राम कथा मनुष्य के जीवन का सबसे बड़ा आनन्द

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Posted on : 08-06-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, धार्मिक, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद) श्री रघुनाथ कथा के तीसरे दिन कथा व्यास प्रेमभूषण महाराज ने कहा कि विवाह परमार्थ यात्रा की प्रवेशिका है। ग्रहस्थ आश्रम स्वयं में श्रेष्ठ और पूज्य है। वही उन्होंने कहा कि राम कथा मनुष्य के जीवन का सबसे बड़ा आनन्द है|
सहसपुर में कथा के दौरान प्रेमभूषण महाराज ने कहा कि विवाह परमार्थ यात्रा की प्रवेशिका है। ग्रहस्थ आश्रम स्वयं में श्रेष्ठ और पूज्य है। भगत का भोग भजन है। सामान्य जीव का भोग विषयी है। पिता पुत्र की आत्मा है और पत्नी की आत्मा पति है। रामकथा संसयरूपी पक्षियों को उड़ा देती है। कथा मनुष्य के जीवन का आनन्द है। सगुण और निर्गुण दोनों एक है कैसे जैसे जल और वर्फ भगत के प्रेम में प्रभु सगुण स्वरूप में आ जाते है और जल को जिस सांचे में डाल दो वैसी ही वर्फ उसी स्वरूप में जम जायेगी।
प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि क्रोध पर वश होना चाहिये। क्रोध से बुद्धि का विनाश हो जाता है। क्रोध अबोधता का परिणाम है। भगवान जन्म नहीं लेते। भगवान प्रकट होते है। क्रोध ने किसी का कभी कल्याण नहीं किया। क्रोध केवल मां और गुरू का ही कल्याण करता है। भगवान जन्म नहीं लेते। भगवान प्रकट होते है। क्रोध ने किसी का कभी कल्याण नहीं किया। क्रोध केवल मां और गुरू का ही कल्याण करता है। उन्होंने कहा है कि श्राप किसी को नहीं देना चाहिये। श्राप से सदैव बचना चाहिये। श्री महाराज जी ने कहा कि भक्त को कभी भी भगवान को बांधना नहीं चाहिये।
कथा के बाद मुख्य यजमान डाॅ० अनुपम दुवे एडवोकेट ने अपनी धर्मपत्नी मीनाक्षी दुवे, ब्लाक प्रमुख अमित दुवे ‘बब्बन’, अनुराग दुवे ‘डब्बन’ अभिषेक दुवे, सीतू दुवे एवं परिवार के साथ आरती उतारी। भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।

योगी के जन्मदिन पर सामूहिक मंत्रजाप

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Posted on : 08-06-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, धार्मिक

फर्रुखाबाद: यूपी के सीएम योगीआदित्यनाथ के जन्मदिन के अवसर पर सामूहिक हनुमान चालीसा व मंत्रजाप किया गया|
विश्व हिन्दू महासंघ के जिलाध्यक्ष अबिनाश दुबे के नेतृत्व में विजाधरपुर में स्थित सूर्य मंदिर पर संगठन के पदाधिकारी एकत्रित हुए| जिसके बाद सभी ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा और मंत्रजाप का कार्यक्रम आयोजित किया| सीएम योगी के चित्र को तिलक पर लम्बी उम्र की कामना की गयी|
इस दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी सौरभ शुक्ला, कपिल दुबे, अमित दुबे, संग्राम सिंह, मनोज यादव आदि रहे|

अलीगढ़ बालिका हत्याकांड: हत्या के चारों आरोपित गिरफ्तार, फ्रिज में शव रखने की थी तैयारी

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Posted on : 08-06-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, POLICE, जिला प्रशासन

अलीगढ़: तालानगरी अलीगढ़ में ढाई वर्ष की बच्ची की हत्या के मामले में आज पुलिस ने हत्या के आरोपी दो अन्य लोगों को भी आज गिरफ्तार कर लिया है। अब चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। उत्तर प्रदेश को हिला देने वाले इस हत्याकांड में आज आरोपी पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
जाहिद ने बालिका के पिता से रुपये उधार लिए थे। वापस न करने पर हुए अपमान का बदला लेने पर बालिका का हत्या कर दी थी। बालिका की हत्या में शामिल जाहिद तथा उसके साथी को पुलिस ने गुरुवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। आज असलम के भाई मेहंदी हसन को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके बाद करीब डेढ़ बजे जाहिद की पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया।
जब बच्ची का शव मिला, तो मेहंदी मौके से फरार हो गया था। भागते वक्त मेहंदी ने कहा था जिसको जो करना है कर लो। अब इस केस में एसआईटी जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। बच्ची के परिवार से बदला लेने के लिए जाहिद और असलम ने मासूम की हत्या की थी, जबकि मेहंदी और उसकी पत्नी ने हत्या करने वाले आरोपियों की मदद की थी। जाहिद की पत्नी के दुपट्टे में ही बच्ची का शव रखा गया था।
जाहिद के घर फ्रिज एक दम साफ सुथरा मिला। पुलिस सम्भावना जता रही है कि बालिका की हत्या के बाद शव फ्रिज में शव रखने की तैयारी थी । पुलिस सभी बिंदुओं को लेकर अब जाहिद की पत्नी और भाई मेहंदी हसन से पूछताछ कर रही है।
पुलिस मेंहदी हसन से पूछताछ में जुटी हुई है। मेंहदी पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। जिस दिन मासूम बच्ची का शव मिला, उसी दिन लोगों ने मेंहदी की जमकर पिटाई की थी। जिसके बाद से वो फरार हो गया था। इससे पहले पुलिस ने दो आरोपियों जाहिद और असलम को गिरफ्तार किया था। मेंहदी हसन आरोपी जाहिद का भाई है।
वकील पीडि़त परिवार के साथ, नहीं लड़ेंगे आरोपितों का केस
अलीगढ़ में वकीलों ने पीडि़त बच्ची के परिवार का साथ देने का फैसला किया है। अलीगढ़ बार एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि कोई भी वकील इस मामले के आरोपितों का केस नहीं लड़ेगा।जाहिद जुआरी और असलम हत्यारा
इससे पहले मोहम्मद जाहिद और मोहम्मद असलम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ। मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाला मोहम्मद जाहिद एक अच्छा खासा जुआरी है। उसके दोस्त उसे सट्टा किंग के नाम से भी बुलाते हैं। वहीं मामले में एक और आरोपी मोहम्मद असलम बच्ची की बेरहमी से हत्या करने से पहले और भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। उसे पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उसे अपनी रिश्तेदार की बच्ची के साथ यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।  असलम को 2014 में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। दूसरा मामला दिल्ली के गोकुलपुरी का है। उस पर 2017 में छेड़छाड़ और अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। इतना ही नहीं उसने करीब एक साल पहले अपनी पत्नी की पिटाई की थी। लोगों ने बीच बचाव किया था।
डीजीपी दफ्तर लेता रहा पल-पल खबर
टप्पल कांड को लेकर डीजीपी दफ्तर भी पल-पल की खबरें जुटाता रहा। एसएसपी स्तर से बालिका की हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लेकर पूरे घटनाक्रम से शासन को अवगत कराया जाता रहा। मीडिया ट्रायल के साथ ही सोशल मीडिया पर राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के लोगों में बढ़ते आक्रोश को देखकर पुलिस ने एसआइटी जांच, एनएसए व पॉक्सो एक्ट की कार्रवाई की घोषणा की है।
माँ बोली, अपने व बाबा के घर के अलावा कहीं जाती ही नहीं थी
पुलिस ने बच्ची की हत्या का भले ही पर्दाफाश करने का दावा किया हो, लेकिन परिजनों के मन में आज भी तमाम सवाल हैं। बच्ची अपने मकान से नहीं, बाबा के मकान से गायब हुई थी। पुलिस ने दावा किया था कि वह खेलते हुई हत्यारोपित जाहिद के घर पहुंची थी। 30 मई को बच्ची नहाने के बाद करीब साढ़े आठ बजे अपने घर से निकली थी। चंद कदम दूरी पर उसके परिवार के बाबा का घर है। बच्ची की मां ने बताया कि इन दो घरों के अलावा वह कहीं नहीं जाती थी। बाबा के घर का एक दरवाजा पीछे की ओर खुलता है,जो आम रास्ता है। इसी दरवाजे के पास वह खेल रही थी, जिसे उसकी दादी व अपने अन्य परिजनों ने देखा थ। कुछ देर बाद ही गायब हो गई। 12 बजे तक उसे तलाश किया गया, लेकिन नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तहरीर तो ले ली, लेकिन गुमशुदगी दर्ज नहीं की। अगले दिन गुमशुदगी दर्ज की। पुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश कर बताया था कि बच्ची खेलते हुए जाहिद के घर पहुंची थी। जहां से उसे बिस्कुट के बहाने अपने घर में ले गया। बच्ची की मां व पिता ने कहा कि जो भी हुआ हो, हमें न्याय चाहिए।
आठ माह पुरानी घटना की यादें कर दीं ताजा
टप्पल में ही अक्टूबर 2018 में युवती इंटरचेंज के पास से गायब हो गई थी। युवती के परिजनों ने हंगामा कर बाजार को जबरन बंद करा दिया था। इस दौरान भड़काऊ भाषण देने के साथ मांग की थी कि जब आजम खां की गायब भैंस को तलाशा जा सकता है तो पुलिस उनकी बेटी को क्यों नहीं तलाश पा रही। दूसरे संप्रदाय के लोगों पर युवती को गायब करने का आरोप लगाया था। अगले दिन युवती खुद घर लौट आई थी। इस प्रकरण को लेकर दूसरे संप्रदाय के लोग नाराज हो गए थे। यह नाराजगी बालिका की हत्या के बाद से फिर से उजागर होने लगी है और मामला तूल पकड़ने लगा है।

अलीगढ़ बालिका कांड में दोषियों को फांसी की मांग

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Posted on : 08-06-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE

फर्रुखाबाद: बीते दिनों अलीगंज में तीन वर्षीय बालिका के साथ हुई जघन्य घटना के विरोध में युवाओं ने सड़क पर उतर आरोपियों को फांसी पर लटकाये जाने की मांग की|
नगर के लाल दरवाजे पर हिन्दू महासभा के द्वारा कैंडिल मार्च निकाला गया और मासूम बालिका को न्याय दिलाने और आरोपियों को फांसी की सजा देंने की मांग की गयी| जिलाध्यक्ष विमलेश मिश्रा  कहा कि घटना से आक्रोशित हिन्दू महासभा के पदाधिकारी पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेंगे|
महामंत्री सौरभ मिश्रा, गौरव राजपूत, मोनू तिवारी, संतोष त्रिवेदी, विनय शुक्ला, काजल कटियार, दीक्षा भारती दिव्या मौर्य, सुमित अग्निहोत्री आदि रहे|

बंदर की तेरहवीं पर भंडारे का आयोजन

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Posted on : 08-06-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, धार्मिक, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(अमृतपुर) बीते दिनों एक बन्दर की मौत पर पूरे गाँव में मातम छा गया था| जिसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अंतिम संस्कार किया और शनिवार को विधि-विधान से तेरहवीं पर भंडारे का आयोजन किया गया|
थाना क्षेत्र के ग्राम हरसिंहपुर गलवार में बीते दिनों बन्दर की गर्मी के कारण मौत हो गयी थी | जिसके बाद ग्रामीणों ने उसकी शव यात्रा निकाल कर पांचाल घाट पर अंतिम संस्कार किया था|
शनिवार को ग्रामीणों ने बन्दर  की आत्मा की शांति के लिए तेहरवी संस्कार का आयोजन किया|
जिसमे लगभग एक हजार लोगों को भोजन कराया गया| वही गाँव के बंदरों को गुड और चना के साथ पुड़ी खिलायी गयी| बन्दर की तेरवीं का यह अनोखा मामला प्रकाश में आया है|
इस  दौरान राम कुमार मिश्रा ,रामू दीक्षित, राजीव दुबे, आदेश दीक्षित, प्रशांत दिक्षित ,प्रेम कुमार दुबे ,जितेन्द्र कुमार वर्मा, रामबाबू दुबे मास्टर, घनश्याम सिंह फौजी, दीपू सिंह क्षेत्र पंचायत सदस्य ,सुरेंद्र यादव, मनीष दीक्षित फौजी , प्रवीण यादव ,अनूप यादव आदि लोगों ने सहयोग किया।

करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत

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Posted on : 08-06-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, विद्युत विभाग

फर्रुखाबाद: पंखा ठीक करने गये युवक को करंट लग गया| जिससे उसकी मौत हो गयी| परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया|
थाना जहानगंज क्षेत्र के ग्राम बराखेडा निवासी 21 वर्षीय सुधीर उर्फ़ कृष्णा राजपूत पुत्र रामचद्र गाँव में ही रामवरन के निर्माणाधीन मकान में लेंटर डालने के लिए मजदूरी करने गया था|  पिता रामचन्द्र ने बताया कि सुधीर छत से नीचे ऊतर कर आया और कमरे में रखे पंखे (किट) को ठीक करने लगा| उसी समय अचानक उसके करंट लग गया| जिससे वह गम्भीर हो गया|
परिजन उसे लेकर लोहिया अस्पताल पंहुचे तो चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया| मृतक का विवाह बीते 11 मई  2019 को जनपद हरदोई सबायजपुर नई दुनिया निवासी महेश चन्द्र की पुत्री पूजा के साथ हुआ था| घटना के बाद मृतक की पत्नी पूजा का रो-रो कर बुरा हाल हो गया| उसका एक महीने के भीतर ही सुहाग उजड़ गया|

हड़ताल के दौरान महिला ओपीडी चलते देख सीएमएस से चिकित्सकों की नोकझोंक

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Posted on : 08-06-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: लोहिया अस्पताल में चिकित्सकों के द्वारा चल रही हड़ताल के दौरान महिला ओपीडी संचालित करने की खबर पर चिकित्सक भडक गये| जिसके चलते चिकित्सकों के साथ सीएमएस की नोकझोंक हो गयी|
शनिवार को दोपहर बाद महिला अस्पताल के सीएम एस  डॉ0 कैलाश महिला ओपीडी संचालित करने लगे| जिसके बाद जब यह सूचना धरने पर बैठे चिकित्सकों को मिली तो वह भडक गये|
डॉ0 अभिषेक चतुर्वेदी, डॉ0 प्रदीप आदि महिला ओपीडी पंहुच गये| उन्होंने मरीज देख रहे सीएमएस डॉ0 कैलाश से मरीज देखने का विरोध किया और पर्चा काउन्टर पर भी बैठे कर्मचारी की लताड़ लगायी| चिकित्सकों का गुस्सा देख तत्काल ओपीडी बंद कर दी गयी|

गंगा में डूबने से रोडवेज चालक की मौत

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Posted on : 08-06-2019 | By : JNI-Desk | In : ACCIDENT, CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE

फर्रुखाबाद: बीते दिन गंगा नहाने गये रोडवेज चालक की उसमे डूबने से मौत हो गयी| उसका शव शनिवार को गंगा में तैरता हुआ मिला| पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा| परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया|
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कादरी गेट शांति नगर पजाबा निवासी 55 वर्षीय विजय कुमार मिश्रा रोडवेज में चालक पद पर कार्यरत थे| वह फ़िलहाल फर्रुखाबाद बस अड्डे पर पूंछतांछ कार्यालय में बैठ रहे थे|
विजय मिश्रा के पुत्र आशीष नें बताया कि पिता शुक्रवार शाम को पांचाल घाट पर गंगा नहाने गये थे| लेकिन शाम को घर लौट के नही आये| सुबह उनका शव पांचाल घाट पर गंगा में तैरता मिला| विजय मिश्रा की मौत पर परिजनों में कोहराम मच गया| पुलिस ने शव को लगभग 9:30 बजे लोहिया अस्पताल भेजा| मृतक की पत्नी विनीता पुत्र आशीष व आनन्द का रो-
रो कर  बुरा हाल हो गया| पांचाल घाट चौकी इंचार्ज अंकुश राघव ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा|

बेनतीजा हड़ताल समाप्त- फौजी की पत्नी के पेट में पल रहे सपने की मौत का जबाब कौन देगा?

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Posted on : 08-06-2019 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद: जाके पीर फटे न बिबाई सो का जाने पीर पराई| कबीरदास ने कुछ सोच कर ही लिखा होगा| मरीज जब ठीक हो जाता है तो लाख दुआएं देता है और जब उसके दर्ज में इजाफा होता है तो उसी मुख से दुनिया के सबसे कठोर श्राप भी निकलते है| बीते चार दिन लोहिया अस्पताल में हुई हड़ताल के कारण जिन मरीजो को इलाज नहीं मिल पाया उनके मुख से निकली हाय किसे लगेगी ये बड़ा चिंतनीय और विचारणीय प्रश्न है? 42 से 48 डिग्री की भीषण गर्मी में इलाज के लिए गाँव से पंहुचा मरीज क्या शिक्षको की वजह से परेशान हुआ या फिर डॉक्टर्स की वजह से इसका जबाब कहाँ मिलेगा? कौन देगा इसका जबाब कि इलाज के अभाव में एक फौजी की पत्नी का पहला गर्भ महिला वार्ड में भरती के दौरान जन्म लेने से पहले ही मृत हो  गया और वो लोहिया अस्पताल में दर्द दर्द चिल्लाती रही? ऐसी कई छोटी बड़ी घटनाये इस दौरान हो गयी होंगी जो नजरअंदाज हो गयी| एक स्त्री जब पहली बार माँ बनती है तो कितने सपने पालती है इसे हर वो माँ जानती है जिसने आपको जन्म दिया और जब वो सपना टूट जाता है तो उसका दर्द ….बयां नहीं कर सकते| इस हड़ताल से ऐसे भी परिणाम निकले|

निष्ठुर वो जिद्दी शिक्षक थे या फिर अगंभीर डॉक्टर? ये बड़ा मंथन का सवाल है|दोनों ही अपने अपने पेशे में कामयाबी के कोई झंडे नहीं गाड़ पाए है| माना कि डॉक्टर अभी नौजवान है, मगर प्रधानाचार्य तो तजुर्बेकार थे| एक शिक्षक इस प्रकार के आन्दोलन से क्या सन्देश अपने छात्रो को देना चाहता था? और उनका संगठन किस प्रकार की लडाई लड़ रहा था| क्या ये शिक्षक के अधिकारों के लिए आन्दोलन था, वेतन बढ़ाने का आन्दोलन था या फिर किसी प्रकार के उत्पीडन का? शायद उनके पेशे से इस आन्दोलन का कोई मतलब नहीं था| ये तो निजी व्यवहार था जिसके कारण कोई विवाद खड़ा हुआ था? क्या सरकारी विभागों में चलने वाले कर्मचारी संगठन निजी जिन्दगी की लड़ाई के लिए बने है? डॉक्टर के पीछे स्वास्थ्य  विभाग के कई संगठन थे तो  समझ में आता है कि ड्यूटी करते समय उनके साथ विवाद हुआ जिसे पहले अभद्रता कहा गया अब ग़लतफ़हमी लिखा जायेगा इसलिए संगठन पीछे खड़े हो गए| मगर याद रखना अगर बात जात पात के अहम् की थी तो जो बच्चा इस दुनिया में जन्म नहीं ले पाया वो भी एक छत्रिय वंश में पैदा होने जा रहा था| क्या माफ़ कर पाओगे आपने आपको?

शिक्षक समाज का आइना होते है| सौम्य, क्षमाशील और कुछ सिखाने के लिए कड़क| ऐसा कृत्य करना जिससे समाज में समरसता बढ़े, ऐसी छवि नहीं दिखी|  जहाँ तक जानकारी है कि मुकदमा तो पहले शिक्षको ने लिखाया था| डॉक्टर ने पहले पुलिस को मात्र सूचना दी थी| उनकी तहरीर तो तब पुलिस के पास पहुची जब उनके खिलाफ मुकदमा लिख गया| शिक्षको के मूल काम की तो छुट्टियाँ चल रही है उनके बच्चो का तो शिक्षण प्रभावित नहीं होना था, स्कूल बंद चल रहे है| हाँ उनकी हेठी से हड़ताल 4 दिन खिच गई और हजारो मरीजो को बिना इलाज लिए वापस अस्पताल से लौटना पड़ा| और रही बात डॉक्टर्स की तो वे भी काली पट्टी बाँध विरोध दर्ज कराते हुए इलाज कर सकते थे| प्रतिदिन सांकेतिक हड़ताल के लिए आधा एक घंटा काम रोकते और मीटिंग करते हुए विरोध जताकर भी इलाज कर सकते थे| मगर दोनों पक्षों को मीडिया में इतनी बड़ी कवरेज कैसे मिलती| देशी घी कि जगह स्प्रिट से लकडियो में आग लगाकर हवन में आहुति देते हुए कैसे विडियो बन पाते| और फिर अंत में बेनतीजा हड़ताल समाप्त| कायदे से इस मामले में हड़ताल/आन्दोलन होना ही नहीं चाहिए था| पुलिस को समय दिया जाना चाहिए था| दोनों ओर से मुकदमे लिख गए थे पुलिस निष्पक्ष विवेचना करती और समझौता या कार्यवाही जो उचित होता करा देती| अब मुकदमे वापस होंगे या ख़त्म होंगे और आन्तरिक विभागीय जाँच होगी| मामला शांत होना ही जनहित में ठीक है मगर मंथन दोनों पक्षों को करना पड़ेगा कि मरीजो की हाय किसे लगेगी……..

अपडेट: मुकदमें खत्म होने के भरोसे पर काम पर लौटे चिकित्सक

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Posted on : 08-06-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: लोहिया अस्पताल के चिकित्सकों और जिले के माध्यमिक शिक्षकों के बीच चल रहे विवाद का शनिवार को पांचवा दिन है| पांच दिन से लगातार जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होने से आम जन मानस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा था| अस्पताल आने वाले मरीज पांचवे दिन भी इलाज से महरूम रहे| जेएनआई पर शनिवार सुबह खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी लोहिया अस्पताल पंहुचे और मुकदमें वापस करने की बात पर अपनी सहमति दे दी| जिसके बाद चिकित्सक हड़ताल समाप्त करने पर सहमत हुए|
बीते चार जून को लोहिया अस्पताल के सर्जन डॉ0 गौरव मिश्रा व प्रधानाचार्य अनिल सिंह के बीच हुआ विवाद थमने का नाम नही ले रहा था| शनिवार को भी उपचार के लिए लोहिया अस्पताल पंहुचे मरीज दवा के लिए दर-दर भटकते नजर आये| जिला प्रशासन के साथ चिकित्सकों की बीते दिनों कई चरणों में हुई वार्ता बिफल रही|जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी है| शनिवार को बड़ी संख्या मे मरीज लोहिया पंहुचे लेकिन उन्हें दवा की जगह केबल दर्द ही मिला|
जेएनआई क जिलाधिकारी मोनिका रानी ने फोन पर बताया था कि अधिकारियों को वार्ता के लिए भेज रहे है| जिसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राम अक्षयवर सिंह चौहान, सीओ सिटी रामलखन सरोज , सीएमओ आदि दोपहर बाद लोहिया अस्पताल पंहुचे और सीएमएस डॉ० एसपी सिंह के कार्यालय में वार्ता हुई| उसके बाद प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सचिव डॉ० अजय कुमार व अध्यक्ष डॉ0 वीके दुबे आदि ने अधिकारियों के साथ धरना स्थल पर आकर वार्ता का परिणाम बताया| अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा की चिकित्सक व शिक्षक के खिलाफ दर्ज किये गये मुकदमें वापस लिये जायेगें| इसके बाद चिकित्सकों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी|
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अखिलेश अग्निहोत्री, जिला मंत्री पंकज शुक्ला, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के मंत्री जीतेंन्द्र सिंह, डॉ० अभिषेक चतुर्वेदी, सर्जन डॉ0 गौरव मिश्रा,संजीब कटियार आदि रहे| वही भाजपा नेता राहुल राजपूत, सांसद प्रतिनिधिदिलीप भारद्वाज आदि भी लोहिया अस्पताल पंहुचे|
वही दूसरी तरफ शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के नेताओं  के साथ एसपी डॉ0 अनिल मिश्रा व जिलाधिकारी मोनिका रानी ने मिले और अपनी बात रखी| जिलाध्यक्ष लाला राम दुबे ने दोपहर दो बजे जेएनआई को बताया कि अभी अधिकारियों से वार्ता चल रही है| कुछ देर बाद संगठन घोषणा करेगा की क्या निर्णय हुआ|
रैन  बसेरा में खुलेगी पुलिस चौकी
अपरपुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह व सीएमएस डॉ0 एसपी सिंह ने लोहिया अस्पताल में बने रैन बसेरे का निरीक्षण किया और फिलहाल उसी में पुलिस चौकी खोलने का निर्णय लिया गया|