मनमोहन-मोदी सरकारों में किन IAS अफसरों पर मुकदमा चला व कौन बचा, देखें लिस्ट

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Posted on : 11-07-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS

जेएनआई डेस्क- केंद्रीय सूचना आयोग के आदेशों के अनुपालन में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने पिछले 10 वर्षों में आईएएस अफसरों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में दी गयी अभियोजन स्वीकृति तथा स्वीकृति की मनाही की सूची लखनऊ स्थित एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर को प्रदान की है|

सूची के अनुसार 01 जनवरी 2010 से 26 मार्च 2019 के बीच डीओपीटी द्वारा 102 अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गयी जो 56 आईएएस अफसरों से संबंधित थी जबकि 20 आईएएस अफसरों से जुड़े 21 प्रकरणों में स्वीकृति दिए जाने से मना किया गया|

इन 102 स्वीकृतियों में 65 स्वीकृतियां मनमोहन सिंह सरकार तथा 37 नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा दी गयीं जबकि 21 मनाही के मामलों में 10 मनमोहन सिंह सरकार तथा 11 नरेन्द्र मोदी सरकार के समय की थीं|

In compliance of the Central Information Commission order, the Department of Personnel and Training (DOPT) has provided to Lucknow based activist Dr Nutan Thakur the list of IAS officers against whom prosecution sanction under Prevention of Corruption Act was granted or refused during the last 10 years.

As per the list, a total of 102 prosecution sanctions related with 56 IAS officers were granted by DOPT from 01 January 2010 to 26 March 2019, while prosecution sanction was denied in 21 cases related with 20 IAS officers.

Of 102 sanctions, 65 were given by Manmohan Singh government while 37 by Narendra Modi government. Of the 21 cases of denial, 10 were by Manmohan Singh government and 11 by Narendra Modi government.

Maximum number of sanction have been granted against R K Srivastava of UT Cadre and Vinod Kumar of Orissa (12 cases each), K S Kropha of Assam (9 cases), K S Samria of Assam (6 cases) and Sanjeev Kumar of Haryana, Dr Pradeep Kumar of Jharkhand and Pradeep Shukla of Uttar Pradesh cadre (4 cases).

Other names include Yerra Srilakshmi and B P Acharya of Andhra Pradesh, Arvind and Tinoo Joshi of Madhya Pradesh, Rajendra Kumar of UT and Ashok Chawla of Gujarat Cadre.

Those denied prosecution sanction include K K Pant of Himachal Pradesh, Parimal Rai of UT, Sadakant Shukla of UP and Yogendra Tripathi of Karnataka cadre.

Initially DOPT had denied this information to Nutan but Information Commissioner Divya Prakash Sinha had directed the information to be provided in larger public interest.

सबसे अधिक स्वीकृतियां यूटी कैडर के आरके श्रीवास्तव तथा उड़ीसा कैडर के विनोद कुमार (12-12 केस), असम के केएस क्रोफा (9 केस) तथा केएस सामरिया (6 केस) तथा हरियाणा के संजीव कुमार, झारखण्ड के डॉ प्रदीप कुमार तथा उत्तर प्रदेश कैडर के प्रदीप शुक्ला (4-4 केस) के विरुद्ध दी गयीं|

अभियोजन स्वीकृति मिलने वाले अन्य नामों में आंध्र प्रदेश कैडर की एरा श्रीलक्ष्मी तथा बी पी आचार्या, मध्य प्रदेश के अरविन्द एवं टीनू जोशी, यूटी के रणेंद्र कुमार तथा गुजरात कैडर के अशोक चावला शामिल हैं|

अभियोजन स्वीकृति मना होने वालों में हिमाचल प्रदेश के केके पन्त, यूटी के परिमल राय, यूपी के सदाकांत शुक्ला तथा कर्नाटक कैडर के योगेन्द्र त्रिपाठी शामिल हैं|

पहले डीओपीटी ने नूतन को सूचना देने से मना कर दिया था किन्तु सूचना आयुक्त दिव्य प्रकाश सिन्हा ने व्यापक जनहित में यह सूचना दिए जाने का आदेश दिया था|

जिम्मेदार पदों पर तैनात दागी अफसरों को हटाएगी यूपी सरकार, खंगाली जा रही कुंडली

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Posted on : 11-07-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BJP, जिला प्रशासन

लखनऊ: खनन घोटाले में फंसे आइएएस अधिकारियों के यहां सीबीआइ के छापे से न केवल नौकरशाहों की किरकिरी हुई बल्कि व्यवस्था पर भी सवाल उठे कि ऐसे दागी छवि के लोगों को जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और कौशल विकास मिशन निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती कैसे मिली? अपनी छवि के लिए सजग राज्य सरकार अब ऐसे अफसरों की कुंडली खंगाल रही है जो जांच के शिकंजे में फंसे होने के बावजूद महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं। इन दागियों को हटाकर साफ-सुथरी छवि के अफसरों को कमान सौंपी जाएगी।
प्रदेश भर में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात कुछ आइएएस और आइपीएस अफसरों के पिछले रिकार्ड ठीक नहीं रहे हैं। गुजरे दो दशक में भ्रष्टाचार के बहुत से मामले उजागर हुए। जांचों का सिलसिला चल पड़ा। एनआरएचएम घोटाला, खाद्यान्न घोटाला, बीज घोटाला, मृदा परीक्षण घोटाला, स्मारक घोटाला, चीनी मिल बिक्री घोटाला, भर्ती परीक्षा घोटाला, रिवर फ्रंट घोटाला, सहकारी बैंकों में भर्ती घोटाला, यमुना एक्सप्रेस-वे हाइवे घोटाला, पिकप घोटाला, जल निगम भर्ती घोटाला, छात्रवृत्ति घोटाला जैसे अनेक मामले हैं जिनमें अफसरों की संदिग्ध भूमिका उजागर हुई।
कुछ लोगों पर कार्रवाई भी हुई लेकिन, बाद में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर मनचाहे पदों पर तैनाती पा ली। कई मंत्री और विधायकों ने भी संपर्क कर अपने मनचाहे अफसरों की तैनाती कराई। सरकार मिशन 2022 को देखते हुए ऐेसे सिफारिशी और दागी लोगों को किनारे कर अच्छे अफसरों को मौका देने का मन बना चुकी है। खासकर जिलों में ड्राइविंग सीट पर बैठने वाले अफसरों की सार्वजनिक छवि के साथ ही उनकी कार्यशैली का भी आकलन हो रहा है। बहुत जल्द इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।

ड्राइवर के बहाने बचने के प्रयास में न रहें अधिकारी: सीएम योगी

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Posted on : 11-07-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, सामाजिक

लखनऊ: सड़क हादसों को लेकर मुख्यमंत्री योगी अादित्यनाथ सख्त हो गए हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे हादसे के चार दिन बाद सड़क सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में विभागीय अधिकारियों से उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे सिर्फ चालकों के मत्थे मढ़कर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। जनता के जीवन के साथ कतई समझौता सहन नहीं होगा। परिवहन विभाग में युद्ध स्तर पर सुधार की आवश्यकता है।
लोकभवन में गुरुवार को हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी वाहन चालकों का मेडिकल चेकअप, लाइसेंस की जांच, उनकी पूरी स्क्रीनिंग और चालकों के स्टेयरिंग पर बैठने से पहले और गंतव्य तक पहुंचने पर उनका ब्रेथ एनेलाइजर टेस्ट कराया जाए। रात में 400 किलोमीटर तक या उससे ज्यादा चलने वाली बसों में दो ड्राइवर रहें। अधिकारियों एवं मंत्रियों के चालकों का भी मेडिकल चेकअप हो।
बैठक में मौजूद जेपी इन्फ्राटेक के अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी कंपनी को गलत कार्य करने की इजाजत प्रदेश सरकार नहीं दे सकती है। टोल आप वसूलते हैं, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम आपकी जिम्मेदारी है। आइआइटी दिल्ली द्वारा बताए गए सुरक्षा के सभी 13 सुझावों का पालन करिए। यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी के अधिकारी इस बात को सुनिश्चित करें कि यदि मानकों का पालन नहीं हो रहा है, तो कंपनी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी खासे चिंतित दिखे। उन्होंने कहा कि जिन वैन और टैम्पो को रिजेक्ट कर दिया जाता है, उन्हें स्कूल में चलाया जा रहा है। रिक्शों पर बच्चे लटक कर स्कूल जाते हैं। पिछले साल कुशीनगर में हुई घटना से भी सीख नहीं ली गई है। स्कूल का वाहन चलाने वाले सभी चालकों की मेडिकल जांच के साथ ही पुलिस सत्यापन कराएं। स्कूली वाहनों का नियमित फिटनेस टेस्ट सत्र शुरू होने से पहले हो जाना चाहिए। इनके लिए जरूरी हो तो छुट्टी के दिन भी आरटीओ कार्यालय खोलें। जो भी वाहन फिटनेस पास हो उनको ही सड़क पर चलने की अनुमति दी जाए। कंडम बसें और डग्गामार वाहनों को स्क्रैप कर दिया जाए। अन्य प्रदेशों से आने और जाने वाली बिना परमिट की बसों को प्रदेश से गुजरने की अनुमति न दें। जो भी कानून का उल्लंघन करे उससे पूरी सख्ती से निपटें।
चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी हादसे 10-15 मिनट के भीतर वहां पर घायलों के लिए जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि जितने भी ट्रॉमा सेंटर हैं, वे चलने चाहिए, इनमें आर्थोपैडिक सर्जन की व्यवस्था हो।
यातायात विभाग को निर्देश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीली और काली फिल्म चढ़ाए वाहनों पर कार्रवाई की जाए। हेल्मेट और सीट बेल्ट को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य किया जाए। अधिकारियों को निर्देश करते हुए उन्होंने कहा कि हाईवे पर जनसुविधाओं को बढ़ाया जाए, पेट्रोल पंप की व्यवस्था की जाए और ई चालान की व्यवस्था में और सुधार लाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी अपने जिलों में सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों के साथ हर माह बैठक करें, जिसकी समीक्षा हर महीने मुख्य सचिव करें। हर तीन महीने पर सड़क सुरक्षा को लेकर सूचना विभाग, परिवहन विभाग और यातायात विभाग व्यापक अभियान चलाए। उन्होंने कहा कि रम्बल स्ट्रिप हर 15 किलोमीटर पर होना चाहिए। हाईवे पेट्रोलिंग वाहन, डायल 100 और एम्बुलेंस के कर्मचारियों को सही ढंग से प्रशिक्षण दिया जाए। ओवर स्पीड को रोकने की व्यवस्था की जाए। अगस्त के पहले सप्ताह में फिर से इस बात की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वतंत्र देव सिंह, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पाण्डेय एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

अवैध मिट्टी खनन में ट्रैक्टर-ट्राली

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Posted on : 11-07-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद:(अमृतपुर) अबैध रूप से मिट्टी खनन कर ले जा रहे ट्रैक्टर-ट्राली को तहसीलदार ने पकड़ कर पुलिस के सुपर्द कर दिया| 
तहसीलदार अमृतपुर प्रदीप कुमार ने ग्राम राजपुर के निकट ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ ली| जिसमें अबैध मिट्टी खनन किया जा रहा था| उसके चालक आजाद पुत्र ख़ुशीराम ने बताया की ट्रैक्टर-ट्राली ग्राम पिथनापुर निवासी राकेश कुमार की है| 
तहसीलदार ने बताया की ट्रैक्टर-ट्राली को थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है| 

परिवार नियोजन को निकाली जागरूकता रैली

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Posted on : 11-07-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के लिए रैली निकाली गई| जिसमे बड़ी संख्या में विधालय के बच्चो ने हिस्सा लिया|
फतेहगढ़ के ब्रह्मदत्तस्टेडियम से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के तहत लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के लिए जिलाधिकारी मोनिका रानी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया|
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रैलियों से परिवार नियोजन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। हमारे देश की जनसंख्या निरंतर बढ़ती जारही है जो कि आने वाले समय में अधिक विकराल रूप धारण कर लेगी l संसाधन सीमित होने पर हम अपने बच्चों की सही से देखभाल नहीं कर पाते हैं |आज के समय की कुपोषण एक जटिल समस्या है इससे बचने के लिए हमें अपने परिवार को सीमित रखना होगा|
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ चंद्रशेखर ने कहा कि आज के समय की माँग है कि बच्चे दो ही अच्छे जितने अधिक बच्चे होंगे समस्याएँ उतनी ही जटिल होंगी| इस दौरान उप मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ०राजीव शाक्य, डीपीएम कंचनबाला, डीसीपीएम रणविजय सिंह, राजकीय इंटरकॉलेज के बच्चे, अध्यापक, एनसीसी कैडेट, तम्बाकू प्रकोष्ठ के जनपदीय सलाहकार सूरज दुबे आदि लोग उपस्थित रहे| 

प्रधान ने सचिव के साथ मारपीट कर लाइसेंसी पिस्टल लूटी!

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Posted on : 11-07-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE

फर्रुखाबाद:(शमसाबाद) ग्राम पंचायत सचिव के साथ प्रधान ने मारपीट कर लाइसेंसी पिस्टल लूट ली| घटना के सम्बन्ध में पुलिस ने को तहरीर दी गयी| पुलिस ने जाँच पड़ताल की|
कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के कचेहरी रोड निवासी आदित्य कुमार सिंह विकास खंड शमसाबाद में सचिव के पद पर कार्यरत है| उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि गुरुवार को दोपहर लगभग 11:50 बजे वह विकास खंड कार्यालय मीटिंग के लिए आये थे| व्लाक में पहले
से ही गगलऊ परमनगर के प्रधान सुशील यादव बैठे थे| उन्होंने भुगतान हेतु दबाब बनाया| जब
मना किया तो उनके साथ मारपीट कर दी गयी| इसकी सूचना सचिव ने खंड विकास अधिकारी को दी|
बैठक समाप्त होने पर प्रधान द्वारा अपने गाँव से 15-25 लोगों को बुला लिया गया और उन लोगों ने मारपीट कर दी| सचिव ने तहरीर में आरोप लगाया कि सिर पर तमंचा रखकर लाइसेंसी पिस्टल लूट ली| इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गये|
प्रभारी निरीक्षक रामबाबू ने बताया कि वह जिलाधिकारी की बैठक में गये थे| मामला उनके अभी संज्ञान में नही है| जाँच कर कार्यवाही होगी| 

न्यायालय का बहिष्कार कर अधिवक्ताओं ने काटा हंगामा

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Posted on : 11-07-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: बार एसोसिएशन को जानकारी दिये बिना ही कचेहरी की कैंटीन से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नमूने भरने से विवाद खड़ा हो गया| जिसके चलते अधिवक्ताओं ने अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट का बहिष्कार कर दिया और किसी भी अधिवक्ता को कोर्ट में प्रवेश नही करने दिया|
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव व संयुक्त सचिव राजेन्द्र सिंह यादव ने कहा है कि  कहा है कि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा बिना बार एसोसिएशन को बताये अभिहीत अधिकारी खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन के द्वारा कैंटीन की जाँच करायी गयी| अधिवक्ताओं के लिये बार एसोसिएशन मन्दिर है|
जिसमे किसी भी संस्था व व्यक्ति का दुर्भावना से प्रवेश करना उसे दूषित करने जैसा है| इसी कार्यवाही से अधिवक्ता भड़क गये और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया| हंगामा होने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक डॉ० अनिल कुमार मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह, सीओ सिटी रामलखन सरोज, कोतवाल अजय नारायण सिंह आदि भारी पुलिस बल के साथ आ गये| उन्होने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया|लेंकिन अधिवक्ता नही माने|
जिला जज से वार्ता हुई विफल
अधिवक्ताओं से वार्ता को जिला जज ने बुलाया| उनसे वार्ता करने संयुक्त सचिव राजेन्द्र यादव, अनुशासन समिति के सदस्य दीपक द्विवेदी, कृष्ण कुमार पाण्डेय, सुनील दिवाकर आदि अधिवक्ता पंहुचे| लेकिन वार्ता नही बनी| जिससे बहिष्कार जारी है|
संयुक्त सचिव राजेन्द्र यादव ने बताया कि  शुक्रवार को अध्यक्ष और महासचिव भी वार्ता करेंगे| उन्होंने बताया कि शुक्रवार को बार कौंसिल आफ यूपी भी हड़ताल पर रहेगी|

जेठ पर लगाया दुष्कर्म का आरोप, तीन पर मुकदमा

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Posted on : 11-07-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE

फर्रुखाबाद:(जहानगंज) घर में अकेली विवाहिता के साथ दुष्कर्म के आरोप में तीन पर मुकदमा दर्ज किया गया है| पुलिस मामले में जाँच पड़ताल कर रही है|
थाना क्षेत्र के एक गाँव निवासी विवाहिता ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है| जिसमे उसने कहा की उसके जेठ रमेश चन्द्र उर्फ़ रामचन्द्र पुत्र शम्भू दयाल उसके ऊपर काफी समय से गलत नजर रखे था| आये दिन उसके साथ छेडछाड़ करता था| बीते 1 जून को वह अपने घर पर अकेली थी| उसी समय जेठ रमेश चन्द्र दारू के नशे में आया और उसे पीछे से दबोच किया| आरोप है कि उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया|
जब महिला ने अपने पति को घटना से अवगत कराया तो पति शिकायत करने उसके घर गया| शिकायत करते ही जेठानी और उनकी पुत्री आक्रोशित हो गयी और उन्होंने पीड़िता के पति के साथ मारपीट कर दी| पुलिस ने आरोपी रमेश चन्द्र व पीड़िता के पति का शांति भंग में गिरफ्तारी कर ली| जबकि पीड़िता का पुलिस ने मेडिकल तक नही कराया| कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी रमेश चन्द्र पुत्री शिवानी और पत्नी सुधा के खिलाफ 376, 452, 323, 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया|

गायत्री प्रजापति के बाद बढ़ेंगी अखिलेश यादव की मुश्किलें

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Posted on : 11-07-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, Politics, Politics- Sapaa, सामाजिक

लखनऊ: भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेडऩे वाली नरेंद्र मोदी सरकार के निर्देश पर सीबीआइ ने चीनी मिल घोटाले में छापेमारी के बाद कल समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुए करोड़ों के खनन घोटाले में कार्रवाई शुरू की है। इस कार्रवाई से उत्तर प्रदेश के आला अफसरों में खलबली मच गई।इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर लंबे समय से खनन घोटाले की कडिय़ां खंगाल रही सीबीआइ ने पहली बार समाजवादी पार्टी सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति पर शिकंजा कसा है। आइएएस अधिकारी बी.चंद्रकला के बाद सूबे के पांच और आइएएस के नाम भी खनन घोटाले के केस का हिस्सा बन चुके हैं। सीबीआइ जिस तेजी से खनन की काली कमाई की कडिय़ां खंगाल रही है, उससे जल्द पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं।
उल्लेखनीय है कि अखिलेश यादव ने अपनी ही सरकार में ई-टेंडर की नीति लागू कराई थी। इस मामले में जांच एजेंसी की पड़ताल में यह भी सामने आया था कि अखिलेश यादव ने खुद खनन मंत्री के रूप में 14 पट्टों के आवंटन को स्वीकृति दी थी, जिनमें 13 पट्टों का आवंटन एक ही दिन में हुआ था। अखिलेश यादव के बाद खनन मंत्री बने गायत्री प्रसाद प्रजापति ने आठ पट्टों के आवंटन को स्वीकृति दी थी। पूर्व मंत्री गायत्री वर्तमान में दुष्कर्म के मामले में जेल में हैं।
सीबीआइ ने खनन घोटाले में पहला केस इस वर्ष की शुरुआत में ही दो जनवरी को 2008 बैच की आइएएस अधिकारी बी.चंद्रकला व समाजवादी पार्टी से एमएलसी रमेश मिश्रा समेत 11 नामजद आरोपितों के खिलाफ दर्ज किया था। इसके बाद बी.चद्रकला समेत अन्य आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में हाथ लगे दस्तावेजों के जरिये अपनी पड़ताल को बढ़ाया। अब सीबीआइ ने दो और केस दर्ज किये हैं, जिनमें पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के अलावा आइएसस अधिकारी अभय सिंह, संतोष कुमार, विवेक, देवी शरण उपाध्याय व जीवेश नंदन भी नामजद आरोपित हैं।
सीबीआइ ने पूर्व में सपा सरकार के शुरुआती दौर में खनन विभाग के सचिव रहे जीवेश नंदन से पूछताछ भी की थी। पूरे मामले में खनन विभाग के कई अधिकारियों पर भी जांच एजेंसी का शिकंजा कसेगा। दस्तावेजों में नियमों को दरकिनार कर किये गये खेल की परतें खुलती जा रही हैं।भ्रष्टाचार विरोधी एजेंडे पर लगेंगी एजेंसियां
‘न गुंडाराज-न भ्रष्टाचार–अबकी बार भाजपा सरकार’ का नारा देकर उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने वाली भाजपा अपने नारे पर केंद्रित हो गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जहां केंद्र की सीबीआइ और ईडी जैसी संस्थाओं के चाबुक चल रहे हैं वहीं राज्य की सतर्कता अधिष्ठान, ईओडब्ल्यू और एसआइटी जैसी जांच एजेंसियों को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुली छूट दी है। योगी आदित्यनाथ ने सख्त संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के सभी लंबित मामलों की जांच और मुकदमा चलाने में तेजी लाई जाए। भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुहिम शुरू की है। प्रदेश की भाजपा सरकार के करीब ढाई वर्ष होने को हैं और अब 2022 में फिर अगले विधानसभा चुनाव की चुनौती भी खड़ी है। मुख्यमंत्री जल्द ही राज्य की सभी जांच एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बैठक करेंगे। वह इस सिलसिले में पहले भी बैठक कर चुके हैं। चीनी मिलों की बिक्री, गोमती रिवर फ्रंट घोटाला, भर्ती परीक्षा समेत पिछली सरकारों में हुए कई भ्रष्टाचारों की जांच सीबीआइ कर रही है लेकिन, अभी कई घोटालों की जांच राज्य सरकार के पास है।
सतर्कता अधिष्ठान बसपा शासन में स्मारक घोटाले की जांच एक जनवरी, 2014 से ही कर रहा है। अभी तक यह जांच किसी नतीजे पर नहीं है। स्मारक घोटाले की फाइलें फिर से खुलेंगी। सतर्कता अधिष्ठान में भ्रष्ट अफसरों से लेकर आय से अधिक संपत्ति समेत करीब 400 मामले लंबित हैं। इनमें अभियोजन की स्वीकृति के लिए विधिक परामर्श भी तेजी से लिये जा रहे हैं। इसी तरह ईओडब्ल्यू को भी भ्रष्टाचार के मामलों में अभियोजन की अनुमति दी जा रही है। ईओडब्ल्यू ने भी करीब डेढ़ सौ मामलों में अभियोजन की स्वीकृति मांगी है। तत्कालीन कृषि उत्पादन आयुक्त डा. प्रभात कुमार ने भ्रष्टाचार के कई मामलों की जांच की और अफसरों को दोषी पाया। उन अफसरों को वृहद दंड देने के लिए भी प्रक्रिया शुरू की गई है।
सहकारी संस्थाओं में भर्ती की जांच पर नजर
समाजवादी पार्टी सरकार में उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक, राज्य सहकारी ग्राम विकास बैंक समेत कई सहकारी संस्थाओं में हुई भर्तियों की जांच एसआइटी को दी गई है। इस मामले में सहकारिता के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है लेकिन, अभी एसआइटी अपनी जांच में किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इस पर भी मुख्यमंत्री कार्यालय की नजर है।
ढाई वर्ष में हुई गड़बडिय़ों की जांच में भी आयेगी तेजी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी से लेकर पिकप भवन अग्निकांड को गंभीरता से लिया है। ढाई वर्ष के भीतर हुई सभी गड़बडिय़ों की जांच किसी न किसी एजेंसी को दी गई है। अब इन जांचों में भी तेजी आएगी। योगी ने इन जांचों की मानीटरिंग के लिए अपने कार्यालय को विशेष रूप से हिदायत दी है।

बेटी की डोली से पहले उठी माँ की अर्थी

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Posted on : 11-07-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद: बीती रात बेटी के हाथ पीले करने में व्यस्त महिला की करंट लगने से मौत हो गयी| जिसके बाद विवाह की खुशियाँ मातम में बदल गयी| परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया|
कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर कला निवासी राजमिस्त्री विनोद कुमार जाटव की पुत्री अंजली की बीती रात बारात आयी थी| विवाह रजलामई निवासी रामवीर पुत्र जबरलाल के साथ होना था| बारात आने के बाद द्वारचार की रस्म आदि पूरी होने के बाद बारात आदि ने खाना खाया|
इसके बाद विवाह की रस्मे चल रही थी| बेटी के विवाह की ख़ुशी में दुल्हन अंजली की माँ 40 वर्षीय मीना देर रात लगभग 2 बजे घर के भीतर कुछ लेने गयी| उसी दौरान टेंट के पंखे से उसके जोरदार करंट लगा जिससे उसकी मौके पर ही तड़प-तडप कर मौत हो गयी| मीना की मौत की खबर से हडकंप मच गया| देखते ही देखते पूरा माहौल गम में डूब गया|परिजनों ने पुलिस को सूचना नही दी| दुल्हन बनी अंजली का रो-रो कर बुरा हाल हो गया|