योगी सरकार का बड़ा फैसला, B.Ed डिग्री धारक भी बन सकेंगे प्राइमरी टीचर

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JNI NEWS : 11-06-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार कैबिनेट की बैठक हुई। इस कैबिनेट बैठक में 6 अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। इस कैबिनेट बैठक में सहायक अध्यापकों की भर्ती को लेकर एक अहम प्रस्ताव पारित किया गया। बेसिक शिक्षा में कक्षा के लिए सहायक शिक्षा के लिए बीटीसी के साथ अब शिक्षकों को बीएड करने संबंधी निर्णय को आज नियमावली के परिशिष्ट में शामिल किया गया।
अब बीएड डिग्री धारक भी शिक्षक बन सकेंगे कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली 1981 में संशोधन को मंजूरी मिल गई, जिसके बाद प्रदेश के जूनियर बेसिक स्कूलों (कक्षा 1 से 5) में अब बीएड डिग्री धारक भी शिक्षक बन सकेंगे। हालांकि, ऐसे टीचर्स को नियुक्ति के 2 वर्ष के भीतर प्राथमिक शिक्षा में 6 महीने का ब्रिज कोर्स पूरा करना होगा। अभी तक ये नियम था कि, वे डिग्री धारक ही एप्लाई कर सकते थे, जिन्होंने TET क्वालीफाई किया है या फिर उम्मीदवार राष्ट्रीय शिक्षा परिषद से दो वर्षीय बी.टी.सी या यूपी टेट पास किया हो। अब साधारण बीएड डिग्री धारक भी सहायक शिक्षक पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।
वृद्धावस्था पेंशन में प्रति माह सौ रुपया बढ़ोतरी कैबिनेट की बैठक में वृद्धावस्था पेंशन 400 से बढ़कर 500 रुपये किया जाना है राज्य अंश में 100 रुपये की और वृद्धि की गई है 79 से ऊपर के बुजुर्ग को पहले से ही 500 रुपये पेंशन दी जा रही है। 41 लाख लाभार्थी अभी पेंशन पा रहे है । 1 जनवरी से यह बढ़ा हुआ पैसा लागू होगा। वृद्धावस्था पेंशन में प्रति माह सौ रुपया बढ़ोतरी का लाभ प्रदेश के करीब 40 लाख बुगुर्गों को मिलेगा। इसे प्रदेश सरकार की बड़ी सौगात माना जा रहा है। 1 जनवरी से यह बढ़ा हुआ पैसा लागू होगा।
यूपी के होटल, रेस्टोरेन्ट, पब में पहले लाइसेंस फीस बढ़ाई गई वहीं रायबरेली में एम्स के निर्माण चल रहा है 2020 में निर्माण को पूरा करना है वहां जर्जर घर पड़े है उसे ध्वस्त करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा है 76 आवास को ध्वस्त किया जाएगा। पीजीआई के डॉक्टरों के एज लिमिट अब 2 साल बढ़ाया गया है अब भर्ती के लिए 35 से 37 साल कर दिया है। यूपी के होटल, रेस्टोरेन्ट, पब में पहले लाइसेंस फीस 25 हजार थी जिसे बढ़ाकर ढाई लाख की गई है । लाइसेंस नवीनी करण के लिये 2 लाख रुपये लगेंगे। प्रतिदिन 600 लीटर 2.1 लाख लीटर प्रतिवर्ष से अधिक उत्पादन नहीं होगा। प्रदेश में लघु माइक्रो ग्रेवी की स्थापना हेतु नियमवाली 1961 में छठवां संशोधन किया गया है। ताजी बियर के तहत यह संशोधन किया गया है जिसमे होटल में माइक्रो ग्रेवी लगाया गया है जिसमे बियर का उत्पादन होता है देश के 7 राज्यो में ऐसी व्यवस्था है।

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