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एक महिला,2 मर्द:15 दिन इसके और 15 दिन उसके साथ रहने का फरमानएक महिला,2 मर्द:15 दिन इसके और 15 दिन उसके साथ रहने का फरमान बरेली:शादी के चौथे साल में शौहर लईक ने मुझे तलाक दे दिया। बेटे के साथ दो साल तक मैं भटकती रही। फिर बरेली में दूसरी शादी कर नई जिंदगी शुरू की। पिछले साल पूर्व शौहर बेटा छीन ले गया। समझौते का प्रयास किया तो पंचों ने अजीब शर्त रखी। बोले, 15-15 दिन दोनों शौहरों के साथ रह लो। यह बताते...

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सांसद की दहलीज पर एक दिवसीय उपवास करेगी अटेवासांसद की दहलीज पर एक दिवसीय उपवास करेगी अटेवा फर्रुखाबाद:पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सांसद के घर पर एक दिवसीय उपवास करने का फैसला किया गया है| संगठन ने इस सम्बन्ध सांसद को पत्र देकर अवगत करा दिया है| अटेवा पेंशन बचाओ मंच के अध्यक्ष नरेंद्र जाटव के नेतृत्व में तकरीबन दो दर्जन पदाधिकारी ठंडी सड़क स्थित बीजेपी सांसद...

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एसपी ने आधी रात को होटलों पर तलाशे संदिग्धएसपी ने आधी रात को होटलों पर तलाशे संदिग्ध फर्रुखाबाद:अंशू हत्याकांड के बाद पुलिस देर रात खुलने वाले होटल व ढावों को लेकर सक्रिय हो गयी है| बीती रात एसपी ने खुद आधी रात को खुलने वाले होटल व ढावा चेक किये| साथ ही होटल मालिकों को सख्त हिदायत भी दी| थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के मोहल्ला नवाब नियामत खां पश्चिम निवासी अंशु...

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अस्पताल में लटकी मिली वार्डवॉय की लाश,परिजनों ने कोतवाली घेरीअस्पताल में लटकी मिली वार्डवॉय की लाश,परिजनों ने कोतवाली... फर्रुखाबाद:अस्पताल के भीतर वार्ड वॉय का शव फांसी पर लटका मिला| परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर कर्नलगंज चौकी और कोतवाली फतेहगढ़ में हंगामा किया| जिसके बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर अस्पताल की संचालिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया| शहर कोतवाली के मोहल्ला दीनदयाल बाग़ निवासी...

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अंशू हत्याकांड:चौकी इंचार्ज पर कार्यवाही ना होने से आक्रोशित भीड़ ने बाजार कराया बंदअंशू हत्याकांड:चौकी इंचार्ज पर कार्यवाही ना होने से आक्रोशित... फर्रुखाबाद: अंशु हत्याकांड में लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है| पुलिस ने आरोपी तो गिरफ्तार कर लिये लेकिन दोषी पुलिस कर्मीयो पर कार्यवाही ना होने से आक्रोशित लोगों ने बाजार बंद करा दिया| पुलिस फ़ोर्स मौके पर आ गयी| थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के मोहल्ला नवाब नियामत खां पश्चिम निवासी...

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विधान परिषद के सभापति रमेश यादव के पुत्र की संदिग्ध हालात में मौतविधान परिषद के सभापति रमेश यादव के पुत्र की संदिग्ध हालात... लखनऊ:उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति रमेश यादव के छोटे पुत्र अभिजीत की आज यहां संदिग्ध हालात में मौत हो गई। अभिजीत यादव का शव दारुलशफा विधायक निवास के डी ब्लॉक के कमरा नम्बर 28 में मिला है। पुलिस पड़ताल में लगी है जबकि परिवार के लोग बता रहे हैं कि सीने में अचानक दर्द के...

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रावण कह रहा तुम मुझे यूँ जला ना पाओगे!रावण कह रहा तुम मुझे यूँ जला ना पाओगे! फर्रुखाबाद:श्रीराम लीला द्वारा मंचन चल रहा है| जिसके तहत विजय दशमी को रावण के वध के साथ ही उसका पुतला दहन होना है| पुतला बनाने वालों ने पुतले बनाकर तैयार कर मेला मैदान में लगा भी दिये है| बीते कई दिनों से कानपुर के ठेकेदार के द्वारा बनाये जा रहे रावण, कुम्भकरण व मेघनाथ के विशालकाय...

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जिला जेल में सियाराम का हुआ वनवासजिला जेल में सियाराम का हुआ वनवास फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला)बीते लगभग पांच दिनों से जिला जेल में चल रही राम लीला जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है| आपराधिक मानसिकता के लोगों में अध्यात्म की गंगा बहाने का काम किया जा रहा है| जिसके चलते यह जिला जेल में पहली अनोखी पहल है| जो बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार...

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450 वर्षों के बाद इलाहाबाद को मिला अपना पुराना नाम450 वर्षों के बाद इलाहाबाद को मिला अपना पुराना नाम नई दिल्‍ली:संगम नगरी इलाहाबाद को 450 वर्षों के बाद आखिरकार अपना पुराना नाम वाप‍स मिल गया। कभी मुगल शासक सम्राट अकबर ने इसका नाम बदलकर प्रयागराज से इलाहाबाद (अल्‍लाहबाद) किया था। पुराणों में प्रयागराज का कई जगहों पर जिक्र मिलता है। रामचरित मानस में इलाहाबाद को प्रयागराज...

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सीएमओं ने खड़े होकर जलवा दी लाखों की दवाएंसीएमओं ने खड़े होकर जलवा दी लाखों की दवाएं फर्रुखाबाद:सीएमओ कार्यालय के निकट परिवार नियोजन से सम्बन्धित करोड़ो रूपये की दवा व प्रचार सामिग्री सीएमओं अरुण उपाध्याय की मौजूदगी में आग के हवाले कर दी गयी| इस काम को अंजाम सीएमओ कार्यालय के पूर्व शोध अधिकारी अनिल कटियार निवासी नेकपुर चौरासी ने दिया| अनिल कटियार ने बताया...

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नगर पालिका कर्मियों ने निकाली स्वच्छता रैली

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फर्रुखाबाद:नगर पालिका परिषद द्वारा नगर में रैली निकालकर नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। रैली में पालिका स्टाफ के अलावा एनसीसी के बच्चों ने भी भाग लिया।
गुरुवार से रैली का आरंभ किया गया| पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल के नेतृत्व में एनसीसी के बच्चो ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया| उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता अभियान में अपना योगदान देने की अपील करते हुए कहा कि नगर को साफ-स्वच्छ रखने में सभी सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बिना जन सहयोग के कोई काम नहीं हो सकता। रैली नगर पालिका पालिका से नगर के विभिन्न मोहल्लों एवं मार्गों से होती हुई वापस नगर पालिका पहुंचकर सम्पन्न हुई। रैली में एसडीएम सदर व प्रभारी ईओ नगर पालिका निशांत कुमार के साथ रैली में शामिल बच्चे स्वच्छ फर्रुखाबाद, स्वस्थ फर्रुखाबाद,पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद करो,खुले में शौच बंद करो आदि स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर स्वच्छता संबंधी नारे लगाते हुए चल रहे थे।
एनसीसी के कमंडेंट आफिसर कर्नल वीएस, सूबेदार मेजर भूराराम चौधरी, 4 यूपी गर्ल्स वटालियन आदि रहे|

अयोध्या में मंदिर के अलावा कुछ और बन नहीं सकता: उमा भारती

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Posted on : 27-09-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BJP, धार्मिक, सामाजिक

भोपाल:केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने अयोध्या राम मंदिर मामले में सर्वोच्च अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वहां मंदिर के अलावा कुछ और बन नहीं सकता। इस मामले में स्वाभाविक रूप से जो होना है, उस स्थिति को हमने अपनी जान हथेली पर रखकर निर्मित कर दिया है। मंदिर निर्माण का रास्ता खुल गया है, जब तक जिएंगे राम का नाम लेते रहेंगे।
राजधानी में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उमा बोलीं कि आज का दिन मेरे लिए महत्वपूर्ण है। यह दो आस्थाओं के टकराव का मामला नहीं है। एक सवाल पर उन्होंने दावा किया कि अयोध्या मुसलमानों का धर्म स्थल नहीं है उनका धर्मस्थल तो मक्का-मदीना है। राममंदिर का फैसला जल्द हो, उसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।
एक सवाल पर उनका यह भी सुझाव था कि अब तो यह विवादास्पद जमीन का मामला हो गया, इसलिए कोई बड़ा दिल करके दे नहीं सकता है। ऐसे में देश का मुस्लिम वर्ग आगे बढ़कर यह कह दे कि वहां मंदिर निर्माण करिए तो इससे अच्छा तो कुछ हो नहीं सकता।
देश के विभाजन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने धर्म के नाम पर देश का बंटवारा कर दिया। राम का नाम लेने पर 1993 में कांग्रेस ने भाजपा की सरकारें गिरा दी थीं। धारा 356 का दुरुपयोग किया गया था।
व्यापमं मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर पर उन्होंने कहा कि कोर्ट सबका पक्ष सुनता है किसी को रोक नहीं सकते। महिलाओं के संबंध में कोर्ट के ताजा फैसले पर वह बोलीं कि हर मामले को लेकर कोर्ट जाना ठीक नहीं है। महिलाएं हर मामले में पुरुषों से श्रेष्ठ हैं।

सुप्रीम फैसला:अब पति महिला का ‘स्वामी’ नहीं

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नई दिल्‍ली:अडल्टरी (व्याभिचार) क़ानून पर विवाद नया नहीं है। आजादी के बाद 1954 में पहली बार इस कानून पर सवाल उठाया गया। इसके बाद से कई बार कानून पर सवाल उठते रहे। दरअसल, आजादी के बाद कानून के जानकारों का ये तर्क रहा है कि जब दो वयस्कों की मर्जी से कोई विवाहेतर संबंध स्थापित किए जाते हैं तो इसके परिणाम में महज़ एक पक्ष को ही सज़ा क्यों दी जाए ? हालांकि एक बार फ‍िर सुप्रीम कोर्ट के ताजे फैसले के बाद यह मामला सुर्खियों में है। आइए जानते हैं क्‍या है अडल्ट्री क़ानून। आखिर क़ानूनी भाषा में क्‍या है इसके मायने। क्‍या है सजा का प्रावधान।
1860 में अडल्टरी क़ानून अस्तित्‍व में आया
1860 यानी ब्रिटिश राज में अडल्टरी क़ानून अस्तित्‍व में आया यानी यह 158 साल पूराना कानून है। आइपीसी की धारा 497 के तहत इस कानून को परिभाषित किया गया है। इसके तहत अगर कोई मर्द किसी दूसरी शादीशुदा महिला के साथ उसकी रजामंदी से शारीरिक संबंध बनाता है तो संबंध बनाने वाली महिला के पति की शिकायत पर संबंध बनाने वाले पुरुष को अडल्टरी क़ानून के तहत गुनहगार माना जाएगा। यानी शारीरिक संबंध बनाने वाला मर्द गुनहगार होगा। गुनाह साबित होने पर संबंध बनाने वाले पुरुष को पांच साल की कैद और जुर्माना या फ‍िर दाेनों ही सजा का प्रावधान है। हालांकि, इस अडल्टरी क़ानून में एक पेंच यह है कि अगर कोई शादीशुदा मर्द किसी कुंवारी या विधवा औरत से शारीरिक संबंध बनाता है तो वह अडल्टरी के तहत दोषी नहीं माना जाएगा।
1954 मेें पहली बार अडल्टरी कानून पर उठा सवाल
अडल्टरी कानून पर पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। आजादी के बाद 1954 मेें पहली बार अडल्टरी कानून पर सवाल उठाया गया। इसके बाद वर्ष 1985 और 1988 में भी इस कानून पर सवाल उठे। वहीं 1954 और 2011 में दो बार इस मामले पर फ़ैसला भी सुनाया जा चुका है, जिसमें इस क़ानून को समानता के अधिकार का उल्लंघन करने वाला नहीं माना गया। हालांकि, 2017 में देश की शीर्ष अदालत ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह सवाल किया था कि सिर्फ़ पुरुष को गुनहगार मानने वाला अडल्टरी क़ानून कहीं पुराना तो नहीं हो गया है ? उस वक्‍त ही इस कानून पर शीर्ष अदालत का रुख साफ हो गया था।
संवैधानिक पीठ का ताजे फैसले का निहितार्थ
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा कि ये क़ानून मनमाना है और समानता के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है। महिला की देह पर उसका अपना हक है, पति महिला का स्‍वामी नहीं है। इससे कदापि समझौता नहीं किया जा सकता है। यह उसका अधिकार है और उस पर किसी तरह की शर्तें या प्रतिबंध नहीं थोपा जा सकता है।

– यह भारतीय पितृसत्तात्मक समाज का परिणाम है। यानी यह कानून पितृसत्तात्मक समाज का पोषण करता है। पवित्रता का आशय सिर्फ़ महिलाओं के लिए नहीं है और ये समान रूप से पतियों यानी पुरुषों पर भी लागू होना चाहिए।
– पीठ का कहना है कि जो प्रावधान किसी व्यक्ति के सम्मान और महिलाओं के समानता के अधिकार को प्रभावित करता है, वो संविधान के लिए गैर कानूनी है। इसे उचित या सही नहीं कहा जा सकता है। हां, अडल्टरी तलाक का आधार बना रहेगा

इटली में रहने वाले एनआरआई ने दायर की याचिका
दिसंबर 2017 में इटली में रहने वाले एनआरआई जोसेफ़ शाइन ने उच्‍चतम न्‍यायाल में एक जनहित याचिका दायर की थी। उनकी अपील थी कि आईपीसी की धारा 497 के तहत बने अडल्टरी क़ानून में पुरुष और महिला दोनों को ही बराबर सज़ा दी जानी चाहिए। इस याचिका के जवाब में सरकार ने कोर्ट में कहा है कि अगर इस क़ानून में बदलाव कर पुरुष और महिला दोनों को सज़ा का प्रावधान किया जाता है तो इससे अडल्टरी क़ानून हल्का हो जाएगा और समाज पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। इस याचिका के जवाब में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि ऐसा करने के लिए अडल्टरी क़ानून में बदलाव करने पर क़ानून हल्का हो जाएगा और समाज पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। जानकार मानते हैं कि इस फ़ैसले का असर कई और मामलों पर भी पड़ सकता है।

जलोटा जैसी कहानी: 70 साल के ‘गुरु’ से 20 वर्षीय शिष्या को हो गया प्यार

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Posted on : 27-09-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, POLICE, जिला प्रशासन, सामाजिक

अबोहर:बिग बॉस हाउस में भजन सम्राट 65 वर्षीय अनूप जलोटा और उनकी 28 वर्षीया शिष्या के प्रेम संबंधों की बात उजागर होने के बाद पंजाब में भी एेसे ही ‘प्रेम गुरु’ की कहानी सामने आई है। यहां एक 70 वर्षीय रिटायर्ड प्राध्यापक को अपनी 20 वर्षीय शिष्या से प्यार हो गया। दोनों भागकर रामेश्वरम पहुंच गए। मामले की शिकायत लड़की के परिजनों ने पुलिस से की तो दोनों को यहां लाया गया। परिजनों ने लड़की को समझाया भी, लेकिन वह रिटायर्ड प्राध्यापक के प्यार में अभी पूरी तरह जकड़ी हुई है।
दोनों 5 दिन पहले घर से फरार हो गए थे। रामेश्वरम से यहां लाने के बाद रिटायर्ड प्राध्यापक को अबोहर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है, जबकि उसकी शिष्या भी पुलिस हिरासत में रहेगी। इससे पहले पुलिस ने लड़की के परिजनों के बयानों पर रिटायर्ड प्राध्यापक के खिलाफ धारा 363, 366 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। दोनों को आज जब अदालत में पेश करने के बाद बाहर लाया गया तो पुलिस उन्हें एक ही गाड़ी में ले गई।
अदालत के बाहर लड़की का ताऊ और चचेरा भाई भी बैठा था। लेकिन, लड़की ने उन्हें भी अनदेखा कर दिया। उसके ताऊ ने बताया कि वे अपनी लड़की को समझाने के लिए कल भी थाने गए थे, लेकिन ऐसा लगता है कि रिटायर्ड प्रध्यापक ने पूरी तरह उसे अपने प्रभाव में लिया हुआ है।नई आबादी निवासी बुजुर्ग पूर्व प्रध्यापक को सरकारी नौकरी से रिटायर्ड हुए करीब 12 साल हो गए हैं। उसके बाद वो बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगे। चार साल पहले वह जैन नगरी निवासी लड़की को उसके घर पर ही ट्यूशन पढ़ाने लगे। उस समय लड़की की उम्र करीब 15 साल थी। बताया जाता है कि तब से ही रिटायर्ड प्राध्यापक ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया।
रिटायर्ड प्राध्यापक को उसकी शिष्या के परिजनों ने करीब एक साल पहले सरेआम बाजार में पीटा भी था। सूत्रों के मुताबिक जब एक दिन वो घर ट्यूशन पढ़ाने आया तो लड़की के परिजनों को उस पर शक हो गया। इसके बाद उसे बाजार में घेरकर न सिर्फ पीटा, बल्कि एक टांग भी तोड़ दी थी। बाबजूद इसके दोनों में प्रेम संबंध लगातार बना रहा। जैसे ही छात्रा बालिग हुई वह उसके साथ फरार हो गई।

गरीबों को राशन दिलाने में बेअसर मंत्री का पत्र!

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Posted on : 27-09-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(अमृतपुर) योगी सरकार में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के पत्र लिखने के बाद भी अभी तक पीड़ित को न्याय नही मिल सका है| जिससे फरियादी आहत है|
विकास खंड के ग्राम हुसैनपुर राजपुर के ग्रामीणों ने मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से भेट कर शिकायत की थी| ग्रामीणों ने शिकायत में कहा कि उचित दर विक्रेता सोनपाल दबंग किस्म का है वह दारू पीता है जो लाभार्थी उनके यहां राशन लेने जाता है उन लोगों को वह नशे में गाली-गलौज करता है और भगा देता है| जिस पर मंत्री ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा की ग्रामीणों को राहत दी जाये| पत्र लेकर भाजपा संगठन सदस्य राजपुर हुसैनपुर के आदेश कुमार ने डीएम मोनिका रानी से मिलकर इस संबंध में जानकारी दी| डीएम मोनिका रानी ने 3 दिन का समय कार्यवाही कराने के लिये माँगा| लेकिन पांच दिन का समय गुजर जाने के बाद मंत्री का पत्र गरीबों को राशन दिलाने में कारगर साबित नही हुआ|
एसडीएम रमेश चन्द्र यादव ने बताया की प्रकरण उनके संज्ञान में है| पूर्ति निरीक्षक ने अभी रिपोर्ट नही भेजी है| रिपोर्ट आने पर कार्यवाही की जायेगी |

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