तो क्या छात्रो के भविष्य पर ग्रहण लगा रहा मदरसा

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फर्रुखाबाद: विकास खंड कमालगंज के ग्राम हिसामपुर में फर्जीबाडे का बड़ा खेल चल्र रहा है| मदरसे की मान्यता लेकर इंग्लिश मीडियम विधालय चलाने वाले संचालक ने दर्जनों छात्रों को टीसी देने तक से इंकार कर दिया| जिससे उन्हें अपनी योग्यता के आधार पर ही पूर्व माध्यमिक विधालय में दाखिला लेना पड़ा| जिससे कई छात्रों को अपनी उम्र के हिसाब से छोटी कक्षाओं में प्रवेश लेना पड़ा|मदरसा दारुल उलूम गरीब नवाज के प्रबन्धक शब्बीर अहमद ने द्वारा जिस तरह से सरकार और शासन की आँखों में धूल झोंककर अंग्रेजी माध्यम से बच्चो के शिक्षा दी उसका सच तब सामने आया जब मासूम बच्चों ने मदरसे से दूसरे विधालय में दाखिला लेने के लिये टीसी मांगी | तो विधालय प्रबन्धक ने टीसी देने से ही इंकार कर दिया| जिससे दर्जनों मासूमों का भविष्य दावा पर लग गया|

मदरसे को अंग्रेजी माध्यम समक्ष कर अभिवावकों ने अपने बच्चो का दाखिला कराया| जिसमे शिवानी पुत्र महेन्द्र सिंह, अर्नुज पुत्र सत्यपाल सिंह, दीक्षा पुत्री सोवरन सिंह, शोभित शर्मा पुत्र दीपक कुमार, ज्योती सिंह पुत्री छविराम सिंह यादव, अंकित पुत्र सूरज पाल, पूजा पुत्री वीरेश सिंह, अभिलाख पुत्र नरसिंह पाल, आदि दर्जनों छात्र छात्राओ को उसके अभिभावको के कहने पर भी टीसी देने से मना कर दिया| जिसके बाद बच्चो के परिजनों ने योग्यता व उम्र के हिसाब से विधालयों में दाखिले करा दिये|

मदरसा संचालक को अंग्रेजी माध्यम से नही मदरसे की टीसी देनी थी| वह अंग्रेजी माध्यम की टीसी दे नही सकते| वही परिजनों को अंग्रेजी माध्यम की चाहिए| इसी तरह मदरसे में दर्जनों मासूमो का भविष्य दांव पर है|लेकिन विभाग सब कुछ जानते हुये भी मौन है|

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