ट्रक छोड़ने के नाम पर 40 हजार ठगे

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Posted on : 15-05-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद: सीज ट्रक को छुड़ाने को लेकर खनन निरीक्षक ने नाम पर 40 हजार रूपये ठग लिए गये | मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है| पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है|
एमपी के बिहार कालोनी एबी रोड गोल पहाड़िया जनकगंज ग्वालियर निवासी ट्रक मालिक अमर सिंह ने दर्ज कराये गये मुकदमे में कहा है कि बीते 10 मई 2019 को ओवरलोड व कागजात पूरे ना होने पर ट्रक सीज किया गया था| जिसको छुड़ाने के लिए अमर सिंह न्यायालय गया| लेकिन कागजात पूरे ना होनें के चलते ट्रक छुट नही सका|
जिसके बाद ट्रक चालक से मिलने वह आईटीआई चौकी गया जंहा एक युवक मिला और उसने अपना नाम सिन्दू यादव बताया| उसने कहा की खनन निरीक्षक ने गाडी सीज की है| यदि जुर्माना 50 हजार जमा करते है तो गाड़ी छोड़ दी जायेगी|कह सुनकर 40 हजार पर बात बनी| अमर सिंह ने बताया कि 40 हजार उससे सिंटू यादव ने ले लिये और गाड़ी भी मुक्त नही हुई |
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 420, 406, 504, 420, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी|

चकबंदी कार्यालय से कर्मचारी की सर्विस बुक गायब

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Posted on : 15-05-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: चकबंदी विभाग के एक कर्मचारी की सर्विस बुक गायब हो गयी| जानकारी होनें पर हडकंप मच गया| अधिकारी जल्द कार्यवाही की बात कर रहे है|
चकबंदी दफ्तर में तैनात कर्मचारी मुकेश की सर्विस बुक कही गायब हो गयी| इसकी जानकारी जब मुकेश को हुई तो उन्होंने पटल सहायक सुशील कुमार से इस सम्बन्ध में बात की लेकिन सर्विस बुक का कोई पता नही चला|
जिसके बाद विभाग में हडकंप मच गया| सभी अपनी-अपनी सर्बिस बुक तलाश ने में लग गये| लेकिन मुकेश की सर्बिस बुक का पता नही चल सका| चकबंदी अधिकारी हितेश कुमार का कहना है| सर्बिस बुक की तलाश करायी जा रही है| यदि नही मिली तो सम्बन्धित के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जायेगी| 

फन कब फाइट में बदल जाए ये चुनाव है

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Posted on : 15-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, लोकसभा चुनाव 2019

डेस्क: क्रिकेट का सीजन जैसे ही शुरू होता है देश में एक्सपर्ट राय देने वालों की संख्या में कमी नहीं होती। ये लोग बैटिंग और बॉलिंग पर तो अपनी राय देते ही हैं, साथ ही मैदान और पिच पर भी अपना कमेंट देने से नहीं चुकते। ऐसा लगता है जैसे इन्होंने वानखेड़े और ईडन गार्डन्स जैसे स्टेडिमय में घंटों पसीने बहाए हैं। हालांकि युवा क्रिकेट पर ही अपनी बेशकीमती राय देते हैं, लेकिन जब बात राजनीति की पिच की हो रही हो, तो वहां हर कोई सूरमा बन जाता है। यहां तो वह पति भी जो अपनी बीवी के सामने भीगी बिल्ली बनकर रहता है, हुंकार भरने लगता है। तब पत्नी को भी लगता है कि चुनावी मौसम है आचार संहिता उल्लंघन करने की जरूरत नहीं है।
वैसे चुनावी मैदान में कॉलोनी की वह आंटी भी उतर आती हैं, जिन्हें आटा, दाल, चावल और नून-तेल से हटकर सोचने की फूरसत नहीं है। उनके लिए तो घरेलू चीजें ही राष्ट्रीय मुद्दा है और इसी के आधार पर वो वोट भी देती हैं। ऐसे समय में दादा-दादी और नाना-नानी भी पीछे नहीं रहते। उनके मुंह में भले ही दांत न हो, लेकिन पसंदीदा नेता के बारे में बात करने से नहीं चुकते।
चुनाव की बात हो रही है तो ऐसे समय में दो दोस्तों के बीच हंसी-मजाक की बातें कभी-कभी सीरियस भी हो जाती है। ऐसा लगता है नेता नहीं, दो दोस्त एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में खड़े हैं। पहले तो ये दोस्त एक साथ बैठकर एप पर जाकर चुनाव पर फनी वीडियो का मजा लेते हैं, नेताओं के भाषणों पर हंसते हैं और फिर कब इनका फन, फाइट में बदल जाता है पता ही नहीं चलता। फिर क्या जब तक चुनाव खत्म नहीं हो जाता, दोनों के बीच शीत युद्ध चलता है।
उधर ऑफिस की मीटिंग में भी कुछ इसी तरह का नजारा रहता है। सब लोग सोचते हैं कि कैबिन में बैठकर एक सीनियर बॉस अपने जूनियर के साथ टारगेट और अचीवमेंट की बात कर रहा है, लेकिन बाद में पता चलता है कि अपनी-अपनी राजनीतिक पार्टी को लेकर दोनों के बीच गहमागहमी हो रही है। ऐसी स्थिति में अपने बॉस की बात मान लेनी चाहिए, नहीं तो चुनाव का रिजल्ट भले ही कुछ हो, आपका रिजल्ट जरूर खराब हो जाएगा।
मजा तो तब आता है जब ट्रेन में तीन-चार बेरोजगार सरकार की नीतियों की धज्जियां उड़ा रहे होते हैं और ऐसी चर्चा में अगर कोई सरकारी कर्मचारी धमक पड़े और सरकार की तारीफ करने लगे, तो उसकी खैर नहीं। फिर तो मारपीट को छोड़कर उसके साथ वह सबकुछ किया जाता है, जिसकी उम्मीद उसने नहीं की थी। वह आगे जाकर इस तरह की चर्चाओं में भाग न लेने की कसमें भी खाने लगता है।
वैसे चुनाव के समय उन बच्चों को राहत जरूर मिलती है, जिनके पापा डायनिंग टेबल पर हमेशा मैथ, साइंस और इंग्लिश का रिपोर्ट कार्ड लेकर बैठ जाते हैं और टेबल से ही बच्चे के भविष्य का मुल्यांकन करने लगते हैं। चुनाव के समय टीवी पर चलने वाले गरमा-गरम बहस में वह उलझे रहते हैं, तब वह बच्चे की गणित को छोड़ चुनावी गणित के बारे में बात करते हैं।
यह भारत के लोकतंत्र की खूबसूरती है, जहां हर किसी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। चुनाव एक ऐसा समय होता है, जहां समाज का हर वर्ग अपने अधिकार को लेकर सक्रिय हो जाता है और अपने हिसाब से स्थिति की समीक्षा कर अपना किमती वोट देता है।

डेंगू दिवस पर मलिन बस्तियों में होगा मच्छरों पर वार

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Posted on : 15-05-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: डेंगू दिवस 16 मई को मनाया जाएगा। इसके लिए आज जनपद के सभी स्वास्थ्य इकाइयों जैसे- सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। वही ग्रामीण क्षेत्रों में समूह चर्चा के साथ-साथ पम्पलेट्स के द्वारा डेंगू के लक्षण, कारण, बचाव एवं इलाज संबंधी जानकारी दी जायेगी। इसके साथ डेंगू दिवस पर हर रविवार मच्छर पर वार संदेश भी दिया जाएगा तथा घर के आस-पास इकठ्ठा पानी को साफ करने की सलाह दी जायेगी| जिससे इस बीमारी से होने वाले खतरा के प्रति लोग सतर्क हो सकें।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट 2015 के अनुसार भारत में लगभग 99 हजार से अधिक लोग डेंगू से ग्रसित थे| वही लगभग 220 लोगों की मृत्यु डेंगू से हुई थी। जबकि थोड़ी सी सावधानी वर्ती जाए तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। जिला मलेरिया अधिकारी सुजाता ठाकुर ने बताया कि जब मौसम गर्मी का हो तो ऐसे में संक्रामक बीमारियाँ जैसे मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, फाइलेरिया, जापानी इनसेफ़लाइटिस इत्यादि बीमारियाँ फैलने की संभावना बढ़ जाती है और इन बीमारियों के फैलाने का कारण मच्छर ही होते है। जो मच्छर के काटने के द्वारा फैलते है। इसलिए जरूरी है कि मच्छरों के काटने से बचाव करे। साफ-सफाई का ध्यान रखे जिससे मच्छरों को पनपने से रोका जा सकें।
उन्होने बताया कि डेंगू एक तरह का वायरल संक्रमण है। जो एडीज़ मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू का मच्छर अधिकतर सुबह के समय काटता है। यह मच्छर साफ रुके हुये पानी जैसे कूलर व पानी की टंकी आदि में पनपता है।
साथ ही यह भी बताया कि डेंगू की रोकथाम एवं प्रचार-प्रसार हेतु संगोष्ठी, कार्यशाला, समूह चर्चा जायेगी । शाम के समय लार्वीसाइड स्प्रे का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही लोगों को इन मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए घर में कूलर, गमले एवं गमले के नीचे रखी प्लेट, पशु पक्षियों के पीने के पात्र, छत पर कबाड़, पुराने टायर आदि चीजों के ठहरे पानी में जन्म लेता है। इसलिए इन सभी पत्रों का पानी प्रत्येक सप्ताह निकालकर अच्छे से साफ करने की सलाह दी जायेगी।
हाई रिस्क क्षेत्रे के साथ-साथ समस्त जिले में एंटामोलोजिकल सर्वे किया जाएगा। जिसमें आशा व एएनएम अपने -अपने क्षेत्रों में एंटीलार्वा गतिविधियों के साथ-साथ आमजन को डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया की रोकथाम और नियंत्रण के लिए जागरूक करेंगी तथा आमजन को कार्याशाला, प्रश्नोत्तरी व पम्पलेट, पोस्टर, माईकिंग, फलेक्स, बैनर व अन्य माध्यम द्वारा जागरूक किया जाएगा।
क्या है डेंगू के लक्षण-
डेंगू के मरीज को सर्दी लगकर तेज बुखार आना, घबराहट होना, आँखों के पीछे दर्द होना, सांस लेने में तकलीफ होना, उल्टी होना, शरीर, जोड़ो व पेट में दर्द होना शुरू हो जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे मरीज की प्लेटलेट्स कम होने लगती है जिससे उसके नाक व मुंह से खून आना चालू हो जाता है और साथ ही पीठ व भुजाओं पर लाल दाने निकलने लगते है। इसके बाद की स्थिति में पल्सरेट बढ़ने लगती है, शरीर में कमजोरी आने लगती है तथा अचानक से बेहोशी आने लगती है।

कमल हसन के विवादित बयान पर जलाया पुतला

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Posted on : 15-05-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, सामाजिक

फर्रुखाबाद: एक चुनाव प्रचार के दौरान अभिनेता कमल हसन के द्वारा विवादित वयान से लगी आग की चिंगारी यंहा भी देखनें को मिली| जंहा उनका पुतला जलाकर हिन्दू महासभा ने विरोध दर्ज कराया|
नगर ने चौक चौराहे पर एकत्रित हुए हिन्दू महासभा के विमलेश मिश्रा के नेतृत्व ने कमल हसन का पुतला जलाकर नारेबाजी कर दी| दरअसल तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान कमल हासन के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। हासन ने कहा,
“मैं ये इसलिए नहीं कह रहा कि यहां काफी संख्या में मुसलमान हैं। मैं ये महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने कह रहा हूं। आजाद भारत में पहला आतंकवादी एक हिंदू था। उसका नाम था- नाथूराम गोडसे”
कमल के इस वयान की आग को हवा मिली तो उसकी चिंगारी नगर में भी देखनें को मिली| इस दौरान सौरभ मिश्रा, दीपक शर्मा, संतोष त्रिवेदी, सनी शुक्ला, अर्जुन दीक्षित, गौरव मौर्य, विकास मिश्रा, विजय मिश्रा, सचिन शर्मा, रोहित आदि रहे|