ईंटो से बंद किये जायेंगे स्ट्रांग रूम के ताले

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फर्रुखाबाद:मतदान के बाद मतगणना के इंतजार में रखीं ईबीएम आदि की सुरक्षा पर जिलाधिकारी मोनिका रानी की सीधी नजर है| इसके लिए उन्होंने स्ट्रांग रूम के तालों को ईटों से बंद करने के निर्देश दिये गये|
सातनपुर गल्ला मंडी में रखी गयी ईबीएम आदि की सुरक्षा में सीआईएसएफ तैनात है| आलाधिकारी भी अपनी कदम ताल जारी रखे है| सुरक्षा में कोई चुक ना हो इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी मोनिका रानी ने निर्देश दिये की स्ट्रांग रूम के तालों को ईंटो से बंद किया जाये|
इसके साथ ही साथ उन्होंने बंदरों के आतंक कम करने के लिए वन विभाग के तीन कर्मियों की डियूटी लगायी है|डीएम ने यह भी निर्देश दिये कि जिन अधिकारीयों तथा कर्मचारियों के साथ पुलिस की डियूटी लगी है उनकी सूची सीआईएसएफ को उपलब्ध करायी जाये|

डीएम को गेंहू क्रय केंद्र प्रभारी मिले गायब

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Posted on : 01-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद:शासन के निर्देश पर खोले गये गेहूं क्रय केंद्र पर खरीद को लेकर केंद्र प्रभारी कितने गम्भीर है यह डीएम मोनिका रानी ने खुद ही देख लिया| उनके निरीक्षण के दौरान कई केंद्र प्रभारी गायब मिले| जिससे डीएम का पारा चढ़ गया और उन्होंने कार्यवाही के निर्देश दिये|
जिलाधिकारी ने नगर के सातनपुर मंडी में बने आरएफसी,पीसीएफ,एफसीआई एवं कर्मचारी कल्याण निगम के गेंहू खरीद केंद्र चेक किये| जिसमे पीसीएफ व कर्मचारी कल्याण निगम के केंद्र प्रभारी उन्हें गायब मिले|जिस पर डीएम  ने तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिये| आरएफसी गेंहू क्रय केंद्र पर उन्होंने क्रय रजिस्टर की जाँच की| उन्हें केंद्र प्रभारी प्रदीप यादव ने बताया कि की अब तक 32 किसानों से 2239.50 कुंतल गेंहू की खरीद की है| किसानों के खातों में 20 रूपये मजदूर शुल्क काटकर 1840 रूपये प्रति कुंतल के हिसाब से भुगतान किया गया है|डीएम ने सभी केन्द्रों के काँटों का वजन कराकर चेक किया|

अपडेट:खड्ड में पड़ी मिली वृद्धा की लाश,पुलिस ने नही कराया पोस्टमार्टम

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Posted on : 01-05-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(राजेपुर) बीते लगभग एक दिन से लापता वृद्धा की लाश सड़क किनारे खड्ड में पड़ी मिली| उसका चेहरा लहुलुहान था| पुलिस को हत्या का शक है| लेकिन पुलिस ने परिजनों की सहमती से शव का पोस्टमार्टम नही कराया|
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के मोहल्ला गढ़ी अशरफ अली बजरिया निवासी 60 वर्षीय खुर्शीदा पत्नी रशीद बीते लगभग एक दिन से घर से लापता बतायी जा रही थी| उनके परिजनों ने थाना पुलिस को तहरीर भी दी थी| जिसके बाद परिजन उसकी खोजबीन में लगे थे| लेकिन कोई पता नही चला| बुधवार को दोपहर बाद थाना राजेपुर क्षेत्र के इटावा-बरेली हाई-वे पर जमापुर रोड के निकट सड़क किनारे खड्ड में खुर्शीदा की लाश पुलिस को मिली| उसके सिर में खून लगा था| हाथों व घुटनों में भी चोट के निशान थे| सूचना मिलने पर मृतका का पुत्र तालिब आदि मौके पर पंहुचे| परिजनों के अनुसार महिला का मानसिक संतुलन ठीक नही था| फ़िलहाल महिला की हत्या की आशंका जतायी जा रही है|पुलिस को मौके पर एक जोड़ी पुरुष की चप्पल भी मिली|
मौके पर दरोगा दीपक त्रिवेदी,किरण नागर व उदय भान आदि फ़ोर्स के साथ आ गये| उन्होंने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया|लेकिन बाद में परिजनों ने अपने सभी आरोप वापस लेकर पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया| उन्होंने लिखित में पुलिस को तहरीर दी जिसमे कोई कार्यवाही ना करने की बात कही|
प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि मृतका के परिजनों ने कोई कार्यवाही ना करने के लिए लिखकर दे दिया| जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम नही कराया गया|

1 से 8 तक सभी विधालय सुबह 7 बजे खुलेंगे

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फर्रुखाबाद: जनपद में सुबह से ही तेज धूप और लू ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया है| जिसके चलते सुबह विधालय जाने वाले नौनिहालों को भी भीषण गर्मी व लू का सामना करना पड़ रहा था| बीएसए ने गर्मी को देखते हुए विधालयों के समय में बदलाव कर दिया है|
बीते 25 अप्रैल को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष संजय तिवारी ने अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ बीएसए रामसिंह ने भेट कर उनका ध्यान नौनिहालों की तरफ आकर्षित किया था| जिसके बाद बीएसए ने 30 अप्रैल को सभी सरकारी,सहायता प्राप्त,मान्यता प्राप्त विधालयों का समय सुबह 8 से 1 बजे की जगह सुबह 7 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक करने का आदेश जारी कर दिया|

भीषण आग लगने से छह माह की मासूम सहित पांच की मौत

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Posted on : 01-05-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, जिला प्रशासन, सामाजिक

लखनऊ:तकरोही के गीत व‍िहार कालोनी के एक मकान में मंगलवार देर रात आग लग गई। आग लगने से छह माह की मासूम बच्ची सहित घर में मौजूद पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सभी को लोहिया अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण दम घुटना बताया जा रहा है। जिस घर में आग लगी उसमें गैस चूल्हे का गोदाम भी था। जहां रबर की पाइप और गैस लाइटर भी था। रबर के कारण आग तेजी से बढ़ी।
वहीं स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार फोन करने के बावजूद एंबुलेंस, फायर सर्विस और पुलिस को मौके पर पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे लग गए। वह बिना उपकरण के आए थे तो स्थानीय लोगों की मदद से चार को करीब दो घंटे की जेद्दोजेहद के बाद निकालकर लोहिया अस्पताल भेजा गया। जबकि एक युवती का शव घर के बाथरूम में छह घंटे बाद बरामद हो सका। 
घटना मंगलवार रात करीब एक बजे की है। तकरोही के गीत व‍िहार कालोनी में टीआर सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके घर के एसी में रात करीब डेढ़ बजे शार्ट सर्किट से आग लग गई। जिस समय घर की दूसरी मंजिल पर आग लगी उस समय टीआर सिंह के बेटे सुमित सिंह (31), सुमित की पत्नी जूली सिंह (28), उनकी छह माह की बेटी बेबी, सुमित सिंह की बहन वंदना (22) और टीआर सिंह का भांजा डब्ल्यू सिंह (48) घर में थे। आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस, फायर और एंबुलेंस को फोन किया। फायर सर्विस करीब एक घंटे बाद पहुंची। बिजली की आपूर्ति बंद कराकर आग बुझाने का काम शुरू किया गया।
स्थानीय लोगों की मदद से सुबह चार बजे सुमित सिंह, जूली सिंह, बेबी और डब्ल्यू सिंह को बाहर निकाला गया। उनको तुरंत लोहिया अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। वहीं घर में पीछे से जेसीबी की मदद से बड़ा छेद करके दमकलकर्मी भीतर घुसे। छह घंटे बाद घर के बाथरूम से वंदना का शव भी बरामद किया गया। 
दम घुटने से हुई मौत 
रात को 12:30 से एक बजे के बीच दो बार क्षेत्र की बिजली गई। इसके बाद शार्ट सर्किट से घर में आग लग गई। बताया जाता है कि जिस समय आग लगी उस समय परिवार बालकनी में था। उनकी मौत जलकर नहीं बल्कि आग के बाद निकले धुएं के कारण दम घुटने की बात डॉक्टरों ने बतायी। 
दो साल पहले आया था परिवार
टीआर सिंह के बेटे सुमित सिंह की शादी दो साल पहले ही हुई थी। पूरा परिवार प्रतापगढ़ में रहता था। लखनऊ में इंदिरानगर में उनकी गैस चूल्हा और उपकरण की दुकान है। जबकि घर के भूतल पर इसका पूरा गोदाम है। सुमित शादी के बाद पूरे परिवार सहित लखनऊ आ गए थे। 
टार्च तक नहीं 
स्थानीय युवक अनुज सिंह ने बताया कि अग्निशमन वालों के पास टार्च जैसे उपकरण नहीं थे। किसी तरह इंतजाम किया तो वह भीतर जाने को तैयार नहीं थे। पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही। स्थानीय युवक चादर ओढ़कर भीतर घुसे थे। तब जाकर चार लोगों को दो घंटे बाद ढूंढकर बाहर निकाला जा सका। 
उठाने के लिए करते रहे मोबाइल फोन
टीआर सिंह के घर के सामने रहने वाले मायाराम यादव रात डेढ़ बजे पानी पीने के लिए उठे थे। उन्होंने आग की लपटें उठती हुई देखी। तुरंत बेटे मनीष और पत्नी को जगाया। सुमित को बाहर से बहुत आवाज लगायी। उनका मोबाइल फोन कई बार लगाया। लेकिन फोन नहीं उठा। बाहर से पत्थर घर पर बरसाए गए। तब भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
इन युवकों ने लगायी जान की बाजी
क्षेत्र के युवक रिषभ सिंह राठौर और अनुज सिंह ने जान की परवाह किए बिना सुमित और उनके परिवार को बचाने का बहुत प्रयास किया। उनके साथ मायाराम यादव और क्षेत्र के अन्य लोग भी प्रयास करते रहे। 
बिजली ने पहुंचायी बाधा
हादसे के बाद क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई। इस कारण लोगों के घरों में लगे सबमर्सिबल पम्प भी नहीं चल सके। ऐसे में फायर सर्विस के आने का वह इंतजार करते रहे। एक गाड़ी आयी ही थी कि कुछ देर में उसका पानी खत्म हो गया।
तारों का मकडज़ाल
जिस कालोनी में आग लगी। वहां के पूरे इलाके में लोहे के खंभे आज भी लगे हुए हैं। वहां एबीसी की जगह उनपर तारों का मकडज़ाल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में कुछ लोग बिजली की चोरी भी करते हैं। वह लोग भारी उपकरण इस्तेमाल करते हैं जिससे क्षेत्र के तार ओवरलोड हैं। आए दिन ओवरलोड होने से बिजली कट जाती है। जबकि बारिश के समय घरों में करंट भी उतर आता है।