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हस्त रेखा देख कोतवाल बोले- अरे तुझे तो जेल योग है!

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JNI NEWS : 15-04-2012 | By : जेएनआई डेस्क | In : FARRUKHABAD NEWS, FEATURED, POLICE

फर्रुखाबाद: स्थान कोतवाली फर्रुखाबाद| ज्योतिष की भूमिका में कोतवाल कालूराम और भविष्य की चिंता में डूबा कोतवाली में बहू को दरबदर करने के आरोप में लाया गया चन्द्रकिशोर| भारी भरकम तोंद को सँभालते हुए कोतवाल ने गहरी सांस लेकर सुस्ती तोड़ी और चन्द्र किशोर का हाथ अपने हाथ में लिया| चंद्रकिशोर घबडा गया| पुलिसिया मारपीट के नज़ारे उसकी निगाहों में कौंधने लगे| सोचने लगा की अब पड़ा कि तब पड़ा| इधर कोतवाल ने अपनी निगाहे चंद्रकिशोर की हाथ की रेखाओ पर दौडाई, अपने माथे पर कुछ चिंता के भाव प्रगट किये और चंद्रकिशोर के चेहरे पर निगाह टिका दी| 62 साल के चन्द्र किशोर की सांस तेज हो चली थी, दिल की धौकनी बढ़ गयी थी| पहले ही बेटे की वजह से गुलाबी गँग ने मीडिया की मौजूदगी में मोहल्ले में उनकी इज्जत का जनाजा निकाल दिया था| अब कोतवाली में भारी भरकम डील डौल वाला वर्दीधारी ज्योतिष क्या सुनाने वाले है| कोतवाल ने चंद मिनटों के लिए आँखे बंद की| झटके से एक शार्ट कट वाली नींद मारी और ख़ामोशी तोड़ी| कालूराम ने चंद्रकिशोर के हाथ पर पकड़ थोड़ी ढीली की और बड़े ही सह्रदय भाव से बोले- तेरे हाथ की रेखा बताती है कि तुझे तो जेल योग है| बेचारा चंद्रकिशोर! न कुछ कहते बन रहा था न सुनते| एक मिनट के लिए तो उसे जेल की सलाखे नजर आने लगी थी| इस बुढ़ापे में यही दिन देखना बाकी रह गया था|

शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दरीबा पश्चिम निवासी चन्द्रकिशोर अग्निहोत्री ने बीते कई दिनों से अपनी पुत्र वधू रूपम को उत्पीड़ित कर घर से निकाल दिया। इस मामले में आज समाज सेवी अंजली यादव ने विवाहिता रूपम न्याय पाने के लिए कोतवाल के दरबार में पहुंची तभी कोतवाल के एक दरबारी ने पीड़िता रूपम के ससुर चन्द्रकिशोर को भी हाजिर किया। वैसे कुम्भ निद्रा के शौकीन कोतवाल अचानक चेहरे पर हावभाव बदलते हुए चन्द्रकिशोर की तरफ देखकर बोले रे बूढ़े तू क्यों चिंता कर रहा है अब मुझे तो यह लग रहा है तेरे हाथ में तो जेल योग है।

इस पर बूढ़े ने बड़े मासूम भरे शब्दों में कहा कि जैसी आपकी इच्छा साहब! बूढ़े की बात को सुनकर कोतवाल साहब अचानक पहरा को बुलाकर बोले ले जाओ इसे और हवालात में डाल दो। भला कोतवाल साहब का हुक्म न बजाने का दुस्साहस दरबार में कौन कर सकता। क्योंकि जब कोतवाल ने बगैर लिखापढ़ी के हाथ देखकर ही बूढ़े का भेद बता दिया तो अनायास ही पास खड़े सिपाही बुदबुदाने लगे! अरे! कोतवाल साहब तो ज्योतिषी भी हैं, अभी तक हमें नहीं पता था। मेरा ट्रांसफर होने वाला है यह तो मुझे पता है लेकिन कब होगा यह तो कोतवाल साहब को हाथ दिखाकर ही पता चलेगा।

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