साहब की रिपोर्ट- इनका मन स्कूल में लगता नहीं…..

0

Posted on : 09-05-2019 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद: वेतन मतलब भर का और काम धेले का नहीं ऐसी नौकरी किस को प्यारी नहीं होगी| कभी कभी तो साहब को भी लगता होगा कि हम से बेहतर तो प्राइमरी/जूनियर का मास्टर है| 3 -4 घंटे स्कूलों में नौकरी के नाम पर सिर्फ मौजूदगी और ..एक हम है सुबह 6 बजे से रात 12 या 1 बजे जब तक जिले से लेकर मुख्यालय तक के अफसर सो न जाए, नींद में जाना भी कमबख्त नसीब नहीं| खैर ये हाल सभी शिक्षको का नहीं है मगर उनका है जो गुरूवार 9 मई 2019 को मुख्य विकास अधिकारी के निरीक्षण के शिकंजे में फस गए|साहब की टिप्पणी कुछ हमारी हैडलाइन से मेल खाती है|

गुरूवार को सुबह सुबह मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र पेंसिया ने प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन, पूर्व माध्यमिक ग्वाल टोली, कन्या प्राथमिक विद्यालय ग्वाल टोली और प्राइमरी स्कूल ग्वाल टोली में औचक निरीक्षण कर दिया| जिला कलेक्टर दफ्तर के लगभग 400 मीटर के दायरे में स्थापित विद्यालयों में सभी विद्यालयों में मिड डे मील लगभग ठीक ठाक पाया गया| उपस्थिति रजिस्टर पर उपस्थिति नहीं पाई गयी| स्कूलों में शिक्ष्ण कार्य प्रशिक्षु शिक्षको द्वारा कराया जा रहा पाया गया| मूल रूप से तैनात अध्यापिकाएं या तो चैटिंग (हिंदी में गप्प सड़ाका) करते मिली या फोन पर बतियाते| रंगे हाथो फुनियाते एक को साहब ने पकड़ा तो अध्यापिका ने बताया कि उसका बच्चा छोटा है उसका हाल ले रहे थे| साहब ने हडकाया इन बच्चो को भी कभी अपना समझा करो और अपने बच्चे समझ कर पढ़ाया करो|

निरीक्षण रिपोर्ट जो साहब ने जिलाधिकारी को भेजी है उसमे लिखा है कि अध्यापिकाओ का मन पठन पाठन में नहीं लगता प्रतीत हो रहा है|स्कूल के शिक्षक शिक्षण का समस्त कार्य प्रशिक्षु शिक्षको से करा रहे है| प्राथमिक विद्यालय ग्वाल टोली में निरीक्षण के दौरान शिक्षिका रेशमा आरा, नुपुर रस्तोगी और शिक्षा मित्र माया बाथम उपस्थित पायी गयी|साहब लिखते है कि पाया गया कि शिक्षक इधर उधर की बातो में ही लिप्त रहते है पठन पाठन में मन नहीं लग रहा है|

पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दीप्ती मिश्रा नाम की शिक्षिका अनुपस्थित पायी गयी| जानकारी पर अन्य अध्यापको ने बताया कि दीप्ती मिश्रा बच्चो के अभिभावकों से झगडा करने में निलंबित चल रही है| मगर रजिस्टर में उनके निलंबित होने सम्बन्धित कोई जानकारी नहीं है| वैसे अभिभावकों से झगडा करने में निलम्बित होना गले से उतरने जैसी बात लग नहीं रही| अन्दर खाने की खबर ये है कि इस विभाग में पैसे देकर निलम्बित होना और फिर कुछ समय बात एरियर के माध्यम से पैसा निकाल लेना ये भी चलता है| फिलहाल दीप्ती मिश्रा की फ़ाइल मुख्य विकास अधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से माय टिप्पणी मांग ली है जो उन्हें 10 मई 2019 को पेश करनी है|

ग्वाल टोली के तीनो स्कूल जिला विध्यालय निरीक्षक के प्रांगन में चलने के कारण मुख्य विकास अधिकारी ने जिला विध्यालय निरीक्षक को गोद लेने का आदेश दिया है| विद्यालय के आसपास पड़ी गंदगी देख उन्होंने नगरपालिका को भी सफाई का निर्देश इस टिपण्णी के साथ दिया है कि “लगता है कि नगर में कूड़ा उठान का काम केवल कागजो पर चलता है”|

खैर साहब ने निरीक्षण कर रिपोर्ट भेज दी है, बेहतर है इन व्यवस्थाओ को सामाजिक संस्थाओ और पत्रकारों द्वारा भी समय समय पर मोनिटर कर रिपोर्ट दी जाए क्योंकि एक अफसर कितनी बार टोक सकेगा और बिना टोके इस विभाग में कुछ सुधार आ जाए सम्भव नहीं लगता|

मंडप में दूल्हे के बजाय किसी और ने लिए दुल्हन संग फेरे

0

Posted on : 09-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

गाजियाबाद/लोनी: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में दूल्हे के शराब के नशे में पहुंचने पर टूटी शादी के बाद युवक ने दुल्हन का हाथ थामकर मिसाल पेश की। दूर के रिश्ते के इस युवक की सभी ने सराहना की। निर्धारित समय पर दुल्हन की विदाई होने से परिवार के लोगों में खुशी का माहौल है।
बता दें कि कॉलोनी निवासी युवती की शादी दिल्ली के रोहिणी इलाके के युवक के साथ तय हुई थी। सोमवार रात बारात लोनी पहुंची। जयमाला के लिए जब दूल्हे को स्टेज पर बुलाया गया तो वह शराब के नशे में होने के कारण खड़ा भी नहीं हो सका। गुस्साई दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया।
परिजनों ने भी दुल्हन का साथ देते हुए बरात को वापस लौटा दिया। इसके बाद दुल्हन के पिता चिंतित दिखाई दिए। तभी दूर की रिश्तेदारी के एक युवक ने दुल्हन का हाथ थामने की बात कही। जिसपर दुल्हन पक्ष के लोग राजी हो गए। बाद में परिजनों की सहमति से दोनों का विवाह संपन्न कराया गया। मंगलवार को दुल्हन को विदा किया गया।
वहीं जानकारी सामने आ रही है कि शादी के समय दोस्तों के कहने पर दूल्हे ने शराब पी थी। इसके बाद दूल्हा बना युवक शादी मंडप में जब वरमाला डालने के लिए खड़ा हुए तो पहले लड़खड़ाया फिर गिर पड़ा। इसे देखकर लड़की पक्ष के लोगों को दूल्हे के शराब पीने का पता चल गया। इसके बाद दुल्हन ने नशे में युवक से शादी करने से इनकार कर दिया।
इतना ही नहीं, लड़की पक्ष ने शादी रोककर पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस के आने पर लड़की पक्ष ने शादी की तैयारी में हुए 5 लाख रुपए खर्च को लौटाने की बात कही। वहीं,  लड़का पक्ष इसके लिए नहीं राजी हुआ तो उन्हें सुबह तक बंधक बनाए रखा गया, इसके बाद 1 लाख रुपये देने पर बरात लौटी।
यह है पूरा मामला
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला गाजियाबाद की पूजा कॉलोनी का है। मंगलवार रात में करीब 9 बजे दिल्ली के रोहिणी से बरात आई थी। जयमाला का कार्यक्रम करीब था, लेकिन इस बीच दूल्हे के दोस्तों ने उसे शराब पिला ली। घरातियों (लड़की पक्ष) की मानें तो वरमाला डालने के दौरान दूल्हा पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा था और स्टेज पर ही नशे में लड़खड़ाने लगा था।

सुरक्षित मातृत्व के लिए महिलाओं के स्वास्थ्य की जाँच

0

Posted on : 09-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(कायमगंज)  जनपद के स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में भी गुरुवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मनाया गया, साथ ही गर्भवती महिलाओं को स्वल्पाहार भी प्रदान किया गया |
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक पहल है, इसमें हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं की पूर्ण जाँच की जाती है। जिसके द्वारा ये पता लगाया जाता है कि कहीं कोई गर्भवती महिला उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में तो नहीं।
इस अभियान के अंतर्गत यदि गर्भवती महिलाओं को उनकी प्रसव पूर्व की अवधि के दौरान गुणवत्तायुक्त देखभाल प्रदान की जाए तथा उच्च जोख़िम वाले कारक जैसे कि गंभीर एनिमिया, गर्भवस्था प्रेरित उच्च रक्त चाप इत्यादि का समय पर पता लगाकर अच्छी तरह से इलाज किया जाए, तो मातृ मृत्यु में कमी लायी जा सकती है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अनुराग वर्मा ने बताया की यहाँ 88 गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया गया, जिसमें से 21 गर्भवती महिलायेँ उच्च जोखिम की अवस्था में मिली ।
साथ ही यह भी बताया कि ये जो महिलाएं एचआरपी (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) चिन्हित हुई है, प्रसव होने तक उनको विशेष निरीक्षण में रखा जाएगा, तथा वह संस्थागत प्रसव ही कराये, इसके लिए उनके परिवार को समझाया जाएगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज की स्त्री रोग विशेषज्ञ डा.मधु अग्रवाल ने बताया कि अगर किसी महिला को पहले से हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है तो ऐसे में उसे अपनी गर्भावस्था के दौरान सचेत रहने की जरूरत है। वहीं कई बार गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को हाइपर टेंशन की वजह से झटके आने लगते हैं। इसे प्री एक्लेम्शिया कहते हैं। ऐसे में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो सकती है। वहीं कई बार डिलीवरी के बाद भी महिलाओं को झटके आने लगते हैं। एक्लेम्शिया का पूरी तरह से इलाज किया जाना चाहिए| साथ ही यह भी बताया की ज्यादातर देखने में आता है कि संक्रमण, एक्लेम्शिया के अलावा एनिमिया भी प्रीमेच्योर डिलीवरी का कारण है। इसलिए महिलाओं का हीमोग्लोबिन 11 से 14 एमजी के बीच होना चाहिए। एनिमिया की वजह से उन्हें संक्रमण की संभावना ज्यादा रहती है। जिसकी वजह से समय से पहले डिलीवरी हो जाती है। इसलिए महिलाओं को संतुलित आहार लेना चाहिए।
साथ ही यह भी बताया कि गर्भ में जुड़वा या इससे अधिक शिशु पलना, गर्भावस्था के दौरान अत्याधिक रक्तस्त्राव, गर्भाशय की विकृति या असामान्यता, ग्रीवा की कमजोरी, गर्भपात करवाना, पिछली गर्भावस्थाओं में गर्भपात हो जाना, पानी की थैली जल्दी फट जाना, धूम्रपान व मादक पदार्थों ड्रग्स का सेवन, प्रेग्नेंसी इंड्यूस्ड डायबिटीज, ज्यादा वजन होना इत्यादि भी हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के लक्षण हैं |
साथ ही यह भी बताया की इसके लिए मां का जागरुक होना जरूरी है। इसके लिए मां को अपना एएनसी चेकअप, अल्ट्रासाउंड आदि समय पर करवाना चाहिए। इससे हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान हो जाती है। ऐसे में किसी भी तरह का रिस्क होने पर इसका इलाज किया जा सकता है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में सबसे ज्यादा प्रीमेच्योर डिलीवरी होने की आशंका रहती है।
उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था है क्या?- उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था वह अवस्था है जिसमे माँ या उसके भ्रूण के स्वास्थ्य या जीवन को खतरा होता है। किसी भी गर्भावस्था में जहाँ जटिलताओं की संभावना अधिक होती है उस गर्भावस्था को हाई रिस्क प्रेगनेंसी या उच्च जोखिम वाली गर्भवस्था में रखा जाता है। इस तरह की गर्भावस्था को प्रशिक्षित डॉक्टर्स की विशिष्ट देखभाल की आवश्यकता होती है।
इस दौरान बी पी एम मोहित गंगवार, बी सी पी एम विनय मिश्र तथा गर्भवती महिलाएं मौजूद रहीं|

विवाह से पहले कुंडली संग ‘सेहत’ का मिलान

0

Posted on : 09-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, FEATURED, सामाजिक

लखनऊ: यूं तो वैवाहिक बंधन में जन्म कुंडली अहम कड़ी है। मगर, अब एक-दूजे की ‘सेहत’ का मिलान भी हो रहा है। युवक-युवतियां सात फेरों से पहले कैरियर स्क्रीनिंग करा रहे हैं। दरअसल, देश में तमाम लोग आनुवांशिक रोगों की गिरफ्त में हैं, जिसके चलते माता-पिता से आनुवांशिक बीमारी बच्चे में ट्रांसफर हो रही है। इसको ध्यान में रखकर राजधानी के युवक-युवतियां शादी के पहले ‘कैरियर स्क्रीनिंग’ करा रहे हैं। इसके जरिए वह एक-दूजे में थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, रक्त विकारों से कंफर्म हो रहे हैं।
सजगता से रुकेगा बीमारी का प्रसार
केजीएमयू की सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च (सीएफआर) की साइटोजेनेटिक यूनिट की इंचार्ज डॉ. नीतू निगम के मुताबिक रक्त संबंधी रोगों में थैलेसीमिया का प्रसार काफी है। मगर, स्क्रीनिंग के अभाव में रोगियों की हकीकत सामने नहीं आ पा रही है। संस्थान में वर्ष भर से कैरियर स्क्रीनिंग प्रोग्राम शुरू किया गया है। इसमें शादी से पहले युवक-युवतियां भी स्क्रीनिंग करा रहे हैं। इनमें कुछ को माइनर थैलेसीमिया की पुष्टि हुई।
109 नंबर काउंटर पर जमा करें रक्त सैंपल
केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार के मुताबिक थैलेसीमिया व रक्त संबंधी रोगों की जांच के लिए काउंटर बनाया गया है। कोई भी व्यक्ति शुल्क जमा कर 109 नंबर काउंटर पर सैंपल जमा कर सकता है। यहां हर रोज 14-15 थैलेसीमिया जांच के लिए सैंपल आते हैं। इनमें से दो या तीन में माइनर थैलेसीमिया की पुष्टि होती है। वहीं मेडिसिन विभाग, क्वीनमेरी विभाग से युवक-युवतियों की स्क्रीनिंग के भी सैंपल भेजे जाते हैं।
क्या है थैलेसीमिया?
थैलेसीमिया बच्चों को माता-पिता से अनुवांशिक रोग है। इसमें शरीर में हीमोग्लोबिन निर्माण की प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है। इसके चलते रक्तक्षीणता के लक्षण पैदा हो जाते हैं।
माइनर व मेजर थैलेसीमिया ?
शरीर में मौजूद क्रोमोसोम खराब होने से माइनर थैलेसीमिया हो सकता है। यदि दोनों क्रोमोसोम खराब हो जाएं यह मेजर थैलेसीमिया बन जाता है। वहीं इन मरीजों से जन्म लेने वाले बच्चों में छह महीने बाद शरीर में खून बनना बंद हो जाता है।
थैलेसीमिया के लक्षण ?
थकान, कमजोरी, त्वचा का पीला रंग , चेहरे की हड्डी में विकृति, धीमी गति से शारीरिक विकास, पेट की सूजन
इलाज के लिए बने सेंटर
थैलेसिमिक्स सोसाइटी के अध्यक्ष प्रवीर आर्या के मुताबिक पीजीआइ में बुधवार को वल्र्ड थैलेसीमिया डे मनाया गया। थैलेसीमिया का सरकार ने  इलाज मुफ्त की व्यवस्था की है।  राजधानी में केजीएमयू, पीजीआइ समेत 12 जनपदों के अस्पतालों में सेंटर खोले गए हैं। इनमें मरीजों को मुफ्त ब्लड ट्रांसफ्यूजन सुविधा के साथ-साथ दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रदेश में लगभग 1870 रोगी पंजीकृत हैं।

महाराणा प्रताप शोभायात्रा पर जगह-जगह पुष्पवर्षा

0

Posted on : 09-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद : अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से गुरुवार को  क्षत्रिय शिरोमणि महाराणा प्रताप की 479 वीं जयंती पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई।शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया|
संगठन के बैनर तले बड़ी तादाद में लोग टाउनहाल पर एकत्र हुए। जहां सभी ने हाराणा द्वारा बताए गए सिद्धांतों पर चलने का संकल्प दोहराया| महाराणा का स्वरूप धारण किए ठा. संतपाल व सेनापति बने आनंद व पुष्पेन्द्र सिंह चल रहे थे| डीजे पर बज रहे भक्तिरस गीतों पर युवा झूम रहे थे। शोभायात्रा रकाबगंज, तिकोना होते हुए पक्कापुल आयी। तेज धूप व गर्मी के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हो रहा था।
मुख्य बाजार में संजय गर्ग सहित अन्य लोगों ने जगह-जगह रोककर स्वागत किया। फूल भी बरसाये गए। यात्रा चौक, नेहरू रोड, घुमना होते हुए फतेहगढ़ के डीएन डिग्री कालेज में समारोह के साथ सम्पन्न हुई| यहाँ  क्षत्रिय नेताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप निहत्थे पर वार नहीं करते थे। उन्होंने अपनी आन-बान-शान के लिए जंगलों में घास की रोटी खाई। भूखा रहना स्वीकार किया, मुगलों की गुलामी स्वीकार नहीं की। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
पूर्व सांसद चन्द्र भूषण सिंह मुन्नू बाबू, संगठन के उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राठौर, संगठन मंत्री डीएस राठौर, जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, अरविन्द सिंह, अनिल प्रताप सिंह,धीरेन्द्र सिंह, रविन्द भदौरिया, लक्ष्मण सिंह, ब्रजेश सिंह आदि रहे|