Posted on : 25-02-2013 | By :
पंकज दीक्षित | In :
LUCKNOW
लखनऊ : अखिलेश सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में गरीब तबके की बेटियों के लिए ‘पढ़े बेटियां, बढ़ें बेटियां’ नामक जिस योजना की शुरुआत की थी, उसे अगले वित्तीय वर्ष में बंद करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत सूबे में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की हाईस्कूल उत्तीर्ण छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए 30,000 रुपये एकमुश्त दिये जाने की व्यवस्था है। शासन में शीर्ष स्तर पर यह फैसला होने पर अगले वित्तीय वर्ष में योजना के लिए कोई धनराशि नहीं आवंटित नहीं की गई है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बीती 18 अक्टूबर को यह योजना शुरू की थी। फिलहाल इस योजना का लाभ हाईस्कूल उत्तीर्ण करने वाली उन्हीं छात्राओं को देने का फैसला किया गया था जिनके परिवार ग्राम्य विकास विभाग से जारी बीपीएल परिवारों की सूची में शामिल हैं या जिनके पास खाद्य विभाग का बीपीएल अंत्योदय राशन कार्ड है। चालू वित्तीय वर्ष में योजना के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे। इस धनराशि से सूबे की 29,918 छात्राओं को देने का लक्ष्य तय किया गया था। इस लक्ष्य के सापेक्ष अब तक लगभग पांच हजार छात्राओं को योजना का लाभ दिया जा चुका है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2013-14 में भी योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था लेकिन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने अगले साल के लिए योजना को अनुमोदित करने से मना कर दिया।
-मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति का फैसला
-अगले वित्तीय वर्ष में योजना के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं
सूत्रों के मुताबिक, उच्च स्तरीय समिति का तर्क था कि इंटरमीडिएट उत्तीर्ण बालिकाओं को आगे की शिक्षा हासिल करने में आर्थिक मदद के लिए सरकार ‘कन्या विद्या धन’ योजना चला रही है। समिति का मानना है कि कन्या विद्या धन योजना के लागू रहते हाईस्कूल पास लड़कियों को आगे की पढ़ाई के लिए अलग से योजना लागू करने का कोई औचित्य नहीं है। हालांकि सरकार अल्पसंख्यक वर्ग की हाईस्कूल उत्तीर्ण लड़कियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ‘हमारी बेटी, उसका कल’ योजना संचालित कर रही है। इस पर उच्च स्तरीय समिति का तर्क था कि यदि अल्पसंख्यक वर्ग की हाईस्कूल उत्तीर्ण बेटियों के लिए एक योजना चलायी गई है तो यह जरूरी नहीं कि गैर अल्पसंख्यक वर्ग के लिए भी ऐसी कोई योजना संचालित ही की जाए।
फर्रुखाबाद: थाना मोहम्मदाबाद क्षेत्र के ग्राम रोहिला निवासी पीएसी जवान को गोली मारकर घायल कर दिया गया। आनन फानन में पीएसी जवान को इलाज के लिए लोहिया अस्पताल ले जाया गया है।जहां पूछताछ के लिए सीओ मोहम्मदाबाद पहुंचे।
यूपी 45 बटालियन अलीगढ़ में तैनात पीएसी जवान सुदीश यादव पुत्र नरेन्द्र सिंह मोहम्मदाबाद से अपने छोटे भाई अरदीप कुमार के साथ रोहिला अपने गांव मां से मिलने आ रहा था। तभी स्वास्थ्यकेन्द्र के निकट गांव के ही कुछ लोगों ने जानलेवा हमले के इरादे से फायरिंग शुरू कर दी। जिससे एक गोली सुदीश के कूल्हे में जा धंसी। पीएसी जवान वहीं पर लड़खड़ाकर गिर गया। छोटा भाई अरदीप भागने में सफल रहा।
अरदीप के चिल्लाने पर कुछ दूरी पर खड़े पीएसी जवान मौके पर पहुंचे व उसे १०८ इमरजेंसी एम्बुलेंस से लोहिया अस्पताल भिजवाया गया। पीएसी जवान सुदीश कुमार के पिता नरेन्द्र सिंह पुलिस अधीक्षक कार्यालय मैनपुरी में तैनात हैं। मैनपुरी में ही सुदीश की पत्नी विनीता बच्चों के साथ रहती हैं। सुदीश अलीगढ़ में ४५ बटालियन पीएसी में तैनात है। बीते पांच दिन पूर्व वह मैनपुरी अपने बच्चों से मिलने के लिए आया था। जहां सोमवार को वह रोहिला में वह अपनी मां उर्मिलादेवी व भाई अरदीप कुमार से मिलने के लिए आ रहा था। मैनपुरी से बस पकड़कर सुदीश मोहम्मदाबाद पहुंचा। जहां से फोन द्वारा उसने अपने छोटे भाई अरदीप को मोटरसाइकिल से उसे घर तक ले जाने की बात कही। सुदीश के फोन पर अरदीप मोहम्मदाबाद बस अड्डा पहुंचा। सुदीश को बाइक पर पीछे बैठाकर लेकर आ रहा था।
सुदीश के भाई अरदीप ने बताया कि तभी बाइक की रोशनी में सामने खड़े नरेन्द्र सिंह पुत्र धर्मपाल, नागेन्द्र सिंह पुत्र वीरेन्द्र सिंह, जितेन्द्र सिंह पुत्र कुंवर सिंह निवासी रोहिला के अलावा एक अज्ञात व्यक्ति दिखायी दिया। जिसकी जानकारी उसने तुरंत सुदीश को दी व दोनो भाइयों को घटना की भनक सी लग गयी। दोनो बाइक को वहीं छोड़कर पैदल भाग खड़े हुए। जिससे पीछे से उक्त लोगों ने दो फायर किये। जिसमें एक गोली सुदीश के पीछे कूल्हे में लग गयी। सुदीश मौके पर ही गिर गया। समाजवादी एम्बुलेंस से घायल पीएसी जवान सुदीश कुमार यादव को लोहिया अस्पताल भर्ती कराया गया। मामले की जानकारी होने पर क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद योगेश कुमार लोहिया अस्पताल पहुंचे व घायल सुदीश कुमार के भाई अरदीप से मामले के सम्बंध में पूछताछ की। अरदीप ने क्षेत्राधिकारी को जमीनी रंजिश के विषय में बताया है। उसने कहा कि डेढ़ साल पूर्व उसके ताऊ इन्द्रपाल सिंह की हत्या उक्त लोगों के द्वारा ही करायी गयी थी। जिसको लेकर उसकी मां न्यायालय में गवाह हैं। पुलिस ने घटना के सम्बंध में एफआर लगा दी लेकिन कोर्ट में मामला अभी चल रहा है।
इस सम्बंध में क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद योगेश कुमार ने बताया कि मामले के सम्बंध में जांच की जा रही है, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही की जायेगी।
लखनऊ: प्रदेश सरकार ने फिर दोहराया है कि प्रदेश में एक अप्रैल से गुटखा और तंबाकूयुक्त पान मसाले को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इस तारीख से राज्य में इसका निर्माण, भंडारण और बिक्री नहीं हो सकेगी। सरकार ने कहा है कि गुटखा एवं तंबाकूयुक्त पान मसाले के कारण होने वाली खतरनाक बीमारियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थो के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए मोबाइल प्रयोगशाला की व्यवस्था का निर्णय किया है। प्रयोगशाला मौके पर ही खाद्य पदार्थ की जाच कर नागरिकों व खाद्य कारोबारियों को जानकारी देगी। मिलावटी खोये व अन्य मिलावटी खाद्य पदार्थो के भंडारण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रभावी योजना बना कर कार्यवाही की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार जनता और खाद्य कारोबारियों को सुरक्षित व गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिये जागरुकता अभियान चलाया गया है। विभाग ने प्रर्वतन के दौरान संग्रहित खाद्य पदार्थो के नमूनों से छेड़छाड़ को रोकने को नमूने की कोड स्लिप व्यवस्था को अब केंद्रीकृत करने का निर्णय किया है। साथ ही खाद्य कारोबारियों की सुविधा के लिये निवेश मित्र योजना के अंतर्गत उनके लाइसेंसिग एवं रजिस्ट्रेशन को आनलाइन करने की सुविधा के साथ ही ऑफ लाइन करने की अनुमति भी दी गयी है।
Posted on : 25-02-2013 | By :
पंकज दीक्षित | In :
LUCKNOW
लखनऊ. यूपी में सत्ता के गलियारों में इन दिनों एक वाकया काफी चर्चा में है। पता चला है कि जनवरी में पुराने लखनऊ की एक घटना के संबंध में देर रात सीएम अखिलेश यादव ने खुद ही सीधे एसएसपी कैंप कार्यालय में फोन लगा दिया। फोन उठा तो लेकिन यहां सिपाही ने उन्हें मुख्यमंत्री मानने से ही इंकार कर दिया उलटे उन्हें ‘टाइट’ करते हुए फोन पटक दिया। कुछ ही देर बाद एसएसपी साहब ने खुद सिपाही की तरफ से माफी मांगी और किसी तरह मामला रफा-दफा कराया। हालांकि इस वाकये को लेकर तत्कालीन एसएसपी साहब अनभिज्ञता ही जता रहे हैं लेकिन ये वाकया इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार हुआ कुछ यूं कि देर रात एसएसपी दफ्तर में फोन बजता है। सिपाही फोन उठाता है, उधर से आवाज आती है कप्तान साहब से बात कराइए। सिपाही पूछता है आप कौन, कहां से बोल रहे हैं। उधर से जवाब मिलता है मैं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बोल रहा हूं, कप्तान साहब हैं तो बात कराइए। सिपाही कहता है, हांय कौन? इस पर दूसरी तरफ से शख्स फिर बोलता है मैं सीएम अखिलेश बोल रहा हूं कप्तान साहब हैं कि नहीं। अब सिपाही के तेवर कड़े हो जाते हैं, तल्ख आवाज में उत्तर देता है, पिए हो क्या, मुख्यमंत्री होते तो सीधे फोन करते अरे अपने किसी मातहत से फोन कराते। तुम्हारे जैसे पच्चीसों को रोज डील करता हूं। फोन रख। इसके बाद सिपाही ने फोन पटक दिया। फिर उसे लगा कि साहब को बताया जाए, वह फौरन एसएसपी साहब के पास गया और बताने लगा कि साहब एक फोन आया था, उधर से शख्स कह रहा था कि वह सीएम अखिलेश यादव है। बताइए मुख्यमंत्री कहीं ऐसे फोन करते हैं। उनके स्टॉफ पहले फोन करते हैं।
ये सुनना था कि एसएसपी साहब के होश उड़ गए। उन्होंने फौरन पूछा अरे, ये पता किया कि फोन कहां से आया था? ट्रेस कराओ। इसके बाद जांच की गई तो लैंडलाइन नंबर विक्रमादित्य मार्ग स्थित सपा मुखिया के घर का निकला। फौरन एसएसपी साहब ने उस नंबर पर फोन किया। इसके बाद एसएसपी साहब ने सिपाही की गुस्ताखी पर माफी मांगनी शुरू कर दी। आखिरकार मामला रफा-दफा कर दिया गया। जनवरी के इस वाकए के संबंध में अब जब तत्कालीन एसएसपी साहब से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सीएम दफ्तर की तरफ से जो जानकारी मांगी जाती है, वह फौरन उपलब्ध कराई जाती है। लखनऊ में जब वह तैनात थे तो मुख्यमंत्री द्वारा ऐसा कोई फोन तो नहीं आया था।
व़ैसे ये पहला मौका नहीं है जब सीएम अखिलेश को फोन पर इस तरह की स्थिति से जूझना पड़ा है। खुद मुख्यमंत्री ने पिछले साल नवंबर में खुलासा किया कि उनके पर्सनल नंबर पर एक शख्स कई बार फोन कर रहा था और कह रहा था कि आप लैपटॉप कब देंगे, जल्दी दीजिए। इसके कुछ दिनों बाद उसी शख्स ने उन्हें फोन पर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे सार्वजनिक तौर पर बयां नहीं किया जा सकता। यही नहीं उस शख्स ने उन्हें धमकियां भी दीं। मामले में उन्होंने आदेश दिया कि इस शख्स का पता लगाया जाए। उन्होंने कहा कि उस शख्स के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने की हिदायत दी थी लेकिन यह जरूर जानना चाहते थे कि आखिर ये शख्स है कौन? बाद में पता चला कि वो श्रावस्ती या बस्ती का निवासी है और समाजवादी पार्टी से जुड़ा भी हुआ है।
यही नहीं पिछले साल ही सीएम अखिलेश ने जालौन एसपी को फोन मिला दिया तो वह भी उन्हें नहीं पहचान सके और देर रात किए इस फोन के लिए उलटे उन्हें ही डांटने लगे कि सीएम होते तो ओएसडी से फोन कराते, देर रात मजाक कर रहे हो क्या। बाद में ये एसपी साहब सपा के एक नेता की लिखित शिकायत मिलने के बाद कार्यो में गड़बड़ी पाये जाने पर निलंबित कर दिए गए। ये अब तक निलंबित हैं।
शमसाबाद (फर्रुखाबाद): माघ पूर्णिमा के दिन ढाईघाट मेले में हजारों श्रद्धालु गंगा नहाने पहुंचे। लेकिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ने की पूर्व संभावना के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किये गये। जिससे घंटो श्रद्धालुओं को गंगा पुल पर लगे जाम में फंसे रहना पड़ा। श्रद्धालु प्रशासनिक व्यवस्थाओं को कोसते नजर आये।
गंगा तट ढाईघाट पर पीपों के पुल पर निकलने के लिए ठेकेदारों द्वारा वसूली तो जमकर की गयी लेकिन व्यवस्थाओं के नाम पर कोई इंतजाम नहीं किये गये। पुल पर कई जगह रेलिंग टूटी होने से श्रद्धालुओं के गंगा में गिर जाने का भी खतरा मढ़राता रहा। वहीं गंगा तट पर दुकानें लगाने वालों से भी जमकर वसूली की गयी। जबकि सुरक्षा के नाम पर पुलिस की तरफ से कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गयी। जिससे मेले में उठाईगीर व चोर उचक्के हावी रहे।
लगभग दोपहर के समय पीपों के पुल पर गंगा पार होने के लिए श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ पड़ी कि पुल पर ही जाम की स्थिति बन गयी। जिससे श्रद्धालुओं को तेज धूप में घंटों पुल पर ही फंसे रहना पड़ा।
FARRUKHABAD: बीते दिनों भारतीय जनता पार्टी के जिला निर्वाचन अधिकारी शिवओंकारनाथ पचौरी व पर्यवेक्षक पूर्व विधायक प्रेमलता कटियार ने बढ़पुर स्थित एक गेस्टहाउस में बैठक की थी। जिसमें जनपद के 10 मण्डलों के चुनाव अवैध घोषित किये गये। अवैध घोषित होने के कारण वर्तमान जिलाध्यक्ष भूदेव राजपूत को बड़ा झटका लगा है।
भाजपा जिला निर्वाचन अधिकारी शिवओंकारनाथ पचौरी ने बीते दिन 10 मण्डलों कमालगंज नगर के राम निवास शर्मा, ज्यौंता के रामप्रकाश राठौर, पिपरगांव के गोविंद शाक्य, मोहम्मदाबाद ग्रामीण के विजय चौरसिया, चिलसरा के धर्मेन्द्र गंगवार, शिवारा के अबधेश मिश्रा, पिलखना के जगदीश शाक्य, बढ़पुर पश्चिमी के गिरजा शंकर शाक्य, कुआंखेड़ा के रामपाल वर्मा सहित नीवकरोरी के मण्डल चुनाव निरस्त कर दिये थे। मुख्य बजह यह बतायी गयी कि मण्डलों में सक्रिय सदस्यों की संख्या न के बराबर थी। भाजपा के मानक के अनुसार हर मण्डल में 25 सक्रिय सदस्य होने चाहिए। जबकि भाजपा के इन 10 मण्डलों में तीन से लेकर 10 सक्रिय सदस्य ही पाये गये। जिसके कारण इन 10 मण्डलों को अवैध घोषित कर दिया गया। एक साथ 10 मण्डलों के चुनाव अवैध पाये जाने से वर्तमान जिलाध्यक्ष भूदेव सिंह राजपूत को एक बड़ा झटका लगना माना जा रहा है। जिलाध्यक्ष से मण्डल चुनाव के अवैध घोषित होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कह दिया कि ‘‘नो कमेंट’’।
वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवओंकारनाथ पचौरी ने जेएनआई को बताया कि वर्तमान में जनपद के जिन 10 मण्डलों को अवैध घोषित किया गया है। उनमें सक्रिय सदस्यों की संख्या न के बराबर थी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर दो मार्च तक सक्रिय सदस्यों की सूची मांगी गयी है। 10 मार्च तक चुनाव सम्पन्न करा दिये जायेंगे।
FARRUKHABAD : थानाध्यक्ष कमालगंज के पद से हटने और एसओजी की टीम के सिपाहियों की लाइन हाजिरी के बाद अचानक हुई दो बड़ी घटनाओं को आपस में जोड़कर देखा जा रहा है। इतिहास में पहली बार पुलिस कप्तान के बंगले पर जाकर जहां हिजड़ों ने नंगा नाच किया वहीं कमालगंज के एक बड़े व्यापारी का अपहरण उसके घर से चंद कदमों की दूरी पर हो गया। मजे की बात है कि दोनो मामलों में पीड़ित पक्ष नन्हेंलाल की ही माला जप रहा है। मजे की बात है कि अपनी लाइन हाजिर हो चुकी टीम के बिना ही नन्हें लाल ने अपह्रत व्यापारी की सोमवार रात्रि तक बरामदगी का आश्वासन भी दे दिया है। जाहिर है पूरे घटनाक्रम को पुलिस अधिकारी भी जोड़कर देख रहे हैं।
विदित है कि विगत सप्ताह भोजपुर में सोनिया किन्नर के घर से हुई चोरी के शक में ग्राम ढपलपुर में पुलिस ने आतंक का नंगा नाच किया। जिससे आक्रोषित सैकड़ों ग्रामीणों ने स्थानीय सपा विधायक के पुत्र व ब्लाक प्रमुख राशिद जमाल सिद्दीकी के नेतृत्व में शनिवार को पुलिस कार्यालय पर प्रदर्शन किया। पीड़ितों की आपबीती और घायलों की दुर्दशा देखकर पुलिस अधीक्षक ने नन्हेंलाल से न केवल थानाध्यक्ष कमालगंज का चार्ज छीन लिया, और एसओजी टीम के सारे सिपाहियों को लाइन हाजिर भी कर दिया। उल्लेखनीय है कि शनिवार को ही फतेहगढ़ के नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक से भेंट कर एसओजी प्रभारी नन्हेंलाल पर राज्यमंत्री नरेन्द्र सिंह यादव के इशारे पर एक मस्जिद के इमाम को अश्लील सीडी जैसे मामले में गलत ढंग से गिरफ्तार करने की शिकायत की थी।
शनिवार को नन्हेंलाल पर गाज गिरने के दूसरे दिन ही सोनिया किन्नर के साथ हिजड़ों के एक समूह ने पुलिस अधीक्षक के आवास पर पहुंचकर तमाशा कर दिया। यह जनपद के इतिहास की पहली घटना थी। शनिवार की रात ही में कमालगंज के एक व्यापारी का उसके घर से चंद कदमों की दूरी से अपहरण हो गया। दोनो मामलों में वह चाहे किन्नर हों या व्यापारी के परिजन, विवेचना नन्हेंलाल से ही कराये जाने की माला जप रहे हैं। घटनाओं के समीकरण को लेकर कहीं न कहीं अब इनके पीछे एसओजी के पेंच की कहानी भी लोगों की जुबान पर है।
व्यापारी अमित गुप्ता के अपहरण की कहानी में भी कई छेद साफ नजर आ रहे हैं। अमित गुप्ता के ड्राइवर राहुल वर्मा के अनुसार वाहन खड़ा करने के उपरांत उसने गाड़ी की चाबी अमित गुप्ता को दे दी थी और अपने घर की ओर चल दिया था। परन्तु मजे की बात है कि सुबह होते ही वही स्कार्पियो अमित गुप्ता की तलाश में इधर उधर घूमती नजर आयी। इसके अलावा अमित गुप्ता के हीरोहाण्डा शोरूम के ऊपरी तल पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा भी कमालगंज में आम है। पूर्व थानाध्यक्ष राघवन सिंह ने जुआ के मामले में अमित गुप्ता के भाई संजीव गुप्ता का अपराध संख्या 360/12 धारा 13-जी के अंतर्गत चालान भी किया था। परन्तु बाद में उसे थाने से ही जमानत दे दी गयी थी। इधर नन्हें लाल के कमालगंज का चार्ज संभालते ही मामला ठीक ठाक चलने लगा था।
फर्रुखाबाद: एक माह तक चले माघ मेला के आज अंतिम दिन पूर्णिमा के अवसर पर गंगा तट घटियाघाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। इस दौरान लोगों में गंगा को पहनावा पहनाने, सत्यनारायण की कथा करवाने, कन्याओं को भोज कराने की श्रद्धालुओं में होड़ दिखी।
रामनगरिया का नाम लेते ही भक्तों में गंगा के प्रति श्रद्धा का भाव उमड़ जाता है। मान्यता है कि गंगा की पवित्र स्थली रामनगरिया में एक माह तक कल्पवास कर गंगा स्नान करने वालों के समस्त पाप गंगा में धुल जाते हैं। इतना ही नहीं पाप हरिणी गंगा स्नान से व्यक्ति रोग दोषों से मुक्त हो जाता है। इसी मान्यता व श्रद्धा का सैलाव मन में लिये माघ मास में पूरे माह संत, महात्माओं के अलावा ग्रामीण अंचलों
से आये हजारों श्रद्धालु गंगा तट पर डटे रहे। वहीं माघ पूर्णिमा पर अंतिम दिन श्रद्धालुओं का जन सैलाव देखते ही बनता था। हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर दान पुण्य इत्यादि कर अपने को धन्य किया। लोगों ने गंगा तट पर साधु संतों को भोज कराया। ग्रामीणों में सत्यनारायण की कथा करवाने, गंगा को पहनावा पहनाने एवं कन्याओं को भोज कराने की भारी होड़ रही। वहीं आखिरी दिन दुकानदारों ने भी मेले में भीड़ उमड़ने का पूरा फायदा उठाया। दुकानदारों ने अपनी वस्तुएं औने पौने दामों में बेची तो वहीं झूला व सर्कस में भी काफी भीड़ देखी गयी। जहां पर मात्र 10 मिनट में सबकुछ दिखाकर रुपये एठने का खेल बखूबी देखा गया। मेले में चोर उचक्कों व शोहदों ने भी जमकर हाथ साफ किये।
घर वापसी को कल्पवासियों ने समेटी झोपड़ियां
एक माह तक गंगा तट पर कल्पवास करने वालों ने माघ माह के अंतिम दिन पूर्णिमा स्नान के बाद अपनी झोपड़ियों इत्यादि को समेटना शुरू कर दिया। सैकड़ों कल्पवासी ट्रैक्टर इत्यादि में अपना सामान भरकर सोमवार को ही चले गये। अधिकतर कल्पवासियों ने अपनी झोपड़ियां समेटना शुरू कर दी। वहीं दुकानदारों का मानना है कि अभी आठ दिन तक आराम से मेला चलता रहेगा। यदि बीते वर्षों के अनुसार सबकुछ रहा तो उनकी दुकानदारी अगले आठ दिन तक अच्छी खासी होती रहेगी। अभी तक मात्र कल्पवासी ही मेला में आ रहे थे। लेकिन जिन लोगों को प्रदर्शनी इत्यादि देखने का शौक है वह लोग अब मेले में आयेंगे। इसके अलावा गंगापार ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों द्वारा मेला खत्म होने के बाद ही खरीददारी करने का पुराना रिकार्ड रहा है। जिससे अगले 8 दिन तक तो मेला अच्छा चलेगा।
FARRUKHABAD। जमात ए इस्लामी हिन्द उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में महिला सम्मेलन का आयोजन खटकपुरा स्थित एक गेस्टहाउस में किया गया। जिसमें जनपद के अलावा कन्नौज की विभिन्न महिलाओं व छात्राओं ने हिस्सा लिया। जिसमें समाज के प्रति महिलाओं की जिम्मेदारी पर चर्चा की गयी और इसके साथ-साथ ही कहा गया कि समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के लिए महिलाओं को आगे आना चाहिए। जिससे समाज की बुराइयां काफी हद तक काबू की जा सकें।
संगठन की तरफ से सामाजिक उत्थान और महिलाओं की जिम्मेदारियां विषय पर बोलते हुए संगठन की महिला प्रभारी नैय्यर जहां ने मुस्लिम महिलाओं तथा छात्राओं को उनकी जिम्मेदारियों से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व ज्ञान अर्जित करने के बाद कुरान तथा हजरत मोहम्मद की शिक्षाओं पर अमल करने, बच्चों में अच्छे संस्कार डालने तथा समाज की कुरीतियों को दूर करने में अहम भूमिका महिलाओं को निभाना चाहिए।
नैनीताल से आये डा0 फरहत हुसैन ने कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के लिए महिलाओं को आगे आना होगा और महिलायें बढ़ चढ़ कर घर परिवार व समाज निर्माण में योगदान दें। कुरान तथा हजरत मोहम्मद साहब के मार्ग दर्शन को लोगों तक पहुंचायें। जिसके अलावा अन्य कई बिन्दुओं पर भी चर्चायें की गयीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुल्तमा माहेजवी सालिहाती ने कुरान पाठ एवं अनुवाद से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शाहना बेगम, आसना वेगम, फकीरा बेगम, जनाब हाफिज अहमद खां, फिरोजाबाद क्षेत्र प्रभारी बहाबुद्दीन आदि लोग मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद: कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के जेएनवी रोड स्थित भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा के पास एक टैक्सी साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर बिजली के खम्भे से जा टकरायी। जिससे उसमें बैठी मां बेटे सहित टैक्सी चालक घायल हो गया। घायलों को लोहिया अस्पताल भेजा गया।
कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के याकूतगंज रेलवे स्टेशन के निकट निवासी 36 वर्षीय पिंकी पत्नी जगमोहन जाटव अपने 10 वर्षीय पुत्र अरुण के साथ लोहिया अस्पताल आयी थी। क्योंकि उसके पुत्र अरुण को कुत्ते ने काट लिया था, जिसका उसे इंजेक्शन लगवाना था। लेकिन अस्पताल में इंजेक्शन न लग पाने के बाद जब पिंकी आवास विकास से टैक्सी पर बैठकर फतेहगढ़ की तरफ जा रही थी। तभी अचानक भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति के निकट साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में टैक्सी बिजली के पोल में टकरा गयी। जिससे खम्भे से करंट भी आ गया। टैक्सी टकराने से पिंकी, उसका पुत्र अरुण व टैक्सी चालक रंजीत पुत्र काशीराम निवासी समाधान नगला गंभीर रूप से घायल हो गये। तीनों को 108 नम्बर एम्बुलेंस से लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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