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हमारे बारे में

प्रिय पाठको,

जेएनआई का गठन का गठन भारत के उन ग्रामीण और नगरिया अंचलो में खबर पहुचाने के लिए किया गया है जो आज भी मीडिया की पहुच से बाहर है| भारत की कुल आबादी तक आज भी समाचार से सम्बंधित पारंपरिक मीडिया (टीवी अख़बार और रेडियो) की पहुच कुल 27% है| देश की 73% जनता आज भी समाचारों की दुनिया से दूर है| देश बढ़ते भ्रष्टाचार का यह भी एक बड़ा कारन है कि जनता को न तो उसके अधिकार मालूम हैं और न ही सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में| अज्ञानता के कारन बीच के सरकारी और गैर सरकारी बिचौलिए उस 73% आबादी का हिस्सा हड़प कर जाते हैं और चाह कर भी सरकार और वास्तविक जनसेवक कुछ नहीं कर पाते| कारण यही था कि उन तक कुछ भी पहुचाने या फिर जाग्रत करने के साधन बहुत सीमित थे|

सफलता की पहली सीढ़ी

मगर जेएनआई ने नया प्रयोग किया| देश की 65% आबादी के पास मोबाइल पहुच चूका है और हमने इसका बखूबी इस्तेमाल किया| गाँव और शहर के उन लोगो तक जो पारंपरिक मीडिया (टीवी अख़बार और रेडियो) की पहुच से दूर हैं उन्हें SMS द्वारा खबरे और सूचनाएँ भेज जागृत करने में सफलता पायी| वहीँ इन्टरनेट वेब पोर्टल पर उन्ही खबरों को लगाकर देश और दुनिया के कोने कोने में उनकी आवाज पहुचाने का प्रयास किया जा रहा है| ध्यान रहे जेएनआई का उद्देश्य कहीं से भी यह नहीं है कि हम SMS से तुरंत खबर भेज कोई धमाका कर दे या फिर अधिकारिओ और सत्ता पर दबाब बनायें| इसीलिए सिर्फ और सिर्फ जेएनआई ही देश की पहली वो समाचार एजेंसी बनी है जो गाँव गाँव पहुच रही है|

पायलट प्रोजेक्ट के बाद विस्तारीकरण

विस्तारीकरण लगातार जारी है| उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में इसका पायलट प्रोजक्ट एक साल पहले 4 अप्रैल 2010 को शुरू किया गया था| एक साल में ही एक जनपद फर्रुखाबाद के 62000 मोबाइल धारको ने सेवाओं के लिए SMS आवेदन किया जिसमे 65% आवेदक ग्रामीण अंचल से थे| एक जनपद में पायलट प्रोजेक्ट के पूरा होते ही इसका विस्तारीकरण शुरू हुआ और आज हम उत्तर प्रदेश के एक दर्जन जनपदों में ये सेवाएं प्रारंभ कर चुके है| वर्ष 2010 के अंत तक उत्तर प्रदेश के आधे हिस्से को कवर करने के बाद 2011 में इसका राष्ट्रीयकरण करने की योजना है|

हम अपने सभी ऑनलाइन पाठकों का स्वागत करते हैं। इस न्यूज़ पोर्टल पर आपको आपके आसपास, देश और दुनिया की सभी बड़ी ख़बरें मिलेंगीं और ख़बरों के पीछे की ख़बर भी। प्रकाशन हेतु आप लोग भी अपने विचार हमें भेज सकते हैं लेकिन निवेदन सिर्फ ये है कि www.jnilive.com को सिर्फ और सिर्फ ख़बरों और विचारों के आदान-प्रदान का मंच समझें। किसी भी प्रकार की चुगली/खुन्नस/भड़ास या रंजिश को शाब्दिक आधार पर भुनाने के लिए www.jnilive.com का इस्तेमाल सर्वथा वर्जित है। हमारे ज़रिए किसी व्यक्ति अथवा संस्था के मान-मर्दन की अनुमति कतई नहीं है।

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अलोक श्रीवास्तव- एडिटर सुल्तानपुर
हेमंत कौशिक- एडिटर बुलंदशहर
फैज़- एडिटर रायबरेली
सिंघेश ठाकुर- एडिटर सिद्धार्थनगर
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JNI चंदौली: संतोष जायसवाल

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