शेखपुर में 695वां उर्स व मेला रवायती अंदाज में सम्पन्न

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Posted on : 24-02-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, धार्मिक, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(कमालगंज)हजरत शेख मखदूम बुर्राक लंगर जहां रहमतुल्लाह अलैह का 695वां उर्स व मेला रवायती अंदाज में सम्पन्न हुआ|
कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव शेखपुर में हर साल की तरह इस साल हजरत शेख मखदूम बुर्राक लंगर जहां रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स व मेला बड़ी धूमधाम से सम्पन्न हुआ। दूरदराज से आए हजारो लोगो ने दरगाह पर चादरपोशी की व मुरादे मांगी। मेले में तरह-तरह के झूले व चाट व हल्वा पराठा बिकता हुआ नजर आया। जगह-जगह पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। इस दरगाह पर हर साल लाखो की संख्या में हर मजहब और समुदाय के लोग बाबा के मजार के दर्शन करते है जहां का खास तवर्रूक सेव के लड्डू हैं जिन्हें शेखपुर के लड्डूओ के नाम से जाना जाता है।
हजरत शेख मखदूम बुर्राक लंगर जहां रहमतुल्लाह अलैह का 695वां उर्स व मैला रवायती अंदाज में 18 फरवरी (12 जमादिउल आखिर) से शुरू होकर 24 फरवरी (18 जमादिउल आखिर) तक चला। यह उर्स हर साल इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक 12 जमादिउल आखिर से शुरू होकर 18 जमादिउल आखिर तक मनाया जाता है। क्योंकि शेख मखदूम आज से 695 साल पहले अपनी चिल्लागाह भोजपुर में 746 हिजरी सन 1351 में 12 जमादिउल आखिर को बीमार पड़े और 17 जमादिउल आखिर को आपका विसाल हो गया और 18 जमादिउल आखिर को आपको आपकी वसीयत के मुताबिक शेखपुर में सुपुर्दे खाक किया गया। जहां इस वक्त आपकी आलीशान दरगाह है। इस उर्स को छडियों वाला मेला भी कहा जाता है। तारीख बताती है कि हजरत शेख मखदूम ने अपने विसाल से कब्ल वसीयत की थी कि जहां पर एक मिट्टी का लोटा पानी से भरा हुआ मिले और एक रीठे का पेंड़ हो व एक भीगा हुआ कपड़ा मिले उसी जगह पर मुझे दफन करना। वसीयत के मुताबिक जब वह जगह तलाश की तो शेखपुर मे मिली। शेखपुर उस वक्त बांसो का एक घना जंगल था। उस मुकाम को जहां आपको दफन होना था। जब बांस के पेंड़ काटकर साफ किया गया तो उन बांसों से मुरीदीन ने उनकी छडियां बनाई और दौड़ते हुए भोजपुर पहुंचे। भोजपुर में आशिकाने मखदूम हजरत, मखदूम को भोजपुर में ही दफन करना चाहते थे लेकिन दीगर मुरीदीन और आपके बेटे आपको वसीयत के मुताबिक शेखपुर में दफन करना चाहते थे। इसी बात को लेकर दोनो पक्षों में टकराव हो गया और लाठियां खिंच गई। इसी बीच आपका लाशा मुबारक परवाज कर गया और आवाज आई “ले चल पीर” और दोनो पक्ष लाशे मुबारक के पीछे-पीछे दौड़ पड़े। आपका लाशा मुबारक जिन ऊँचे-नीचे, ऊबड-खाबड रास्तो से होकर बघार नाला पार करता हुआ शेखपुर पहुंचा वही कदीमी रास्ता आज भी कायम है। चाहें बघार नाला सूखा हो या दस फिट पानी से भरा हो या पानी उफान मार रहा हो शेख जी का डोला उसी रास्ते से गुजरेगा और छडीवाज उनके पीछे-पीछे होगे। तब से ही ये छडियों की परम्परा आज तक चली आ रही है।
24 फरवरी को खिरका शरीफ (मोहम्मद सल० अलैह वसल्लम का लिवासे पाक) बाद नमाजे जोहर हजारों मुरीदीन छडियों की हिफाजत में शेखपुर दरगाह से भोजपुर ले गए और शाम 4 बजे सज्जादा नशीन हजरत मौलाना अजीजुल हक गालिब मियां की पालकी मुरीदीन की छडियों के साये में नारे तकबीर अल्लाह हु अकबर और ले चल पीर ले चल पीर की सदाओं के बीच दरगाह शेखपुर पहुंची। इस पूरे सफर में मुरीदीन के हौंसलों को तपती हुई धूप और पथरीला रास्ता भी न रोक सका 4 किलोमीटर जाना और 4 किलोमीटर आने का सफर लम्हों में तय हो गया और सज्जादा नशीन भोजपुर से शेखपुर आलमे बेहोश में पहुंचे।
दरगाह पर सज्जादा नशीन को हजरत शेख मखदूम की मजार शरीफ का तवाफ कराया गया और बड़े अदब और एहतराम के साथ आपके जिस्म से खिरका शरीफ उतारा गया और मजार के उत्तरी दरवाजे के सामने बिठाया गया और फिर लतीफ शेखपुर ने दफ बजाकर फारसी भाषा की रूबाई पढ़ी “यके दीदम ए मोहम्मद बांद अज खुदारा लाइलाह इलल्लाह” इस रूबाई को पढ़ने के थोड़ी देर बाद सज्जादा नशीन होश में आए और कुल शरीफ हुआ और सज्जादा नशीन ने अमनो अमान व सलामती और मुल्क की खुशहाली के लिए दुआएं खैर की।
शेख मखदूम का जन्म 577 हिजरी सन 1181 में बगदाद में हुआ था। आपका नाम महमूद इबने बदर है और आपको मखदूम बुर्राक लंगर जहां के खिताबात से नवाजा गया। आपने सन 1260 में मुल्क सीसतान की बादशाहत को ठोकर मार दी और रुहानी दुनिया में निकल पड़े और एक चौथाई दुनिया का भ्रमण करने के बाद अपने पीरो मुर्शिद हजरत शेख रूकनुद्दीन रुकने आलम अबुल फताह मुल्तानी के हुक्म से 746 हिजरी सन 1350 में गंगा नदी के किनारे भोजपुर तशरीफ लाए। दरगाह मखदूमियां शेखपुर में 936 हिजरी में जहीरूद्दीन बाबर 984 हिजरी में जलालुद्दीन अकबर और 1095 हिजरी में औरंगजेब और इनके बाद 1195 हिजरी में नवाब बहादुर मुजफ्फरजंग ने हाजिरी दी और नजरारे पेश किए और 24 सितंबर 1958 में तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट जनाब एल एन आचार्य ने दरगाह को मिलने वाली पेंशन को निरंतर जारी रखा। दरगाह शेखपुर कौमी एकता गंगा जमुनी तहजीव का संगम है तथा सर्वधर्म सम्भाव और सम्प्रदायिक सद्भाव की अनोखी मिसाल है।(कमालगंज से मुईद खान)

दर्जी की दुकान में लगी आग,हजारो का माल जला

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Posted on : 24-02-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद:(नवाबगंज) थाना क्षेत्र के  मुख्य बाजार में दर्जी की दुकान है|बीती रात उसकी दुकान में आग लग गयी|जिससे उसका माल जलकर राख हो गया| सुबह दुकान खोलने पर जानकारी हुई| इसके बाद मौके पर भीड़ एकत्रित हो गयी|
मुख्य बाजार में जय टेलर के नाम से विकास पाठक की दुकान है|बताया जा रहा है कि शार्ट सर्किट से अचानक लग लगने से दुकान में रखी तीन सिलाई मशीन के साथ ही 60 जोड़ी कपड़ा व एनबेटर काउंटर आदि सारा सामान जल कर राख हो गया|सुबह जन दर्जी विकास दुकान खोलने आया तो घटना का पता चला| मौके पर भीड़ लग गयी| पड़ोसी का कहना है की किसी को भनक भी नही लगी आग लग गई है|

झोपड़ी में बंधी चार भैसों को खोल ले गये चोर

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Posted on : 24-02-2019 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(अमृतपुर)थाना क्षेत्र के गांव दौलतियापुर में मध्य रात को चोरों ने चार भैसों को चोरी कर लिया| जिन की कीमत दो लाख रूपये बतायी गयी है|
दौलतियापुर निवासी हरीराम पुत्र महाराम सिंह अपनी झोपड़ी में सो रहा था| चोरों ने झोपड़ी को चारों ओर से घेर लिया था| हरीराम अकेले होने के कारण कुछ नहीं कर सका| हरीराम ने बताया कि हमारी टॉर्च चोरों ने पहले ही कब्जे में कर ली थी| पास में रखी लाठी-डंडे भी कब्जे में कर लिए थे| टॉर्च में 2020 रुपए रखे थे वह भी चोर लेकर चले गए| प्रभारी थानाध्यक्ष तहसीलदार वर्मा से ने बताया कि जांच की जा रही है| जांच में कार्यवाही की जायेगी|

अबैध बालू खनन पर नही लग पा रही लगाम

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Posted on : 24-02-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, POLICE, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: ठेका ना होने के बाद भी अबैध रूप से बुग्गी से बालू खनन होने पर जिला प्रशासन लगाम नही लगा पा रहा जिससे सैकड़ो बुग्गी बालू गंगा की गोद से अबैध रूप से खोदकर राजस्व को लाखों की चपत लगायी जा रही है|
दरअसल यह बात तब सामने आयी जब प्रो० आरसी कम्पनी के सुबोध शुक्ला ने जिलाधिकारी को  शिकायत कर कहा है कि ग्राम भाऊपुर चौरासी तहसील अमृतपुर में ई-टेंडरिंग द्वारा बालू का ठेका प्राप्त किया था| जिसमे लगभग 72 हजार घन मीटर बालू एक वर्ष में बेचनी है| लेकिन आठ महीने में मात्र 18 हजार धन मीटर बालू बेच पायी है| जिसका कारण अबैध खनन है|सुबोध का कहना है कि लगभग चार महीने में 54 हजार घन मीटर बालू की बिक्री करनी है|
सुबोध का आरोप है कि फतेहगढ़-फर्रुखाबाद में सुबह-सुबह सैकड़ो की संख्या में अवैध बालू भरी बुग्गी पूर्ति कर रही है|ठेकेदार का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी कार्यवाही नही हो रही|

विधालय की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में नौनिहालों ने दिखाया दम

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Posted on : 24-02-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद: नगर के आवास विकास स्थित ज्ञानफोर्ट विधालय की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता धूमधाम के साथ सम्पन्न हुई| जिसमे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया| खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारम्भ आरआरसी फतेहगढ़ के ट्रेनिग बटालियन कमांडर कर्नल नवीन शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया|इसके साथ प्रधानाचार्य शीतला शर्मा ने गोल्ड फिश प्राइमरी फतेहगढ़ के द्वारा गुब्बारे छोड़कर किया गया| बच्चों ने विभिन्य दौड़ प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया गया| इसके साथ डांस आदि भी पेश किये गये| मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद भी बेहद जरूरी है| कार्यक्रम का संचालन शिक्षक शकील के द्वारा किया गया| विजेता छात्रों को मेजर रणधीर मिश्रा और रविशंकर चौहान प्रवन्धक सरस्वती विधा मन्दिर के द्वारा वितरित किये गये|
विधालय की प्रधानाचार्य जसवीर कौर द्वारा बच्चो को वार्षिक खेल दिवस के अवसर पर ओवर आल विजेता की ट्राफी प्रदान की गयी|  विमल राठौर आदि रहे|