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गणतंत्र की वर्षगांठ का उल्लास,तिरंगे से सजी दुकानेंगणतंत्र की वर्षगांठ का उल्लास,तिरंगे से सजी दुकानें फर्रुखाबाद:गणतंत्र दिवस को लेकर पूरा शहर तिरंगे रंग में रंगा नजर आ रहा है। गणतंत्र दिवस की वर्षगांठ की रौनक शहर में नजर आने लगी है। बड़े व्यवसायियों और ठेली व्यापारियों ने अपनी दुकान तिरंगे, दुपट्टों, मालाओं, पतंगों से रंग दिया है। बाजार में केसरिया, सफेद और हरे रंग से बने...

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जेएनआई विशेष: कुम्भ में बढ़ी फतेहगढ़ सेन्ट्रल जेल के भगवा झोलों की डिमांडजेएनआई विशेष: कुम्भ में बढ़ी फतेहगढ़ सेन्ट्रल जेल के भगवा झोलों... फर्रुखाबाद:(दीपक-शुक्ला)सेन्ट्रल जेल फतेहगढ़ में बनने वाले झोले आदि सामान तो वैसे भी मजबूती के मामले में बेजोड़ माना जाता है| लेकिन आम जनमानस में इसकी खरीददारी को लेकर साधन उपलब्ध नही है| लेकिन इसके बाद भी उसको खरीदने की चाहत लोगों के जगन में रहती है| अब कारोबार कम है लेकिन...

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महिलाओं का प्रतिशत कम देख नोडल अधिकारी खफामहिलाओं का प्रतिशत कम देख नोडल अधिकारी खफा फर्रुखाबाद: अपने निरीक्षण में महिलाओं की संख्या गाँव के पुरूषों से काफी कम देख नोडल अधिकारी खफा हो गये| उन्होंने कहा की सरकार बेटी-बचाओं और बेटी पढाओ पर अपना पूरा जोर दे रही है| लेकिन इस गाँव में पुरुष वर्ग की अपेक्षा महिलाओं का प्रतिशत चिंता का विषय है| उन्होंने अधिकारियों...

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कोटेदारों का खाद्यान्न उठाने से साफ़ इंकारकोटेदारों का खाद्यान्न उठाने से साफ़ इंकार फर्रुखाबाद:अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे जिले के कोटेदारों ने अब राशन उठान ने मना कर आन्दोलन की राह पकड़ ली है| जिसके चलते कोतेदारों ने साफ़ कह दिया की जब तक उनकी मांगो पर विचार नही होगा तब तक वह राशन नही उठायेंगे| नगर के ग्राम चाँदपुर में आयोजित हुई उचितदर विक्रेताओं...

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छुट्टा गोवंश के भरण-पोषण को 78.5 करोड़ की मंजूरीछुट्टा गोवंश के भरण-पोषण को 78.5 करोड़ की मंजूरी लखनऊ:छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए चरागाह की जमीनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए ग्राम सभा की भूमि प्रबंधक समिति किसी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) या कॉरपोरेट घराने से अनुबंध कर सकती है। वहीं पशु आश्रय स्थलों की स्थापना चरागाह की जमीन से हटकर अनारक्षित श्रेणी की भूमि...

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सामूहिक बलात्कार के बाद तीन दरिंदों ने उतारा था गोल्डी को मौत के घाटसामूहिक बलात्कार के बाद तीन दरिंदों ने उतारा था गोल्डी को... फर्रुखाबाद:(अमृतपुर)बीते दिन खेत में दुष्कर्म के बाद हत्या किये जाने की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी| घटना के बाद से एसपी ने क्षेत्र में डेरा जमा लिया था| 24 घंटे के भीतर घटना करने के आरोपियों में से दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया| जबकि एक फरार आरोपी पर ईनाम भी रखा...

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खास खबर:यह शख्स रोज करता परिंदों की मेहमान नवाजीखास खबर:यह शख्स रोज करता परिंदों की मेहमान नवाजी फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला)ऋषि-मुनि, संत-महात्मा सही कह गए हैं कि पशु-पक्षियों को दाना-पानी खिलाने से मनुष्य के ज‍ीवन में आने वाली कई परेशानियों से छुटकारा बड़ी ही आसानी से मिल जाता है। एक ओर ईश्वर की भक्ति के कृपा पात्र बनते हैं वहीं हमें अच्छे स्वास्थ्य के साथ ही पुण्य-लाभ...

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मिक्सी ने मिस कर दिया सिल-बट्टा के मसालों का स्वादमिक्सी ने मिस कर दिया सिल-बट्टा के मसालों का स्वाद फर्रुखाबाद:(दीपक-शुक्ला)पुराने समय में खाना पकाने के लिए मसाले पीसने के लिए ओखली-मूसल और सिल बट्टा का इस्तेमाल किया करते थे। बेशक इन चीजों में मसाला पीसने में मेहनत और समय दोनों खर्च होते थे लेकिन खाने का जो स्वाद आता था, यब बात आपके परिजन अच्छी तरह जानते होंगे। आजकल लोगों...

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माटी के चूल्हों से रामनगरिया में रोजगार तलाश रही इंद्रामाटी के चूल्हों से रामनगरिया में रोजगार तलाश रही इंद्रा फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला)चूल्हे की रोटी का स्वाद जिसने चख रखा हो, उसे मिट्टी की हांडी का बदल अच्छा नहीं लगता। मुझे बैलगाड़ी में बैठाकर गांव ले चलिए, घुटन होती है कारों में महल अच्छा नहीं लगता। यह कुछ लाइनें नाम चीन शायर अशोक साहिल की है| यह वेदना उस धुन की पक्की महिला को देखकर...

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प्रधानी की रंजिश में फायरिंग

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Posted on : 22-08-2017 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, POLICE

फर्रुखाबाद:(कम्पिल) बीते दिनों प्रधानी की रंजिश में हुई गोलीबारी के लगभग 1 सप्ताह के बाद ही दोबारा दोनों पक्ष आमने-सामने आ गये और फायरिंग हो गयी| पुलिस ने जाँच पड़ताल शुरू कर दी है |

प्रधानी की रंजिश में बीते 15 अगस्त के दिन दो पक्ष आमने सामनेआ गये थे। जिसमें ताबड़तोड़ फायरिंग भी हुई थी। पुलिस ने प्रधान सनी ठाकुर व उसके भाई मनी ठाकुर सहित 4 लोगों पर कई धाराओ के मुकद्दमा दर्ज किया था। जिसमे एक पक्ष ने वर्तमान प्रधान सनी ठाकुर पर मारपीट करने और फायरिंग का आरोप लगाया था।मंगलवार को फिर से 1 पक्ष ने आरोप लगाया कि खेत देखकर घर बापस लौट रहे थे उसी समय बर्तमान प्रधान सनी ठाकुर का पिता अजयकुमार उर्फ बबलू मोटरसाइकिल पर अपने 2 अज्ञात साथियो के साथ बैठ कर आया और फायरिंग कर दी। उनका कहना है कि बीते दिनों दर्ज हुये मुकदमे में फैसला करने का दबाब बना रहे है।

थानाध्यक्ष ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि फायरिंग हुई है। जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं में रही हड़ताल

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Posted on : 22-08-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, राष्ट्रीय

फर्रुखाबाद : यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर हड़ताल के चलते मंगलवार को भारतीय स्टेट बैंक, भारतीय स्टेट बैंक(कृषि शाखा), बैंक आफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखाएं बंद रहीं। जिसमे दस लाख बैंक कर्मियों एवं अफसरों से हिस्सा लिया|

बैंक संगठनो ने अपनी 6 सूत्रीय मांगो को लेकर हड़ताल रखी| अचानक बैंक की हड़ताल हो जाने की जानकारी ग्राहकों को नहीं थी। इसलिए ग्राहक बैंक शाखाओं में पहुंचे, लेकिन बैंक बंद देख मायूस हो गए। बैंक बंद मिलने पर भुगतान लेने आए ग्राहक एटीएम की ओर गये, लेकिन एटीएम भी बंद मिले।

नगर के रेलवे रोड स्थित एसबीआई की शाखा के बाहर बैंक कर्मियों ने बैठक कर सम्बोधन किया| उन्होंने कहा कि खराब लोंन बसूली के लिये सरकारों को कड़े कदम उठाने की मांग की |

फ़्लैश बैक- संतोष यादव की मदद न करना भारी पड़ा है सांसद मुकेश राजपूत को

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Posted on : 22-08-2017 | By : पंकज दीक्षित | In : EDITORIALS, FARRUKHABAD NEWS

फर्रुखाबाद: जरा फ़्लैश बैक में चलिए| तारीख 2 नवम्बर 2015 | जिला पंचायत सदस्य का चुनाव| स्थान राजेपुर मतगणना केंद्र| और राजेपुर चतुर्थ क्षेत्र का काउंटिंग हाल| यहाँ सीधा मुकाबला सांसद मुकेश राजपूत के समर्थक संतोष यादव और सुबोध यादव की पत्नी रश्मि यादव के बीच था| राजेपुर में जब कुछ मतपेटिया ही खुलनी बाकी रह गयी थी, लगभग आखिरी राउंड तक की गिनती तक संतोष यादव लम्बे अंतराल से बढ़त बनाये हुए थे फिर भी हारे घोषित किये गए और अपनी आवाज भी बुलंद नहीं कर पाए| तमाम प्रयासों के बाबजूद सांसद मदद को नहीं आये| और सुबोध यादव की पत्नी रश्मि यादव विजयी घोषित हुई और सुबोध यादव को फर्रुखाबाद की राजनीति मे पहला कदम रखने का मौका मिल गया| स्वयं तो वे कायमगंज क्षेत्र से हार ही गए थे| जिला पंचायत अध्यक्षी के दूसरे दौर में सांसद समर्थक प्रत्याशी की हार सांकेतिक रूप से सांसद की ही हार है जिसका बीज 2 नवम्बर 2015 में बोया गया था| आज पौधा बनकर लहराने लगा है| कल किसने देखा, वृक्ष बन कर अपने नीचे की हरियाली को भी सुखा दे|

जरा अतीत में लौटते है| उस समय जब जिला पंचायत सदस्य के चुनाव कई मतगणना चल रही थी| देर रात तक जिला मुख्यालय के एक दर्जन पत्रकार राजेपुर में ही डेरा डाले हुए थे| सांसद ने जिस सदस्य को चुनाव लड़ाया था वो पुकार रहा था| उसे जीत का प्रमाण पत्र न मिलने का अन्देशा हो चला था| तत्कालीन सरकार के अफसर सपा नेताओ की मदद आँख मीच कर रहे थे| लखनऊ से राजनेताओ और सचिवों के फोन जिले अधिकारियो को बार बार निर्देशित कर रहे थे| राजेपुर चतुर्थ क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे संतोष यादव मतगणना के आखिरी दौर तक आगे थे और अचानक मतगणना रुकी और फिर कई घंटे के बाद परिणाम आया कि संतोष यादव चुनाव हार गए| मीडिया और पुलिस कप्तान जो निरंतर मतगणना पर निगाह लगाये थे, वे भी बाजीगरी के आगे हार चुके थे| भाजपा समर्थित प्रत्याशी जिसे मुकेश राजपूत ने ही खड़ा किया था वो संतोष यादव तब विरोध की आवाज बुलंद न कर सका| उसकी मदद के लिये सांसद मुकेश राजपूत को भी कई फोन किये गए मगर वो भी मदद के लिये राजेपुर नहीं पहुचे| और फर्रुखाबाद में वो राजनैतिक बीज अंकुरित हो गया जो आज पौधा बन गया और उसी की मामूली हवा में ही मुकेश की चौसर के सारे पत्ते हवा में बिखर गए| न विधायक काम आये और न समर्थक| राजनीति मे गिरती विश्वसनीयता और धनबल का बढ़ता प्रभाव इसी का नाम है|

जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने वाला निरक्षर है| उसकी कमान निश्चित रूप से वही चलाएगा जिसने उन्हें जीतने के लिये आवश्यक व्यवस्था की है| ऐसा पहली बार नहीं हुआ है| मुकेश राजपूत को इसका बेहतर तजुर्बा है| अपनी पत्नी की अध्यक्षता वही चलाते रहे| इसलिए उन्हें टोकने का नैतिक अधिकार ही नहीं है| फिर दो साल के कार्यकाल के लिये बची जिला पंचायत की कुर्सी मुकेश राजपूत के लिये केवल आर्थिक सौदा था वहीँ सुबोध के लिये राजनैतिक स्थापत्य का पहला खम्भा| कौन नहीं जनता कि जिला पंचायत में पैसा कमाने के लिये ही पैसा लगाते रहे है राजनैतिक लोग| खेल धनबल का था| एक का पहले से ही फसा हुआ था दूसरे को लगाना था| नए खरीददार के लिये ज्यादा पैसा देकर सदस्य खरीदना घाटे का सौदा था लिहाजा सदस्य कम रह गए| इतिहास फिर दोहरा रहा है| सबक लेने की जरुरत है| एक पत्रकार गुरु की सलाह थी कभी कि घर की किसी दीवार पर पंछियों के परांगन के द्वारा पीपल का पौधा अगर उग आये तो उसे वृक्ष बनने से पहले ही उखाड़ देना चाहिए| वर्ना किसी दिन बड़ा होकर वो दीवार ही उखाड़ देगा| देश में मोदी की राजनीति से ये बेहतर समझा जा सकता है| विपक्ष शून्य की ओर भाजपा निरंतर प्रयास करती दिखाई पड़ रही है| मोदी और शाह की जोड़ी कांग्रेस मुक्त भारत की ओर चल पड़ी है| नया उदहारण तमिलनाडु का है| अब शीर्ष से भी भाजपाई सबक न ले सके तो फिर भगवान् ही मालिक………
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मतगणना और मतदान बना रहा रहागीरों का सिरदर्द

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Posted on : 22-08-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, POLICE, Politics, ZILA PANCHAYAT, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद: जिला पंचायत चुनाव के मतदान व मतगणना के दौरान पुलिस ने आम लोगो के लिये रास्ता बंद कर दिया| जिससे शाम लगभग चार बजे तक आम लोगो को निकालने में आने-जाने मे काफी दिक्कत का सामान करना पड़ा|

पुलिस ने डीएन कालेज के निकट तिराहे पर एक चेकपोस्ट व बैरियर बनाया| जंहा से निर्धारित अबधि में मतदाता और अफसरों के निकलने की अनुमति थी| वही दूसरी बैरियर जीजीआईसी गेट पर लगाया जंहा से भी किसी की एंट्री नही की जा रही थी| सुबह स्कूली बच्चो, डिग्री कालेज की छात्राओ, अदालत जाने वाले लोगो को पुलिस ने बैरियर पर ही रोंक दिया| पुलिस की रोक थाम से दर्जनों बच्चे स्कूल जाने से महरूम रह गये|

कई दिव्यांगो को बैरियर से कचेहरी तक पैदल तेज धूप में जाना पड़ा| वही नेताओ को अंदर घुसने को लेकर पुलिस से तकरार भी हुई|

ऐतिहासिक फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया तीन तलाक, आज से गैरकानूनी

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Posted on : 22-08-2017 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, राष्ट्रीय, सामाजिक

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक/तलाक-ए-बिद्दत को रद्द कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के साथ ही आज मंगलवार से तीन तलाक गैरकानूनी हो गया है और इसे तीन बार कहने से निकाह खत्म नहीं होगा। पांच जजों की संविधान पीठ में जस्टिस कुरियन जोसेफ, आरएफ नरीमन, जस्टिस यूयू ललित ने 3-2 के बहुमत से तीन तलाक को बराबरी के अधिकार वाले अनुच्छेद 14, 15 के तहत असंवैधानिक घोषित कर दिया।

तीनों जजों ने कहा कि 1937 के मुस्लिम शरीयत कानून के तहत तलाक को धारा 2 में मान्यता दी गई है और उसकी विधि बताई गई है। चूंकि यह कानून के रूप में था, इसलिए यह संवैधानिक सिद्धांतों की जांच के दायरे में आएगा। संविधान के सिद्धांतों को देखते हुए तीन तलाक स्पष्ट रूप से मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ है। इसलिए इसे सिरे से रद्द किया जाता है। समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार शीर्ष अदालत ने 3-2 के मत से सुनाए गए फैसले में इस तीन तलाक को कुरान के मूल तत्व के खिलाफ बताया। जस्टिस कुरियन ने कहा कि वह तीन तलाक को धर्म का हिस्सा मानने के सीजेआई के मत से सहमत नहीं हैं। यह धर्म का अभिन्न अंग नहीं है। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का तीन तलाक को गैरकानूनी मानने वाला शमीमआरा फैसला सही कानून घोषित करता है और वह उसे बरकरार रखते हैं। जो धर्म में गलत है वह कानून में सही नहीं हो सकता।

चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस एस अब्दुल नजीर जहां तीन तलाक की प्रथा पर छह माह के लिए रोक लगाकर सरकार को इस संबंध में नया कानून लेकर आने के लिए कहने के पक्ष में थे, वहीं जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस आर एफ नरीमन और जस्टिस यूयू ललित ने इस प्रथा को संविधान का उल्लंन करार दिया। बहुमत वाले इस फैसले में कहा गया कि तीन तलाक समेत हर वो प्रथा अस्वीकार्य है। तीन जजों ने यह भी कहा कि तीन तलाक के जरिए तलाक देने की प्रथा स्पष्ट तौर पर स्वेच्छाचारी है। यह संविधान का उल्लंन है और इसे हटाया जाना चाहिए।

सीजेआई जेएस खेहर और अब्दुल नजीर का नजरिया
चीफ जस्टिस जेएस खेहर तथा जस्टिस अब्दल नजीर ने अल्पमत फैसले में तीन तलाक को गलत माना लेकिन इसे रद्द करने से इनकार दिया। जस्टिस खेहर ने कहा कि तीन तलाक धर्म का हिस्सा है। इसलिए यह असंवैधानिक नहीं है। संवैधानिक नहीं होने के कारण कोर्ट इसमें इसमें दखल नहीं दे सकता। यह दखल संसद के जरिये ही दिया जा सकता। वह चाहते हैं कि केंद्र सरकार इसे समाप्त करने के लिए कानून बनाए। उन्होंने तीन तलाक को खत्म करने का कानून बनाने के लिए सरकार को छह माह का समय दिया। सीजेआई ने कहा कि मुस्लिम देशों में भी तीन तलाक खत्म कर दिया गया है ऐसे में हम क्यों पीछे रहें। जस्टिस खेहर ने कहा कि छह माह के दौरान कोई पति पत्नी को तीन तलाक नहीं देगा। उन्होंने सभी राजनैतिक दलों से आह्वान किया कि वे इस कानून को बनाने के लिए एक जुट हों और कानून को संसद में पास करवाएं।

याचिकाकर्ता और पक्ष की दलील
तीन तलाक को खत्म करने के लिए याचिकाएं मुस्लिम महिलाएं शायरा बानो, फराह फैज, आफरीन रहमान, इशरत जहां और गलशन परवीन ने दायर की थीं। मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने इनका विरोध किया था। उसने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट को धर्म के मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। हालांकि बाद में बोर्ड ने कहा था कि वह काजियों को एडवाइजरी जारी करेगा कि वे विवाह करने वालों को सलाह देंगे कि तीन तलाक के जरिये विवाह को समाप्त न करें। केंद्र सरकार ने महिलाओं का पक्ष लिया था और कहा था कि तीन तलाक महिलाओं के खिलाफ अन्याय है और धर्म का मौलिक अंग नहीं है।

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