वर्षगांठ पर माँ रसोई में एक हजार ने किया मुफ्त भोजन

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Posted on : 01-01-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: गरीबो को बीते एक वर्ष से केबल 10 रूपये में भरपेट भोजन दे रही माँ रसोई की वर्षगांठ के अवसर पर मुफ्त भोजन का प्रवंध किया गया| जिसमे लगभग 1000 हजार लोगो ने मुफ्त भोजन किया|

पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल व पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने लाल दरवाजे स्थित माँ रसोई में लगभग 6 बजे पंहुचकर पूजा अर्चना की| इसके बाद खुद भोजन अपने हाथो से दिया| रसोई में भोजन करने वालो की भारी भीड़ उमड़ी| लगभग 1 हजार लोगो ने मुफ्त भोजन किया| जिसमे सब्जी,रोटी,चावल व खीर परोसी गयी| मनोज अग्रवाल ने कहा कि माँ रसोई पूरी ममता के साथ भूखे को भोजन कराती है| उसका उद्देश्य है कि कोई भूखा नही सोये |

चेयरमैंन वत्सला अग्रवाल ने कहा कि जो लोग होटल का मंहगा खाना नही खा सकते उन्हें माँ रसोई भोजन देती है| वत्सला अग्रवाल ने कहा की गरीब लोगो को जल्द वस्त्र वितरण भी शुरू होगा| जिसकी तैयारी चल रही है| राजू गुप्ता, अफरोज, मोहम्मद नसीम, अमीर खलीफा, आदेश गुप्ता आदि रहे|

माघ मेला रामनगरिया का भव्य शुभारम्भ

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Posted on : 01-01-2018 | By : JNI-Desk | In : जिला प्रशासन, धार्मिक, सामाजिक

फर्रुखाबाद: एक महीने तक चलने वाले मेला रामनगरिया का वैदिक मंत्रोचारण के साथ शुभारम्भ जिलाधिकारी मोनिका रानी व एसपी मृगेंद्र सिंह, सीडीओ अपूर्वा दुबे ने कर दिया| इस बार गंगा के पुल पर रंगीन झालरों से सजाया गया है|

सोमबार को शाम लगभग 4 बजे जिलाधिकारी व एसपी ने प्रशासनिक गेट का फीता काटकर शुभारम्भ किया| इसके बाद पूजा पांडाल में पंहुचे डीएम-एसपी ने वैदिक मंत्रोचारण के साथ हबन में आहुति दी| जिलाधिकारी के साथ में ही दर्जनों बटुकों ने भी हवन में बैठकर आहुति दी| हबन-पूजन के कार्यक्रम में बाद डीएम-एसपी, सीडीओ व अमृतपुर विधायक कारों से गंगा के घाट पर पंहुचे|

जंहा एक नाव को दुल्हन की तरह सजाया गया था| रंगीन झालर से पूरी नाव किसी नवबधू से कम नही लग रही थी| इस नाव पर डीएम मोनिका रानी, सीडीओ अपूर्वा दुबे, विधायक सुशील शाक्य आदि सबार हुये| उन्होंने गंगा में दीपदान किया| इस दौरान अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ,बीजेपी नेता शैलेन्द्र सिंह राठौर, राघव दत्त मिश्रा, संजय गर्ग, अंजुम दुबे,जमीन अहमद आदि रहे|

कर्मचारी के माला डालने पर भडके साधू
जिस समय डीएम-एसपी हबन कर रहे थे| उस समय साधुओं के गले में एक मेला कर्मी ने माला डाल दी| जिस पर साधू भड़क गये| बाद में एसडीएम अजीत सिंह ने साधूओं को शांत किया|
बीजेपी नेता रहे नदारद
मेले के शुभारम्भ के समय हर वर्ष जिसकी सरकार होती है उसी के जनप्रतिनिधि व नेता अधिक संख्या में नजर आते है| इस बाद केबल अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य के साथ ही साथ शैलेन्द्र राठौर ही मुख्य रूप से नजर आये| अन्य जिला कमेटी के पदाधिकारी नजर नही आये| जो चर्चा का विषय रहा|

इक्कसवी सदी आज बालिग़ हो गयी….

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Posted on : 01-01-2018 | By : पंकज दीक्षित | In : EDITORIALS, FARRUKHABAD NEWS

इक्कसवी सदी के लिए आज 1 जनवरी 2018 का दिन महत्वपूर्ण हो चला है| खुशियां मनाने का दिन तो उसी का है| मन में जवान होने की उमंग और अभिलाषा में एक एक कर 17 साल कब गुजर गए पता ही नहीं चला| अब जब सदी जवानी की दहलीज छू रही है तो वो सवाल भी पूछेगी| बताओ बीते 17 साल में क्या क्या किया| इक्कसवी सदी का सपना राजीव गाँधी ने पाला था| सदी की शुरुआत में देश की कमान अटल बिहारी बाजपेयी के हाथो में हुआ करती थी और जवान होते होते मनमोहन सिंह की परिवरिश में नरेंद्र मोदी के हाथो में आ चुकी है| कैसे मेरे देश की परवरिश की?

सवालों और जबाबो के बीच देश का युवा भी खड़ा है| स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार की तुलना अपने से ज्यादा तरक्की कर चुके पडोसी चीन से कर रहा है| चीन से हमने किसी चीज में तरक्की की हो या नहीं जनसंख्या वृद्धि में हम उनसे आगे निकलने में कामयाब रहे| देश में कोई काम करना हो चीन की तरफ देखना ही पड़ रहा है| द्वितीय विश्व युद्ध काल के दौरान जो औद्यौगिक क्रांति फ़्रांस, इंग्लैंड, जर्मनी जैसे पश्चिमी देशो में हुई वैसी ही औद्यौगिक क्रांति चीन में हो रही है| चीन का बना सामान छोटे बड़े हर घर की जरुरत पूरी कर रहा है| इस दबदबे को भारतीय युवा को एक चुनौती मान कर चलना होगा| आखिर अब वो जवान हो चला है|

बात सवालों की है तो पहला सवाल ही युवा पूछता है कि सरकार ने 17 सालो में क्या किया? सरकार कहती है कि हमने विकास किया| सड़के बनबा दी| नए साल के पहले दिन घपलो घोटालो जैसी नकरात्मक बात नहीं करना चाहता| सरकार के विकास में बनी सड़को के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी विदेश से आयी| अब तैयार सड़को पर ढुलने वाला अधिकांश सामान भी चीन से बंदरगाहों के रास्ते होता हुआ हमारे घरो तक पहुंचेगा| आज़ादी के बाद स्वदेशीकरण के नाम पर चालू हुई सरकार की देशी कम्पनिया अधिकांश बंद हो चुकी है| इसलिए सरकार के भरोसे कोई काम करना इस सदी की सबसे बड़ी बेबकूफी होगी| युवाओ को जैसे हालात है की दशा में ही अपने लिए सरोकार तलाशना होगा क्योंकि अब वो जवान हो चला है| जोखिम लेने की हिम्मत जुटानी होगी| लोकतंत्र के माने तो अब बदल से गए है| आम जनता से सरोकार मात्र वोट लेना, सरकार बनाना और फिर अगले चुनाव की तयारी में जुट जाना भर रह सा गया है|

ऐसा नहीं कि हमने इक्क्सवी सदी के बचपन में कोई विकास नहीं किया मगर पडोसी का बच्चा दौड़ने लगा और हमारे ने अभी अभी ट्राईसाइकिल छोड़ी है इतना फरक तो हो ही चला है| हम सिर्फ पाकिस्तान से तुलना कर खुश होते रहे और चीन सिल्क रुट से आगे निकल गया| हम अपने घर में सिर्फ 2जी, 3जी और जीजाजी में उलझे रहे और पडोसी के घर में दुनिया भर से रिश्ते आने लगे| क्या शानदार तरक्की की है हमने| देश के किसान के हिस्से में हाइब्रिड बीज आ गया| बेचारा अपना देशी बीज जो हर साल पैदावार से बचा कर बो लेता था उसे भी खो चुका| अन्नदाता किसान “बेचारा” हो गया| हिन्दुस्तान में औद्यौगिक क्षेत्र में अनिश्चितता की स्थिति बानी हुई है| विदेशी सामान भारत के सामान से सस्ता होने के कारण बाजार से गायब हो रहा है| कारखाने बंद हो रहे है| हम बना बनाया सामान बाहर से मगा कर मात्र पैकिंग कर मेक इन इंडिया (मोबाइल और सोलर कम्पनिया) बनने में लग गए| क्या यही इक्कसवी सदी का भारत है? मेरे जवान होने पर यही तोहफा भारत के नेताओ ने मुझे दिया|

कुल मिलाकर दूर दूर तक झाँकने पर एक मात्र बाबा रामदेव ही इस इक्क्सवी सदी में क्रांतिदूत समझ में आते है| स्वदेशी अपनाओ के नारे को साकार करते करते वे स्वामी से योगा करते करते हुए उद्योगपति बन गए| एक पतंजलि ही इक्क्सवी सदी के बचपन में भरपूर जवानी की ओर चल पाया है| कोई सरकारी सहायता नहीं| खुद का हौसला और दूरदृष्टि| फिर सरकारी सहायता जो मिली वो बाबा की जरुरत नहीं प्रदेश की सरकारों की जरुरत थी| बाबा के व्यापार और उद्योग से टैक्स जो मिलना था| आज देश में जवानी की दहलीज पर खड़े युवा के सामने बहुत से रास्ते है| देश में एक बार फिर से औद्यौगिक क्रांति की जरुरत है| जिसे बिना किसी सरकारी सहायता से खड़ा करने का यत्न तलाशना होगा| सरकारों से उम्मीद लगाने में जैसे बचपन गुजरा है वैसे ही जवानी भी ढल जाएगी| देश में सिस्टम कहीं दिख नहीं रहा| कदम कदम बढ़ते हुए खुद के रास्ते के बनाने होंगे| स्वास्थ्य, शिक्षा जो सेवा थे अब चरम पर व्यवसाय है| और जो व्यवसाय होना था उसे पडोसी से पूरा कर लेने की फितरत हमारे कुछ नया सोचने के रास्ते बंद चुका है| जरुरत है उन्ही बंद रास्तो को फिर से खोलने की| भाषण देने से सब कुछ हो जाता तो भारत इक्कसवी सदी के शुरू होते ही जवान हो जाता क्योंकि तब जिन हाथो में भारत था उनसे अच्छा भाषण अभी मोदी नहीं दे पाते है| तो इक्क्सवी सदी के बालिग़ होने पर एक बार फिर से सभी को शुभकामनाये इस उम्मीद के साथ कि अब तुझ पर किसी की बंदिश नहीं है| 18 की हो गयी है तू अब फैसला लेने का हक तेरा है………

मथुरा की जेल से तीन कैदी फरार, तीन अधिकारी निलंबित

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Posted on : 01-01-2018 | By : JNI-Desk | In : JAIL, Politics, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय

मथुरा:मथुरा जिला कारागर की किशोर बैरक से रविवार रात को तीन कैदी फरार हो गए। भागने वाले कैदी कलुआ निवासी किशाेर पुरा, संजय निवासी अछनेरा और राहुल निवासी जलेसर एटा शामिल हैं । बैरक के ऊपर पड़ी टीनशेड को हटाकर तीनों कैदी भाग गए, जबकि उनका चौथी साथी राहुल भाग नहीं सका।

इसकी सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन की चार तो पुलिस प्रशासन की तीन टीम तलाश में जुटी हुई हैं। इस मामले में वॉर्डन अभयराम, विजय ओर सोनवीर के निलंबन की संस्तुति जेल अधीक्षक ने की है।

तीन घरों के ताले तोड़कर हजारो की नकदी सामान चोरी

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Posted on : 01-01-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, सामाजिक

फर्रुखाबाद:(शमसाबाद) बीती रात चोरो ने एक दुकान व दो घरों सहित तीन जगह ताले तोड़कर हजारो की नकदी व समान चोरी आकर लिया| पुलिस ने मौके पर जाकर जाँच पड़ताल की|

थाना क्षेत्र के बेलासराय गजा निवासी जनमयजय मिश्रा पुत्र नत्थूलाल की दुकान घर में ही है| चोरो ने दुकान के ताले तोड्कर 2500 किक नकदी व 10 हजार का सामान चोरी कर लिया| सुबह जानकारी होने पर मौके पर भीड़ लग गयी| वही गाँव के ही अमर सिंह दिल्ली में नौकरी कर रहे है| घर पर ताला पड़ा था| चोरो ने ताला तोड़कर जेबरात व नकदी व सामान चोरी कर लिया| इसके साथ ही सागर पुत्र मिठ्ठू लाल गाजियाबाद में नौकरी कर रहे है| उनके भी घर पर ताला पड़ा था| बीती रात चोरों ने उनके घर का भी ताला तोड़कर सामान आदि चोरी कर लिया| घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पंहुची| पुलिस ने जाँच पड़ताल की|

दो दिनों में सात घरों के टूटे ताले
बीते 29 तारीख की रात थाना क्षेत्र के ग्राम रोशनाबाद निवासी चार घरो में चोरो ने ताले तोड़े थे| जिसमे पुलिस अभी तक कुछ भी नही कर सकी| वही बीते 31 दिसम्बर की रात भी चोरो ने तीन घरों के ताले तोड़ डाले | जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सबाल खड़े हो रहे है|

ट्रेक्टर-बाइक भिडत में आईटीआई के छात्र सहित दो की मौत

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Posted on : 01-01-2018 | By : JNI-Desk | In : ACCIDENT, CRIME, FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद:(शमसाबाद) बाइक से अपने चचेरे भाई के साथ पढने जा रहे आईटीआई के छात्र को ट्रेक्टर ट्राली ने कुचल दिया| जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी| जबकि चचेरा भाई जख्मी हो गया | वही ट्रेक्टर ट्राली पलटने से घायल हुये ग्रामीण ने भी उपचार को जाते हुये दम तोड़ दिया|

कोतवाली कायमगंज के मोहल्ला नई बस्ती निवासी सुधीश कुमार का 22 वर्षीय पुत्र प्रतुल अपने चचेरे भाई 21 वर्षीय हर्ष पुत्र प्रमोद के साथ फर्रुखाबाद बाइक से आ रहे थे| प्रतुल आईटीआई का छात्र था| थाना शमसाबाद क्षेत्र के खुडना के निकट सामने से आये तेज रफ्तार ट्रेक्टर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी| जिससे प्रतुल की मौके पर ही मौत हो गयी|

वही उसका चचेरा भाई हर्ष गम्भीर रूप से जख्मी हो गया| ट्रेक्टर टक्कर मारते हुये खड्ड में जाकर पलट गया| जिससे ट्रेक्टर चालक अखिलेश और ट्राली में बैठे ब्रजेश व अखिलेश जख्मी हो गये| घटना की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पंहुची| हर्ष व ट्रेक्टर पर बैठे बृजेश को सीएचसी कायमगंज भेजा गया| लेकिन बृजेश की हालत जादा खराब होने पर उसे लोहिया अस्पताल भेजा गया| जंहा से उसे सैफई रिफर कर दिया गया| सैफई ले जाते समय उसकी रास्ते में मौत हो गयी|

गुजर गया नव वर्ष पर ग्रीटिंग कार्ड देने का जमाना

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Posted on : 01-01-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक
फर्रुखाबाद : नयी उम्मीदों, नये सपनों और नई उमंगो का नया साल 2018 आ गया हैं। हर किसी को इस साल से बहुत सारी आशाएं हैं। हर कोई यह सोच रहा होगा कि कुछ सवाल जिनके जवाब उन्हें इस साल नहीं मिल पाया उन्हें वो साल 2018 में जरूर खोज लेगें। इसी के साथ ही नव वर्ष की बधाइयों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है।पिछले वर्षों में नव वर्ष पर जहां लोग एक दूसरे को बधाई देने के लिए ग्रीटिंग कार्ड देते थे। जिनमें सुन्दर सी शायरी सजाते थे। वहीं बाजारों में भी ग्रीटिंग कार्डों का करोड़ों रुपये का धंधा हो जाता था। लेकिन गुजर गया वह जमाना, ना बाजारों में ग्रीटिंग कार्डों की दुकानें ही उस तरह की सज रहीं हैं और न ही ग्रीटिंग कार्ड खरीदने का लोगों में जोश। मोबाइल व फेसबुक ने ग्रीटिंग कार्ड का पूरा क्रेज ही छीन लिया।
नव वर्ष की बधाइयां देने के लिए लोग मोबाइल शाप पर रिचार्ज कराने के लिए भीड़ लगी मिली| लोगों का मानना है कि नव वर्ष को मोबाइल सर्वर भी इतने विजी हो जाते हैं कि रिचार्ज तक नहीं हो पाता। जिससे मोबाइल दुकानों पर बीते दिन से ही काफी भीड़ लगी देखी गयी| ग्रीटिंग कार्डो से लेकर बुके की दुकानों तक पर विशेष इंतजाम किये गये थे| नये साल पर लोग अपने करीबियों को नये वर्ष की शुभकामनाएं देने के दौरान लोग कभी ग्रीटिंग कार्ड, तो कभी डायरी का इस्तेमाल करते हैं। इससे इतर अन्य उपहार और बुके दिए जाने की परंपरा भी चल निकली है। इसी क्रम में बाजारों में भी तैयारियां तेज हैं। बाजार में 2 रुपये से लेकर 200 रुपये तक के ग्रीटिंग कार्ड उपलब्ध हैं। विशेष बात यह है कि बाजार में पिता-पुत्र, मां-बेटा, भाई-बहन, भैया-भाभी, जीजा-साली के रिश्तों से संबंधित ग्रीटिंग कार्ड बाजार में उपलब्ध हैं। लेकिन ग्रीटिंग कार्ड लेने वालों में इस बार वह जोश नहीं दिखा जो पहले के वर्षों में देखा जाता था। वहीं डायरियों की धूम भी बाजार में हैं। 40 रुपये प्रति डायरी के हिसाब से लेकर 900 रुपये प्रति डायरी के हिसाब से अलग-अलग विशेषताओं वाली डायरियां बाजार में बिकने के लिए मौजूद हैं।

कुछ इसी तरह फूल और बुके भी नये वर्ष पर एक-दूसरे को दिये जाते हैं। यही वजह है कि बाजार में इसकी तैयारी भी विशेष तौर पर की गई है। गुलाब का एक फूल 10 से 50 रुपये तक में उपलब्ध है। अलग-अलग तरह के बुके भी बाजार में मौजूद हैं। इन बुके की कीमतें इनकी विशेषताओं के आधार पर 80 से 500 रुपये तक है। बुके के कारोबार से जुड़े एक व्यापारी की मानें तो बुके का आर्डर काफी पहले से ही आने शुरू हो गये थे। इसी हिसाब से फूलों का आर्डर किया गया है। उन्होंने बताया कि शहर में ताजे फूलों से बने बुके की मांग ज्यादा है। ऐसे में सुबह से ही बुके बनाने का कार्य शुरू हो जायेगा जो पूरी रात चलेगा।

इंटरनेट पर भी नये साल की धूमबधाई देने के लिए विभिन्न संचार माध्यमों का भी जमकर उपयोग हो रहा है। ट्यूटर, फेसबुक, आरकुट व व्हाट्सअप आदि पर नये साल के बधाई संदेशों की धूम है। इसके अलावा मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिये भी एक दूसरे को बधाई देने का सिलसिला बीते दिनों से ही तेज है|

रेस्टोरेंटों में भी तैयारियां नये साल के मौके पर रेस्टोरेंटों में भी तैयारियां तेज की गई हैं। शहर में प्रतिष्ठित रेस्टोरेंटों में नये साल के मौके पर विशेष प्रकार के व्यंजन बनाए गये है|वहीं रेस्टोरेंटों की निगरानी के लिए पुलिस ने भी अपने जाल बिछाने शुरू कर दिये हैं। पुलिस विभाग भी कुछ ज्यादा ही चौकन्ना लग रहा है। नव वर्ष पर इस बार मजनुओ की खैर नहीं है।

नये साल की ख़ुशी में कोहरे व ठंड का तड़का

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Posted on : 01-01-2018 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

फर्रुखाबाद: भोर की बेला में मौसम में कोहरे का ऐसा तड़का लगा कि ठंड एकदम से रफ्तार में आ गई। बीते रविवार की शाम 5 बजे से ही हल्की धुंध की शुरुआत के बाद देखते ही देखते वातावरण कोहरे से ढक गया। हालत यह हो गई कि वाहन चालकों को लाइट जलाकर आवागमन करना पड़ा। सुबह जब लोग नववर्ष पर रजाई से निकले तो कोहरे के साथ सर्द हवाओं में ठिठुरन का सामना करना पड़ा|

दिसंबर का अंतिम दिन व जनवरी का पहला दिन ही ठंड का सामना करना पड़ा| सोमबार को कोहरे की आमद से ठिठुरन भरी नववर्ष की शुभकामनाये लोगो ने दी|कोहरे व ठंड ऐसे में सबसे ज्यादा असर आवागमन पर पड़ा। कोहरे के दौरान चौपहिया-दोपहिया यानी सभी वाहन लाइट जलाकर निकले। सर्द हवाओं से काफी देर तक कोहरा छाया रहा। दिन में भी लोग ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का सहारा लिए रहे| वैसे देखा जाए तो मौसम का मिजाज पिछले दो-तीन दिनों से कुछ बदला-बदला सा नजर आ रहा था। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही जिससे जानकार लोग मान रहे थे कि अब ठंड रफ्तार पकड़ सकती है। उधर पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानों में भी दिख रहा है।

भाषण ठण्ड व घने कोहरे के चलते सुबह जल्दी उठने वाले लोग भी नौ बजे के पहे रजाई छोडी | सबसे बुरी दशा रोज कमाने वाले गरीब मजदूरों की है जिन्हें इस हाड़ कंपा देने वाली शीत लहर में ठिठुरना पड़ रहा है। विगत एक सप्ताह से ठण्ड का दौर शुरू हुआ जो निरन्तर बढ़ता ही जा रहा है। बीते एक सप्ता हसे तो ठण्ड भीषण शीतलहर में तब्दील हो चुकी है। इस भीषण ठण्ड से बचाव के लिये शहर में अभी कई सार्वजनिक महत्व वाले स्थानों पर अभी तक अलाव की भी व्यवस्था नहीं की गई है। नतीजतन बस स्टैण्ड व जिला अस्पताल जैसी जगहों पर लोग ठिठुरते रहते है। इस शीतलहर का घरेलू कामकाजी महिलाओं की दिनचर्या पर खासा असर पड़ा है, वहीं सरकारी कामकाज भी ठण्ड से प्रभावित हो रहे हैं। बर्फीली हवाओं के तीखे तेवरों का असर मॉर्निंग वॉक के शौकीनों पर भी पड़ा है।