अब राम मंदिर मध्यस्थता के लिये बहुत देर हो चुकी :योगी अादित्यनाथ

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लखनऊ:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए अब मध्यस्थता का कोई तुक नहीं है। इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला वर्ष 2010 में आया था। सात वर्षों में कोई मध्यस्थता करने क्यों नहीं आया। अब जब पांच दिसंबर से सुप्रीमकोर्ट इसकी नियमित सुनवाई होनी है तो मध्यस्थता के बजाय फैसले की प्रतीक्षा करनी चाहिए। अब ऐसी पहल के लिए बहुत देर हो चुकी है।

राजधानी में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों श्री श्री रविशंकर से मेरी भेंट किसी खास मुद्दे पर नहीं थी। वैसे भी मामले में सरकार कोई पक्ष नहीं है। पक्षकारों ने मुझसे भी मिलने का प्रयास किया था। कुछ मिले भी थे। मैंने साफ कह दिया कि आपस में कोई सर्वमान्य हल लेकर आएं तो सरकार उस पर विचार करेगी।

मंदिर मुद्दे पर राज्यसभा सदस्य सुब्रह्मण्यम स्वामी के बयान का बचाव करते हुए योगी ने कहा कि लोकतंत्र में सबकी अपनी बात कहने का हक है।वह नेक और बुद्धिमान आदमी हैं। सिर्फ उनके ही प्रयास से ही कांग्रेस के शासनकाल में ऐतिहासिक रामसेतु टूटने से बचा। मालूम हो कि मंदिर मामले में श्री श्री रविशंकर की मध्यस्थता की खबर आने के पहले ही पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने विरोध किया था। बाद में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती और महंत सुरेश दास ने भी योगी की ही भाषा बोली थी।