बैंकों की हड़ताल से 25 करोड़ का कारोबार प्रभावित

0

फर्रुखाबाद: यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के बैनर तले जिले की राष्ट्रीयक्रत बैंकों ने हड़ताल रखी। सभी के अधिकारियों व कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन कर केन्द्र सरकार और वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।

शहर के रेलवे रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक के बाहर बैंक के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि केन्द्र सरकार की कार्यशैली बैंक कर्मचारियों के प्रति ठीक नहीं है। स्टेट बैंक यूनियन के नेता मुकेश गुप्ता ने कहा कि केन्द्र की सभी आर्थिक योजनाओं के क्रियान्वयन को सफल बनाने के लिए बैंक कर्मियों ने खून पसीना बहाकर कड़ी मेहनत की और केन्द्र की योजनायें जैसे जीरो बैलेंस से खाते और नोट बंदी की योजना को सफल बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। लेकिन वित्त मंत्रालय द्वारा बैंक कर्मियों को चार दिनों का ओवर टाइम दिया गया। इससे बैंक कर्मी निराश हैं।

मुकेश गुप्ता ने कहा कि उनकी मांगों में मुख्य रूप से नोटबंदी के दौरान 9 नवम्बर से 31 दिसम्बर तक सभी जिलों में बैंक कर्मियों द्वारा किये गये अतिरिक्त कार्य का ओवर टाइम भुगतान किया जाये। उन्हें केन्द्रीय कर्मचारियों की तरह बैंकों में भी अनुकम्पा आधारित भर्ती का प्रावधान हो। सातवें वेतन आयोग की शिफारिश के अनुसार बैंकिंग क्षेत्र में भी ग्रच्युटी भुगतान की सीमा 30 लाख रुपये की जाये। एनपीएफ की तरफ पुरानी पेंशन योजना लागू की जाये। बैंकों में कर्मचारियों की नई भर्ती हो। आदि मांगों को लेकर स्टेट बैंक के बाहर जमकर नारेबाजी की गयी। वहीं अधिकतर बैंक कर्मी हड़ताल की आड़ में छुट्टी मनाते नजर आये।

आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की नेकपुर शाखा के बाहर भी बैंक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।

इस लेख/समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया लिखें-