बाढ़ के खौफ से ग्रामीण ने तोड़ डाले तीन दर्जन आवास

CRIME FARRUKHABAD NEWS जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद:(राजेपुर) बरसात में जब गंगा का पानी उफान पर आने तैयारी पर होता है तो ग्रामीणों की धडकने बढना लाजमी है| जिला प्रशासन के द्वारा फाइलों में ही योजनाओ को पूरा कर इतिश्री कर ली जाती है| जिसका खामियाजा हर वर्ष गंगापार के ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है| बाढ़ का पानी कब सब कुछ बहा ले जाये कोई नही जानता| लेकिन इसके बाद भी अभी तक कोई व्यवस्था नही की गयी है| है| प्राथमिक विधालय से गंगा का कटान चंद कदम दूर ही रह गया है|
गांव के करीब कटान आ जाने से ग्रामीणों में भय और आतंक है| लोग रात-रात भर जाग रहे है| पानी मेहनत की कमाई से बनाये गये गाँव के लगभग तीन दर्जन आवासों को ग्रामीणों ने खुद ही तोड़ लिया है| गंगा में उफान होने से बिजली की व्यवस्था भी बाधित हो गयी है| जिससे ग्रामीणों को अँधेरे में ही रात काटनी पड़ रही है| ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक किसी भी अधिकारी ने आकर मौके पर ग्रामीणों का दर्द नही सुना| स्कूल में बच्चों को कई दिनों से चावल के अलावा रोटी तक नसीब नहीं हुई ग्रामीणों ने इधर उधर अपने मढैया बनाकर रात गुजारने पर मजबूर हैं
बाढ़ के भय से किस-किस ने तोड़े मकान
गंगा के लगातार कटान करने से परेशान कांति देवी पत्नी रमेश चन्द्र, नन्ही पत्नी विनोद, सुनीता पत्नी रंगलाल, ईश्वरी पत्नी राजपाल, ममता पत्नी अशोक, पूनम पत्नी राम रहीश, लता पत्नी राजेश, गंगादेवी पत्नी रंजित, ममता पत्नी भारत,साबित्री पत्नी देशराज, आशा पत्नी रामवीर व अनीता पत्नी बबलू आदि लगभग 35 ग्रामीणों ने अपने आवास तोड़ डाले है|
कितना है गंगा का जल स्तर
गंगा के खतरे का निशान 136.60 पर है| गंगा खतरे के निशान पर आने से बाढ़ का विकराल रूप होता है| कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को गंगा का जल स्तर 135.55 पर है| वही बुधवार को नरौरा से 41374 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया| जिससे जल स्तर बढ़ सकता है| बीते दिन जलस्तर 135.50 था|
पत्तो से कटान रोकने का प्रयास
ग्रामीणों का आरोप है कि पत्तो से गंगा के कटान को रोकने का प्रयास सम्बन्धित अधिकारी कर रहे है| कटान के लिये बोरी डाली जाये| जिससे कटान कम हो सके|
एसडीएम अमृतपुर रमेश यादव ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नही थी|मौके का निरीक्षण कर जल्द कार्यवाही होगी|
राजेपुर से शिवा दुबे