासक सम्राट अकबर ने इसका नाम बदलकर प्रयागराज से इलाहाबाद (अल्‍लाहबाद) किया था। पुराणों में प्रयागराज का कई जगहों पर जिक्र मिलता है। रामचरित मानस में इलाहाबाद को प्रयागराज...

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सीएमओं ने खड़े होकर जलवा दी लाखों की दवाएंसीएमओं ने खड़े होकर जलवा दी लाखों की दवाएं फर्रुखाबाद:सीएमओ कार्यालय के निकट परिवार नियोजन से सम्बन्धित करोड़ो रूपये की दवा व प्रचार सामिग्री सीएमओं अरुण उपाध्याय की मौजूदगी में आग के हवाले कर दी गयी| इस काम को अंजाम सीएमओ कार्यालय के पूर्व शोध अधिकारी अनिल कटियार निवासी नेकपुर चौरासी ने दिया| अनिल कटियार ने बताया...

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पति के दोस्तों ने नकदी जेबरात चोरी कर महिला की इज्जत लूटीपति के दोस्तों ने नकदी जेबरात चोरी कर महिला की इज्जत लूटी फर्ररूखाबाद:बीती रात एक सनीखेज मामला सामने आया है| घर आये पति के दोस्तों ने महिला के साथ गैंग रेप कर उसके घर से नकदी व जेबरात चोरी कर लिये| घटना के सम्बन्ध में पुलिस को तहरीर दी गयी| पुलिस ने जाँच पड़ताल शुरू कर महिला को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया| थाना मऊदरवाजा क्षेत्र...

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खड़े होकर पानी पीते हैं? तो जान लीजिए गंभीर नुकसानखड़े होकर पानी पीते हैं? तो जान लीजिए गंभीर नुकसान डेस्क: यह तो हम सभी जानते हैं कि पूरे दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए कितना जरूरी होता है। लेकिन आपको यह नहीं पता होगा कि जिस पोजीशन में आप पानी पीते हैं उसका भी आपकी सेहत पर असर पड़ता है। आपके बड़े-बुजुर्ग हमेशा से कहते आए होंगे कि बैठ कर शांति से पानी...

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करवाचौथ पर शुक्र अस्त होने के कारण इस बार नहीं होगा व्रत का उद्यापनकरवाचौथ पर शुक्र अस्त होने के कारण इस बार नहीं होगा व्रत का... नई दिल्ली:वर्ष करवाचौथ 27 अक्टूबर को है। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को करवाचौथ का व्रत किया जाता है। सुहागिन महिलाओं के लिए इस व्रत का विशेष महत्व है। करवाचौथ के दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। कई संप्रदायों में कुवांरी कन्याएं भी अच्छे पति की...

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पुलिस की पिटाई से बीजेपी समर्थक की मौत पर बबाल,लगाया जामपुलिस की पिटाई से बीजेपी समर्थक की मौत पर बबाल,लगाया जाम फर्रुखाबाद: साथी के साथ गये युवक से पुलिस ने युवक से मारपीट कर दी| जिससे उसकी मौत हो गयी| आक्रोशित भीड़ ने परिजनों के साथ जाम लगाकर जमकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की| मौके पर पंहुचे एएसपी ने कार्यवाही का भरोसा दिया| जिसके बाद जाम खोला जा सका| शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दरीवा...

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स्कूल बैन की गैस से मासूम छात्रों की हालत बिगड़ीस्कूल बैन की गैस से मासूम छात्रों की हालत बिगड़ी फर्रुखाबाद:(मेरापुर/नबावगंज) विधालय बच्चो को लेकर जा रही बैन की गैस निकलने से उसमे बैठे कई मासूम छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ गयी| ग्रामीणों का आक्रोश देख बैन का चालक मौके से खिसक गया| जिसके बाद मौके पर पंहुचे एसपी ने जाँच पड़ताल कर कार्यवाही के निर्देश दिये|जिसके बाद विधालय...

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श्रीराम की बारात में श्रद्धालु हुये भावविभोरश्रीराम की बारात में श्रद्धालु हुये भावविभोर फर्रुखाबाद:श्री राम विवाह की शोभायात्रा में सभी बरातियो ने जमकर लुफ्त उठाया| वही राम-सिया के विवाह मंचन से बारात तक के कार्यक्रम में सभी मनोहारी झाँकियो को देख कर श्रद्धालु भावविभोर हो गये| राम बारात में जैसे ही श्री राम के गले में सीता जी ने वरमाला डाली तो रामचरित मानस...

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गम्भीर आरोप लगा शाकिर ने संगठन का दामन छोड़ा

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फर्रुखाबाद:जमीअतुल मंसूर के राष्ट्रिय अध्यक्ष पूर्व राज्यमंत्री जावेद इकबाल मंसूरी ने पत्र जारी कर शाकिर अली को प्रदेश महामंत्री के पद से मुक्त कर निलंबित भी कर दिया था| लेकिन शाकिर अली ने पूरे मामले को फर्जी करार देते हुये खुलासा करने की बात कही है| लेकिन उन्होंने प्रेस ने बात के दौरान संगठन का दामन ही छोड़ दिया|
बीते 10 अक्टूबर को जावेद इकबाल मंसूरी ने जारी पत्र में कहा है कि शाकिर उनसे मिलने लखनऊ आये थे| उन्होंने कुछ लोगों के साथ मेरा फोटो खीचकर फेसबुक पर पोस्टकर दिया की उन्हें कार्यवाहक अध्यक्ष भी बना दिया गया है| लेकिन यह नही हुआ है| जावेद इकबाल ने पत्र में कहा है कि शाकिर को एक सप्ताह के भीतर जबाब देने को कहा गया है| इसी के साथ एक कमेटी का गठन भी जाँच के लिये बनायी गयी है|
गुरुवार को शाकिर अली ने अपनी पत्नी मुमताज मंसूरी के साथ आवास विकास स्थित एक होटल में प्रेस से बात की| उन्होंने संगठन पर कई गम्भीर आरोप लगाकर संगठन से अलविदा कह दिया| शाकिर अली ने बताया की उनकी पत्नी मुमताज बेगम ने अपने खुद के संगठन अल-मंसूर एजुकेशनल सोसाइटी एवं सोशल बेलफेयर सोसाइटी (रजि०) के तहत कार्य करने की तैयारी कर ली है|

ख़ास खबर:राम को डीएम,सीता इंजीनियर व लक्ष्मण को एसपी बनने की चाह

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Posted on : 18-10-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, धार्मिक, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(दीपक-शुक्ला)आज भले ही रामलीला को देखने वाले लोगों में उतना चाव नही है| लेकिन रामलीला का मंचन करने वाले कलाकारों की मंच के प्रति गंभीरता में कोई कमी नही आयी है| श्रीराम लीला मंडल के मटर लाल दुबे है| इसके साथ लगभग 90 प्रतिशत कलाकार युवा ही है| फिर चाहे वह श्रीराम का किरदार हो या फिर रावण का सभी में लीला के मंचन के साथ-साथ अपने जीवन में भी कुछ कर गुजरने की चाह है| कड़ी मेहनत कर लोगों को अध्यात्म से जोड़ने वाले इन कलाकारों के भीतर झांक कर जब जेएनआई टीम ने देखा तो उनके हौसले को देखकर आश्चर्य हुआ| कुछ क्या अधिकतर कलाकार पढ़ाई कर रहे हैं तो कुछ नौकरी या अन्य व्यवसाय भी कर रहे है| रामलीला शुरू होने से करीब डेढ़ महीना पहले ये कलाकर रिहर्सल करना शुरू कर देते हैं।
रामलीला के श्रीराम बनना चाहते है जिलाधिकारी
श्रीराम का किरदार मोहल्ला खतराना निवासी भानु दुबे के पुत्र अमन दुबे अदा कर रहे है| वह सरस्वती शिशु मन्दिर सेनापति में कक्षा 9 के विधार्थी है| अमन ने बताया की वह लीला मंचन के साथ ही दिन रात पढ़ाई में रहते है| उनका सपना जिलाधिकारी बनना है| जिसके लिए वह पूरी मेहनत कर रहे है| वही प्रदीप मिश्रा के पुत्र यश मिश्रा भी खतराना मोहल्ले के रहने वाले है| वह दिन में राम का किरदार निभाते है| उनके पिता प्रदीप दवा प्रतिनिधि का कार्य करते है| यश का कहना है कि वह भविष्य में पढाई करके चिकित्सक का कार्य कर समाज की सेवा करना चाहता हूँ| दोनों भानु व यश का कहना है की यह किरदार निभाने में आनन्द मिलता है| किसी भी विपत्ति के समय मुझे श्रीराम याद आते हैं। रामलीला के बाद भी पूरे साल मैं राम के किरदार को जीता हूं। हर वक्त उनसे सीखता रहता हूं।
सीता बनना चाहती है साफ्टवेयर इंजीनियर
श्रीराम लीला मंडल के लीला मंचन में सीता का किरदार निभा रहे रमेश दुबे के पुत्र शौर्य दुबे सेनापति मोहल्ले के रहने वाले है| उनके पिता नेहरु रोड पर एक होटल में मैनेजर का कार्य करते है| शौर्य खडियाई स्थित आल सेंट कान्वेंट स्कूल में कक्षा 5 में पढाई कर रहे है| सीता का किरदार करने वाले शौर्य का कहना है की वह भविष्य में मेहनत कर साफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते है| वही उनके भाई प्रतीक दुबे इसी राम लीला में भरत का किरदार निभा रहे है| प्रतीक भी शौर्य के विधालय में ही कक्षा 6 की पढ़ाई कर रहे है| प्रतीक का कहना है की वह पढ़ाई करके आईएएस बनना चाह रहे है|
लक्ष्मण पुलिस अधीक्षक बनने का कर रहे प्रयास
श्रीराम लीला मंडल के संरक्षक मटन लाल दुबे के पुत्र स्कंद दुबे केन्द्रीय विधालय फ़तेहगढ़ में कक्षा 7 की पढाई कर रहे ह| स्कंद का मानना है की स्वास्थ्य व्यवस्था खराब है| गरीबो को इलाज नही मिल पाता है| सरकारी आस्प्तालों की व्यवस्था संतोष जनक नही है| इस लिये सीएमओ बनकर सरकारी व गैर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरस्त करने का काम करेंगे| इस लिए वह पढ़ाई में भी मंचन के साथ मन लगा रहे है| वही नितगंजा दक्षिण निवासी अंशु त्रिपाठी पुत्र मनोज त्रिपाठी भी लक्ष्मणका किरदार निभा रहे है| वह शहर के मदर टेरेसा विधालय में कक्षा 6 की शिक्षा ले रहे है| अंशु बीते चार वर्षों से लगातार लक्ष्मण का निरदार निभा रहे है| अंशु का कहना है कि वह वह एसपी बनाना चाहते है| इसके लिए पढाई पर पूरा ध्यान देंते है|
रावण बाजार में करते दवा का व्यापार
दवा प्रतिनिधि का कार्य करने वाले नुनहाई कटरा निवासी आंशिक दीक्षित रावण का किरदार निभाते है| यह किरदार वह बीते तीन वर्षों से निभा रहे है| इससे पूर्व वह रामआदि का भी किरदार निभा चुके है| हमें अपनी बुराइयों को जलाना चाहिए। शंकर से संवाद में रावण कहते हैं कि तुमने मेरा शरीर तामसी बना दिया है, जिससे मैं पूजा-पाठ नहीं कर पाता। राम से दुश्मनी ही मेरी मुक्ति का साधन है।
सत्यम को याद है रामायण की एक-एक चौपाई
खतराना निवासी सत्यम दीक्षित पुत्र सतेन्द्र ने बताया की वह रामलीला मंचन के दौरान व्यास का किरदार निभाते है| बीते दस वर्षों से रामलीला की सेवा में लगे सत्यम पहले राम का किरदार निभा चुके| उसके बाद व्यास का किरदार निभा रहे है| सत्यम का कहना है की रामचरित मानस की अधिकतर चौपाई उन्हें याद है|
श्रीराम लीला मंडल के मटर लाल दुबे ने बताया की पूरे राम लीला के मंचन में लगभग 30 किरदार रहते है| इस बार काली का अखाडा भी शामिल है| जिसमे 25 किरदार होंगे|

क्या है दशहरा का शुभ मुहूर्त,क्यों है संशय की स्थिति…

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Posted on : 18-10-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, धार्मिक, सामाजिक

डेस्क: आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को दशहरे के रुप में देशभर में मनाया जाता है। है। इस बार दशहरा 19 अक्टूबर 2018 को मनाया जाएगा। दशहरा हिंदूओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व रावण का वधकर भगवान श्रीराम के वनवास से लौटने की खुशी के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। दशहरा असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। दशहरे के उपलक्ष्य में भारत के कोने-कोने में रामलीला की झांकियों का मंचन किया जाता है। इस दिन नीलकंठ का दर्शन बहुत शुभ माना जाता है। दशहरा या विजया दशमी नवरात्रि के पश्चात दसवें दिन मनाया जाता है।
शुभ मुहूर्त
दशमी तिथि की शुरूआत 18 अक्टूबर 3 बजकर 28 मिनट से शुरू होकर 19 अक्टूबर 5 बजकर 57 मिनट तक रहेगी।
इस दिन वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, सोना, आभूषण नए वस्त्र इत्यादि खरीदना शुभ होता है। दशहरे के दिन नीलकंठ भगवान के दर्शन करना अति शुभ माना जाता है। दशहरा के दिन लोग नया कार्य प्रारम्भ करते हैं, कुछ घरों में शस्त्रों की भी पूजा की जाती है। प्राचीन काल में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे।
इस दिन जगह-जगह मेले लगते हैं। दशहरा का पर्व समस्त पापों काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, अहंकार, हिंसा आदि के त्याग की प्रेरणा प्रदान करता है।18 अक्टूबर को नवमी दोपहर 02.01 बजे तक है और इसके बाद दशमी शुरू होगी, जो दूसरे दिन शाम 04.07 बजे तक रहेगी। कुछ मान्यताओं में उदयकाल में तिथि को मान्यता दी जाती है, जो 19 अक्टूबर को है। दशहरे के लिए पंचक भी मान्य हैं, जो 19 अक्टूबर की दोपहर 01.29 बजे से है। इस समय धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। इसलिए इस मान्यता वाले 19 को दशमी मनाएंगे।
जिस दिन दशमी में श्रवण नक्षत्र हो, उसी दिन विजया दशमी मानी जाना चाहिए। भगवान श्रीराम ने इसी मुहूर्त में लंका विजय के लिए प्रस्थान किया था। इस तिथि व नक्षत्र का महत्व विजय यात्रा से है। शास्त्रों में कहा है कि इस मुहूर्त में शुरू की गई यात्रा हर दिशा में सफलता दिलाती है।

राशिफल: देखें कैसा रहेगा आज आपका दिन

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Posted on : 18-10-2018 | By : JNI-Desk | In : POLICE, धार्मिक, सामाजिक

डेस्क:आज के दिन का राशिफल, कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार… हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल
मेष- नई आर्थिक नीति लागू करने का साहस जुटा पाएंगे। कार्यस्थल पर परिवर्तन होगा। विरोध होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। यात्रा हो सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नए अनुबंध हो सकते हैं। मातहतों का सहयोग मिलेगा।
वृष- तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात होगी। घर-परिवार की चिंता रहेगी। दूसरों के काम में दखल देने से बचें। व्यवसाय ठीक चलेगा। पार्टनरों से मतभेद कम होंगे। जल्दबाजी न करें।
मिथुन- चोट व दुर्घटना से हानि हो सकती है। विशेषकर स्त्रियां सावधानी से रहें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी अपने ही व्यक्ति का व्यवहार ठीक नहीं रहेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। बड़ों के मार्गदर्शन से लाभ होगा।
कर्क- वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। परिवार के किसी मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। व्यवसाय में उन्नति के योग हैं। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। समय का लाभ लें।
सिंह- संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। नए उपक्रम प्रारंभ करने की योजना बनेगी। प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे। घर-बाहर अनुकूल वातावरण रहेगा। अपरिचित व्यक्ति से दूर रहें। धोखा खा सकते हैं। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें।
कन्या- यात्रा मनोरंजक रहेगी। रचनात्मक कार्य पूर्ण होंगे। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। विरोधी सक्रिय रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में प्राप्त होगी। मित्रों के साथ समय अच्छा बीतेगा। लाभ होगा।
तुला- शोक समाचार मिल सकता है। धैर्य रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। लापरवाही न करें। दौड़धूप अधिक होगी। बनते कामों में बाधा संभव है। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। परिवार में बेवजह कलह हो सकती है। सामंजस्य बैठाएं। व्यवसाय की गति धीमी रहेगी।
वृश्चिक- मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। सामाजिक पूछ-परख बढ़ेगी। रुके काम पूर्ण होंगे। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। यात्रा की योजना बनेगी। धनलाभ सहज ही होगा। प्रमाद न करें। कार्यकुशलता का विकास होगा। जल्दबाजी से बचें।
धनु- पुराने भूले-बिसरे मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। मनोनुकूल सूचना प्राप्ति होगी। विवाद न करें। किसी व्यक्ति का व्यवहार मनोनुकूल नहीं रहेगा। आय बनी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। वरिष्ठ व्यक्तियों की सलाह मानें।
मकर- रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। जोखिम लेने का साहस कर पाएंगे। कोई बड़ी समस्या का हल मिल सकता है। प्रसन्नता रहेगी। यात्रा लाभदायक रहेगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। थकान तथा आलस्य रह सकते हैं।
कुंभ- अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। पुराना रोग परेशान कर सकता है। वाणी में संयम आवश्यक है। बनते काम बिगड़ सकते हैं। अपरिचित व्यक्ति की बातों में न आएं। विवेक से कार्य करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। धनार्जन होगा।
मीन- रुका हुआ धन मिल सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा में सावधानी रखें। घर-बाहर से सहयोग मिलेगा। लाभ में वृद्धि होगी। किसी आनंदोत्सव भाग लेने का अवसर मिल सकता है। संचित धन में वृद्धि होगी। कर्ज चुका पाएंगे। प्रसन्नता रहेगी।

MeToo में फंसे अकबर का चला गया ताज

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नई दिल्ली: #MeToo के तहत यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे विदेश राज्य मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अकबर का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं और वे अब कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
हालांकि, एक वक्त ऐसा भी था जब अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था। अकबर पर अब तक करीब 16 महिलाएं सार्वजनिक रूप से आरोप लगा चुकी हैं और 20 महिलाओं ने इन्हें समर्थन दिया है। अकबर पर लगे आरोप लगातार सरकार के गले की फांस बनते जा रहे थे। आइए डालते हैं एक नजर अकबर पर आरोप लगने से लेकर इस्तीफे तक के सफर पर।
7 अक्टूबर- गुमनाम पत्र से शुरुआत
अकबर पर आरोपों की शुरुआत प्रेरणा सिंह बिंद्रा ने की थी। 6 अक्टूबर को जर्नलिस्ट प्रेरणा सिंह बिंद्रा ने ट्वीट करके बताया कि उन्हें एक संपादक ने होटल के कमरे में बुलाया था। जब बिंद्रा ने आने से इनकार कर दिया, तब उन्हें परेशान किया गया। हालांकि, #MeToo के तहत जो खुलासे उन्होंने किए उसमें अकबर का नाम नहीं था। लेकिन बाद में 9 अक्टूबर उसी ट्वीट में उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अकबर का नाम लिया और कहा कि उनका शोषण करने वाले कोई और नहीं बल्कि अकबर ही हैं।
बिंद्रा ने बताया कि अकबर ने एक बार पूरी फीचर्स टीम के साथ मीटिंग के दौरान ‘गलत टिप्पणियां’ की थीं। बिंद्रा ये भी याद बताया कि अकबर ऑफिस टीम की दूसरी लड़कियों को भी होटल के कमरों में बुला चुके हैं।सार्वजनिक तौर पर सबसे पहले प्रिया रमानी 8 अक्टूबर को अकबर का नाम लिया।
8 अक्टूबर, 2018 – अकबर पर 6 महिला पत्रकारों ने लगाए आरोप
#MeToo के तहत पत्रकार प्रिया रमानी ने सबसे पहले अकबर पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए। रमानी ने #MeToo की स्टोरी बताने के लिए एक आर्टिकल लिखा। हालांकि, आर्टिकल में रमानी ने अकबर का नाम नहीं लिया था, लेकिन 8 अक्टूबर को ट्वीट करके उन्होंने सीधे एमजे अकबर का नाम लिया। इसके बाद एक-एक कर करीब 6 महिला पत्रकारों ने अकबर को लेकर कई तरह की आपत्तिजनक बातों और शोषण का खुलासा किया। अकबर पर ये आरोप एशियन एज के संपादक रहने के दौरान के थे।
प्रिया रमानी के बाद एक दूसरी जर्नलिस्ट महिला शुमा राहा ने ट्वीट करके अकबर के बारे में अपनी कहानी सुनाई। शुमा ने कहा कि 1995 में अकबर ने उन्हें कोलकाता के एक होटल में इंटरव्यू के लिए बुलाया था। तब अकबर एशियन एज में संपादक थे। शुमा के बयान के मुताबिक, अकबर ने उनके साथ कुछ नहीं किया था, लेकिन होटल के एक कमरे में बिस्तर पर बैठकर जिस तरह इंटरव्यू लिया जा रहा था, उस वजह से उन्होंने जॉब का ऑफर ठुकरा दिया।
9 अक्टूबर 2018- भाजपा सांसद ने बताया गलत प्रथा शुरू हो गई है
9 अक्टूबर को भाजपा सांसद उदितराज ने कहा कि #MeToo के तहत गलत प्रथा की शुरुआत हो गई है। उदितराज ने कहा, #MeeToo कैंपेन जरूरी है लेकिन किसी व्यक्ति पर 10 साल बाद यौन शोषण का आरोप लगाने का क्या मतलब है? इतने सालों बाद ऐसे मामले की सत्यता की जांच कैसे हो सकेगा? जिस व्यक्ति पर झूठा आरोप लगा दिया जाएगा उसकी छवि का कितना बड़ा नुकशान होगा ये सोचने वाली बात है. गलत प्रथा की शुरुआत है।’
10 अक्टूबर- अकबर के खिलाफ आरोपों की गिनती बढ़ी, इस्तीफे की मांग उठी
10 अक्टूबर को एक और महिला पत्रकार सुतपा पॉल ने अकबर पर आरोप लगाए। उन्होंने साल 2010-11 के वाकये के बारे में बताया। तब सुतपा इंडिया टुडे में पत्रकार थीं. और एमजे अकबर भी यहीं काम कर रहे थे। सुतपा का आरोप है कि अकबर ने उन्हें कई बार ड्रिंक करने की जिद की। मना करने पर अकबर कहते थे, ‘न ड्रिंक करती हो, न स्मोक करती हो, किस तरह की जनर्लिस्ट हो तुम’ सुतपा पॉल ने बताया कि उनके पास बहुत सारे स्टोरी आइडियाज थे, लेकिन अकबर किसी भी स्टोरी आइडिया के बारे में बात नहीं करना चाहते थे।
इसी दिन कनिका गहलोत ने भी अकबर पर आरोप लगाए। फ्रीलांस जर्नलिस्ट कनिका गहलोत ने कहा कि 1995 से 1997 के दौरान उन्होंने एमजे अकबर के साथ काम किया है, सभी लोगों के साथ उनका व्यवहार बहुत खराब था। घटना के बारे में गहलोत ने बताया कि एक दिन उन्हें भी होटल में बुलाया गया, लेकिन कनिका के एक बार मना करने के बाद अकबर ने फिर दोबारा कभी नहीं बुलाया।
‘अकबर ने मेरी ब्रा का स्ट्रैप खींचा’
कुछ ऐसे ही आरोप एशियन एज की एडिटर सुपर्णा शर्मा ने भी एमजे अकबर पर लगाए। सुपर्णा ने कहा कि साल 1993 से 1996 के दौरान अकबर उनके बॉस थे और वो अपने काम की रिपोर्ट उन्हें देती थीं। सुपर्णा कहती हैं, “मैं एक दिन ऑफिस में काम कर रही थी और अकबर मेरे पीछे खड़े थे। उन्होंने मेरी ब्रा का स्ट्रैप खींचा और धीरे से कुछ कहा, जो मुझे फिलहाल याद नहीं है। मैं डर गई थी।”
एक आर्टिकल में पत्रकार सबा नकवी ने अपने साथ हुए हैरासमेंट का जिक्र किया है। सबा ने सीधे तौर से उस शख्स का नाम नहीं बताया है। लेकिन हिंट देते हुए कहा कि उसका नाम ‘ग्रैंड मुगल सम्राट’ से मिलता जुलता है। सबा ने उस शख्स का नाम लिए बगैर कहा कि उसने पहले ऑफिस में प्रताड़ित किया, फिर बाद में वो एक राजनेता बन गया।
गजाला वहाब बोलीं- छाती पर हाथ फेरा
अकबर की बारे में कुछ ऐसी ही कहानी पत्रकार गजाला वहाब ने सुनाई। गजाला लिखती हैं, ”साल 1994 में मैंने इंटर्न के रूप में एशियन एज अखबार ज्वाइन किया था, जहां अकबर एडिटर थे। इस दौरान अकबर ने उन्हें भद्दे मैसेज भेजे और कई बार अपने केबिन में बुलाकर प्रताड़ित भी किया।
गजाला कहती हैं, ‘एक दिन अकबर ने जब मुझे अपने केबिन में बुलाया, तो वह अपना वीकली कॉलम लिख रहे थे। उन्होंने मुझे डिक्शनरी से कुछ शब्द ढूंढने के लिए कहा।शब्दों को ध्यान से देखने के लिए जब झुकी, तो उन्होंने मेरी छाती से लेकर कमर तक हाथ फेरा। मैं तब बहुत डर गई थी। वहाब कहती हैं कि नौकरी के दौरान कई बार अकबर ने उन्हें छूने की कोशिश की। वहाब के मुताबिक उन्होंने ब्यूरो चीफ सीमा मुस्तफा से भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन कुछ एक्शन नहीं लिया गया।
इसी दिन कांग्रेस ने पहली बार अकबर के इस्तीफे की मांग उठाई। कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर को यौन उत्पीड़न के आरोपों पर संतोषजनक सफाई देनी चाहिए या तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता एस जयपाल रेड्डी ने कहा, ‘जब उनके साथ काम कर चुकी सीनियर पत्रकारों ने आरोप लगाए हैं तो फिर वह पद पर कैसे बने रह सकते हैं।
इसके अलावा AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी एमजे अकबर को मंत्री पद से हटाए जाने की मांग की। उन्होंने ट्वीट किया, “अकबर शर्म करिए! और आप तीन तलाक विधेयक पर बहस के दौरान संसद में खड़े होकर मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके उत्पीड़न को रोकने की बात करते हैं।” ओवैसी ने आगे कहा कहा, “प्रधानमंत्री कार्यालय अगर सच में बेटी बचाओ में यकीन रखता है तो अपने इस मंत्री को हटाएं।”
सुषमा सवाल सुनकर आगे बढ़ीं, निर्मला ने भी टाल दिया सवाल
एमजे का अकबर का मामला गरमाने लगा था। लेकिन विदेश में होने के चलते उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही थी। विदेश राज्यमंत्री सुषमा स्वराज से अकबर पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने अनसुना कर दिया और पत्रकारों को छोड़ आगे बढ़ गईं।
कुछ ऐसा ही रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी किया। एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर कमेंट करने के लिए वह सही पर्सन नहीं हैं।
11 अक्टूबर- ईरानी बोलीं- आपबीती बताने वाली महिलाओं को न करें बदनाम
11 अक्टूबर को सुबह सूत्रों के हवाले से मीडिया में ख़बर आई कि एमजे अकबर विदेश से लौटते ही इस्तीफा दे सकते हैं। शाम को जब अकबर के मामले पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने महिलाओं का साथ दिया।
ईरानी ने कहा, वैसे तो इन आरोपों पर तो अकबर ही सही से बता सकते हैं लेकिन #MeToo के जरिए जो भी महिलाएं आपबीती बता रही हैं उन्हें न तो बदनामी का शिकार बनाया जाना चाहिए और न उनका मजाक उड़ाना चाहिए।
12 अक्टूबर- स्वामी का #MeToo को समर्थन, मालीवाल का पीएम को पत्र
एक और महिला पत्रकार ने एमजे अकबर पर आरोप लगाए। महिला पत्रकार का कहना था कि अकबर ने उन्हें तब प्रताड़िता किया जब वे एशियन एज अखबार में इंटर्न थीं। यह घटना साल 2007 की बताई गई। पत्रकार के मुताबिक, ‘वो (अकबर) उठे और जहां मैं बैठी थी वहां आए, तो मैं भी उठी और उनकी तरफ मैंने हाथ बढ़ाया। उन्होंने मेरे सीधे कंधे के नीचे से, मेरे हाथों को पकड़ा और अपनी तरफ खींच लिया। उन्होंने मेरे मुंह पर किस किया और जबरदस्ती अपनी जीभ मेरे मुंह में घुसाने लगे। मैं सिर्फ खड़ी रही।”
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी आरोपों के बाद एमजे अकबर को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए पत्र लिखा। मालीवाल ने कहा, ”ये सही वक्त है, सामने आइए और इसकी रिपोर्ट करिए ताकि हमारे समाज में मौजूद ऐसे लोगों को सबक सिखाया जा सके और उन्हें सलाखों के पीछे भेजने की जरूरत है।”
12 अक्टूबर को एक और भाजपा नेता और सांसद सु्ब्रमण्यम स्वामी ने बयान दिया। उन्होंने #MeToo कैंपेन को समर्थन दिया और कहा ”अकबर मंत्री हैं। उन्हें पीएम मोदी ने मंत्री बनाया है। मैं मीटू कैंपन का समर्थन करता हूं। इन पर कई महिलाओं ने आरोप लगाए हैं। प्रधानमंत्री को इस पर बोलना चाहिए।”
स्वामी ने कहा, “मैंने 20 साल पहले कई नेताओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया था। तब मीडिया ने मुझसे कहा कि आप बहुत पर्सनल हो रहे हैं। पर्सनल चीजों पर नहीं जाना चाहिए लेकिन आज परिस्थिति बदल गई है। यहां ये सवाल नहीं पूछा जाना होना चाहिए कि पहले शिकायत नहीं की, अब क्यों कर रहे हैं।”
वहीं, जब केंद्रीय मंत्री उमा भारती से एमजे अकबर पर लगे आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। उमा भारती ने कहा, “ये मामला उस समय का है, जब वो केंद्र सरकार में शामिल नहीं थे। इसलिए ये मामला अकबर और उन महिलाओं के बीच का है। सरकार इस पर कुछ नहीं कर सकती है।”
13 अक्टूबरः शाह बोले- आरोपों की जांच की जरूरत
पहली बार भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अकबर के मामले पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि अकबर पर लगे आरोपों की जांच किए जाने की जरूरत है। एक इंटरव्यू में शाह ने कहा, “किसी चीज पर यूं ही टिप्पणी करना बहुत मुश्किल है, जो एक वेबसाइट पर छपा हो। कोई भी एक वेबसाइट पर कुछ भी डाल सकता है। इसलिए इसकी जांच की जरूरत है. चाहे वह सच हो या झूठ या फिर इस तरह की घटना हुई हो या नहीं।”
14 अक्टूबर- अकबर स्वदेश लौटे, बोले- जल्द अपना पक्ष रखेंगे
एमजे अकबर नाइजीरिया से स्वदेश लौट आए। जब पत्रकारों ने उनसे आरोपों को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि जल्द ही वे अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद शाम होते-होते उन्होंने मीडिया से कहा कि उन पर लगे सभी आरोप झूठे हैं और वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।
अकबर ने कहा, ‘मेरे खिलाफ जो भी आरोप लगे हैं वो झूठे हैं और मसाला लगाकर पेश किए जा रहे हैं। क्योंकि मैं ऑफिशियल विदेशी दौरे पर थे तो इसलिए जवाब नहीं दे सका लेकिन अब मैं लौट आया हूं। मेरे वकील इन झूठे आरोपों की जांच करने के बाद भविष्य के लीगल एक्शन की तैयारी करेंगे।
15 अक्टूबर- प्रिया रमानी पर मानहानि का केस
इसके बाद अगले दिन एमजे अकबर पहली बार सार्वजनिक रूप से नाम लेकर आरोप लगाने वाली प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का केस करते हैं। इसके बाद प्रिया का बयान आता है। प्रिया कहती हैं कि अकबर ने अपना रवैया साफ कर दिया है, वे पीड़िताओं को डरा-धमका कर चुप कराना चाहते हैं। अकबर की ओर से दायर मुकदमे की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में गुरुवार को होगी।
16 अक्टूबरः प्रिया रमानी को समर्थन बढ़ा तो अकबर पर इस्तीफे का दबाव
अकबर की ओर से दायर मुकदमे को लेकर प्रिया रमानी के समर्थन में करीब 20 और महिलाएं आ गईं। एम जे अकबर पर मी टू के तहत ‘द एशियन एज’ अखबार में काम कर चुकीं पत्रकारों ने संयुक्त बयान पर दस्तखत किए। इन महिलाओं में मीनल बघेल (1993-1996), मनीषा पांडेय (1993-1998), तुषिता पटेल (1993-2000), कणिका गहलोत (1995-1998), सुपर्णा शर्मा (1993-1996), रमोला तलवार बादाम (1994-1995), होइहनु हौजेल (1999-2000), आयशा खान (1995-1998), कुशलरानी गुलाब (1993-1997), कनीजा गजारी (1995-1997), मालविका बनर्जी (1995-1998), ए टी जयंती (1995-1996), हामिदा पार्कर (1996-1999), जोनाली बुरागोहैन, मीनाक्षी कुमार (1996-2000), सुजाता दत्ता सचदेवा (1999-2000), रेशमी चक्रवाती (1996-98), किरण मनराल(1993-96) और संजरी चटर्जी शामिल हैं। डेक्कन क्रॉनिकल की एक पत्रकार क्रिस्टीना फ्रांसिस (2005-2011) ने भी इस बयान पर हस्ताक्षर किए हैं।
17 अक्टूबर को एमजे अकबर विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देते हैं। अकबर के इस्तीफे के की नींव कई कारणों से पड़ीं। इनमें आरोपों और महिला पत्रकारों की बढ़ती एकजुटता के अलावा कांग्रेस का राजनीतिक दांव और सरकार का भी एक कदम शामिल है। दरअसल, बुधवार को कांग्रेस ने यौन शोषण के आरोपों के बाद NSUI के अध्यक्ष फिरोज खान का इस्तीफा ले लिया। जिसके बाद सरकार पर भी अकबर का इस्तीफे लेने का दबाव बढ़ने लगा।
इसके अलावा #MeToo के तहत लग रहे यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से भी एक जांच कमेटी बनाने की बात सामने आ रही थी। महिला एवं बाल विकास मंत्री के मुताबिक सेवानिवृत्त जज और वकील इस जांच कमेटी का हिस्सा होंगे और यौन उत्पीड़न के खुलासों पर सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे। ऐसे में शायद सरकार के सामने ये भी बड़ी दुविधा रही हो कि जांच कमेटी से पहले खुद के मंत्री को लेकर जांच की मांग पर क्या किया जाए और अगर अकबर मंत्री पद पर बने रहते जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठते।

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