Featured Posts

सियासत की भेट चढ़ता फर्रुखाबाद का संकिसा बौध महोत्सवसियासत की भेट चढ़ता फर्रुखाबाद का संकिसा बौध महोत्सव फर्रूखाबाद: 25 मई को आयोजित होने वाले बौध महोत्सव सियासत की भेट न चढ़ जाए| इस बात के आसार इस धार्मिक आयोजन पर पड़ते नजर आ रहे है| धर्म के राजनीतिकरण करने पर ऐसी समस्याए आना आम बात है| वो भी जब नेता धार्मिक आयोजन में भी वोट बैंक ढूँढता हो| संकिसा में बौध महोत्सव में मुख्यमंत्री...

Read more

भगवान से बड़ा प्रधान: स्‍वर्ग में रहने की दिक्‍कत की सूचना पर मृतकों को बांट दिये इंदिरा आवास!भगवान से बड़ा प्रधान: स्‍वर्ग में रहने की दिक्‍कत की सूचना... फर्रुखाबाद: एक जमाना था जब माना जाता था कि भगवान सबसे बड़ा होता है। पर जनपद के एक प्रधान दम्‍पती ने इस कहावत को गलत साबित कर दिया है। पंचायतीराज व्‍यवस्‍था के तहत मिले अधिकार के चलते उनका कर्तव्‍यबोध इतना बढ़ गया कि अनेक मृतकों के नाम पर इंदिरा आवास आबंटित कर दिये। शायद...

Read more

कभी लगाए सिगरेट के कश, तो कभी लहरों की सवारी... यही मस्ती पड़ रही अब भारी!कभी लगाए सिगरेट के कश, तो कभी लहरों की सवारी... यही मस्ती पड़... टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम बार-बार स्पॉट फिक्सिंग केस में उछल रहा है। विंदू दारा सिंह के साथ एक मैच देखने का खामियाजा उन्हें इस कॉन्ट्रोवर्सी में फंस कर चुकाना पड़ रहा है। यह पहली बार नहीं है जब टीम इंडिया की फर्स्ट लेडी को इस प्रकार के विवादों से घिरा...

Read more

अखिलेश की सुरक्षा में लगे दो जवानों के बीच जमकर चलीं लाठियांअखिलेश की सुरक्षा में लगे दो जवानों के बीच जमकर चलीं लाठियां लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए उनके रूट पर तैनात पीएसी के दो जवानों के बीच जमकर लाठियां चलीं...इतनी कि दोनों लहूलुहान हो गए। दरअसल, अखिलेश की सुरक्षा में लगे इन जवानों में से एक पानी पीने चला गया, जब दूसरे ने आपत्ति जताई तो दोनों के बीच कहासुनी...

Read more

कंपिल: खेत में बकरी घुसने पर युवक की हत्‍या पर बवाल, तोड़फोड़ व लूटपाटकंपिल: खेत में बकरी घुसने पर युवक की हत्‍या पर बवाल, तोड़फोड़... फर्रुखाबाद: थाना क्षेत्र कंपिल के ग्राम इकलहरा में खेत में बकरियां घुसने पर हुए विवाद में हुई चाकूबाजी में एक युवक की मौत के बाद मृतक के परिजनों ने अभियुक्‍त व उसके परिजनों के घर में घुस कर मारपीट के बाद लूट पाट शुरू कर दी। घटना से भयभीत ग्रामीण घरों को छोड़ कर जंगल की ओर...

Read more

अखिलेश वाला लैपटॉप आपको मिल रहा है क्या? देखे सूची में आपका नाम है क्या?अखिलेश वाला लैपटॉप आपको मिल रहा है क्या? देखे सूची में आपका... फर्रुखाबाद: २५ मई को जनपद में सम्भव है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने हाथो से नौजवानों को मुफ्त लैपटॉप बाटेंगे| इसके लिए तैयारिया जोरो पर है| कौन कहाँ कैसे रहेगा? कौन पानी पिलाएगा| कौन सुरक्षा कैसे देखेगा| कौन कौन नेता मुख्यमंत्री तक जायेगा| नेता और मीडिया सबकी नजर है इस...

Read more

20000 आरक्षियो की यूपी पुलिस भर्ती में कई बदलाव20000 आरक्षियो की यूपी पुलिस भर्ती में कई बदलाव यूपी में 20 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती के लिए पहली बार सपा सरकार में कंप्यूटराइज्ड प्रक्रिया को वरीयता दी जा रही है| नये नियमों और नयी प्रक्रिया के साथ शुरू हो रही बीस हजार सिपाहियों की भर्ती इस बार पुलिस स्थापना एवं भर्ती बोर्ड के लिए आसान नहीं होगी। इससे पहले बसपा सरकार...

Read more

सन्डे का फंडा: सलमान के चूजे की टक्कर में पैदा करिए 12 आमलेट वाला अंडासन्डे का फंडा: सलमान के चूजे की टक्कर में पैदा करिए 12 आमलेट... इस अंडे को देख एक बार आप भी सोच में पड़ गए होंगे कि आखिर ये अंडा किस पक्षी का है? और क्या इसे खाने के प्रयोग में भी लाया जाता है। तो आज हम आपको बताते हैं कि इस अंडे का खाने में प्रयोग अब भारत में काफी तेजी से बढ़ा है और कई होटल में भी अब इसकी डिमांड ज्यादा हो गई है। खास बात यह है...

Read more

ग्रीश बाबू: लोहिया के साथी ने जीवन भर मुलायम से निभायी दोस्‍ती, सपाइयों ने किया सिर्फ शोषणग्रीश बाबू: लोहिया के साथी ने जीवन भर मुलायम से निभायी दोस्‍ती,... फर्रुखाबाद: लोहिया के साथी रहे ग्रीश बाबू आज 95 वर्ष की आयु में इस मतलबी दुनिया से चले गये। बिना किसी राजनैतिक महत्‍वाकांक्षा के जीवन भर उन्‍होंने मुलायम से दोस्‍ती का फर्ज निभाया, और कभी कोई फायदा नहीं लिया। परंतु स्‍थानीय सपाइयों ने उनका जमकर शोषण किया, और मनमौजी ग्रीश...

Read more

लैपटॉप वितरण के लिये शहर में सभा स्‍थल की तलाशलैपटॉप वितरण के लिये शहर में सभा स्‍थल की तलाश फर्रुखाबाद: यद्यपि अभी मुख्‍यमंत्री का आधिकारिक कार्यक्रम यहां प्राप्‍त नहीं हुआ है। परंतु फिर भी जनपद स्‍तर पर जिलाधिकारी ने संभावित कार्यक्रम के आधार पर ही लैपटॉप वितरण के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली है। शनिवार को यहां विकास भवन सभागार में प्रधानाचार्यों के...

Read more

यूपी: सपा नेता के बलात्कारी बेटे को उम्रकैद, पत्रकार के खिलाफ भी मुकदमा

0

Posted on : 24-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : कानून/न्याय

courtबदायूं: यूपी के बदायूं जिले में नाबालिग लड़की से बलात्कार के जुर्म में समाजवादी पार्टी के एक नेता के बेटे को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आजीवन कारावास के अलावा आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


वहीं, इस मामले में बलात्कार पीड़िता का नाम सार्वजनिक करने के आरोप में अलापुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष, एक दैनिक अखबार के पत्रकार और एक फोटोग्राफर के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज करने के आदेश भी दिए हैं।

तमंचे के बल पर किया रेप

अभियोजन पक्ष के मुताबिक 27 दिसंबर 2010 की शाम को अलापुर क्षेत्र में 15 साल की एक किशोरी शौच के लिए घर से बाहर गई। इसी दौरान लड़की को सपा के स्थानीय नेता पतंजलि भारद्वाज के बेटे वरुण उर्फ चीनू और उसके दो अन्य दोस्तों ने पकड़ लिया। वरुण ने लड़की से बलात्कार किया जबकि उसके साथी आतंकित करने के लिए तमंचा लिए खड़े रहे।


70 हजार रुपये पीड़िता को देने का निर्देश
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने किशोरी के साथ बलात्कार करने के आरोपी वरुण उर्फ चीनू भारद्वाज को आजीवन कारावास की सजा के साथ एक लाख रुपये बतौर जुर्माना भी किया, जिसमें 70 हजार रुपये पीड़िता को देने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशिक्षित टीचरों को ही मिले पढ़ाने का अधिकार’

0

Posted on : 22-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : Delhi, UPTET, कानून/न्याय

Supreme Courtसुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि स्कूलों में पढ़ाने का अधिकार सिर्फ प्रशिक्षित टीचरों के पास ही है। राज्य में बिना शैक्षिक योग्यता को आधार बनाए एड हॉक प्राइमरी टीचरों की भर्ती करने के मामले में सर्वोच्च अदालत ने गुजरात सरकार से जवाब तलब करते हुए यह टिप्पणी की।

जस्टिस बीएस चौहान और दीपक मिश्रा की बेंच ने इस तरह के सिस्टम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह के कदम से पूरा शिक्षा तंत्र बर्बाद हो रहा है और इस प्रदूषित एप्रोच को किसी भी हालत में अनुमति नहीं दी जा सकती। राज्य के प्राइमरी स्कूलों में ‘विद्या सहायक’ की नियुक्ति के मामले में गुजरात सरकार की याचिका पर कोर्ट सुनवाई कर रही थी।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से उन सभी नियमों की जानकारी मांगी है, जिसके तहत इन एड हॉक टीचरों की भर्ती की गई है। साथ ही उसने स्थायी टीचरों और अस्थायी की विस्तृत जानकारी वाला तुलनात्मक चार्ट भी मांगा है, जिसमें उनकी शैक्षिक योग्यता और वेतन की जानकारी शामिल हो।

बेंच ने कहा, ‘प्रशिक्षित टीचरों द्वारा ही शिक्षा दी जानी चाहिए। आपको विद्या सहायक से संबंधित चयन प्रक्रिया, शैक्षिक योग्यता, कार्यकाल और अन्य जानकारी विस्तृत रूप से देनी होगी।’ सोमवार को हुई अंतिम सुनवाई में सर्वोच्च अदालत ने प्राइमरी स्कूलों में एड हॉक नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस तरह की नीतियों से पूरा शिक्षा तंत्र और देश का भविष्य बर्बाद हो रहा है। बेंच ने कहा, ‘आप इस तरह की नीतियों को कैसे लागू कर सकते हैं जबकि भारतीय संविधान में अनुच्छेद-21ए मौजूद है। यह चौंकाने वाला है। यूपी में इस तरह की नियुक्तियां हो रही हैं। ये शिक्षा सहायक शिक्षा शत्रु हैं।’

डीएम को अध्यापकों कर्मचारियों की नियुक्ति में हस्तक्षेप का हक नहीं – हाईकोर्ट

0

Posted on : 21-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : LUCKNOW, कानून/न्याय

courtइलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि कालेज के अध्यापकों व कर्मचारियों की नियुक्ति या वेतन मामले में जिलाधिकारी को निर्णय लेने का अधिकार नही है। जिलाधिकारी की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को कालेज के कर्मचारियों के वेतन भुगतान रोकने व प्रकरण की जांच बैठाने का दिया गया आदेश असंवैधानिक है। कोर्ट ने जिलाधिकारी औरैया के 12 फरवरी 99 व 26 फरवरी 99 को पारित आदेशों को रद कर दिया है और याचियों को सेवा में बने रहने का आदेश दिया है।


यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने श्रीजनता इंटर कालेज अजीतमल के चतुर्थ श्रेणी कर्मी मदन कुमार व 12 अन्य की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। मालूम हो कि कालेज में चतुर्थ श्रेणी के 31 पद स्वीकृत थे जिन्हे भरने के लिए विज्ञापन निकाला गया। याचीगण की नियुक्ति हुई जिसका अनुमोदन जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी कर दिया। बाद में नई प्रबंध समिति ने शिकायत की कि कालेज में 22 पद ही स्वीकृत हैं। इस लिए याची कर्मचारियों की नियुक्ति अवैध है। इस शिकायत पर जिलाधिकारी ने डीआईओएस को 12 कर्मियों का वेतन रोकने सहित जांच का आदेश दिया। जांच रिपोर्ट में डीआईओएस. ने बताया कि याचियों की नियुक्ति नियमानुसार व स्वीकृत पद पर की गयी है। इसके बावजूद जिलाधिकारी ने अपना आदेश वापस नहीं लिया तो याचिका दाखिल हुई कोर्ट ने जिलाधिकारी के आदेश पर रोक लगा दी। तर्क दिया गया कि जिलाधिकारी को कालेजों के कर्मचारियों के संबंध में आदेश देने का अधिकार नहीं है।

कन्या भ्रूण हत्या के लिए देश के डॉक्टर जिम्मेदार- हाई कोर्ट

0

Posted on : 20-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : FEATURED, कानून/न्याय

3july2010courtइलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आधुनिक चिकित्सा तकनीक के जरिए कन्या भू्रण हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि इसके लिए देश के डॉक्टर जिम्मेदार हैं। अदालत ने यूपी में इस तरह की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है और कहा है कि राज्य सरकार ने पीएनडीटी एक्ट-1994 पर अमल करने की कोई कोशिश नहीं की है। इस एक्ट के तहत क्लीनिक सील कर डॉक्टर को अभियोजित करने की व्यवस्था है।
पिछले एक दशक में 10 मिलियन कन्या भू्रण हत्या हो चुकी है। यह संख्या प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध में हुई मौतों से कहीं अधिक है।
कोर्ट ने कुशीनगर के जिलाधिकारी द्वारा लिंग परीक्षण करने वाले क्लीनिक को सील कर पंजीकरण निरस्त करने की कार्यवाही को विधिपूर्ण माना है। तथा निर्देश दिया है कि डॉक्टरों का पंजीकरण निरस्त करने तथा उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा कायम करने के लिए प्रकरण मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया को भेजा जाए।

यह आदेश न्यायमूर्ति सुनील अम्बवानी तथा न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता की खण्डपीठ ने डॉ.द्वारिका प्रसाद की याचिका को खारिज करते हुए दिया है। याची का क्लीनिक आशीष अल्ट्रासाउण्ड एण्ड एक्सरे सेंटर पडरौना, कुशीनगर में है जिसके विरुद्ध सेक्स परीक्षण की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने कार्यवाही की। इस कार्यवाही को याचिका में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा है कि भारत जैसे सभ्य देश में तुच्छ लाभ के लिए डॉक्टरों द्वारा मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल सेक्स जानने के लिए किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पिछले एक दशक में 10 मिलियन कन्या भू्रण हत्या हो चुकी है। यह संख्या प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध में हुई मौतों से कहीं अधिक है।

अदालत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सेक्स निर्धारण पर अंकुश लगाने का कोई कदम नहीं उठाया गया जबकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केवल क्लीनिक सील करने या लाइसेंस निरस्त करने से काम नहीं चलेगा। कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र में 69 मामलों में चार्ज फ्रेम हो चुके हैं। आठ मामले आयुर्वेद कौंसिल तथा सात मामले होम्योपैथिक कौंसिल को भेजे गए। 66 डॉक्टरों के पंजीकरण महाराष्ट्र सरकार ने निरस्त किए। पीसी एण्ड पीएनडीटी एक्ट की अवहेलना के 400 केस दर्ज हुए हैं। कोर्ट ने कुशीनगर के जिलाधिकारी की कार्यवाही की तारीफ की और एक्ट का कड़ाई से पालन किए जाने का निर्देश दिया है।

मालूम हो कि डॉ.नीलम सिंह ने जो ‘सेव द गर्ल चाइल्ड’ से जुड़ी है, ने जिले में लड़कों की अपेक्षा लड़कियों के जन्मदर में तेजी से आई गिरावट की शिकायत की। जिस पर एक टीम ने निरीक्षण के बाद पाया कि याची के क्लीनिक में सेक्स निर्धारण किया जा रहा है। इस पर क्लीनिक जब्त कर लिया गया और लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।

रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर के 65 अल्ट्रा साउंड केंद्रों में से 60 फीसद पिछले पांच वर्षो में स्थापित हुए हैं जिसके चलते लड़कियों की जन्मदर में भारी गिरावट हुई है। यह भी पाया गया कि युवा महिलाओं का अल्ट्रा साउंड अधिक संख्या में कराया गया है और अधिकांश टेस्ट डॉ.एम चौधरी व डॉ.महेश के द्वारा कराए गए हैं।

रेप पीड़िता का अपमान है “2 Finger Test” : सुप्रीम कोर्ट

0

Posted on : 19-05-2013 | By : जेएनआई-डेस्क | In : Delhi, HEALTH, कानून/न्याय

नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार की पहल के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी यह माना है कि रेप पीड़िता का टू-फिंगर टेस्ट उसके राइट टू प्रीविसी का खंडन है और कोर्ट ने सरकार से कहा है कि सेक्शुअल असॉल्ट की पुष्टि करने के लिए कोई बेहत मेडिकल प्रक्रिया उपलब्ध करवाई जाए।

3july2010courtजस्टिस बीएस चौहान व एफएमआई कालीफुला की बैंच ने कहा कि बेशक इस टेस्ट की रिपोर्ट रेप की पुष्टि कर भी दे, तब भी इसे रेप पीडिता के इस टेस्ट के लिए समहति के रूप में नहीं देखा जा सकता। बैंच ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि टू-फिंगर टेस्ट और इसका व्याख्यान रेप पीड़िता के निजता के अधिकार, शारीरिक और मानसिक अखंडता और आत्म सम्मान का हनन करता है। कई विदेशी नियमों को रेफर करते हुए जज ने कहा कि रेप पीड़िता को कानूनी सहायता पाने का अधिकार है, जिसमें उसकी शारीरिक और मानसिक अखंडता और आत्मविश्वास का हनन ना हो।

बैंच ने कहा कि मेडिकल प्रक्रियाओं को निर्दयता या अमानवीय तरीके से नहीं किया जाना चाहिए। ना ही उनके साथ अपमानजनक तरीके से पेश आना चाहिए। उनके साथ सम्मान से पेश आने और उनके दर्द को समझने की जरूरत है।

जेलों में बंद कैदियों को भी ‘सेक्स करने और बच्चे पैदा करने का अधिकार’

1

Posted on : 17-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : Delhi, कानून/न्याय

3july2010courtदिल्ली: जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी ने दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत देने की मांग करते हुए कहा कि कैदियों को भी यौन संबंध बनाने और अपने साथी के साथ बच्चे पैदा करने का मौलिक अधिकार है।
हत्या के एक मामले में 2008 से जेल में बंद एक आरोपी के वकील ने न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता से कहा कि मुक्त आवागमन और पेशे के अधिकार को छोड़कर, जेल की सजा के दौरान किसी अन्य मौलिक अधिकार को निलंबित नहीं किया जा सकता। हालांकि जेल के बाहर मौजूद लोगों की तुलना में कैदियों के अन्य अधिकारों पर जेल के कारण कुछ हद तक ग्रहण लग जाता है।
आरोपी संदीप त्यागी के वकील विकास ने कैदियों के मौलिक अधिकारियों को लेकर विभिन्न मामलों को हवाला दिया। एक फैसले का हवाला देते हुए वकील ने कहा कि सेक्स किसी कैदी के जीवन का महत्वपूर्ण भाग होता है। यह समझा जाना चाहिए कि सामान्य वयस्क व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ यौन संबंध बनाने की इच्छा महसूस करेगा और अगर कैदियों को थोड़ी सी स्वतंत्रता नहीं मिली तो वे जेल के अंदर अप्राकृतिक यौन संबंध जैसे अपराध कर सकते हैं।

नौ आला अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

0

Posted on : 17-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : LUCKNOW, कानून/न्याय

ARREST LOGOलखनऊ : अदालती आदेश की अवमानना करने के आरोपी आला अधिकारियों के विरुद्ध शुक्रवार को भी गिरफ्तारी वारंट जारी करने का सिलसिला चला। उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीजेएम प्रमोद कुमार त्यागी ने प्रमुख सचिव, शिक्षा अनिल संत सहित नौ अधिकारियों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया। साथ ही पुलिस को निर्देश दिया कि अधिकारियों को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया जाए।


उच्च न्यायालय के आठ मई के आदेश के अनुपालन में सीजेएम प्रमोद कुमार त्यागी ने कुंदन लाल की याचिका पर प्रमुख सचिव शिक्षा अनिल संत, नोवा इंस्टीट्यूट की याचिका पर लविप्रा के अधिशासी अभियंता आरएन सिंह तथा नजूल अधिकारी नंदलाल सिंह एवं पंकज कुमार की याचिका पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया हजरतगंज शाखा के ब्रांच मैनेजर एचएस बरार व जनरल मैनेजर एचआरडी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया नारीमन प्वाइंट एपी शुक्ला को गिरफ्तार कर 25 मई को अदालत के समक्ष पेश करना है। इन सभी याचिकाओं पर उच्च न्यायालय के समक्ष 29 मई को सुनवाई होगी। आठ मई को ही श्यामा देवी की याचिका पर पारित आदेश के अनुपालन में अदालत ने निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार देवेन्द्र नाथ वर्मा को गिरफ्तार कर 27 मई तक पेश करने को कहा है। इस याचिका पर 30 मई को सुनवाई होगी। नौ मई के आदेश के पालन में त्रिलोचन सिंह की याचिका पर एडिशनल डायरेक्टर कृषि (प्रशासन) एनके पालीवाल एवं अमरेश कुमार शुक्ला की याचिका पर सेंट्रल बैंक सिविल लाइन फैजाबाद के मुख्य प्रबंधक अमिताभ गुप्ता तथा सेंट्रल बैंक क्षेत्रीय कार्यालय के एससी भयाना के विरुद्ध 27 मई के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। दोनों ही मामलों की सुनवाई 31 मई को होगी। अब तक अवमानना मामले में सीजेएम द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 27 अधिकारियों की गिरफ्तारी के वारंट जारी किए हैं।

साथी को जमानत न मिलने पर वकीलों का हंगामा

0

Posted on : 17-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : FARRUKHABAD NEWS, कानून/न्याय

फर्रुखाबाद। एक मामले में निरुद्ध अधिवक्ता की बीते दिन जमानत न होने से नाराज कचहरी के अधिवक्ताओं ने गुरूवार को न्यायलय परिसर में जमकर हंगामा किया । हंगामे के बाद अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया जिसके चलते दूर दराज से आये वादकारी अपने मुकदमों की अगली तारीखें लेकर लौट गए।

vakeel
इस दौरान अधिवक्ताओं ने ऐलान किया की जबतक जेल में निरुद्ध अधिवक्ता को बाइज्जत बरी नहीं किया जायेगा वह चैन से नहीं बैठेंगे और आज की सांकेतिक हड़ताल को आगे बढाया जायेगा । अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में घूम घूमकर जमकर नारेबाजी की । वहीँ ऐलान किया की हमारी एकता की परीक्षा न ली जाए अन्यथा कानून व्यवस्था की गाडी पटरी से उतार दी जायेगी ।

अजीत सरकार हत्‍याकांड में पप्पू यादव बरी, समर्थकों में जश्‍न

0

Posted on : 17-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : CRIME, Delhi, Politics, कानून/न्याय

दिल्‍ली: पूर्व सांसद पप्पू यादव एवं पूर्व विधायक राजन तिवारी को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली हैं। अजीत सरकार हत्याकांड मामले में पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इन्हें बरी कर दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला हाईकोर्ट को भेजा था। विदित है कि पप्‍पू यादव की बहन अनीता रंजन जनपद फर्रखाबाद में बाबू सिंह यादव परिवार की बहू हैं। इसी रिश्‍ते से जनपद में भी उनके समर्थकों में जश्‍न का माहौल नजर आया। नवाबगंज में खुशी में पटाखे भी छोड़े गये।

Pappu Yadavमा‌र्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी [माकपा] के विधायक अजीत सरकार की हत्या के मामले में पटना हाईकोर्ट ने उम्र कैद की सजा पाए पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव एवं पूर्व विधायक राजन तिवारी समेत तीन लोगों को आरोप मुक्त कर दिया। अजीत सरकार हत्याकांड मामले में दोनो पक्षों की दलील सुनने के बाद पप्पू यादव, राजन तिवारी और अनिल यादव को संदेह का लाभ देते हुए आरोप मुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यादव के खिलाफ यदि कोई अन्य मामला नहीं हो तो उन्हें तुरंत जेल से रिहा किया जाए। इस मामले में तिवारी और अनिल यादव पहले से ही जमानत पर है।

पूर्व डीजीपी व डीआइजी समेत 12 के खिलाफ वारंट

0

Posted on : 17-05-2013 | By : जेएनआई डेस्क | In : LUCKNOW, कानून/न्याय

High court lucknowलखनऊ : न्यायालय के आदेश पर अमल न करने वाले सात आइएएस अधिकारियों, पूर्व पुलिस प्रमुख, चार पुलिस अधिकारियों समेत कुल 12 लोगों के विरुद्ध उच्च न्यायलय के निर्देश पर सीजेएम लखनऊ ने अलग-अलग तिथियों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने गत आठ एवं नौ मई को अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई के समय किसी भी पूर्व आदेश का पालन न करने तथा अधिकारी के हाजिर न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश दिया था। इस आदेश के अनुपालन में सीजेएम लखनऊ प्रमोद कुमार त्यागी ने अवमाननाकर्ताओं को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश विभिन्न थानाध्यक्षों को दिया है।

उच्च न्यायालय के आदेश पर सीजेएम ने लक्ष्मन सिंह की याचिका पर पूर्व निदेशक पंचायती राज सौरभ बाबू को 25 मई के लिए एवं नंद किशोर एवं अन्य की याचिका पर तत्कालीन अपर जिलाधिकारी व मौजूदा डीएम बहराइच किंजल सिंह को 27 मई को गिरफ्तार कर पेश करने के लिए कहा है। नौ मई के आदेश के तहत रमेश चंद्र की याचिका पर तात्कालिक निदेशक हॉर्टीकल्चर दिनेश चंद, अमर जीत सिंह की याचिका पर पूर्व प्रमुख सचिव हाउसिंग एंड अरबन डेवलपमेंट रवींद्र सिंह, डॉ. श्याम सुंदर उपाध्याय की याचिका पर पूर्व प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अवनीश कुमार अवस्थी एवं तात्कालिक निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. रामानंद प्रसाद तथा महेंद्र कुमार की याचिका पर तात्कालिक निदेशक पैरामेडिकल्स एस एस. मलिक को 27 मई तक गिरफ्तार कर पेश करने का आदेश दिया है।

जबकि लाल मणि की याचिका पर पूर्व पुलिस महानिदेशक अतुल कुमार, चरन जीत कोहली एवं वरुण गौरव सक्सेना की याचिका पर पूर्व आइजी जेल राजेश प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल नंद किशोर की याचिका पर डीआइजी नवनीत सिकेरा तथा तिलक राम एवं अन्य की दो अलग-अलग याचिकाओं पर थानाध्यक्ष सरोजनीनगर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर नियत तिथि से पूर्व अदालत में पेश करने को कहा है। इसी के साथ तुषार यादव की याचिका पर तात्कालिक सहायक निदेशक मिनिस्ट्री ऑफ होम एफेयर्स पीके मिश्रा को 25 मई तक गिरफ्तार करके पेश करने का आदेश दिया है।

उच्च न्यायालय ने राज कुमार मिश्र एवं अन्य की याचिका पर जलकल विभाग के जीएम राजीव वाजपेयी, केसरी प्रसाद एवं अन्य की तथा हरीश चन्द्र सिंह एवं अन्य की याचिका पर तात्कालिक निदेशक शिक्षा संजय मोहन, तात्कालिक डीआइओएस शिव पूजन पटेल तथा हरीश चन्द्र सिंह एवं अन्य की दो याचिकाओं पर तात्कालिक सचिव माध्यमिक शिक्षा जीतेन्द्र कुमार तथा डीआइओएस उमेश कुमार त्रिपाठी को अवमानना याचिकाओं पर कारण बताओ नोटिस जारी की है।

किसकी गिरफ्तारी किस तारीख को

पूर्व निदेशक पंचायती राज सौरभ बाबू को 25 मई, पूर्व अपर जिलाधिकारी किंजल सिंह को 27 मई, तात्कालिक निदेशक हार्टी कल्चर दिनेश चंद, पूर्व प्रमुख सचिव हाउसिंग एंड अरबन डेवलेपमेंट रवींद्र सिंह, पूर्व प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अवनीश कुमार अवस्थी एवं तात्कालिक निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. रामानंद प्रसाद, तात्कालिक निदेशक पैरामेडिकल्स एसएस मलिक को 27 मई को।

इनकी भी होगी गिरफ्तारी

पूर्व पुलिस महानिदेशक अतुल कुमार, पूर्व आइजी जेल राजेश प्रताप सिंह, डीआइजी नवनीत सिकेरा व एसओ सरोजनीनगर, तात्कालिक सहायक निदेशक मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स पीके मिश्रा को 25 तक।