सीबीएससी टॉपरों की सूची,किसे कितने मिले अंक

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फर्रुखाबाद: सीबीएससी में हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा| जिसमे अधिकतर विधालयों के बच्चो ने अच्छे अंक पाये| जिन्हें बधाई देनें वालों का ताँता लगा है|
सोमवार को जब हाई स्कूल परीक्षा का परिणाम आया तो टॉपरों की लम्बी लाइन नजर आ रही है| डॉ० वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन स्कूल में तनय अग्रवाल 98.2, करन अग्रवाल व सरल अग्रवाल 97.6, अनिरुद्ध सिंह, दीपक सिंह व वैभव यादव के 97.2 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए|
वही फतेहगढ़ के आर्मी स्कूल के शिवम यादव व आकृति कुशवाह के 97.2 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए| केन्द्रीय विधालय आरआरसी के आशीष कुमार सिंह ने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किये| एंथोनी स्कूल के सास्वत वर्मा ने 98.4 प्रतिशत अंक पाकर जिला टॉप किया| वही इसी विधालय के प्रतीक सिंह कुशवाह को 97.2 प्रतिशत अंक मिले|

सीबीएससी हाईस्कूल में एंथोनी के सास्वत बने टॉपर

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फर्रुखाबाद: सोमबार को सीबीएससी हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम घोषित किया| जिसमे एंथोनी स्कूल के सास्वत वर्मा ने जिले का टॉपर बनकर अपने जिले, परिवार और विधालय का नाम रोशन किया|
सेंट एंथोनी स्कूल के सास्वत वर्मा पुत्र पंकज वर्मा नगर के रेलवे रोड नबाब न्यामत खां के रहने वाले है| सास्वत ने सीबीएससी की बोर्ड परीक्षा में 98.4 प्रतिशत नम्बर लाकर जिले में पहला स्थान बनाया| सास्वत के पिता पंकज वर्मा पेशे से वकील है| सास्वत ने अंग्रेजी में 97, हिंदी में 97, गणित में 100, विज्ञान में 99 व सामजिक विज्ञान में 99 प्रतिशत अंक पाकर जिले में पहला स्थान बनाया|
वही टॉपरों में दूसरे पायदान पर वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर के तनय अग्रवाल रहे|तनय ने 98.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करे| तीसरा स्थान पर रोजी पब्लिक स्कूल के सिद्धांत सिंह रहे|उन्होंने कुल 97.8 प्रतिशत अंक हासिल किये|

भीषण गर्मी में फिर जाम, ट्रैफिक के इंतजाम नाकाम

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Posted on : 06-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, POLICE, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: नगर में प्राय: लग रहे जाम के कारण घंटों तक यातायात बाधित रहने लगा है। जिससे लोग खासे परेशान हैं। सोमबार को भी नगर में लाल दरवाजे से चौक तक दोपहर में जाम लगा रहा। भीषण गर्मी में जाम के फंसे वाहन सवार लोगों का गुस्सा चरम पर रहा। लोगों का कहना था कि नगर में यातायात व्यवस्था सही से संचालित न होने की वजह से आए दिन जाम की वजह से परेशानी झेलनी पड़ती है।
नगर के मुख्य मार्ग नेहरु रोड आदि में में जाम की समस्या से आम हो गई है। जिससे रोज कई स्थानों पर यातायात बाधित बना रहता है। थोड़ी ही देर में ही वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती है। जिससे पैदल व्यक्ति भी सड़क पार नहीं कर पाता। नगर में भारी वाहन भी तंग गलियों में घुसकर जाम की समस्या को और बढ़ा देते हैं। सोमबार को दोपहर लगभग 1 बजे के करीब जाम लग गया, जिसकी वजह से लोगों को गर्मी में काफी परेशानी हुई। नगर में आए दिन जाम की समस्या को देखते हुए जाम में फंसे लोगों ने प्रशासन, पुलिस व नगर पालिका परिषद से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की है।
यहां लगता जाम
रोडबेज बस अड्डे के निकट,लाल दरवाजे,लिंजीगंज तिराहे,घुमना तिराहा,नेहरु रोड,चौक,लोहाई रोड आदि मार्गों पर जाम की झाम बनी रहती है|
सड़क पर बेंचते सामान
नगर के मुख्य बाजार नेहरु रोड में दुकानदार सड़कों को घेर स्टूल-मेज डालकर सामान बेंच रहे हैं। जिससे मार्ग संकरे हो गए हैं। मुख्य मार्गों पर भी चहुओर अतिक्रमण है और प्रशासन आंखें बंद किये है।
नो एंट्री में वाहनों का प्रवेश बड़ी समस्या
नगर में बड़े वाहनों कारों आदि का प्रवेश निषेध है|इसके बाद भी लोग इधर-उधर से कारों को भीतर प्रवेश कराते है और सड़क पर कार खड़ी कर खरीददारी करते है| जिससे आम जनता को जाम की झाम झेलनी पडती हो| यातायात पुलिस के पास कारों को उठाने वाली करें है| लेकिन उसके बाद बीच सड़क पर कार खड़ी कर शापिंग करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की जाती| यह भी जाम की मुख्य समस्या है |

रोडबेज बस अड्डे पर बूंद-बूंद पानी को तरस रहे यात्री

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Posted on : 06-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद:गर्मी पुरे सबाब पर हैऔर लोगो की मुख्य जरुरत इस समय पानी है लेकिन इस जरुरत को रोडवेज पूरा नही कर पा रहा है | खाना पूर्ति के तौर पर एक खस्ता हाल हेन्डपाइप और एक आरो प्लांट लगा है| लेकिन दोनों ही खराब है|या यूँ कहिये की जान-बूझकर कर इन्हे खराब किया जाता है जिससे दुकानों पानी की बिक्री हो सके| अधिकारियों की इस तरफ नजर नही है|
दरअसल बीते कुछ महीनें पूर्व खस्ता हाल रोडबेज बस अड्डे की जगह नया भवन बनकर तैयार हो गया| लेकिन करोड़ो रूपये खपाने के बाद भी अभी तक यात्रियों की मूलभूत सुबिधा पानी का अभी तक प्रबंध नही हो सका है| बीते 28 सितम्बर 2011 को बस अड्डे के भीतर एक आरो प्लांट जनता को शीतल जल उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया था|लेकिन वह भी सफेद हाथी साबित हुआ|यात्रियों को माया मिली ना राम जैसा हाल हो गया है| एक मात्र हेन्ड पाइप है वह भी टूटा पड़ा है| जिससे अब यात्रियों की मजबूरी है कि वह 20 रूपये की पानी की बोतल गला तर करने के लिए लें|
यही से सफेद पानी का काला कारोबार शुरू हो जाता है| छोटे-छोटे नाबालिक मासूमों से पानी की बिक्री करायी जाती है| यह मासूम कम पैसे में जादा काम भी करते है| सूत्रों की माने तो पानी का रोडबेज बस अड्डे पर कारोबार लाखों में है| इसी लिए बसअड्डे पर पानी की व्यवस्था नही रखी जाती और एक बार खराबी हुई तो फिर उसको दुरस्त करने के लिए कोई अधिकारी पहल नही करता| क्योंकि साहब का गला भी खूब तर कराया जा रहा है|

यतार्थ- स्वस्छता अभियान के नकली आंकड़ो को नंगा कर रहा रोडवेज बसअड्डा

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Posted on : 06-05-2019 | By : पंकज दीक्षित | In : FARRUKHABAD NEWS

वैसे तो शर्मा जी फ़्रांस से नहीं आये थे मगर कम से कम इंदौर से तो आये थे| बड़ा नाम सुना था पिछले वर्षो में जनपद का| फर्रुखाबाद, देश के कानून मंत्री रह चुके सलमान खुर्शीद का संसदीय क्षेत्र (घर हम इसलिए नहीं कहेंगे क्योंकि न तो सलमान खुर्शीद ने फर्रुखाबाद को घर माना और न ही यहाँ उन्होंने कभी लगातार 6 माह प्रवास किया)|

विषयांतर न होते हुए बात मुद्दे की करते है, बात शर्माजी जी की चल रही थी| शर्माजी इंदौर से फर्रुखाबाद आलू कारोबार के सिलसिले में आये थे| इंदौर से लखनऊ ट्रेन से और लखनऊ के केसरबाग से फर्रुखाबाद के लिए बस से निकल पड़े| फर्रुखाबाद के बस अड्डे पर बस के पहुचते पहुचते सुबह के 10 बजे हो चुके थे| सुबह 6 बजे पहली बस मिल गयी थी| रास्ते में सारी योजना बना कर निकले थे कि बस अड्डे पर फ्रेश हो लेंगे| उसके बाद नास्ता आदि कर आलू व्यापारी से भेट करेंगे| मगर शर्मा जी ने जैसे ही फर्रुखाबाद के बस अड्डे में कदम रखा तो एक बारगी तो उन्हें उलटी आते आते रह गयी| कोई इस दीवार को तो कोई उस दीवार को दोनों हाथ कमर के आगे किये हुए गीला कर रहा था| शौचालय पर निगाह गयी तो होश उड़ गए| चारो तरफ पान की पीक| अन्दर जमाने से सफाई नहीं हुई| और तो और पीने के पानी लिए लगी टोटियो की हालत और भी ख़राब थी| कोई टोटी पर ही पीक कर चला गया था| शर्मा जी आखिर इंदौर से आये थे| जिस शहर को स्वस्छता अभियान में पुरुस्कार मिला था|

अब शर्मा जी का प्रेशर कम होने की जगह बढ़ रहा था| दीर्घ शंका दूर करने की जगह ऐसी दिखी कि जैसे डम्प स्थल पर कोई कचरे के ढेर पर कचरा लगा लगा कर पहाड़ बना गया हो| और लघु शंका के लिए तो शहर में कोई स्थान तक नहीं दिख रहा था| प्रेशर कम करने के लिए केवल दीवार का ही सहारा| खैर जैसे तैसे आलू व्यापारी ने अपनी दुकान के पीछे शर्माजी को नित्यकर्म से फारिग कराया और उसके बाद चर्चा सफाई अभियान पर ही चल निकली|

शर्मा जी बोले- यार गुप्ताजी मैंने देखा कि फतेहगढ़ से फर्रुखाबाद की दीवारे स्वस्छता अभियान के नारों से पटी पड़ी है मगर हालात तो कुछ और ही दिखाई दे रहे है| क्या स्वस्छता अभियान का सारा पैसा दीवारों को पुतवाने में ही लगा दिया| काम तो कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा| सडको के किनारे कूड़ा जमा है, पूरे शहर में बेतरतीव होल्डिंग्स लगे है, बिजली के खम्भों पर लटके विज्ञापनों के फटे पुराने पोस्टर लटक रहे है| क्या नगरपालिका कुछ काम नहीं करती यहाँ| गुप्ता जी बोले यार शर्मा क्या बताये, नगरपालिका यहाँ सिर्फ चुनाव लडती है| पिछले 30 सालो से नगरपालिका का सिर्फ हरण हो रहा है| हाँ एक बात तो है कि यहाँ की जनता बहुत शालीन है| पानी आये न आये, रात को स्ट्रीट लाइट जले न जले, नालो में सफाई भले ही न हो मगर कभी हल्ला नहीं मचाती| और कुछ साफ़ रहे न रहे, पालिका का खाता हमेशा साफ़ रहता है| शर्मा जी ने बात आगे बढ़ाई, बोले हमारे इंदौर में भला कोई सड़क किनारे थूक दे, जनता से लेकर नेता सब को नियम का पालन करना पड़ता है|

इस बार गुप्ता जी ने आईडिया दिया और जोर से हसे, बोले पीकने पर ही जुरमाना लगा दिया जाए तो फर्रुखाबाद में हर साल एक करोड़ का राजस्व जमा हो सकता है मगर करे कौन, मुह दबाते हुए बोले, हमारे यहाँ पालिका में ही 90 फ़ीसदी लोग पीकने वाले है और टो और मुखिया….भी| बात आगे चली तो शर्मा जी एक बात पर तो उखड़ ही गए बोले तुम्हारे शहर में लोग महिलाओ की इज्जत तक का नहीं सोचते| अगर सोचते तो कम से कम महिला और पुरुष के दोनों के लिए पेशावघर तो बनबा ही देते| महिलाओ के लिए तो कोई जगह नहीं बनी मगर पुरुष भी प्रेशर कम करने के चक्कर में कहीं भी खड़ा हो शुरू हो जाता है और सड़क से निकलते बहन बेटियों और महिलाओ को शर्मशार होना पड़ता है|

बात कुछ आगे बढ़ती कि गुप्ताजी ने काटी- बोले लो पानी पियो| अबकी बार शर्मा जी और जोर से उखड़ गए| बोले कमाल हो गया कि बस अड्डे तक पर साफ ठंडा पानी फ्री में नहीं पिला सकते| गुप्ताजी बोले यार क्या बताये ये सब वोट बैंक का खेल है| मतलब पानी में वोट बैंक| गुप्ताजी बोले यहाँ तो शौचालय में भी वोट बैंक है| अब देखो ने इस बार गाँव गाँव मोदी ने शौचालय क्या बनबा दिए चेयरमेन रह चुके और सांसदी का चुनाव लड़ चुके मनोज अग्रवाल के वोट तक सरक गए फूल वालो को| मतलब की बात बताओ, शर्मा जी ने बाजार से आई ठन्डे पानी की बोतल गले से उतारी और गुप्ता जी की ओर घूरा| दरअसल में बस अड्डे से लेकर पूरे शहर में 10-12 ठन्डे पानी के सरकारी फ़िल्टर प्लांट लगे थे मगर नगर में पानी का व्यापार करने वालो ने ऐसा करिश्मा चला रखा है कि ज्यादातर ख़राब है| अब सरकारी ख़राब होंगे तो पानी तो बिकेगा ही न|

और यहाँ के नेता और सरकारी अफसर? इस बार सवाल कुछ गंभीर था| ये दोनों क्या करते है| गुप्ता जी ने समझाया, सरकारी अफसर कुछ समय के लिए आते है, अपना हिसाब किताब समेटते है और चले जाते है और नेताजी राजनीती सिर्फ चुनाव के लिए करते है| बस अड्डे को बाहर से घेरे अवैध बेतरतीव दुकाने टूटे कि न टूटे इसमें नगर विधायक का कितना लाभ हानि है इसका हिसाब लगता है| नगर में नाली और साफ़ पानी सप्लाई करने का नियोजन कितना ही बेतरतीव हो गलियां सभी पक्की हो चुकी है| अब इसमें क्या राज है इसे मत पूछना, और शर्मा जी तुम आलू लो और सरक लो इंदौर, दुबारा आना नहीं वहीँ से फोन कर देना माल भेज दूंगा| गुप्ताजी बडबडा रहे थे, एक बार बुला क्या लिया फर्रुखाबाद की ऐसी तैसी ही कर डाली| अब हमें पिके हुए शौचालय, सरकारी दफ्तर और पानी पीने के स्थान गंदे पसंद है तो तुम्हे क्या? बड़े आये टिम्बकटू से……

यहाँ लगी तस्वीरे सभी फर्रुखाबाद रोडवेज की है…..जिसके लिए इस बस अड्डे का सबसे बड़ा अफसर ही जिम्मेदार कहा जा सकता है| चूँकि यहाँ कई करोड़ का विकास कार्य हुआ है लिहाजा इसकी मलाई भी…… बाकी अब पाठक खुद समझदार है….