गर्दन तोड़ रोग ने धान किसानों को रूलाया,कृषि विभाग के खिलाफ किसानों में रोष

0

JNI NEWS : 02-10-2013 | By : HEMANT KUMAR | In : सामाजिक

सिकंदराबाद : बारिश न होने की मार झेल चुके धान किसानों को अब फसल में लगे रोगों ने खूंन के आंसू रूला दिया है। किसानों के अनुसार धान की फसल में एक नहीं दो-तीन रोगों ने हमला कर दिया है जिससे गांव में लाखों की खड़ी धान की फसल नष्ट होने के कगार पर है। कृषि विभाग की अनदेखी के चलते किसानों को प्राइवेट दुकानों से मंहगी दरों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। फिर भी फसल को नही बचाया जा रहा। किसानों का आरोप है कि अभी तक कृषि विभाग का कोई भी कर्मी सुध लेने नही आया। और न ही अभी तक गांव में कोई किसानों की गोष्ठी आयोजित की।
तहसील क्षेत्र में खरीफ में अधिकतर रकबे पर किसानों द्वारा धान की फसल लगााई जाती हैं। इस बार बारिश के न होने से धान किसानों को आर्थिक संकट झेलना पड़ा। जैसे-तैसे किसानों ने फसल को सींच कर बड़ा किया। जब फसल में बाली निकलने का समय आया तो फसल में एक नहीं तीन-तीन रोगों एक साथ धान की फसल पर धावा कर दिया। जिससे किसानों के माथे पर पेशानी केबप पड़ गए।गांव भटपुरा में भी धान की फसल रोगों की चपेट में आने से नहीं रह पाई।किसान चौधरी फेरू सिंह, गौरव, नीरज सिंह, सतेन्द्र सिंह, यशपाल सिंह ,दीपचंद आदि दर्जनों किसानों ने बताया कि उनकी सैकड़ों वीघा धान की में गर्दन तोड़, सीट ब्लिाईट, होपर नामक रोग लग गया है। जिससे फसल पूरी तरह नष्ट होने के कगार पर है। किसानों ने कहा कि वे अपनी फसल को रोगों से बचाने के लिए हजारों की कीमत के तीन-तीन बार दवाइयों का स्प्रे आदि कर चुके है लेकिन कोई फायदा नही हुआ। किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग का कोई भी कर्मी गांव नहीं आता । नही कोई आज तक गांव में कोई इस संबंध में गोष्ठी का आयोजन किया गया।किसानों ने बताया कि उनकी करीब 80 प्रतिशत फसल नष्ट हो चुकी है। इस बाबत कृषि रक्षा ईकाई केन्द्र प्रभारी का कहना है कि धान की फसल में ये रोग रातो-रात फैल जाते हैं। किसानों ने केन्द्र पर संपर्क नहीं किया। गांव में शीघ्र टीम भेजी जाएगी।

No related posts.

Related posts brought to you by Yet Another Related Posts Plugin.

Comments are closed.