फर्रुखाबाद: गरीब व असहाय बेघर व्यक्तियों को रैनबसेरा में जगह मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों को
रैनबसेरा के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये हैं।
सुप्रीम कोर्ट से जनहित याचिका में फैसला होने के बाद शासन से आये आदेशों के उपरांत जिलाधिकारी सच्चिदानंद दुबे ने अधिशासी अधिकारियों, परियोजना अधिकारी डूडा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, जलनिगम व लोक निर्माण विभाग को संयुक्त रूप से स्थाई व अस्थाई रैनबसेरा के लिए 10 अप्रैल तक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। संचालित रैनबसेरों में रखे गये लोगों को विभागों द्वारा उपलब्ध करायी गयी सुविधाओं से अवगत कराने को कहा है। उच्चतम न्यायालय ने जनहित याचिका में निकायों में आवासविहीन व्यक्तियों को संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिन गरीबों के पास रहने व रात्रि विश्राम के लिए आवास उपलब्ध नहीं है उनकी सूची तैयार करने, अस्थाई रूप से रात्रि विश्राम के लिए रैनबसेरा चिह्नित करने तथा सर्दी से सुरक्षित रखने के साथ ही पेयजल, शौचालय, विद्युत व चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।
अगले वित्तीय वर्ष के लिए 13 करोड़ 18 लाख का बजट पारित
फर्रुखाबादः जिला पंचायत की बैठकों में सत्ता की हनक व बसपाई जिलापंचायत अध्यक्ष होने की धौंस में बसपाइयों का जलजला अधिकारियों
के लिए सरदर्द बना रहता था पर इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। बिन बुलाये बसपाइयों का पहुंचना तो दूर बसपा के एमएलसी तक बैठक में नहीं पहुंचे। औपचारिक बैठक के दौरान आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 13 करोड़ 18 लाख 28 हजार 301 रुपये का बजट पारित कर दिया गया है।
शनिवार को विकासभवन सभागार में आयोजित जिला पंचायत की बजट बैठक के दौरान आगामी वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए कुल 13 करोड़, 18 लाख, 28 हजार 301 रुपये का बजट पेश किया गया। 65 लाख रुपये के घाटे का ये बजट विगत वर्ष के 24 करोड़ 86 लाख 72 हजार 735 रुपये के बजट से
काफी कम है। इसमें सर्वाधिक कमी प्रकीर्ण, जुर्माना, पंजीकरण, निविदा आदि की मद में लगभग 60 लाख रुपये की कमी का अनुमानित आंकलन प्रस्तुत किया गया है। जबकि सरकारी अनुदान सम्पत्ति कर, लाइसेंस शुल्क, मत्स्य आखेट व नौका घाटों की नीलामी से प्राप्त आय में वृद्वि का आंकलन किया गया है।
Posted on : 31-03-2012 | By :
जेएनआई डेस्क | In :
जिला प्रशासन
फर्रुखाबादः नई सरकार के गठन के बाद सचिवालय स्तर पर हुए अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादलों के कारण वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बजट जारी होने की प्रक्रिया इस बार कुछ फीकी रही। इसके बावजूद नाना करते भी लगभग सात करोड़ से अधिक के बिलों के भुगतान जिला कोषागार से किये गये। इसमें शिक्षा विभाग के सर्वाधिक एक करोड़ 20 लाख से अधिक के बिल सम्मलित हैं।
विदित है कि बसपा सरकार के जाने के बाद नव गठित सपा सरकार द्वारा अधिकारियों के बड़े पैमाने पर किये गये तबादलों के कारण जिले से मुख्यालयों का तालमेल अभी लय नहीं पकड़ पाया है। यही कारण है कि इस बार विगत वर्षों की तुलना में वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बजट जारी होने की प्रक्रिया कुछ फीकी रही। इसके बावजूद अधिकांश विभागों के कर्मचारी देर रात तक कोषागार के चक्कर काटते नजर आये। देर रात तक बजट आवंटन के फैक्स और ईमेल आते रहे।
वरिष्ठ कोषाधिकारी एस एन शुक्ला ने बताया कि सायं लगभग सात बजे तक 311 बिलों के सापेक्ष चार करोड़ 15 लाख 16 हजार 955 रुपये के चेक जारी किये जा चुके हैं। कोषागार में उपलब्ध विवरण के अनुसार इस धनराशि में सर्वाधिक बड़ा हिस्सा शिक्षा विभाग का है। जिनके बिलों के सापेक्ष एक करोड़ 21 लाख 58 हजार 837 रुपये के चेक जारी किये गये हैं। इसके अतिरिक्त जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के 95 लाख 84 हजार 274, स्वास्थ्य विभाग के 52 लाख 48 हजार 160, कृषि विभाग के 40 लाख 82 हजार 391, परिवार कल्याण विभाग के 23 लाख 70 हजार 701, पुलिस विभाग के 6 लाख 57 हजार 603, जेल प्रशासन के दो लाख 93 हजार 685 व राजस्व विभाग के दो लाख 72 हजार 657 रुपये के बिलों के भुगतान सम्मलित हैं।
श्री शुक्ला ने बताया कि अभी लगभग तीन सैकड़ा बिल और भी कम्प्यूटर फीडिंग की लाइन में हैं। एक मोटे अनुमान के अनुसार वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन का कुल आहरण लगभग सात करोड़ के आस पास रहने की संभावना है।
फर्रुखाबादः केन्द्र सरकार द्वारा सर्राफा व्यापारियों पर लगाये गये एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क के विरोध में सर्राफा व्यापारियों सहित नगर के उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के नेताओं ने बैठक कर अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान व्यापारियों को संबोधित करते हुए व्यापार मण्डल के प्रदेश मंत्री अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ ने कहा कि व्यापारी प्रशासन के किसी बहकावे में न आयें।
ददुआ ने कहा कि व्यापारी अब आर पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। कल व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मण्डल उनके साथ असिस्टेंट कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि अपने इरादों को पक्का रखते हुए केन्द्र सरकार के खिलाफ मजबूती से खड़े रहें। सरकार को हमारी मांगें माननी ही पड़ेंगीं।
उन्होंने व्यापारियों से कहा कि कल बंदी के बावजूद भी हम लोग रामनवमी का त्यौहार पूरी धूमधाम के साथ मनाकर शोभायात्रा भी निकालेंगे। इसके बाद उन्होंने अनशन पर बैठे व्यापारियों का अनशन तुड़वाया। ददुआ ने इस दौरान रामनवमी के उपलक्ष में राम के जीवन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राम हर व्यक्ति के मन मस्तिष्क में विराजमान हैं।
जिले में ही नहीं पूरे देश में व्यापारी पुतला फूंक कर अनशन व आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद भी केन्द्र की कुर्सी कहीं से भी झुकती दिखायी नहीं दे रही है। बीते दिन सलमान खुर्शीद द्वारा प्रणव मुखर्जी से मुलाकात के दौरान वयान आये थे कि व्यापारियों की समस्या की तरफ ध्यान दिया जायेगा लेकिन कई दिन गुजर जाने के बाद भी व्यवस्था स्थिर है। जिससे मजदूर वर्ग के कारीगरों के घर आमदनी बंद हो गयी। क्योंकि कारीगर प्रति दिन कमाकर अपने परिवार का पेट पालता है। बंदी से सबसे ज्यादा असर स्वर्णकार के मजदूर वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है।
इस दौरान कोषाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, महामंत्री गोपाल वर्मा, मनोज रस्तोगी, अतुल रस्तोगी, दीपक सारस्वत, निमिष टन्डन, लला वर्मा, जीतू वर्मा आदि अनेक व्यापारी मौजूद रहे।
फर्रुखाबादः उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में धड़ल्ले से नकल करवाई जा रही है। आज अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र से
विधायक एवं मंत्री सहित सदर क्षेत्र के विधायक समर्थक के स्कूल व पूर्व सांसद के स्कूलों सहित जनपद के कई स्कूलों से नकलची रंगे हाथों पकड़े गये। जनपद में नकल कराने का ठेका बखूबी फल फूल रहा है। शायद इसकी हकीकत सुनने को कोई तैयार नहीं है। यही कारण है कि जिन्हें नकल रोकनी चाहिए उन्हीं के स्कूलों में नकल हो रही है।
मंत्री नरेन्द्र सिंह यादव के संकिसा स्थित पुरुषोत्तम पुण्य देव इंटर कालेज में आज सचल दल के छापे में सुबह की पाली में हाईस्कूल की संस्कृत की परीक्षा में एक नकलची पकड़ा गया। रजलामई स्थित डीएवी इंटर कालेज से चार नकलची छात्रों को पकड़ा गया।
वहीं सदर विधायक के समर्थक के स्कूल चन्द्रकुमारी ज्वालाशंकर इंटर कालेज से एक नकलची नकल करते धरा गया। वहीं जीआईसी फर्रुखाबाद में एक नकलची व भदन्त इंटर कालेज संकिसा, शांति निकेतन इंटर कालेज मोहम्मदाबाद में 2 नकलची रंगे हाथों धरे गये।
अब देखने वाली बात यह है कि समाजवादी पार्टी की सरकार में एक तरफ मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार को खत्म करने व शिक्षा के स्तर को सुधारने की बात कर रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी की ही सरकार के मंत्री व विधायकों के स्कूल में जमकर नकल करवाई जा रही है। विधायक व मंत्री जी ने शायद यह नहीं सोचा कि नकल से छात्रों का भविष्य खराब होगा या बनेगा। शायद इन्हें भविष्य से लेना देना ही नहीं है यह तो शिक्षण संस्थाओं को मात्र कमाई का जरिया मान रहे है। यही कारण है कि यह नकल का ठेका लेकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
वैसे तो नकल करवाकर हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा पास करवाने धन्धा जनपद में पुराना चल रहा है। फर्रुखाबाद में अन्य जनपदों के ही छात्र नहीं वल्कि अन्य प्रदेशों से भी हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा पास करने के लिए छात्र आते हैं और ये नकल के ठेकेदार मोटी रकम वसूलकर उन्हें प्रमाण पत्र दिलाने में सफल हो जाते हैं।जो भी हो पूरा जनपद ही नकल का अड्डा बन गया है।
कमालगंज (फर्रुखाबाद): आज नवदुर्गा अष्ठमी पर नगर में जगह-जगह शोभा यात्रा निकालकर लोगों ने पूजा अर्चना की। पूरे दिन मां दुर्गा के
मंदिरों में घंटे गूंजते रहे। लोगों ने व्रत रख नगर के शिव दुर्गा मंदिर से तपस्वी वाले बाग तक शोभायात्रा निकाली।
आज नगर के शिव दुर्गा मंदिर से शुरू हुई शोभा यात्रा में महिलायें, बच्चे, पुरुष बड़ी श्रद्धा के साथ नाचते गाते हुए मां के जयकारे लगाते हुए तपस्वी वाले बाग तक पहुंचे। जहां श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों के साथ नृत्य व गीतों की गूज के बीच मां दुर्गा जी की पूजा अर्चना की। वहीं प्रसाद वितरण के साथ झाकियों का समापन किया गया।
शोभायात्रा में जगदीश गुप्ता, धीरू शुक्ला, प्रमोद पाण्डेय, संजय दुबे, पवन शुक्ला, विनोद पुजारी, सनी शुक्ला आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
फर्रुखाबादः केन्द्र सरकार की ओर से 1 अपै्रल 2010 से लागू बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम अभी भी उत्तर प्रदेश में फाइलों और नारों तक ही सीमित है। अधिनियम लागू होने के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक प्रदेश सरकार ने औपचारिक रूप से इस कानून को अंगीकार ही नहीं किया है। सरकारी दफ्तरों में चाय बांटते व सड़कों के किनारे कूड़ा बीनते बच्चे अनिवार्य शिक्षा की हकीकत वयां कर रहे हैं। वहीं पब्लिक स्कूल के नाम पर मान्यता के नियमों की धज्जिया उंड़ा रहे निजी स्कूल मोटी फीस वसूलने में पीछे नहीं हैं।
विदित है कि केन्द्र सरकार ने विगत एक अपै्रल 2010 से भारत में शिक्षा को बच्चों का मौलिक अधिकार स्वीकार कर लिया है और इसके लिए इसी तिथि से बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू कर दिया है। इसे केन्द्र, राज्य सरकारों के बीच की खींचतान कहें या सुविधा की राजनीति। इस अधिनियम के लागू होने के दो वर्ष बाद भी अभी तक उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे औपचारिक रूप से आंगीकार नहीं किया है। मामला इस अधिकार को लागू करने में होने वाले व्यय की सहभागिता का हो या प्राइमरी स्कूलों में तैनात शिक्षकों की अर्हता का मुद्दा हो। कुल मिलाकर शिक्षा के अधिकार अधिनियम को आज तक पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सका है।
सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत आने वाले बजट से नये विद्यालय भवन और अतिरिक्त कक्षाकक्ष तो बन गये परन्तु बच्चों को स्कूल तक लाने, उनका विद्यालय में ठहराव सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय में मध्यान्ह भोजन, पेयजल सुविधा, शौचालय आदि की व्यवस्था कागजी कार्रवाइयों तक ही सीमित रह गयी। यही कारण है कि सरकारी कार्यालयों तक में किशोर चाय की केतली लिए घूमते नजर आते हैं। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने ही गरीब बच्चे कूड़ा बीनते नजर आते हैं परन्तु इस ओर ध्यान देने को कोई राजी नहीं है।
शिक्षा अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत मान्यता नियमों में परिवर्तन और उन्हंे कड़ाई से लागू किये जाने के आदेश के बावजूद अभी भी शहर में दुकानों और कोठरियांे तक में स्कूल संचालित हैं। तथाकथित निजी पब्लिक स्कूल फीस के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूल रहे हैं व गरीब छात्रों को निःशुल्क दाखिले से इंकार कर रहे हैं।
शिक्षा अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत बच्चों को स्कूलों में मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित न करने के आदेश के बावजूद अभी भी पुराना ढर्रा लागू है।
प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद शिक्षा अधिकार अधिनियम के लागू होने के प्रति लोग उम्मीद से देख रहे हैं।
फर्रुखाबाद: सीजेएम सहित जिला न्यायालय के नौ न्यायिक अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। गैर जनपदों से 11 न्यायिक अधिकारियों को यहां स्थानांतरित किया गया है।अपर जिला जज हामिद उल्ला का ज्योतिबाफुले नगर, विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती चंद्रोदय कुमार का पीलीभीत, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट विनय कुमार का मिर्जापुर व विशेष न्यायाधीश एससीएसटी मदन पाल सिंह का तबादला मेरठ न्यायालय के लिए कर दिया गया है। जेएम अंकित गोयल का (जेवर) गौतमबुद्ध नगर, कायमगंज न्यायालय के जेएम नीरज कुमार गर्ग का ज्योतिबाफुले नगर, सीजेएम प्रफुल्ल कमल व सिविल जज सीनियर डिवीजन मीना श्रीवास्तव का बहराइच, एसीजेएम प्रतिभा सक्सेना का तबादला हरदोई न्यायालय में किया गया है।
सहारनपुर से राधेश्याम, फैजाबाद से जगदीश द्वितीय, रामचंद्र चतुर्थ, न्याय विभाग में तैनात एलआर महबूब अली, सीतापुर से सुरेश चंद्र राना, हमीरपुर से सुभाष सिंह, सीतापुर से रेनू सिंह व राहुल, पुवायां (शाहजहांपुर) से शिवानंद, इटावा से अब्दुल शाहिद को जिला न्यायालय में व मुरादाबाद से मनोज उपाध्याय को कायमगंज के लिए स्थानांतरित किया गया है।
कायमगंज (फर्रुखाबाद) : कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आखूनपुर निवासी मुकेश पुत्र टीका राम ने बीमारी से तंग आकर कीटनाशक गोलिया खा
लीं। जिससे उसकी हालत बिगड़ गयी। गंभी हालत में कायमगज सामुदायिक स्वास्थ्यकेन्द्र में लाया गया। हालत गंभीर देखते हुए लोहिया अस्पताल के लिए रिफर कर दिया।
मुकेश लम्बे समय से क्षयरोग से पीडित चल रहे थे। इलाज से कोई फायदा नही हो रहा था। बीमारी और कमजोरी से तंग आकर उन्होनें अपनी जीवन लीला समाप्त करने का फैसला कर लिया। घर में रखी अनाज में रखने के लिये कीटनाशक की गोलिया उठा कर चुपचाप खा ली। कीटनाशक के प्रभाव से जब मुकेश की हालत बिगडी तो परिजनो को पता चला। परिजनों ने मुकेश को आनन फानन में कायमगंज नगर के सामुदायिक स्वास्थ्यकेन्द्र में भर्ती कराया। गम्भीर हालत को देखते हुये चिकित्सकों ने मुकेश को लोहिया अस्पताल के लिये रिफर कर दिया।
Posted on : 31-03-2012 | By :
जेएनआई डेस्क | In :
CRIME
एक प्रमुख हैकिंग समूह-एनॉनिमस ने धमकी दी है कि वो आज दुनियाभर में इंटरनेट को ठप कर देगा। अगर ये धमकी सच साबित हुई तो आज लोग इंटरनेट पर कोई काम नहीं कर पाएंगे।
अंतर्राष्ट्रीय पुलिस (इंटरपोल) के महासचिव रोनाल्ड के. नोबल ने कहा कि ऑपरेशन ग्लोबल ब्लैकआउट 2012 दुनिया भर में शनिवार को इंटरनेट को पूरे दिन के लिए बंद कर सकता है। इसके अंतर्गत इंटरनेट के लिए जरूरी डोमेन नेम सर्विसेज (डीएनएस) सर्वरों को बेकार कर दिया जाएगा, जिसके कारण वेबसाइटें काम नहीं करेंगी।
नोबल ने यह जानकारी 13वें डीपी कोहली मेमोरियल लेक्चर के दौरान दी। नोबल के मुताबिक एनॉनिमस वॉल स्ट्रीट धड़ाम से गिरने और गैरजिम्मेदाराना नेतृत्व के अलावा कई अन्य कारणों से इंटरनेट बंद करने की धमकी दी है। वह इन सब गतिविधियों का विरोध कर रहा है।
नोबल ने कहा कि एनॉनिमस कोलम्बिया, चिली और स्पेन के कई निजी और सरकारी वेबसाइटों को अपना निशाना बना चुका है। इस सम्बंध में जांच जारी है।
इस बीच, इंटरपोल ने इस समूह की धमकी को बेकार करने के लिए व्यापक अभियान चलाकर समूह के 31 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां फरवरी और मार्च महीने में हुई हैं।
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