कुठिला झील से खफा विदेशी मेहमानों को मनाने की कबायत!

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JNI NEWS : 15-04-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद:जिले में परिंदों के लिये एक आराम दायक प्रवास मानी जाने वाली कुठिला झील से बीते लगभग चार वर्षो से विदेशी परिंदे कुछ खफा हो गये| कुछ तो शिकार के भय से झील की तरफ आने का मन नही करते तो कुछ गर्मी के दिनों में झील में पानी कम होने से अब प्रवास के लिये कतराते है| ग्रामीणों की माने तो बीते तकरीबन चार वर्षो से कुठिला झील में आने वाले विदेशी पक्षियों की संख्या बेहद कम हो गयी है| इसका एक कारण प्रशासन की झील के प्रति अनदेखी को भी माना जा रहा है| फ़िलहाल प्रशासन ने बीते दिनों एक बार फिर झील को दुरुस्त करने का मन बनाया है लेकिन यह तो देखने वाली बात होगी की अफसर कितनी रूचि लेते है| झील के सुन्दरीकरण को लगभग 40 लाख का वजट भी आ गया है|
कुठिला झील में नेपाल, मंगोलिया और हिमालयन क्षेत्र से सर्दियों में प्रवास करने आते हैं। कुठिला झील अमृतपुर इलाके के नगला हूसा गांव में 16 हेक्टेयर में फैली है। इसमें झील का रकबा 2 किलोमीटर है। फर्रुखाबाद-बदायूं हाईवे के किनारे तहसील भवन से बमुश्किल एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित कुठला झील का नजारा सर्दियों में देखते ही बनता है। बरसात में गंगा व रामगंगा का पानी आने पर झील लबालब हो जाती है। कई हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस झील में विदेशी पक्षी कलरव करते नजर आते हैं, लेकिन गर्मी शुरू होते-होते पानी सूखने लगता है| झील में जलकुम्भी ने काफी बीच में अपना कब्जा कर रखा है|
गर्मी आने पर पानी की कमी से आस-पास के पशु-पक्षी तक पानी के लिए तरसते हैं। कुठला झील के सुंदरीकरण के लिए कभी दिवंगत भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने अपने समय में काफी प्रयास किये| लेकिन उनकी हत्या के बाद झील का सुन्दरीकरण फाइलों के बीच दब गया| 14 जून 2016 को झील में पक्षियों व मछलियों के शिकार की सूचना पर तत्कालीन एसडीएम हबलदार सिंह पंहुचे थे| उन्होंने झील के किनारे कटीले तार लगाने की बात कही थी| लेकिन एसडीएम की घोषणा केबल मीडिया की सुर्खियाँ भर बनकर खत्म हो गयी| बीते वर्ष 2014 में तत्कालीन जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने कुठला झील के सुंदरीकरण के लिए नए सिरे से काम शुरू कराया। मनरेगा के अंतर्गत ग्राम नगला हूसा के पूर्व प्रधान सुरेश कठेरिया ने लगभग ढाई लाख रुपये में खुदाई करायी एक नाला भी बनाया गया जो रामगंगा का पानी झील तक लेकर जाता| लेकिन वह प्रयास भी सफल नही हो सका|
तत्कालीन डीएम अनुराग पटेल के आदेश कर सुन्दरीकरण का काम शुरू कराया| प्रधान प्रबल प्रताप सिंह ने भी लगभग दो लाख रुपये खर्च कर झील की खुदाई कराई। पशु पक्षियों के बैठने के लिए बीच-बीच में मिट्टी के टीले भी बनाए गए, लेकिन पानी की व्यवस्था न होने के कारण झील हर साल गर्मी में सूख जाती है। कुठला झील के आसपास पौधरोपण के लिए भी वन विभाग को आदेश दिये गये| लेंकिन एक बार फिर योजना धरी रह गयी| जनप्रतिनिधि भी इस ओर देखने में कोई रूचि नही लेते| कई बार लाखो रूपये खुदाई और सुन्दरीकरण की भेट चढ़ गया,लेकिन विदेशी मेहमानों को इसका समुचित लाभ अभी तक नही मिल सका| अब विदेशी मेहमानों को मनाने के लिये लगभग 40 लाख रूपये का वजट जारी किया गया है| फ़िलहाल झील के किनारों को ऊँचा करने क काम चल रहा है|
प्रधान नगला हूसा प्रबल प्रताप सिंह ने बताया की अभी झील के किनारे 15 फीट चौड़े और 9 फुट ऊंचे बनेगे| जिन पर सफेद पत्थर भी लगाये जाने है| चारों तरफ पौधारोपण भी होगा| सुन्दर टापू का निर्माण भी जिलाधिकारी के निर्देश पर होना है| झील में लगभग एक महीने तक पम्पिंग सैट से पानी चलाया जायेगा| जिससे पक्षियों को पानी मिल सके|

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