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कोटे की जाँच में जमकर मारपीट से महिला बेहोश,अफसर मौके से भागेकोटे की जाँच में जमकर मारपीट से महिला बेहोश,अफसर मौके से भागे फर्रुखाबाद:(जहानगंज) कोटे की जाँच करने गये अधिकारियों के सामने कोटेदार के परिजनों ने महिला को जमकर पीट दिया| प्रधान पुत्र के साथ भी मारपीट हुई| मौके पर मौजूद बीडीओ व अन्य अफसर विवाद बढ़ता देख खिसक गये| गाँव में तनाव का माहौल है| दोनों पक्षों ने जबाबी तहरीर दी है | विकास खंड...

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खूनी रंजिश में अधेड़ की गोली मारकर हत्याखूनी रंजिश में अधेड़ की गोली मारकर हत्या फर्रुखाबाद:(मेरापुर) वर्षी पुरानी खूनी रंजिश में ग्रामीण को गोली मारकर मौत के घाट उतारा दिया गया| पुलिस घटना के सम्बन्ध में जाँच पड़ताल कर रही है| वही शव को लोहिया अस्पताल भेज दिया गया| थाना क्षेत्र के ग्राम बरखिरिया निवासी मृतक 50 वर्षीय बलबीर यादव के पिता सुरेन्द्र सिंह...

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एआरटीओ से अभद्रता व सिपाहियों से मारपीट कर कार्यालय में तोड़फोड़एआरटीओ से अभद्रता व सिपाहियों से मारपीट कर कार्यालय में तोड़फोड़ फर्रुखाबाद: भीड़ को बाहर हटाने को लेकर भडके कुछ लोगों ने एआरटीओ से अभद्रता व उसके दो सिपाहियों के साथ जमकर मारपीट कर दी| पुलिस ने मौके पर जाकर जाँच पड़ताल की| वही गम्भीर जख्मी एक सिपाही को लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया है| एआरटीओ संजय झा व उसका सिपाही देवेन्द्र कुमार कैश...

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दिल्ली की सानिया के सिर सजा मिस इंडिया का ताजदिल्ली की सानिया के सिर सजा मिस इंडिया का ताज फर्रुखाबाद: युवा महोत्सव के आयोजन में सुबह से ही सुन्दरियों में रेड कारपेट पर पसीना बहा रही थी| शाम होते होते कही ख़ुशी तो कही हम का माहौल छा गया| दिल्ली की सानिया शेख के सिर मिस इंडिया का ताज सज गया| मिस यूपी का ख़िताब गोरखपुर की साक्षी आर्या के सिर सजा| शहर के रेलवे रोड स्थित...

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एक तरफ वेद मंत्र, दूसरी ओर गूंजी कुरान की आयतेंएक तरफ वेद मंत्र, दूसरी ओर गूंजी कुरान की आयतें फर्रुखाबाद: हिंदू-मुस्लिम भेद-भाव भुला नगर की धरती पर एक साथ एक ही मंच के नीचे 106 जोडेे एक दूसरे के हो गए। एक तरफ गायत्री मंत्र के साथ हिंदू जोड़ो का विवाह हो रहा था तो दूसरी ओर कुरान की आयतों के साथ मुस्लिम जोडे़ एक दूसरे के साथ होने वाले निकाह को कबूल फरमा रहे थे। इश अद्भुत...

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डीएम के स्टेनो को एसपी के पीआरओ ने दी धमकीडीएम के स्टेनो को एसपी के पीआरओ ने दी धमकी फर्रुखाबाद: अपने को कानपुर देहात के एसपी का पीआरओ बताने वाले व्यक्ति ने जिलाधिकारी मोनिका रानी के वैयक्तिक सहायक को घर जाकर जान से मारने की धमकी दी है| घटना के सम्बन्ध में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है| जिलाधिकारी के स्टेनो नीरज कुमार निवासी सिविल लाइन ने पुलिस को दी गयी तहरीर...

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दबंगई में दो पक्षों में खूनी संघर्ष आधा दर्जन जख्मीदबंगई में दो पक्षों में खूनी संघर्ष आधा दर्जन जख्मी फर्रुखाबाद: दबंगई को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट होने से खूनी संघर्ष हो गया| जिसमे महिला सहित दोनों पक्षों से पांच लोग जख्मी हुये| पुलिस ने पांचो का मेडिकल परीक्षण कराया| वही दोनों पक्षों ने पुलिस को जबाबी तहरीर दी है| शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छाबनी निवासी अनीस पुत्र...

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40 मोबाइल टावरों के बिजली विभाग ने काटे कनेक्शन40 मोबाइल टावरों के बिजली विभाग ने काटे कनेक्शन फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला)बिजली बिल जमा ना होने से जिले में लगे लगभग 40 मोबाइल टावरों के बिजली कनेक्शन काट दिये जाने से विभिन्य मोबाइल कम्पनियों के नेटवर्क पर खासा असर पड़ा है| जिससे अक्सर टावर बंद होने से मोबाइल सिग्नल गायब होने की शिकायत आ रही है| जिले में इंडस कम्पनी के मोबाइल...

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इक्कसवी सदी आज बालिग़ हो गयी....इक्कसवी सदी आज बालिग़ हो गयी.... इक्कसवी सदी के लिए आज 1 जनवरी 2018 का दिन महत्वपूर्ण हो चला है| खुशियां मनाने का दिन तो उसी का है| मन में जवान होने की उमंग और अभिलाषा में एक एक कर 17 साल कब गुजर गए पता ही नहीं चला| अब जब सदी जवानी की दहलीज छू रही है तो वो सवाल भी पूछेगी| बताओ बीते 17 साल में क्या क्या किया| इक्कसवी सदी...

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ओपी सिंह यूपी के नए पुलिस महानिदेशक, तीन को संभालेंगे पदओपी सिंह यूपी के नए पुलिस महानिदेशक, तीन को संभालेंगे पद लखनऊ:केंद्र में डीजी सीआइएसएफ के पद पर तैनात उत्तर प्रदेश कैडर के आइपीएस अधिकारी ओमप्रकाश सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस के नए महानिदेशक होंगे। ओपी सिंह आज रिटायर हो रहे सुलखान सिंह की जगह लेंगे। ओपी सिंह के पास डीजीपी पद पर काम करने का लंबा समय है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ...

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व्लाक प्रमुख के चार व जिला पंचायत अध्यक्ष का एक आवेदन

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Posted on : 16-11-2015 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics- Sapaa

spaaफर्रुखाबाद: समाजवादी पार्टी में इस बार सब कुछ पहले से ही तय है| किस पद पर कौन आसीन होगा यह भी जिले से लेकर लखनऊ तक सूचना प्रसारित है| पार्टी ने अपने बैनर तले व्लाक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वालो के आवेदन मांगे थे| दोनों को मिलाकर केबल पांच ही आवेदन पार्टी कार्यालय को प्राप्त हुये है|

कार्यालय को विकास खंड बढ़पुर से व्लाक प्रमुख पद हेतु पूर्व विधायक उर्मिला की पुत्र बधू उर्मिला राजपूत ने अपना आवेदन किया है| कमालगंज से भोजपुर विधायक जमालुद्दीन के पुत्र व्लाक प्रमुख रशीद जमाल सिद्दीकी ने अपना आवेदन जमा किया है| इसके साथ ही साथ नवाबगंज से डॉ० जितेन्द्र यादव की पत्नी डॉ० अनीता रंजन से अपना आवेदन जमा किया है| उनके उनके साथ ही साथ इसी विकास खंड से छात्र सभा के जिला महासचिव उत्कर्ष यादव ने भी अपना आवेदन जमा किया है|

वही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये नवाबगंज द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य ज्ञानदेवी कठेरिया ने अपना आवेदन जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये किया है| उसका इस पद पर अभी केबल एक ही आवेदन सपा के जिला पार्टी कार्यालय को प्राप्त हुआ है|

यूपी में इसलिए साथ नहीं आ सकते मायावती-मुलायम? ये हैं वजहें…

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Posted on : 16-11-2015 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics- Sapaa, Politics-BJP, Politics-BSP

maya-mulayam1नोएडा: क्या उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बीएसपी सुप्रीमो मायावती और एसपी प्रमुख मुलायम सिंह यादव साथ आएंगे? बिहार में महागठबंधन की जीत ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी ऐसे गठजोड़ की चर्चा को हवा देने का काम किया है। बिहार में धुर विरोधी रहे लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार की जोड़ी ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए को शिकस्त दी। इसी के बाद से राजनीतिक हलकों में ऐसी अटकले तेज हो चली हैं कि जब बिहार में लालू-नीतीश साथ आ सकते हैं तो यूपी में भी मायावती-मुलायम साथ क्यों नहीं आ सकते?

उत्तर प्रदेश में दोनों ही पार्टियां पिछड़ों और दलितों का प्रतिनिधित्व करती हैं। यूपी में करीब 21 फीसदी दलित हैं और 17 फीसदी अति पिछड़े हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि विधानसभा चुनाव से पहले अगर ये दोनों राजनीतिक दल एक साथ आते हैं तो विरोधी दलों के लिए चुनाव किसी दुस्वपन से कम नहीं होगा। लेकिन राजनीतिक बयानबाजी से इतर क्या हकीकत में यह गठजोड़ सामने आ सकेगा?
यूपी में इसलिए साथ नहीं आ सकते मायावती-मुलायम? ये हैं वजहें…

क्या यूपी चुनावों में मायावती और मुलायम सिंह यादव साथ आएंगे? बिहार में महागठबंधन की जीत ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी ऐसे गठजोड़ की चर्चा को हवा देने का काम किया है।हमने अध्ययन के बाद कुछ ऐसे बिंदु तैयार किए हैं जिससे अभी तो ऐसी कल्पना साकार होती दिखाई नहीं देती।

1993 की कड़वाहटः बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद 1993 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में जब समाजवादी पार्टी और बीएसपी ने तालमेल किया तो इसे पिछड़ों और दलितों की ऐतिहासिक गोलबंदी का नाम दिया गया। चुनाव के बाद मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने और मायावती उपमुख्यमंत्री। हालांकि उसी दौर में भी मायावती सुपरमुख्यमंत्री की तरह पेश आती रहीं। लेकिन 1995 में कुछ ऐसा हुआ कि मायावती के लिए मुलायम सिंह राजनीतिक और निजी तौर पर दुश्मन नंबर-1 बन गए।

एसपी से खींचतान से खफा मायावती उस समय लखनऊ गेस्ट हाउस में सरकार से समर्थन वापसी का ऐलान करने जा रही थीं। उनके यह ऐलान करते ही एसपी समर्थकों ने गेस्ट हाउस पर हल्ला बोल दिया। मायावती को बंधक बना लिया। उनके साथ काफी अभद्रता की गई। अगर कुछ नेता और पुलिस अधिकारियों ने ऐन वक्त पर उनकी मदद ना की होती तो मायावती के साथ कोई बड़ी घटना हो सकती थी। मायावती 1995 में बीजेपी के साथ चली गईं। उस घटना के बाद से मायावती और मुलायम राजनीतिक दुश्मन बनकर उभरे और यह लड़ाई आज भी जारी है।

राजनीतिक दुश्मनी की चौड़ी खाईः मायावती के दलित और मुलायम सिंह के यादव-मुस्लिम वोट बैंक को अगर जोड़ दिया जाए तो ये सूबे के कुल मतों का 42 प्रतिशत होता है। एक वृहद जनता परिवार बनाने की तैयारी में लगे लालू प्रसाद यादव ने मुलायम सिंह और मायावती से एक साथ आने की अपील की थी। मुलायम ने ऐसा किया भी। मगर पहले बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने मुलायम से हाथ मिलाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। फिर बिहार चुनाव से पहले मुलायम ने इस सपने की धज्जियां उड़ा दीं।

राजनीतिक महत्वाकांक्षाः बिहार चुनाव से पहले मुलायम को मनाने के लिए लालू प्रसाद यादव और शरद यादव ने कई जतन किए लेकिन नेताजी माने नहीं। अब, जो मुलायम अपने समधी लालू की जिद के आगे नहीं झुके क्या वो मायावती के मजबूत कद के आगे नतमस्तक होंगे? राज्य में मायावती का कद भी किसी से छोटा नहीं है। लोकसभा चुनाव में बसपा को भले ही एक भी सीट न मिली हो, लेकिन पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा है। जब भी मायावती कैमरे पर आती हैं, उनका बयान उनके व्यक्तित्व को चित्रित करने वाला होता है। अब दोनों नेता राज्य में बड़े नेता हैं, इन्हें समझौते की मेज पर आने के लिए भी तो कुछ समझौते करने ही होंगे।

मजबूत काडर को कौन समझाएगा?: एसपी हो या बीएसपी , दोनों ही दलों का मजबूत काडर है। ये कार्यकर्ता पार्टी के समर्पित तो हैं ही साथ में, अपनी बात मनवाने के लिए भी किसी हद तक जा सकते हैं। मायावती ने कई मौकों पर एसपी के काडर को गुंडा कहा है। यही नहीं, पूर्व सीएम एसपी में जातिविशेष के प्रभुत्व पर भी कटाक्ष करती रही हैं। एसपी-बीएसपी के कार्यकर्ताओं में जमीनी स्तर में 23 साल की रंजिश साफ दिखाई देती है। क्या वो उसे भुला सकेंगे?

बीजेपी का रोलः यूपी की राजनीति में चर्चा भी सुनाई देती है कि माया-मुलायम गठबंधन टूटने के पीछे कहीं न कहीं बीजेपी का भी हाथ था। इस गठबंधन के टूटने के बाद मायावती ने बीजेपी का ही दामन थामा था। अब जब बीजेपी बिहार की राजनीति हार चुकी है तो उसकी नजरें यूपी पर है। वह किसी भी कीमत पर राज्य के समीकरण अपने पक्ष में करने की कोशिश करेगी। मायावती और मुलायम सीबीआई के रडार पर भी रहे हैं। सवाल है कि साथ आने की कोशिश में क्या उन्हें फिर से इसके चाबुक को झेलना पड़ सकता है। बीजेपी यह कभी यह नहीं चाहेगी कि एसपी-बीएसपी साथ आएं। आखिर बीजेपी इस वक्त केंद्र में है और राज्य में 73 सांसद भी एनडीए से हैं।

व्लाको में अदेय प्रमाण पत्रों पर जमकर हुई अबैध बसूली

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Posted on : 16-11-2015 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, PANCHAYAT ELECTION, POLICE, जिला प्रशासन

risvatफर्रुखाबाद: प्रधान पद के लिये अदेय प्रमाण पत्र लेने के चक्कर में दावेदारो से जमकर व्लाको में अबैध बसूली का खेल चला| जिससे एक एक दावेदार से 200 से 500 रूपये बसूले गये|

व्लाक बढ़पुर में व व्लाक कमालगंज में सोमबार को पर्चा बिक्री के साथ ही साथ अदेय प्रमाण पत्र देने के भी आदेश चुनाव आयोग के थे| जिसके बाद सोमबार को दोनों व्लाको में अदेय प्रमाण पत्रों वितरित किये गये| लेकिन बढ़पुर में नामाकंन पत्र वितरण नही हो सका| जिससे अब वह मंगलवार को वितरित किये जायेगे| वही बढ़पुर व्लाक में कर्मचारी प्रधानपद के दावेदारों के अदेय प्रमाण पत्र जारी करने के नाम से 200 से 500 रुपये तक बसुलते नजर आये| अबैध बसूली होने की सूचना मिलने पर व्लाक पंहुचे मिडिया कर्मियों को देखते हुये बसूली कर रहे कर्मचारी कमरे में ताला डालकर भाग गये| जिस पर भीड़ ने जमकर हंगामा किया| कमालगंज में भी अबैध बसूली किये जाने की खबरे मिली|
कमालगंज में ग्राम पंचायत सदस्य के पर्चे भरने वालो का टोंटा
व्लाक कमालगंज में प्रधान 118 पद है| जिसके लिये पहले दिन 381 लोगो ने पर्चे खरीदे| जबकि ग्राम पंचायत सदस्य के लिये 1454 पद है जिसके लिये केबल 44 लोगो ने ही पर्चे खरीदे|

जिलाधिकारी सतेन्द्र कुमार सिंह ने जेएनआई को बताया कि मामला उनके संज्ञान में है जाँच कर कार्यवाही की जायेगी|

भाजपा के मंडल संयोजक भी घोषित

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Posted on : 16-11-2015 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BJP

bjp-in-maharashtra_20141019_102936_19_10_2014फर्रुखाबाद: भारतीय जनता पार्टी ने जिले के सभी 14 मंडलो के संयोजको के नामो की घोषणा कर दी| यह सभी संगठन चुनाव होने तक ही अपने पद पर रहेगे|
पार्टी ने नगर में नरेन्द्र राठौर, फतेहगढ़ में रामवीर शुक्ला, बढ़पुर रामआसरे राजपूत, छाबनी राजेन्द्र कुशवाह, राजेपुर विशेष कुमार सिंह, नवाबगंज सर्वेन्द्र, नीवकरोरी करन सिंह कुशवाह, कायमगंज बेचेलाल खटिक, शमसाबाद ओमकरण राजपूत, अचरा जगदीश शाक्य, कम्पिल सत्यवर्धन सिंह, कमालगंज प्रदीप कुमार सिंह, जहानगंज हिमांशु कटियार, मोहम्दाबाद जितेन्द्र सिंह राठौर को मंडल संयोजक घोषित किया गया है|
जिलाध्यक्ष की दावेदारी के चक्कर में दो मंडल चुनाव अधिकारी बदले
कमालगंज में मंडल चुनाव अधिकारी बनाये गये रुपेश गुप्ता व जहानगंज में चुनाव अधिकारी बनाये गये प्रदीप सक्सेना चुनाव अधिकारी बनने को तैयार नही हुये| जिसके बाद कमालगंज में भास्कर दत्त द्विवेदी व जहानगंज में संजीव गुप्ता को मंडल चुनाव अधिकारी बनाया गया है|

जेलर की जेब मोंटी,कैदी खा रहे मिट्टी मिली रोटी

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Posted on : 16-11-2015 | By : JNI-Desk | In : CRIME, FARRUKHABAD NEWS, JAIL

jail copykaidiफर्रुखाबाद: सेन्ट्रल जेल में जेबे भर रहे अधिकारियो की मिली भगत के चलते जिस तरह का गेंहू खरीद कर कैदियों के लिये लाया गया वह देखने लायक है| गेंहू में गेंहू कम व मिट्टी की मात्रा अधिक दिखायी दे रही है| जिसे पीस कर उसका आटा तैयार किया जा रहा है| जब उसकी रोटी बनती है तो वह खाने के योग्य ही नही होती| खबर आटे की रोटी खाने को मजबूर जेल के कैदियों में आक्रोश है|

सेन्ट्रल जेल में वर्तमान में लगभग तीन हजार कैदी सजा काट रहा है| जिनकी मजबूरी का फायदा खूब उठाया जा रहा है| खाने में गोलमाल का जेलर से लेकर अन्य अधिकारी मोटी कमाई कर रहे है| लेकिन किसी की क्या मजाल की वह जबान खोल सके| कैदी मुंह खोले तो उसकी जमकर खातिरदारी कर दी जाये और यह कोई कर्मचारी मुंह खोले तो अधिकारी उसे निगल जाये| जिस कारण जेल की बात जेल में ही दब जाती है| जेल में कभी भी मीनू के हिसाब से खाना नही बनता| खाने में हो रहे गोलमाल से अधिकारियो की बल्ले-बल्ले है|
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जेल बंद कैदियों को मिट्टी मिले गेंहू की रोटी खाने को लेकर जेल प्रशासन को चेतावनी जारी कर दी है| कैदियों ने फरमान जारी करते हुये कहा है कि यदि उन्हें इसी तरह की रोटी उपलब्ध कराई जायेगी तो वह इसका विरोध करेगे| जेल के बाहर खेतो में काम करने वाले कैदीयो को पुड़ी का लालच दिया जाता है| जेल में घटिया गेंहू की सप्लाई में कई अधिकारियो के हाथ रंगे है| इसके साथ ही साथ जेल में कैंटीन भी बखूबी संचालित है| जिसे जेल अधिकारी मोटी रकम देकर चला रहे है|

जेलर सुनीत कुमार सिंह चौहान ने बताया कि जेल में गेंहू केबल जेलर के ही नही जिला पूर्ति अधिकारी व एसडीएम सदर की देखरेख में आता है| खबर गेंहू सप्लाई किये जाने की बात गलत है| किसी कैदी को कोई समस्या नही है|

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