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 छेडछाड़ के आरोपी शिक्षक को छात्रा की माँ ने थाने में घुस कर चप्पलों से पीटा छेडछाड़ के आरोपी शिक्षक को छात्रा की माँ ने थाने में घुस कर... फर्रुखाबाद:(कमालगंज) छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में थाने में पकड़ के आये आरोपी शिक्षक को थाने में घुस कर पीडिता की माँ ने चप्पलो से जमकर पीट दिया| चप्पलो से पीट रही पीडिता ने चिल्ला चिल्ला के कहा की एक पखंडी आशाराम जेल में बंद है और दुसरे इस आशाराम को भी जेल की सजा मिलनी चाहिए|...

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एक पीड़ित कई दलाल, खाकी हो रही माला माल एक पीड़ित कई दलाल, खाकी हो रही माला माल फर्रुखाबाद: अखिलेश राज है कानून व्यवस्था पटरी पर है यह उनके ही हाकिमो का कहना है| पीड़ित को न्याय मिल रहा है यह कोई देखने वाला नही| थानों में केबल नोटों की भाषा जानी जा रही है| जनपद के थाने इस समय दलालों की शरण स्थाली बन हुए है| सुबह से शाम तक जमघट लगा रहना आम बात है| लेकिन जनता...

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नवरात्र में भी गंगा में प्रवाहित नहीं हो सकेंगी मूर्तियांनवरात्र में भी गंगा में प्रवाहित नहीं हो सकेंगी मूर्तियां फर्रुखाबाद: नवरात्र में दुर्गा माँ की बड़ी बड़ी मूर्तियाँ लगाने वाले देवी भक्तों के लिए बुरी खबर है| गणेश विसर्जन की भांति ही जिला प्रशासन नवरात्र में भी मूर्तियों को गंगा में विसर्जित करने की अनुमति नहीं देगा| भक्तों को प्रतिमाओं का भूविसर्जन ही करना पड़ेगा| साथ ही कोई भी...

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जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण कर कर्मचारियों की लगाई क्लास

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Posted on : 19-04-2012 | By : JNI DESK | In : FARRUKHABAD NEWS, जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद : जिलाधिकारी डा.मुथुकुमार स्वामी ने कलक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम, एडीएम, चकबंदी कार्यालयों का निरीक्षण कर कई कर्मचारियों के पेंच कसे। उन्होंने कलक्ट्रेट परिसर में गंदगी देख नाराजगी जतायी तथा तीन लिपिकों को आरोपपत्र जारी करने के निर्देश दिये हैं।वहीं उन्होंने एस डी एम सदर के न्यायालय की फाइलों को तलब कर लिपिकों की क्लास लगायी।

गुरुवार दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे  जिलाधिकारी कार्यालय से उठकर कलक्ट्रेट में निरीक्षण के लिए निकले। नजारत पहुंचकर उन्होंने नाजिर से जानकारी ली तथा रजिस्टर नंबर चार में ग्यारह लाख रुपये जमा होने पर पूछतांछ की। नाजिर ने बताया कि विभिन्न मदों के अलग-अलग रुपये जमा हैं। इस पर उन्होंने विस्तृत ब्यौरा देने व रुपये समय से व्यय करने के निर्देश दिये। संयुक्त कार्यालय में उन्होंने कर्मचारियों से अपने-अपने पटलों की जानकारी ली तथा वेतन लिपिक से वेतन वितरण की तिथि पूछी। दो तारीख तक वेतन वितरण होने की जानकारी पर उन्होंने रिटायर होने वाले कर्मचारियों का भी छह माह से देयकों का भुगतान किये जाने के निर्देश दिये हैं। शस्त्र लाइसेंस पटल पर कर्मचारियों से बने लाइसेंसों व लंबित पत्रावलियों की सूचना ली तथा उच्च न्यायालय के लंबित प्रकरण को निबटाने के लिए समय से भेजने एवं जरूरतमंद लोगों की ही शस्त्र पत्रावलियां भेजे जाने के निर्देश दिये हैं।

एडीएम न्यायालय में उन्होंने कर्मचारियों से मुकदमों की जानकारी लेकर एडीएम को मुकदमे निबटाने के आदेश दिये। उन्होंने गुंडा एक्ट के मुकदमों को निस्तारित करने को कहा तथा गुंडा को जिला बदर किये जाने और गुंडा न होने वाले लोगों का नोटिस वापस लेने के भी निर्देश दिये। कार्यालय पहुंचकर खनन लिपिक से साहूकारी लाइसेंस की जानकारी मांगी। वैध 61 एवं अवैध कारोबार करने वालों की संख्या 101 होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने अवैध रूप से साहूकारी कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये। खनन निरीक्षक को अवैध खनन रोकने के लिए एसडीएम व सीओ के साथ रात में छापा मारकर कार्रवाई कर नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिये।

चकबंदी कार्यालय व बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी न्यायालय का निरीक्षण कर उन्होंने चकबंदी कार्य जल्दी पूरा करने व कार्य की समीक्षा करने के निर्देश दिये हैं। कलक्ट्रेट में दीवार पर पान थूकने के निशान देख नाराजगी जताकर उन्होंने सफाई कराने व थूकने वाले पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिये हैं। कलक्ट्रेट स्थित दोनों रिकार्ड रूम का निरीक्षण किया। माल अभिलेखालय में रिकार्डो को स्कैन कराने के निर्देश दिये। कलक्ट्रेट स्थित सुलभ शौचालय की जर्जर स्थिति देखकर उन्होंने जनता की सुविधा के लिए दुरुस्त कराने तथा कलक्ट्रेट की खाली भूमि पर पौधरोपण कराने के निर्देश दिये हैं।

वहीं जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर के न्यायालय में जिलाधिकारी के ट्रांसफर के बाद हुए जजमेंट की फाइलों को तलब कर लिया व लिपिकों की जमकर क्लास लगायी।

सतीश की कलम से- बाप रे बाप: तेली का तेल जले और मशालची की……!

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Posted on : 19-04-2012 | By : JNI DESK | In : EDITORIALS

सत्ता के होने न होने का असर देखना हो जाकर ठंडी सड़क स्थित लक्ष्मी कोल्ड स्टोरेज और फतेहगढ़ जयनरायन वर्मा रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन का नजारा देख लो।


कमल और हाथी का निश्चित ठिकाना नहीं है।
आपस में ही लड़ने से फुरसत नहीं है।

छाछ हैं सब, हम दही हैं,
सब गलत बस हम सही हैं!

दृश्य संख्या 1- बसपा के लोकसभा प्रत्याशी घोषणा का कार्यक्रम

विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार में बहन जी के बाद सबसे ताकतवर मंत्री थे नसीमुद्दीन सिद्दीकी। सबसे ज्यादा और सबसे मलाईदार विभाग उन्हीं के पास थे। कन्नौज और फर्रुखाबाद में जब पधारते थे। तब पूरे के पूरे जिले और पार्टी में हड़कंप मच जाता था। चुनाव बाद जब लोकसभा प्रत्याशी की घोषणा करने आये तब बहन जी का नारा लगाने वाले लोगों की तुलना में कुर्सियां बहुत ज्यादा थीं। पहिले सभागार में करीने से लगायी गयीं। जब उम्मीद के माफिक लोग नहीं आये तब समेट कर कोनों में लगा दी गयीं। लम्बी-लम्बी बातें करने वाले या तो नदारत थे या फिर एक दूसरे से नजर चुरा रहे थे। लोकसभा प्रत्याशी की घोषणा हुई तब भी कोई उत्साह नजर नहीं आया। बसपा में घोषित प्रत्याशी कब बदल जाये। कब कहां चला जाये कोई नहीं जानता। पिछली बार का सपा से आया प्रत्याशी आज फिर सपा में है। सपा का प्रत्याशी पुत्र मोह में पुनः भाजपा में है। इनके इस आचरण पर कुछ कहो। पलक झपकते ही यह सबको गलत और अपने को सही ठहराने लगेंगे। शर्म लिहाज पश्चाताप जैसी बात कहीं भी ढूंढ़े नहीं मिलेगी।

चुनाव प्रचार के दौरान बसपा नेताओं के अनुसार जो हाथी विरोधियों को सपनों में डराता था वह नजर नहीं आता। बहन जी की जय जयकार अब बहुत कम सुनाई पड़ती है। परन्तु जो लोग लाभान्वित हुए हैं, मालामाल हुए हैं। टापटेन में सूबे में जिनकी गिनती है वह भी दायें बायें मौका तलाश रहे हैं। दांव पेंच चल रहे हैं। पहले भी सही थे आज भी सही हैं। आगे भी सही रहेंगे। विरोधियों की बात की परवाह नहीं करते। माहौल में सन्नाटा, मंत्री जी के तेवर ढीले सब कुछ रस्म अदायगी की तर्ज पर। पुराने समर्पित कार्यकर्ता मौजूद थे गिनती जरूर कम थी। परन्तु वरिष्ठों और क्लास वन कान्ट्रेक्टरों की अनुपस्थिति सभी को चौंका रही थी।

दृश्य संख्या 2- समाजवादी पार्टी के साजन की समीक्षा बैठक का जलवा दर्शन-

एक बार पुनः दोहराइए – जो मान जाए वह सपाई क्या- जो जलेवी न बनाये वह हलवाई क्या। पार्टी कार्यालय से लेकर डाक बंगले तक जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है। साजन जी आए हैं। एक ने पूछ दिया इसमें क्या खास बात है। शादी व्याह का मौसम है। जहां देखो वहीं घोड़ी, रथ पर सजे धजे बैण्ड बाजे के साथ मिल जायेंगे। गुस्से में वरिष्ठ सपा नेता जी बोले बौढ़म हो यार। कुछ पता भी है अरे अपने सुनील साजन भैया आए हैं। सपा की छात्र सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। अपने अखिलेश भैया के सर्वाधिक विश्वास पात्रों में से हैं। इस बार डाक बंगले में रुके हैं। अपनी सरकार है न। अब जलवा और झांपा अपने आप आ जाता है। देख रहे हो कितना सपाई लोहियापुरम से लेकर डाक बंगले तक चक्कर काट रहा है। इससे पहले किसी वरिष्ठ के यहां चले जाते थे रुक जाते थे। अब सत्ता में है न थोड़ा बदलाव आ ही जाता है। सादगी, शिष्टाचार को कहां तक ढोयें। घर जाकर क्या बतायेंगे। अरे ताऊ क्या जलवा था। तुम होते तुम्हारी छाती चौड़ी हो जाती। तुम से भी ज्यादा उमर के लोग लाइन में लगकर के एक मिनट अलग बात करने का इशारा कर रहे थे। हम भी आनंद ले रहे थे। देखने लायक जलवा था। ताऊ  अब तुम्हें क्या-क्या बतायें।

यह जलवा दर्शन चल ही रहा था। नए सेनापती पुराने सेनापतियों को उचकने नहीं दे रहे थे। देखते-देखते भीड़ दो हिस्सों में बंटने लगी। फिर वह सब हुआ जो किसी राजनैतिक पार्टी में नहीं होना चाहिए था। किसी को किसी का लिहाज नहीं था। सभी अपने को सही साहूकार और निष्ठावान बता रहे थे। दूसरे को चोर गद्दार विश्वासघाती बता रहे थे। इस बीच कुछ फाइवस्टार गालियां भी हवा में तैरने लगीं। साजन जी बोले अरे भाई ऐसा मत करो। यह समीक्षा बैठक है। हमारी शादी की ज्यौनार नहीं है। परन्तु कुछ ने उनकी मानी तो कुछ ने बिल्कुल नहीं मानी। सभी को पद चाहिए अच्छा पद। लग रहा था समीक्षा बैठक नहीं है। बेरोजगारी भत्ते का वितरण केन्द्र है। सभी अपने को गरीब दरिद्र और दूसरे को रईस और डकैत बता रहे थे।

दृश्य संख्या 3- कांग्रेस में 4 भुन्टिया (मक्का)  और टीले पर खलिहान और उसमे भी घमासान

हाथ वाले देश में दिल्ली में जो कुछ भी हों यहां पर वह साहब और मैडम जी की बारात हैं। इस बारात का यही कहना है कि हम बिगड़े ही नहीं हैं। तब फिर सुधरने की बात ही कहां आती है। हम बाहर किसी से नहीं लड़ते दम ही नहीं है लड़ने की । हम आपस में ही पूरी तेजी और जिम्मेदारी से लड़ते हैं। अपनी पार्टी और अपने नेताओं की फजीहत करने कराने में हमें विशेष आनंद आता है।

विधानसभा चुनाव से पहिले भी हम आपस में ही मोर्चा खोले रहे। चारो सीटों पर जमानत जब्त हो जाने का हमें मलाल नहीं है। राहुल गांधी ने लंबी मैराथन समीक्षा बैठक भी करली। हमारे नेता का कोई कुछ बिगाड़ सका। हमारी मैडम तो सदाबहार हैं। उन्हें चुनाव लड़ने का जुनून है। एक चुनाव समाप्त होता है। हारें जीतें दूसरे चुनाव की तैयारी दूसरे दिन से ही शुरू हो जाती है। वह भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली से।

यहां का मोर्चा साहब और मैडम जी के सिपहसालार थामे हैं। लोकसभा का चुनाव अभी दूर है। इसलिए स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर तलवारें खिंचने लगीं हैं। कोई किसी को वख्शने के मूड़ में नहीं है। पार्टी बचे चुनाव जीते इससे किसी को कुछ भी लेना देना नहीं है। अपनी कुर्सी बची रहे मासिक पगार मिलती रहे। चुनाव होते रहें, दाम आते रहें काम होता रहे। हमें और कुछ चाहिए भी नहीं। संतोषी सदा सुखी। अपने हो अपनो की तरह रहे। हमारी कुर्सी की तरफ नजर भी उठाई तब समझो तुम्हें न घर का रखेंगे न घाट का रखेंगे।

दृश्य संख्या 4- भाजपा के धर्मपाल का धर्म संकट

कमल घाटियों की समीक्षा बैठकें चल रहीं हैं। नीचे कमेटियां भंग ऊपर नये अध्यक्ष जी आ गए। धर्म संस्कृति की दुहाई देकर धर्मपाल जी चले गए। गद्दारों को नहीं छोड़ा जाएगा। चाहें जितने बड़े पद पर हों। कार्यवाही हो रही है। नोटिस जा रहे हैं। लोग त्यागपत्र दे रहे हैं। अब 11 सदस्यीय संचालन समिति बनेगी। वहीं पूरे दम खम से चुनाव लड़ायेगी। जैसे पहिले चुनाव पूरी दमखम से लड़ाते रहे।

कुछ करना ही नहीं है। कुशवाहा जी को उनकी जबर्दस्त जयजयकार करके थाम लीजिए। फिर उनको उनके हाल पर छोड़कर ईमानदारी से अपनी गल्ती मान लीजिए। सपा के कथित मुस्लिम तुष्टीकरण पर आग बबूला होते रहिए। परन्तु अपने धर्म और समाज की कुरीतियों और पाखण्ड को पालते पोसते रहिए। असली नकली ढोंगी साधु संतों को शोशेबाजी से बरगलाते रहिए। केन्द्र में कांग्रेस और प्रांत में सपा गाली देने को निशाने हाथ में हैं। परन्तु अपनी आत्म समीक्षा का समय मत निकालिए। जिले से प्रांत लेकर दिल्ली तक पार्टी विद द डिफरेंश का गाना गाइए।

दृश्य संख्या 5- बाप रे बाप- तेली का तेल जले और मशालची की……….!

निर्दलीय मोर्चा- कहते रहो हमें सिद्ध दोष हत्यारा, गुंडा, जुआंड़ी, अवसरवादी, दलबदलू, दर्जा नौ पास (हाईस्कूल फेल नहीं) और जो जो विशेषण आपके पास हों सबके सब हमारे नाम के आगे जोड़ते रहिए। जब जिले और शहर की जनता ही आपकी नहीं सुनती तब फिर आप या कोई और हमारा क्या कर लेगा। हम तीन बार विधायक बने। पार्टी बदलने, नेता बदलने में हम कभी कंजूसी नहीं करते। नगर पालिका की चेयरमैनी हमारे घर की खेती है। जिले और शहर में हमारी विरादरी के दर्जन भर भी वोट नहीं है। परन्तु जनता हमें दिल खोलकर जिताती है। तब आपके पेट में मरोड़ क्यों होती है। यह तो वहीं बात हो गई कि तेली का तेल जले और मशालची की …………..! क्षमा करें बड़ी मजबूरी में यह सब कहना पड़ रहा है।

हम निर्दलीय हैं। हमारा कोई सहारा नहीं है। फिर भी जनता हमें जिताती है। हम जिस पार्टी को अपनाते हैं उसका सितारा बुलंद हो जाता है। जिसे छोड़ देते हैं उसका बाजा बज जाता है। देखा नहीं इस बार तो हमारे खिलाफ बड़े-बड़े धुरंधर थे। भाजपा, बसपा, सपा, कांग्रेस, राक्रांपा और एक अपने आपको सबसे ज्यादा धुरंधर समझने वाले श्रीमान जी। सबके सब टापते रह गये। अपन राम पहुंच गये विधानसभा में। भइया जीत तो जीत है। चाहें एक वोट से हो चाहें एक लाख से। सीटें सबकी साथ-साथ हैं। अलग किसी की नहीं। अपनी कमियों को हमसे ज्यादा कौन जानता है। यह सही है सायकिल वाले इस बार मुंह नहीं लगा रहे हैं। कोई फिक्र नहीं है। स्थानीय निकाय और लोकसभा चुनाव तक ठंडा बाजार गरमा जाएगा। फर्रुखाबाद की राजनीति में हम गुढभरा हंसिया हैं। हमें निगल भी नहीं सकते और उगल भी नहीं सकते। अच्छा जब जय राम जी की। मुख्यमंत्री जी का फोन आया है। बुला रहे हैं कई मामलों में बात करना है। बांकी बातें लौटने पर बतायेंगे।

सतीश दीक्षित
एडवोकेट
1/432 शिव सुन्दरी सदन
लोहिया पुरम
आवास विकास, फर्रुखाबाद

बारातियों से भरी कार खड्ड में गिरी, दूल्हा सहित आधा दर्जन बाराती घायल

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Posted on : 19-04-2012 | By : JNI DESK | In : ACCIDENT, FARRUKHABAD NEWS

कायमगंज (फर्रुखाबाद) : बरात की खुशियों पर उस समय ग्रहण लग गया जब रफ्तार की शिकार बनी एक इन्डिका कार जो बरातियों को लेकर जा रही थी। गाडी अनियत्रिंत होकी खड्ड में गिर गयी। जिससे  दूल्हा सहित 7 लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये।
आवास विकास कालौनी फर्रूखाबाद से एक इन्डिका कार बारात को लेकर बिल्लसड जिला एटा के लिये जा रही थी। गाडी फर्रूखाबाद से कायमगंज होती हुई तेजरफ्तारी से अलीगंज के पास पुलिया के मोड़ पर अनियत्रिंत होकर गड्डे में जा गिरी जिससे गाड़ी में सवार लोगों को काफी चोटे आयी और चीख पुकार से कोहराम मच गया। घायलों में दूल्लहा सचिन और उसकी बहन मोनिका ,सोनी ,शिवा ,विनीता ,खुशबू ,सहित गाडी का चालक विपिन पाण्डे आदि गम्भीर रूप से घायल हो गये जिन को बीती रात नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के बाद लोहिया के लिये रिफर कर दिया गया। वही मोनिका की हालत चिंता जनक बनी हुई है।

सड़क हादसों में दो लोग गम्भीर रूप से घायल
कायमगंज (फर्रुखाबाद) :   सड़क दुर्घटनाये जहां एक तरफ दूसरों के लिये समस्याये पैदा करती है वही खुद अपनी जान और माल की क्षति भी उठाना पड़ती है ऐसी अधिकांश दुर्घटनाये अनियमित पथ संचलन के कारण ही होती है। तेज रफ्तार याता यात नियमों की अवेलना करना सच तो यह है कि जानते बूझते खुद को मौत के मुंह में झोकना है।
जनपद एटा के कोतवाली क्षेत्र अलीगंज के ग्राम अमाजपुर निवासी ओम प्रकाश पुत्र अशरफी लाल सॉई ब्रिक फील्ड से कायमगंज आ रहे थे मार्ग में ग्राम रूटौल के पास तेज रफ्तार मोटर साइकिल अनियत्रिंत होकर पेड़ से जा टकराई टक्कर लगने से जहां मोटर साइकिल क्षति ग्रस्त हुई वही ओम प्रकाश गम्भीर रूप से घायल होगये। जिसे घायल अवस्था में लाकर नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।वही कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लालबाग निवासी आरती पुत्री हरीश्चन्द्र अपनी बहन के घर नगर के मोहल्ला चिलॉका आयी हुई थी बहन के घर से अपने घर लालबाग जाते समय नई बस्ती मोड पर सामने से आ रही जुगाड़ ने टक्कर मारदी जिससे आरती गम्भीर रूप से घायल होगई जिने नगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार जारी है।

१४ घंटे लाइन में लगने के बाद लगाया जाम फिर भी सिलेण्डर न ले सके उपभोक्ता

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Posted on : 19-04-2012 | By : JNI DESK | In : FARRUKHABAD NEWS, सामाजिक

फर्रुखाबाद: थाना मऊदरवाजा के पचपुखरा स्थित भैरव गैस एजेंसी पर लाइन में लगे उपभोक्ताओं ने आज शाम तकरीबन पांच बजे पचपुखरा रोड पर जाम लगा दिया और गैस एजेंसी मालिक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लेकिन 14 घंटे लाइन में गुजारने के बाद जाम लगाया। उसके बावजूद उपभोक्ता सिलेण्डर पाने में कामयाब नहीं हुए।

आज सुबह चार बजे से ही गैस एजेंसी पर लम्बी लाइनें लग गयीं थी। गैस एजेंसी के गेट पर आज गैस बांटने का नोटिस भी लगा है। इसके बावजूद कोई भी गैस बांटने नहीं पहुंचा। भूखे प्यासे उपभोक्ता सुबह से ही लाइन में लगे रहे। देर शाम लगभग 5 बजे उपभोक्ताओं का सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने पचपुखरा रोड पर जाम लगा दिया। महिलायें खाली गैस सिलेण्डर लेकर मुख्य मार्ग पर बैठ गयीं। भारी हंगामे के बाद अधिकारियों को फोन पर सूचना दी गयी। लेकिन भूखे प्यासे लगभग 12 घंटे से अधिक होने के बाद भी गैस एजेंसी मालिक एजेंसी पर झकने नहीं आया। गैस लेने पहुंचे उपभोक्ता शिखा गुप्ता, सरिता निवासी भौआ नगला, अरुण दीक्षित निवासी गंगा नगर कालोनी, राजा गुप्ता सुतहट्टी बाजार, दीपू गुप्ता निवासी बजरिया  ने बताया कि इसमें ज्यादातर लोग गैस लेने के लिए चार बजे से लाइन में लगे हैं। कुछ लोग 7 बजे से भी आये। उसके बाद तो उपभोक्ताओ का ताता लग गया।

एजेंसी कर्मचारियों ने सुबह ५० _ ६० सिलेण्डर बांटकर एजेंसी बंद कर दी। उपभोक्ताओ ने आरोप लगाया कि राजू शिवानी ७०० रुपये में गैस ब्लेक करवा देता है।

पर्ची कटने के बाद सही समय पर गैस नहीं मिलती और मिलती भी है तो धूप में कई घंटे लगने के बाद। गुस्साये नागरिकों को शांत करने पहुंचे रायपुर चौकी इंचार्ज तुषारदत्त त्यागी ने नागरिकों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया लेकिन जाम खुलने के आधा घंटा अधिक होने के बाद भी त्यागी गैस नहीं बटवा पाये। इसके बाद उपभोक्ताओ ने फिर हंगामा कर दिया। उपभोक्ताओ ने मांग की कि एजेंसी मालिक राजू शिवानी को बुलाया जाये व हम लोगों को गैस दिलायी जाये। कुछ लोग तो एजेंसी मालिक को मारने तक की योजना बनाने लगे। लेकिन मौके पर पुलिस होने की बजह से वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए। त्यागी ने सिपाही भेजकर राजू शिवानी के पिता को घ्रर से बुलवा लिया। राजू के पिता को देखकर उपभोक्ताओ ने एक बार फिर मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिये। राजू के पिता एजेंसी गेट पर पहुंचे व चाबी घर पर ही भूल आने का बहाना मारा व मौके से खिसक लिए।

सिटी मजिस्ट्रेट भगवान दीन ने बीते दिन एजेंसी मालिकों के साथ मीटिंग कर आदेशित किया था कि अगर किसी भी एजेंसी के बाहर लाइन लगी दिखायी दी तो उस एजेंसी मालिक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी। इसके बावजूद भैरोंगैस एजेंसी मालिक ने गुरुवार को एजेंसी पर ही गैस बांटने का नोटिस चस्पा कर रखा। खबर लिखे जाने तक गैस नहीं बांटी गयी।

शिक्षामित्रों का मानदेय हड़प प्रधानाध्यापक कर रहा लाखों का गोलमाल

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Posted on : 19-04-2012 | By : JNI DESK | In : EDUCATION NEWS, जिला प्रशासन, सामाजिक

कमालगंज (फर्रुखाबाद): बीते दिन ही जनपद का चार्ज संभालने वाले नये जिलाधिकारी मुथु कुमार स्वामी ने आते ही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की बात कही है लेकिन अब देखना है कि शिक्षा विभाग में किये जा रहे भ्रष्टाचार को कहां तक खत्म कर पायेंगे। वैसे तो जनपद के शिक्षा विभाग की हर लाट में ही सांट है लेकिन विकासखण्ड कमालगंज के प्राथमिक विद्यालय मिथपुरा में क्षेत्र का ही निवासी प्रधानाध्यापक लाखों का गोलमाल कर शिक्षा विभाग को चूना लगा रहा है। मिथपुरा में वर्षों से तैनात प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ने न ही स्थानांतरण के बाद दूसरे प्रधानाचार्य को चार्ज दिया और न ही तकरीबन 6 माह से शिक्षामित्रों को मानदेय। अब देखना यह है कि नये जिलाधिकारी कार्यवाही करा पाते हैं या नहीं।

गुरू एक आस्था का प्रतीक माने जाने वाला पद है इसका हर व्यक्ति आज भी सम्मान करता है। लेकिन समय के साथ-साथ गुरू ने अपना  रूप और चरित्र बदल लिया। अब गुरू ही गुरू का खाने को उतारू हैं और यह भी बात सत्य है कि इस बात की जानकारी महागुरुओं को भी होने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गयी। शिक्षामित्रों ने आरोप लगाया कि एबीएसए से इस सम्बंध में शिकायत की लेकिन पैसे के आगे कोई नहीं बोलता।
प्राथमिक विद्यालय मिथपुरा में वर्षों से तैनात क्षेत्रीय निवासी प्रधानाध्यापक अशोक कुमार अपनी दबंगई के चलते कानपुर से प्रमोशन पर प्रधानाध्यापक के पद पर आयीं सलोनी श्रीवास्तव को चार्ज नहीं दिया है।
वहीं शिक्षामित्र रेखा व नीलू को बीते 6 माह से अब तक प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ने मानदेय नहीं दिया। शिक्षामित्रों ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक ने उनके मानदेय को बैंक खाते से निकालकर अपने निजी कार्यों में खर्च कर लिया है। रसोइया इच्छाराम व नन्हींदेवी का भी मानदेय नहीं मिला है। सितम्बर माह से अब तक मिड डे मील भी नहीं बन रहा है।
यहीं नहीं इंचार्ज अशोक कुमार ने विद्यालय की बाउंड्री बाल बनवाने के लिए बजट में आया पूरा रुपया निकाल लिया लेकिन अभी तक बाउंड्री बाल को पूर्ण नहीं कराया गया है। शिक्षामित्र रेखा व नीलू ने आरोप लगाया कि एबीएसए सुमित कुमार से मौखिक शिकायत की थी। जिस पर एबीएसए फरवरी माह में विद्यालय में आये थे लेकिन प्रधानाध्यापक के पास कुछ देर बैठे रहे और वापस लौट गये। आज तक कोई कार्रवाई नहीं की है।  वहीं स्कूल के रसोईघर में ताले पड़े हुए हैं। विद्यालय की पुताई वर्षों से नहीं करायी गयी है। शौचालय भी गंदगी से पटे हैं।
प्रधान राजकुमारी से फोन से बात करने पर उन्होंने बताया कि उनके पति बीमार हैं जो लखनऊ में हैं जिससे देवर अनूप विकास कार्य देख रहे हैं। अनूप कुमार ने बताया कि एक बार प्रधानाध्याक ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराने आये थे लेकिन प्रधान ने मना कर दिया।
वहीं जानकारी के अनुसार ग्राम शिक्षा निधि के आर्यावर्त ग्रामीण बैंक रजीपुर में खाता संख्या 5434 है। ब्रांच मैनेजर से जानकारी करने पर बताया गया कि खाते का संचालन बराबर हो रहा है। शिक्षामित्रों का भी पैसा निकाला जा चुका है मात्र 1900 रुपये खाते में शेष हैं।
एबीएसए सुमित कुमार ने बताया कि यदि बाउन्ड्रीबाल पूर्ण नहीं हुई और रुपया निकाल लिया गया व शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं मिला तो इसकी जांच कर कार्यवाही की जायेगी।
कानपुर से पदोन्नति पर आयीं प्रधानाध्यापक सलोनी श्रीवास्तव से बात करने पर उन्होंने बताया कि वह 8 दिसम्बर को विद्यालय में आ गयीं थीं लेकिन लगातार कानपुर से आकर अशोक कुमार से चार्ज मांग रही हैं लेकिन अब तक उन्होंने चार्ज नहीं दिया। प्रधानाचार्य क्षेत्रीय है इसलिए वह कुछ नहीं कह सकतीं।  वह तो बस कानपुर से आ जाती है बाकी शिक्षा विभाग जाने और अशोक कुमार जानें।

जनपद का कल ही कार्यभार संभालने वाले नये जिलाधिकारी मुथुकुमार स्वामी ने आते ही कह दिया कि शिक्षा विभाग के माफियाओं व भ्रष्ट शिक्षकों की खैर नहीं। लेकिन अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग में हो रहे लाखों के घपले व घोटाले में डीएम साहब क्या कार्यवाही कर पाते हैं।