नगर पालिका कर्मियों ने निकाली स्वच्छता रैली

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फर्रुखाबाद:नगर पालिका परिषद द्वारा नगर में रैली निकालकर नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। रैली में पालिका स्टाफ के अलावा एनसीसी के बच्चों ने भी भाग लिया।
गुरुवार से रैली का आरंभ किया गया| पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल के नेतृत्व में एनसीसी के बच्चो ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया| उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता अभियान में अपना योगदान देने की अपील करते हुए कहा कि नगर को साफ-स्वच्छ रखने में सभी सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बिना जन सहयोग के कोई काम नहीं हो सकता। रैली नगर पालिका पालिका से नगर के विभिन्न मोहल्लों एवं मार्गों से होती हुई वापस नगर पालिका पहुंचकर सम्पन्न हुई। रैली में एसडीएम सदर व प्रभारी ईओ नगर पालिका निशांत कुमार के साथ रैली में शामिल बच्चे स्वच्छ फर्रुखाबाद, स्वस्थ फर्रुखाबाद,पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद करो,खुले में शौच बंद करो आदि स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर स्वच्छता संबंधी नारे लगाते हुए चल रहे थे।
एनसीसी के कमंडेंट आफिसर कर्नल वीएस, सूबेदार मेजर भूराराम चौधरी, 4 यूपी गर्ल्स वटालियन आदि रहे|

अयोध्या में मंदिर के अलावा कुछ और बन नहीं सकता: उमा भारती

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Posted on : 27-09-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BJP, धार्मिक, सामाजिक

भोपाल:केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अयोध्या राम मंदिर मामले में सर्वोच्च अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वहां मंदिर के अलावा कुछ और बन नहीं सकता। इस मामले में स्वाभाविक रूप से जो होना है, उस स्थिति को हमने अपनी जान हथेली पर रखकर निर्मित कर दिया है। मंदिर निर्माण का रास्ता खुल गया है, जब तक जिएंगे राम का नाम लेते रहेंगे।
राजधानी में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उमा बोलीं कि आज का दिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है। यह दो आस्थाओं के टकराव का मामला नहीं है। एक सवाल पर उन्होंने दावा किया कि अयोध्या मुसलमानों का धर्म स्थल नहीं है उनका धर्मस्थल तो मक्का-मदीना है। राममंदिर का फैसला जल्द हो, उसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।
एक सवाल पर उनका यह भी सुझाव था कि अब तो यह विवादास्पद जमीन का मामला हो गया, इसलिए कोई बड़ा दिल करके दे नहीं सकता है। ऐसे में देश का मुस्लिम वर्ग आगे बढ़कर यह कह दे कि वहां मंदिर निर्माण करिए तो इससे अच्छा तो कुछ हो नहीं सकता।
देश के विभाजन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने धर्म के नाम पर देश का बंटवारा कर दिया। राम का नाम लेने पर 1993 में कांग्रेस ने भाजपा की सरकारें गिरा दी थीं। धारा 356 का दुरुपयोग किया गया था।
व्यापमं मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर पर उन्होंने कहा कि कोर्ट सबका पक्ष सुनता है किसी को रोक नहीं सकते। महिलाओं के संबंध में कोर्ट के ताजा फैसले पर वह बोलीं कि हर मामले को लेकर कोर्ट जाना ठीक नहीं है। महिलाएं हर मामले में पुरुषों से श्रेष्ठ हैं।

सुप्रीम फैसला:अब पति महिला का ‘स्वामी’ नहीं

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नई दिल्‍ली:अडल्टरी (व्याभिचार) क़ानून पर विवाद नया नहीं है। आजादी के बाद 1954 में पहली बार इस कानून पर सवाल उठाया गया। इसके बाद से कई बार कानून पर सवाल उठते रहे। दरअसल, आजादी के बाद कानून के जानकारों का ये तर्क रहा है कि जब दो वयस्कों की मर्जी से कोई विवाहेतर संबंध स्थापित किए जाते हैं तो इसके परिणाम में महज़ एक पक्ष को ही सज़ा क्यों दी जाए ? हालांकि एक बार फ‍िर सुप्रीम कोर्ट के ताजे फैसले के बाद यह मामला सुर्खियों में है। आइए जानते हैं क्‍या है अडल्ट्री क़ानून। आखिर क़ानूनी भाषा में क्‍या है इसके मायने। क्‍या है सजा का प्रावधान।
1860 में अडल्टरी क़ानून अस्तित्‍व में आया
1860 यानी ब्रिटिश राज में अडल्टरी क़ानून अस्तित्‍व में आया यानी यह 158 साल पूराना कानून है। आइपीसी की धारा 497 के तहत इस कानून को परिभाषित किया गया है। इसके तहत अगर कोई मर्द किसी दूसरी शादीशुदा महिला के साथ उसकी रजामंदी से शारीरिक संबंध बनाता है तो संबंध बनाने वाली महिला के पति की शिकायत पर संबंध बनाने वाले पुरुष को अडल्टरी क़ानून के तहत गुनहगार माना जाएगा। यानी शारीरिक संबंध बनाने वाला मर्द गुनहगार होगा। गुनाह साबित होने पर संबंध बनाने वाले पुरुष को पांच साल की कैद और जुर्माना या फ‍िर दाेनों ही सजा का प्रावधान है। हालांकि, इस अडल्टरी क़ानून में एक पेंच यह है कि अगर कोई शादीशुदा मर्द किसी कुंवारी या विधवा औरत से शारीरिक संबंध बनाता है तो वह अडल्टरी के तहत दोषी नहीं माना जाएगा।
1954 मेें पहली बार अडल्टरी कानून पर उठा सवाल
अडल्टरी कानून पर पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। आजादी के बाद 1954 मेें पहली बार अडल्टरी कानून पर सवाल उठाया गया। इसके बाद वर्ष 1985 और 1988 में भी इस कानून पर सवाल उठे। वहीं 1954 और 2011 में दो बार इस मामले पर फ़ैसला भी सुनाया जा चुका है, जिसमें इस क़ानून को समानता के अधिकार का उल्लंघन करने वाला नहीं माना गया। हालांकि, 2017 में देश की शीर्ष अदालत ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह सवाल किया था कि सिर्फ़ पुरुष को गुनहगार मानने वाला अडल्टरी क़ानून कहीं पुराना तो नहीं हो गया है ? उस वक्‍त ही इस कानून पर शीर्ष अदालत का रुख साफ हो गया था।
संवैधानिक पीठ का ताजे फैसले का निहितार्थ
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा कि ये क़ानून मनमाना है और समानता के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है। महिला की देह पर उसका अपना हक है, पति महिला का स्‍वामी नहीं है। इससे कदापि समझौता नहीं किया जा सकता है। यह उसका अधिकार है और उस पर किसी तरह की शर्तें या प्रतिबंध नहीं थोपा जा सकता है।

– यह भारतीय पितृसत्तात्मक समाज का परिणाम है। यानी यह कानून पितृसत्तात्मक समाज का पोषण करता है। पवित्रता का आशय सिर्फ़ महिलाओं के लिए नहीं है और ये समान रूप से पतियों यानी पुरुषों पर भी लागू होना चाहिए।
– पीठ का कहना है कि जो प्रावधान किसी व्यक्ति के सम्मान और महिलाओं के समानता के अधिकार को प्रभावित करता है, वो संविधान के लिए गैर कानूनी है। इसे उचित या सही नहीं कहा जा सकता है। हां, अडल्टरी तलाक का आधार बना रहेगा

इटली में रहने वाले एनआरआई ने दायर की याचिका
दिसंबर 2017 में इटली में रहने वाले एनआरआई जोसेफ़ शाइन ने उच्‍चतम न्‍यायाल में एक जनहित याचिका दायर की थी। उनकी अपील थी कि आईपीसी की धारा 497 के तहत बने अडल्टरी क़ानून में पुरुष और महिला दोनों को ही बराबर सज़ा दी जानी चाहिए। इस याचिका के जवाब में सरकार ने कोर्ट में कहा है कि अगर इस क़ानून में बदलाव कर पुरुष और महिला दोनों को सज़ा का प्रावधान किया जाता है तो इससे अडल्टरी क़ानून हल्का हो जाएगा और समाज पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। इस याचिका के जवाब में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि ऐसा करने के लिए अडल्टरी क़ानून में बदलाव करने पर क़ानून हल्का हो जाएगा और समाज पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। जानकार मानते हैं कि इस फ़ैसले का असर कई और मामलों पर भी पड़ सकता है।

जलोटा जैसी कहानी: 70 साल के ‘गुरु’ से 20 वर्षीय शिष्या को हो गया प्यार

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Posted on : 27-09-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, POLICE, जिला प्रशासन, सामाजिक

अबोहर:बिग बॉस हाउस में भजन सम्राट 65 वर्षीय अनूप जलोटा और उनकी 28 वर्षीया शिष्या के प्रेम संबंधों की बात उजागर होने के बाद पंजाब में भी एेसे ही ‘प्रेम गुरु’ की कहानी सामने आई है। यहां एक 70 वर्षीय रिटायर्ड प्राध्यापक को अपनी 20 वर्षीय शिष्या से प्यार हो गया। दोनों भागकर रामेश्वरम पहुंच गए। मामले की शिकायत लड़की के परिजनों ने पुलिस से की तो दोनों को यहां लाया गया। परिजनों ने लड़की को समझाया भी, लेकिन वह रिटायर्ड प्राध्यापक के प्यार में अभी पूरी तरह जकड़ी हुई है।
दोनों 5 दिन पहले घर से फरार हो गए थे। रामेश्वरम से यहां लाने के बाद रिटायर्ड प्राध्यापक को अबोहर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है, जबकि उसकी शिष्या भी पुलिस हिरासत में रहेगी। इससे पहले पुलिस ने लड़की के परिजनों के बयानों पर रिटायर्ड प्राध्यापक के खिलाफ धारा 363, 366 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। दोनों को आज जब अदालत में पेश करने के बाद बाहर लाया गया तो पुलिस उन्हें एक ही गाड़ी में ले गई।
अदालत के बाहर लड़की का ताऊ और चचेरा भाई भी बैठा था। लेकिन, लड़की ने उन्हें भी अनदेखा कर दिया। उसके ताऊ ने बताया कि वे अपनी लड़की को समझाने के लिए कल भी थाने गए थे, लेकिन ऐसा लगता है कि रिटायर्ड प्रध्यापक ने पूरी तरह उसे अपने प्रभाव में लिया हुआ है।नई आबादी निवासी बुजुर्ग पूर्व प्रध्यापक को सरकारी नौकरी से रिटायर्ड हुए करीब 12 साल हो गए हैं। उसके बाद वो बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगे। चार साल पहले वह जैन नगरी निवासी लड़की को उसके घर पर ही ट्यूशन पढ़ाने लगे। उस समय लड़की की उम्र करीब 15 साल थी। बताया जाता है कि तब से ही रिटायर्ड प्राध्यापक ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया।
रिटायर्ड प्राध्यापक को उसकी शिष्या के परिजनों ने करीब एक साल पहले सरेआम बाजार में पीटा भी था। सूत्रों के मुताबिक जब एक दिन वो घर ट्यूशन पढ़ाने आया तो लड़की के परिजनों को उस पर शक हो गया। इसके बाद उसे बाजार में घेरकर न सिर्फ पीटा, बल्कि एक टांग भी तोड़ दी थी। बाबजूद इसके दोनों में प्रेम संबंध लगातार बना रहा। जैसे ही छात्रा बालिग हुई वह उसके साथ फरार हो गई।

गरीबों को राशन दिलाने में बेअसर मंत्री का पत्र!

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Posted on : 27-09-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(अमृतपुर) योगी सरकार में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के पत्र लिखने के बाद भी अभी तक पीड़ित को न्याय नही मिल सका है| जिससे फरियादी आहत है|
विकास खंड के ग्राम हुसैनपुर राजपुर के ग्रामीणों ने मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से भेट कर शिकायत की थी| ग्रामीणों ने शिकायत में कहा कि उचित दर विक्रेता सोनपाल दबंग किस्म का है वह दारू पीता है जो लाभार्थी उनके यहां राशन लेने जाता है उन लोगों को वह नशे में गाली-गलौज करता है और भगा देता है| जिस पर मंत्री ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा की ग्रामीणों को राहत दी जाये| पत्र लेकर भाजपा संगठन सदस्य राजपुर हुसैनपुर के आदेश कुमार ने डीएम मोनिका रानी से मिलकर इस संबंध में जानकारी दी| डीएम मोनिका रानी ने 3 दिन का समय कार्यवाही कराने के लिये माँगा| लेकिन पांच दिन का समय गुजर जाने के बाद मंत्री का पत्र गरीबों को राशन दिलाने में कारगर साबित नही हुआ|
एसडीएम रमेश चन्द्र यादव ने बताया की प्रकरण उनके संज्ञान में है| पूर्ति निरीक्षक ने अभी रिपोर्ट नही भेजी है| रिपोर्ट आने पर कार्यवाही की जायेगी |

भैस के गोबर से एससी/एसटी के मुकदमे तक

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Posted on : 27-09-2018 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(कंपिल) मबेशी लेकर सड़क से निकल रहा युवक तब एसटी/एसटी की चपेट में आ गया जब उसकी भैस ने एक घर के दरवाजे पर गोबर कर दिया| मकान मालिक ने ग्रामीण से गोबर उठाने को कहा तो विवाद बढ़ गया| जिसके बाद लाठी-डंडे भी चल गयी| मारपीट में दलित महिला जख्मी हो गयी| पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मारपीट इ साथ ही एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है| सीओ ने मामले की जाँच शुरू कर दी है ।
थाना क्षेत्र के गाँव मेदपुर निवासी शिवम पाल पुत्र नन्दराम अपने ताऊ बाबूशरण के साथ मबेशी लेकर जा रहे थे| उसी दौरान भैस ने लालू खटिक के मकान के सामने गोबर कर दिया| उस समय लालू दरवाजे पर ही बैठा था| लालू ने मबेशी ले जा रहे शिवम से गोबर को साफ करने के लिए कहा इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया| दोनों में गाली गलौज कर मारपीट लाठी डंडे चलने लगे मारपीट होती देख लालू की माँ पुष्पा देवी पत्नी शिवपाल बचाने आ गयी तो लाठी लग जाने से पुष्पा घायल हो गई। लालू अपनी घायल माँ को लेकर थाने पहुँचा और तहरीर दी| पहले एक सत्ताधारी नेता समझौता कराने का प्रयास करते रहे लेंकिन उनकी दाल नही गली| जिसके बाद पुलिस ने आरोपी शिवम पाल व उसके ताऊ बाबूशरण के खिलाफ खिलाफ एससी एसटी एक्ट व मारपीट की धाराओं में मुकदमा पंजिकृत कर लिया है।पुलिस ने शिवम की माँ रामबेटी की तहरीर लालू उर्फ सुखेन्द्र खटिक उसके भाई रामू व रवि पुत्रगण शिवपाल के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया है ।
मामले की जाँच करने के लिए गुरुवार को कायमगंज सीओ अखिलेश रॉय मेदपुर पँहुचे| उन्होंने जाँच पड़ताल की| कार्यवाहक थानाध्यक्ष उदयवीर सिंह ने बताया कि जबाबी मुकदमे दर्ज कर लिए गये है| जाँच की जा रही है।

मंहगाई के विरोध में व्यापारियों का मशाल जुलूस

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Posted on : 27-09-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद:जिला उद्योग व्यापार मंडल ने शुक्रवार को मंहगाई के विरोध में बाजार बंद करने की घोषणा की है| इससे पूर्व व्यापारियों ने गुरुवार को शाम मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया|
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल के आवाहन पर डीजल, पेट्रोल, गैस, जीएसटी व चरम सीमा पर बढ़ रही मंहगाई के विरोध में व्यापार मंडल ने आगामी 28 सितम्बर को बंद की घोषणा की है| गुरुवार की शाम को व्यापारी लाल सराय टंकी से चौक तक मशाल जुलूस लेकर निकले और नारेबाजी की| व्यापारी केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है|
इस दौरान जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, पुन्नी शुक्ला,अजीत जैन, किशन कन्हैया, प्रभात पाण्डेय, विमल गुप्ता,मुकेश चतुर्वेदी, विशाल राठौर, पवन कुमार, बंटी सरदार आदि रहे|

फोन पर बात करने के दौरान सचिव बेहोश

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Posted on : 27-09-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(राजेपुर) विकास खंड कार्यालय में बैठे ग्राम सचिव की हालत फोन पर बात करने के दौरान अचानक बिगड़ गयी| जिससे कार्यालय में भगदड़ मच गयी| बाद में सचिव को परिजन ले गये|
गुरुवार को दोपहर व्लाक कार्यालय में पिथनापुर के पंचायत सचिव जयराम पाल अपना कामकाज निपटा रहे थे| उसी दौरान उनके नम्बर पर किसी का फोन आ गया| सचिव अपने फोन पर बात कर रहे थे तभी अचानक उनकी हालत बिगड़ गयी| अचानक उनको बेहोश होने से कार्यालय में हडकंप मच गया| व्लाक कर्मियों ने उन्हें टेबल पर लिटा दिया| उन्होंने पंखे से हवा की गयी|
एडीओ पंचायत अजीत पाठक ने बताया की रक्तचाप की समस्या हो गयी थी| तत्काल सीएससी राजेपुर से चिकित्सक को बुलवाया| चिकित्सक ने दवा दी| उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया|

भगवान विमलनाथ की यात्रा में उमड़ा जैन समुदाय

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फर्रुखाबाद:(कंपिल)विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भगवान विमलनाथ की शोभा यात्रा निकाली गई ।यात्रा में शामिल जैन भक्तों ने विधि विधान से पूजा अर्चना की ।शोभा यात्रा में दूर दूर से आए जैन समुदाय के लोगों ने भाग लिया शोभायात्रा के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा ।
नगर के मोहल्ला मांझगांव स्थित मंदिर में भगवान विमलनाथ की पूजा अर्चना की गई उसके बाद भगवान विमलनाथ का 108 कलशों के द्वारा अभिषेक किया गया| पं. कमल कुमार जैन के द्वारा शांति विधान पाठ कराया गया। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शाम करीब 4 बजे भगवान विमलनाथ की शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया शोभायात्रा में दूर दराज से आये जैन समुदाय के लोग शामिल हुए। शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्ग से निकाली गयी जिसे देखने के लिए नगर के लोगो की भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान विमल नाथ की दो किलो सोने से बनी मूर्ति को रथ पर विराजमान कर गाजे बाजे के साथ निकाला गया । भगवान विमलनाथ के जयकारे भक्तगण लगा रहे थे ।
शोभायात्रा में डीजे की धुन भक्तिगीतों पर लोग थिरकते नजर आ रहे थे। शोभायात्रा का समापन पट्टी मदारी स्थित दिगम्बर जैन धर्म शाला में हुआ| भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
शोभायात्रा के दौरान दिगम्बर जैन कमेटी के अध्यक्ष व एमएलसी पुष्पराज जैन,पम्मी सतीश चंद्र जैन,मनोज जैन,पवन जैन,सुशील जैन,सुधीर जैन,अनन्त जैन,सुरेश जैन,रतन लाल जैन,आशीष जैन,हनी जैन, रोहित जैन आदि लोग मौजूद रहे।

प्रांतीय साहित्य संगोष्ठी में होगा काव्य रस का प्रवाह

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Posted on : 27-09-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, POLICE, सामाजिक

फर्रुखाबाद:कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती के प्रांतीय साहित्य संगोष्ठी का आयोजन होगा| जिसमे कई जिलों के विद्धान हिस्सा लेंगे|
नगर के जोगराज मोहल्ला स्थित एप्टेक कम्प्यूटर सेंटर पर आयोजित प्रेस वार्ता में बताया गया कि संगठन के कानपुर प्रान्त द्वारा प्रांतीय साहित्य संगोष्ठी का आयोजन 30 सितम्बर को होगा| कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया जायेगा|पहले सत्र में विचार गोष्ठी का आयोजन होगा| दूसरे सत्र में काव्य रस प्रवाह का कार्यक्रम होगा| जिसमे दीनदयाल शोध केंद्र कानपुर के निदेशक डॉ० श्याम बाबू गुप्ता,.लखनऊ से कानकुब्ज भारती के सम्पादक पदम् कान्त शर्मा आदि के आने की तैयारी है|
काव्य गोष्ठी में आगरा,बरेली आदि से भी विद्धान आयेंगे| इसी कार्यक्रम में संगठन के संस्थापक व संरक्षक बाबा योगेन्द्र का आगमन भी होगा| जिसमे उनके भव्य स्वागत की तैयारी है| संगठन के जनपद इकाई के संरक्षक आचार्य ओम प्रकाश मिश्रा (कंचन) का जन्मोत्सव भी मनाया जायेगा| इस दौरान संयोजिका भारती मिश्रा, सह संयोजक शैलेन्द्र दुबे, प्रांतीय महामंत्री सुरेन्द्र पाण्डेय, कार्याकारी अध्यक्ष संजय गर्ग, सचिव आकांक्षा सक्सेना, गौरव पाण्डेय,आदेश अवस्थी आदि रहे|